Mukesh Kumar Singh

Mukesh Kumar Singh

Journalist since 26 years. Views are personal…!

असम के लोगों को बीजेपी ग़रीब और पिछड़ों से भी ज्यादा निपट मूर्ख मानती है!

‘गुजरात मॉडल’ का नगाड़ा बजाने के बाद संघ-बीजेपी को ‘डबल इंजन’ का झुनझुना बजाने की जैसी लत लग गयी। इसका ताज़ा और शानदार संस्करण इस बार असम और बंगाल के...

Read more

Opinion: कॉरपोरेट के बहिष्कार के सिवाय कोई रास्ता नहीं!

किसान कैसे भूल सकते हैं कि तेज़ी से कड़े फ़ैसले लेने वाली सरकार ने जिस संसद से डंके की चोट पर कृषि क़ानून पारित करवाये, उसी ढंग से संविधान के...

Read more

क्या मोदी सरकार पर चुनाव आचार संहिता लागू नहीं है?

चुनाव आयोग, क्या सरकारी कर्मचारियों को मतदाता नहीं मानता? क्योंकि यदि सरकारी कर्मचारी भी मतदाता हैं तो चुनाव की घोषणा होने या आदर्श चुनाव संहिता के लागू होने बाद इन्हें...

Read more

नीतीश को निपटाने के लिए बीजेपी ने अपनी दो टीमें मैदान में उतारीं

अंक और गिनती से पनपी गणित की दर्ज़नों शाखाएँ हैं। अंकगणित, बीजगणित, ज्यामिति वग़ैरह से तो सभी परिचित हैं। गणित विज्ञान है। विज्ञान की तरह गणित के भी नियम और...

Read more

राजनीति को अपराधियों से बचाये बग़ैर नहीं बचेंगी बेटियां

पुलिस या न्यायिक सुधारों को लेकर देश या राज्यों में काँग्रेसी सरकारों ने अतीत में जैसी लापरवाही दिखायी, उसी का दंश मौजूदा काँग्रेसियों को ख़ून के आँसू रोकर भोगना पड़...

Read more

बढ़ती बेरोज़गारी, गर्त में जाती अर्थव्यवस्था के बीच सरकारों का निजीकरण पर जोर

केन्द्र सरकार इस बात को लेकर बहुत सन्तुष्ट नज़र आती है कि ताज़ा कृषि क़ानूनों का अभी मुख्य रूप से सिर्फ़ दो राज्यों- पंजाब और हरियाणा में ही भारी विरोध...

Read more

हाथरस के निर्भया कांड को बाबरी मस्जिद के चश्मे से भी देखिए

दूर तलक जाने वाली अगली बात है कि भारतीय न्यायपालिका में ‘न्यायिक चमत्कारों’ का भी शानदार इतिहास रहा है। मुम्बई में पाँच मज़दूरों ने सलमान ख़ान की कार से उस...

Read more

यक़ीनन, अबकी बार बिहार पर है संविधान बचाने का दारोमदार

संघियों का एक ही एजेंडा है कि सांसद और विधानसभाओं को ख़रीदकर या सैद्धान्तिक रूप से ध्वस्त करके भारतीय लोकतंत्र और संविधान को पूरी तरह से संघ का ग़ुलाम बनाना!...

Read more

‘टाइम’ में अमरत्व वाली मनमाफ़िक छवि अर्जित करने से श्रेष्ठ और कुछ नहीं!

मोदी युग की सबसे बड़ी पहचान यही हो गयी है कि यहाँ ‘मन की बात’ की तो भरमार है लेकिन ‘काम की बात’ को ढूँढ़ना मुहाल है। इसीलिए ‘टाइम’ और...

Read more

कांग्रेस की बीमारियां उन्हें क्यों सता रहीं जिन्होंने इसे वोट दिया ही नहीं?

मध्यम वर्गीय, शिक्षित, खाते-पीते लोगों और ख़ासकर सवर्णों के बीच कांग्रेस की चिर परिचित बीमारियां अरसे से आपसी चर्चा का मुद्दा बनती रही हैं। लेकिन मज़े की बात तो ये...

Read more

संविधान बचाने से ज़्यादा ज़रूरी है इसके आन्दोलनकारियों को बचाना

सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद प्राचा के हवाले से शाहीन बाग़ वाले संविधान बचाओ आन्दोलन को जल्द बहाल करने की सुगबुगाहट है। इसी तर्ज़ पर क्या सोशल-डिस्टेसिंग का जोख़िम उठाकर...

