बिहार- नक्सलवादियों ने 5 गाड़ियों को किया आग के हवाले | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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बिहार के गया जिले के मैगरा थाना क्षेत्र में नक्सलवादियों ने रविवार रात सड़क निर्माण कार्य में जुटी एक निजी कंपनी के पांच वाहनों को आग लगा दी. हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

मैगरा के थाना प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने इस घटना के बारे में बताया कि “डुमरिया-पटना सड़क निर्माण कार्य में जुटी ‘खोखर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी के भीखुआ मोड़ स्थित आधार शिविर पर पीएलएएफआई के नक्सलवादियों ने रविवार रात धावा बोला और वहां खड़ी दो जेसीबी, एक रोड रोलर और दो ट्रैक्टरों को आग के हवाले कर दिया.”

सूत्रों के मुताबिक, नक्सलवादियों ने दहशत फैलाने के लिए हवा में कई राउंड गोलियां भी चलाईं.

गया के पुलिस अधीक्षक (नगर) रविरंजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद से नक्सलवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान शुरू कर दिया गया है.

हालांकि पुलिस इस घटना के पीछे जबरन वसूली (लेवी) की आशंका जता रही है लेकिन साफ साफ कुछ भी कहने से मना कर रही है.

इससे पहले भी शनिवार रात डोभी थाना के दादपुर गांव के पास सड़क निर्माण कार्य में लगी ‘रमिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड’ की एक पोकलेन मशीन को भी नक्सलवादियों ने आग के हवाले कर दिया था.

शहर

दिल्ली की हवा हुई दमघोंटू, 16 इलाकों का एक्यूआई 400 के पार

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File Photo

दिल्ली-एनसीआर की हवा दिनोंदिन जहरीली होती जा रही है। पराली जलना बंद होने के बाद भी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में कुछ परिवर्तन नहीं आया है।

बल्कि दिल्ली की हवा कल से भी ज्यादा जहरीली हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार सुबह नौ बजे दिल्ली के प्रमुख 16 इलाकों का एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में आता है।

वहीं अन्य इलाकों का एक्यूआई भी 300 के पार है जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। दिल्ली की हवा खराब होने का एक प्रमुख कारण वायु की धीमी गति है जिसकी वजह से प्रदूषित हवा और धूल कण एक जगह जमा होकर प्रदूषण उत्पन्न कर रहे हैं। आगे पढ़ें किन 16 इलाकों की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में है।

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राजनीति

कृषि कानून किसान विरोधी, राजद गांधी मैदान में देगी धरना : तेजस्वी

बिहार में जहां मंडियों का सवाल है वह 2006 में ही बंद कर दिया गया। हालत ये हो गई है कि बिहार के किसान खेती छोड़ मजदूरी करने लगे हैं। जब मंडी खत्म हो गई तो किसान कमजोर होते गए।

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Tejashwi Yadav

पटना, 4 दिसंबर । बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए बिहार के किसानों को भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

राजद के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शनिवार को पटना के गांधी मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कृषि कानून के विरोध में धरने पर बैठेंगे।

बिहार विधनसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि कानून काला कानून है और ये देश के खिलाफ है। उन्होंने बिहार के किसानों और किसान संगठनों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान, आने वाली पीढ़ियों और भविष्य को देखते हुए वे इस कानून के विरोध में सड़कों पर आएं और आंदोलन को मजबूत करें।

उन्होंने कहा, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसानों में आक्रोश है। यह वही सरकार है जो किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करनी की बात करती है। लेकिन एमएसपी को खत्म कर रही है। कृषि को भी प्राइवेट हाथ को सौंप रही है, जिससे प्राइवेट कंपनियों से किसान खरीद बिक्री करेंगे।

उन्होंने कृषि कानूनों को किसान विरोधी कानून बताते हुए कहा कि किसानों को सही मूल्य मिलना चाहिए। कई जगहों पर कर्ज में डूबने से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जो अन्नदाता हैं उनके लिए इस तरह का कानून बनाना देश के खिलाफ है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इतनी बड़ी समस्या सामने है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौन हैंै। कोई भी फैसला जनता का होना चाहिए ना कि किसी व्यक्ति का। उन्होंने कहा कि कृषि कानून बनाने के पहले किसानों से राय नहीं ली गई और अब उन्हें गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर एमएसपी समाप्त नहीं होना है, तो सरकार लिखकर क्यों नहीं दे रही है।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर कृषि कानून के इतने ही फायदे हैं तो देश भर में किसान इसके खिलाफ क्यों है, भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी अकाली दल ने किनारा क्यों किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी और अभिनेता भी किसान के समर्थन में आगे आएं हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री कृषि रोड मैप की बात करते हैं लेकिन धान के एमएसपी की बात नहीं करते। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बिहार में अब तक किसी जिले में धान की खरीदी प्रारंभ नहीं की गई है।

बिहार में जहां मंडियों का सवाल है वह 2006 में ही बंद कर दिया गया। हालत ये हो गई है कि बिहार के किसान खेती छोड़ मजदूरी करने लगे हैं। जब मंडी खत्म हो गई तो किसान कमजोर होते गए।

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राष्ट्रीय

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन में अब जानवरों की एंट्री

किसानों का कहना है अभी हम दो जानवर ले कर आए हैं। और जानवर आएंगे और यही रहेंगे, जिसमें गाएं भी शामिल हैं।

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Farmers Protest Animal

गाजीपुर बॉर्डर (दिल्ली/उप्र), 2 दिसंबर । गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान अब अपने साथ जानवर (गाय) लेकर पहुंच गए हैं। मंगलवार को सरकार से बातचीत बेनतीजा रहने पर किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

पिछले 6 दिनों से चल रहा किसान आंदोलन बुधवार को 7वें दिन भी थमता नहीं दिख रहा है। गाजीपुर बॉर्डर पर आए किसानों ने अपने घरों से जानवरों को बुला लिया है और अपने साथ इस प्रदर्शन में शामिल कर लिया है। किसान जानवरों को लखीमपुर खीरी और उत्तराखंड से ले कर आए हैं। उनका कहना है कि अभी दो ही जानवरों को लाया गया है, और जानवर आने वाले हैं।

पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बेरिगेड पर इन जानवरों को बांध दिया गया है और वहीं जानवरों के खाने की व्यवस्था भी की गई है।

किसानों का कहना है कि इस प्रदर्शन की वजह से जानवरों को घरों में अकेला छोड़ नहीं सकते। जानवरों को चारा डालने में समस्या आ रही थी। वहीं अब बॉर्डर पर ही इन जानवरों की देखरेख करेंगे।

किसानों का कहना है अभी हम दो जानवर ले कर आए हैं। और जानवर आएंगे और यही रहेंगे, जिसमें गाएं भी शामिल हैं।

किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली की ओर आने वाले सभी बोर्डरों पर जगह जगह जाम की स्थिति बनी हुई है।

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