Read more

गाय, गधा, ग़ालिब और दिलीप घोष की मज़ेदार जुगलबन्दी

दिलीप घोष ने बीते नवम्बर में रहस्योद्घाटन किया था कि ‘भारतीय नस्ल की गायों में एक खासियत होती है। इनके दूध में सोना मिला होता है और इसी वजह से...

Read more

‘ग़रीब कल्याण रोज़गार’ के तमाशे के पीछे अभी तो बस बिहार चुनाव ही है

मेरा 30 साल का सारा पत्रकारीय अनुभव और कौशल ये पता नहीं लगा पाया कि बिहार और बंगाल की चुनावी बेला को ध्यान में रखकर घोषित हुआ केन्द्र सरकार का...

Read more

प्रधानमंत्री जी को ये हो क्या गया है?

सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने ऐसा धमाका करके दिखा दिया है, जैसा दुनिया के ज्ञात इतिहास में शायद ही कभी हुआ हो! हुज़ूर का कहना है कि “पूर्वी लद्दाख में...

Read more

यदि देश में ‘समानान्तर सरकार’ चल रही है तो क्या भारत में गृह युद्ध छिड़ चुका है?

आश्चर्य की बात तो यह भी है कि सरकार को नाख़ुश कर रहे 19 हाईकोर्ट का क्षेत्राधिकार तक़रीबन 90 फ़ीसदी आबादी से जुड़ा हुआ है। क्या यह माना जाए कि...

Read more

वित्तमंत्री का क़बूलनामा: बैंकों को भी डराती हैं CBI, CVC और CAG जैसी संस्थाएँ

भारत के संवैधानिक, क़ानूनी और सरकारी ढाँचे को जानने-समझने वाले लोग वैसे तो इतना जानते ही हैं कि CBI, CVC और CAG जैसी शीर्ष संस्थाएँ केन्द्र सरकार के इशारे पर...

Read more

आख़िर क्यों वित्तमंत्री के ऐलान झुनझुने जैसे ही हैं?

ग़रीब हो या अमीर, अब तो सभी 20 लाख करोड़ रुपये के सुहाने पैकेज़ वाले झुनझुने की झंकार सुनने को बेताब हैं। लेकिन वित्तमंत्री की पहले दिन की पेशकश में...

Read more

कोरोना पैकेज़: झुनझुना बजाने और ऐलान करने के मोर्चे पर प्रधानमंत्री से आगे निकलीं वित्तमंत्री

12 मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस 20 लाख करोड़ रुपये के आत्म-निर्भर पैकेज़ का ऐलान किया था, वो अब बढ़कर क़रीब 21 लाख करोड़ रुपये का हो चुका...

Read more

बेशक़, प्रधानमंत्री की सहमति से ही हो रही है श्रम क़ानूनों की ‘हत्या’!

ऐसे वक़्त में जब कोरोना संक्रमण से पैदा हुई चुनौतियाँ बेक़ाबू ही बनी हुई हैं, तभी हमारी राज्य सरकारों में एक नया संक्रमण बेहद तेज़ी से अपने पैर पसार रहा...

Read more

सम्पन्न तबके की दूरदर्शिता के बग़ैर पटरी पर नहीं लौटेगी अर्थव्यवस्था

कोरोना संकट के पहले से अर्थव्यवस्था पर गहराई चौतरफ़ा मन्दी और बढ़ती बेरोज़गारी का कहर ग़रीबों के बाद अब मध्य वर्ग पर सितम ढाने को तैयार है। अर्थव्यवस्था के हरेक...

Read more

क्या काँग्रेस के लिए टर्निंग प्वाइंट बनेगी ग़रीबों का रेल-भाड़ा भरने की पेशकश?

राजनीति में हवा का रुख़ पलटने में ज़्यादा देर नहीं लगती। इसीलिए सभी राजनेता हर बात का राजनीतिकरण करने का मौक़ा ढूँढते रहते हैं। यह हवा जिसके ख़िलाफ़ होती है,...

Read more

धन्य है गोदी मीडिया जिसने प्रधानमंत्री के बयान को भी ‘अंडरप्ले’ कर दिया!

मुख्यमंत्रियों के साथ 27 अप्रैल को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो सबसे बड़ी बात कही, उसे उनके चहेते मेनस्ट्रीम (गोदी) मीडिया ने ऐसा ‘अंडरप्ले’ किया कि...

Read more

अद्भुत है मोदीजी की ‘कष्ट-थिरैपी’!

मोदीजी को पता है कि जनता जितना कष्ट में रहेगी, उतना ही उनकी ओर तारणहार की तरह देखेगी। तारणहार, यानी भगवान। आम तौर पर लोग कष्टों को भगवान की मर्ज़ी...

Read more

ट्रम्प को अपना सिंहासन डोलता दिख रहा है, भारत भी अछूता नहीं रहने वाला

वैसे तो सारी दुनिया में जनता की नब्ज़ को भाँपने के लिए अनेक सर्वेक्षण होते हैं, लेकिन अमेरिकी सर्वेक्षणों की प्रतिष्ठा ख़ासी बेहतर समझी जाती है। क्योंकि इनसे सच का...

Read more

ट्रम्प की नींद कोरोना ने उड़ा रखी है या चुनाव में लुटिया डूबने की चिन्ता ने?

कोरोना के कहर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प को चकरघिन्नी बना दिया है। ख़ुद को सर्वशक्तिमान समझने वाला अमेरिका अब तक अपनी 50,000 लाशें गिन चुका है। वैसे ट्रम्प ख़ुद...

Read more

मोदी-शाह के इशारे पर महाराष्ट्र के राजभवन में ‘चालू आहे’ संविधान का चीरहरण

द्वापर युग में हस्तिनापुर के राजदरबार में जैसे दुर्योधन और दुःशासन ने द्रौपदी का चीरहरण करके अपने माथे पर अमिट कलंक लगाया था, बिल्कुल वैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और...

Read more

कोरोना के भ्रामक आँकड़ों के मकरजाल की पीछे भी सियासत है

ऐसे भ्रामक दावों से सरकार जो हासिल करना चाहती थी वो तो कमोबेश उसने हासिल कर लिया, क्योंकि मीडिया ने ICMR के दावों को वैसे ही ‘प्लांट ख़बर’ के रूप...

Read more

क्या प्रधानमंत्री का सन्देश देश को सही दिशा दिखाएगा?

क्या देश जिन चुनौतियों से जूझ रहा है, उसका समाधान बताएँगे प्रधानमंत्री या फिर ये एक और 'इवेंट' अथवा 'मन की बात' ही होगी?

Read more

सूरत से उभरे सन्देशों की गहराई को सरकारें फ़ौरन समझें

अब भी वक़्त है कि प्रधानमंत्री लॉकडाउन की मियाद बढ़ाने के ऐलान के साथ ही देश और ख़ासकर मेहनतकश तबके को अच्छे ढंग से समझाएँ कि मौजूदा चुनौतियों को देखते...

Read more

COVID-19: भारत के पास अब भी दक्षिण कोरिया से सीखने का भरपूर मौक़ा है

दक्षिण कोरिया की खुशनसीबी थी कि उसने चीन के ऐसे अनुभवों को देखते हुए अपनी रणनीति बनायी और उसे अमल में लाया। जबकि बाक़ी दुनिया के देशों का मूर्ख नेतृत्व...

Read more

कैसे बेमिसाल रणनीति है, ‘टेस्टिंग नहीं, तो कोरोना नहीं’?

राष्ट्रपति ट्रम्प आशंका जता चुके हैं कि अमेरिका की 34 करोड़ की आबादी में से क़रीब 2.5 लाख लोग कोरोना की भेंट चढ़ जाएँगे। यदि भारत में ऐसा ही अनुपात...

Read more

‘5 अप्रैल, 9 बजे, 9 मिनट’ – मूर्खता के अथाह कुंड में गोताख़ोरी

प्रवचन और उपदेशों से समाज की विकृतियाँ दूर हुई होती तो चप्पे-चप्पे पर धर्मात्मा ही नज़र आते। दरअसल, समझाने से सिर्फ़ वही समझते हैं, जो समझना चाहते हैं। जो समझना...

Read more

पत्रकारीय तर्कों से देखें तो तीन महीने से कम नहीं रहेगा भारत में लॉकडाउन

भारत की नौकरशाही के मुखिया कैबिनेट सचिव राजीव गौबा का 30 मार्च 2020 का बयान है, “मैं ऐसी रिपोर्टों से चकित हूँ, लॉकडाउन को आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं...

Read more

कोरोना की ग़लतियाँ तब क्यों न गिनाएँ जब हो रही हैं?

मैं ‘राष्ट्रद्रोही-लिबरल-सेक्यूलर’ मौजूदा दौर में क्या करूँ? पत्रकारिता का धर्म कैसे निभाऊँ? कैसे कहूँ कि “हुज़ूर, वज़ीर-ए-आज़म आपने ‘जनता कर्फ़्यू’ और ‘टोटल लॉकडाउन’ का फ़ैसला लेने में बहुत देर कर...

Read more

प्रधानमंत्री को माफ़ी देकर ग़रीब तो इंसानियत से गद्दारी करने से रहा

आपने भले ही प्रज्ञा ठाकुर को ‘कभी दिल से माफ़ नहीं करने’ का बयान देने के बावजूद माफ़ कर दिया हो, उनके ख़िलाफ़ आपकी पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की...

Read more

जानकारी ही बचाव है: क्या है कोरोना का स्टेज – 1-2-3…?

वुहान और चीन को भी कोरोना की स्टेज के बारे में जानने में वक़्त लगा। यही हाल दुनिया के तमाम देशों का भी रहा। भारत को प्रकृति ने औरों के...

Read more

कोरोना से जुड़ा सबसे बड़ा झूठ

ये सबसे बड़ा झूठ है कि कोरोना वायरस को चीन या अमेरिका ने अपने किसी जैविक हथियार के रूप में विकसित किया था, लेकिन दुर्भाग्यवश वो प्रयोगशालाओं के तालों और...

Read more

आख़िर, ये शपथ है क्या बला!

संवैधानिक पदों का दायित्व सम्भालने वालों के लिए संविधान में पद और गोपनीयता की शपथ लेने का विधान बनाया गया है। संविधान के अनुच्छेद 60, 69, 75(4), 99, 124(6), 148(2),...

Read more

…तो क्या बीजेपी ने विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सुपर पीएम बना दिया है?

क्या बीजेपी ने दिल्ली में अपने पुनर्निर्वाचित विधायक ओम प्रकाश शर्मा को सुपर पीएम बना दिया है? वर्ना वो कैसे कह रहे हैं कि ‘दिल्ली में हार के बाद भी...

Read more

कोई बताएगा कि ‘मुफ़्तख़ोरी’, आख़िर है क्या बला!

दिल्ली विधानसभा के चुनावों में अनेक भ्रष्ट narratives (कथा, कहानी) का बोलाबाला रहा। इनमें से एक है ‘मुफ़्तख़ोरी’ (Freebies)। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आम आदमी पार्टी पर हमला करने...

Read more

पुलिस और सेना, सिर्फ़ तब बर्बर नहीं होती जब ‘ऊपर’ से हुक़्म होता है!

IT Cell की बदौलत तरह-तरह के झूठ, अफ़वाह और विरोधियों के चरित्र-हनन का सहारा लेकर बीजेपी ने 2014 में सबको धूल चटा दी। तब तक उसका IT Cell अभेद्य दुर्ग...

Read more

आज वक़्त है कि आप महात्मा गाँधी के इस भाषण को ज़रूर पढ़ें

नागरिकता क़ानून को लेकर उत्तर-पूर्वी राज्य उबल रहे हैं। सरकार को शान्ति और ‘ऑर्डर’ क़ायम रखने के लिए सेना को बुलाने का आख़िर तरीक़ा अपनाने के लिए मज़बूर होना पड़ा...

Read more

आख़िर कोई दास्तान-ए-प्याज़ बताता क्यों नहीं?

सरकार कभी अफ़ग़ानिस्तान से तो कभी मिस्र से प्याज़ के आयात का भारी-भरकम आँकड़ा देकर कहती है कि ‘देश में तो सब ठीक है’। प्याज़ का दाम न तो कोई...

Read more

किन पंच-तत्वों पर निर्भर रहेगी महाराष्ट्र के महा-प्रयोग की तक़दीर?

राजनीति को ‘अनन्त सम्भावनाओं का खेल’ कहा गया है। इसमें कोई भी अछूत नहीं होता। राजनीति का सत्ता और कुर्सी के पीछे भागना अनिवार्य है। राजनीतिक विचारधाराएँ सिर्फ़ मुखौटा होती...

Read more

महाराष्ट्र में मोहरे बने मुहावरे!

सियासी दंगल को देखें तो इनमें से अलग-अलग मुहावरे, अलग-अलग मठाधीशों पर बिल्कुल सटीक ढंग से चस्पाँ होता है। हरेक मुहावरा दंगल के अलग-अलग खिलाड़ियों मसलन, बीजेपी, शिवसेना, एनसीपी और...

Read more

विपक्ष में है हिम्मत तो करे ऐलान कि सत्ता में लौटे तो ख़त्म होगा अनुच्छेद 164 और 356!

यदि आप महाराष्ट्र में आनन-फ़ानन में देवेन्द्र फड़नवीस और अजीत पवार की ताजपोशी के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जैसे परजीवी को क़सूरवार मानते हैं, तो मानते रहें। धुनते रहें...

Read more

‘अवैध’ या ‘मुफ़्त’, किस पर मेहरबान होगी दिल्ली?

अवैध कॉलोनियों के निवासियों के लिए ये तय करना बेहद मुश्किल होगा कि अपने वोट के ज़रिये किस पार्टी के प्रति आभार और विश्वास जताएँ? रोज़मर्रा की महत्वपूर्ण चीज़ों को...

Read more

ओवैसी की वजह से बीजेपी के चक्रव्यूह में फँसीं ममता

राजनीति में बड़ा नेता बनने की दो तरक़ीब है। पहला, आपके पास जितना बड़ा जनाधार, आप उतने बड़े नेता। और दूसरा, आपके प्रतिद्वन्दी आपको कितना बड़ा नेता मानते हैं? विरोधी...

Read more

महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का गुनहगार कौन?

महाराष्ट्र ने तो 24 अक्टूबर को खंडित जनादेश दिया नहीं, तो फिर उसे लोकप्रिय सरकार पाने के संवैधानिक हक़ से दूर रखने का गुनहगार कौन है? बीजेपी या शिवसेना या...

Read more

‘370’ ने तो मायावती को भी धर्मसंकट में ढकेल दिया

भारतीय राजनीति में मायावती एक बड़ी और अनुभवी नेता हैं। कई बार उनका राजनीतिक दाँव हमें चकित भी करता रहा है। उनके ताज़ा बयान ने सिर्फ़ इतना ही ज़ाहिर किया...

Read more

फास्ट ट्रैक कोर्ट के जनक थे अरूण जेटली

जेटली ने ही न्यायपालिका में मौजूद कॉलेज़ियम प्रणाली को ख़त्म करने की रणनीति बनायी। संसद में तो वो सफल हो गये, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी बाज़ी पटल दी। जेटली...

Read more

कश्मीर ने साबित किया कि विपक्ष कमज़ोर नहीं है

कश्मीर के विपक्षी नेता नज़रबन्द हैं। मोदी सरकार को डर है कि विपक्षी नेता अपने बचे-खुचे जनाधार की बदौलत उसके तमाम वादों-इरादों की कलई खोल देंगे। जिससे सरकार की छीछालेदर...

Read more

मनमोहक शीला की मृदुभाषिता हमेशा बेजोड़ रही

फ़ानी दुनिया में अपने मनमोहक व्यक्तित्व की विरासत छोड़कर शीला दीक्षित हमेशा के लिए रूख़सत हो गयीं। किसी ने उन्हें अजातशत्रु बताया तो किसी ने उनके ममतामय रूप को याद...

Read more

क्या राहुल के मुखिया नहीं रहने से वंशवाद से मुक्त हो जाएगी काँग्रेस?

लोकसभा चुनाव 2019 में काँग्रेस के ख़राब प्रदर्शन की ज़िम्मेदारी लेते हुए आख़िरकार, राहुल गाँधी ने काँग्रेस अध्यक्ष का पद सहर्ष और स्वेच्छा से त्याग दिया। राहुल ने 25 मई...

Read more

ओपिनियन और एग्ज़िट पोल का तमाशा पूरी तरह से बन्द होना चाहिए

बुनियादी तौर पर सर्वेक्षण या सर्वे कोई ख़राब चीज़ नहीं है। लेकिन ओपनियन पोल और एक्ज़िट पोल जैसे सर्वे ने लोकतंत्र की आत्मा यानी चुनाव और इसकी पवित्रता की हत्या...

Read more

थम क्यों नहीं रहा सीवर से निकलती मौतों का कारवाँ!

अज़ब दस्तूर है कि जो लोग पूरे समाज को ज़िन्दा रखने के लिए अपनी ज़िन्दगी दाँव पर लगाते हैं, उन्हें ही हमारा बेदर्द सिस्टम मौत के मुँह में ढकेलता रहता...

Read more

मोदी ने कुम्भ के उस भगदड़ की जाँच क्यों नहीं करायी जिसमें हज़ारों लोग मारे गये?

नरेन्द्र मोदी की टक्कर का झूठ बोलने वाला और लम्बी-चौड़ी फेंकने वाला प्रधानमंत्री भारत में पहले कभी पैदा नहीं हुआ। एक से एक झूठ तो मोदी के हरेक भाषण या...

Read more

क्या तेज बहादुर को लेकर काँग्रेस थोड़ी सूझबूझ दिखा पाएगी?

काँग्रेस के रणनीतिकार चाहे जिन-जिन वाज़िब या ग़ैरवाज़िब वजहों से उत्तर प्रदेश में गठबन्धन से बाहर रहने को मज़बूर हुए, लेकिन उन्हें अभी फ़ौरन ये सूझबूझ दिखाना चाहिए कि वाराणसी...

Read more

कन्हैया की जीत निश्चित है!

VIP सीट के जिस छवि की वजह से वाराणसी में मोदी, अमेठी-वायनाड में राहुल, रायबरेली में सोनिया, मैनपुरी में मुलायम, गाँधीनगर में अमित शाह, छिन्दवाड़ा में नकुल नाथ की जीत...

Read more

मोदी के तमाम बड़े पहलवान तो अखाड़े में ही नहीं हैं, जीतेंगे क्या ख़ाक़!

मोदी-शाह ने इस चुनाव को कितना बड़ा मसखरा बना दिया है, इसकी सबसे बड़ी मिशाल तो ये है कि बीजेपी के तमाम क़द्दावर मंत्री इस चुनाव में जनता का सामना...

Read more

चुनाव आयोग अब भी चेत जाए तो EVM को गोपनीय बना सकता है

चुनाव आयोग ‘डाल-डाल’ तो मेनका गाँधी ‘पात-पात’। इधर, चुनाव आयोग ने मेनका को मुसलमानों को धमकाने की सज़ा सुनायी तो उधर, मेनका ने नयी धमकी दे डाली, ‘जितना वोट, उतना...

Read more

देश का भला चाहते हैं तो सिर्फ़ अपनी सूझबूझ से काम लें, वर्ना…

अगली बार जब आप वोट देने जाएँ तो पहले ज़रा उपरोक्त सवालों के उत्तर तलाशने की कोशिश करें। इसके लिए भी सिर्फ़ और सिर्फ़ अपनी समझ और जानकारी से काम...

Read more

सनबोर शुल्लाई ख़ुदकुशी की धमकी कहीं आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं?

जैसे किसी भी शुभ कार्य से पहले गणपति वन्दना की जाती है, जैसे विद्यालय में सरस्वती की प्रार्थना करते हैं, वैसे ही इस लेख का शुभारम्भ जिस सूक्ति वाक्य से...

Read more

अरे बीजेपी, ये तो बताओ कि भारत कब ‘संकल्पित’ नहीं था?

2014 की तस्वीर में अटल-आडवाणी-जोशी-राजनाथ ऊपर थे। अब सिर्फ़ राजनाथ फड़फड़ा पाते हैं। बाक़ी अटल दुनिया से चले गये और आडवाणी-जोशी तो कूड़ेदान (मार्गदर्शक मंडल) में फेंकने लायक भी नहीं...

Read more

बेचारा चुनाव आयोग भी क्या-क्या सम्भाले!

क्या आप जानते हैं कि देश में किन-किन पार्टियों ने कॉल-सेंटर्स की सेवाएँ लेकर ये जानने का अभियान छेड़ रखा है कि आगामी चुनाव में आप किस पार्टी के वोट...

Read more

आडवाणी ने जितना कहा, उससे ज़्यादा अनकहा छोड़ दिया

आख़िरकार, आडवाणी कुछ बोले तो! पाँच साल बाद उनकी क़लम उठी। उन्होंने पिछला ब्लॉग 23 अप्रैल 2014 को लिखा था। आडवाणी के ताज़ा ब्लॉग ‘सबसे पहले देश, फिर दल, फिर...

Read more

सवर्ण हिन्दुओं से ज़्यादा डरपोक क़ौम आज दुनिया में कोई और नहीं!

भारत में मुस्लिम काल का संस्थापक शहाबुद्दीन मोहम्मद गोरी को बताया जाता है। मोहम्मद गोरी एक अफ़गानी था। उसने 1194 में दिल्ली के गहड़वाल वंश के राजा जयचन्द्र को पराजित...

Read more

VVPAT को लेकर चुनाव आयोग की दलीलों में सच कम और बहाना ज़्यादा क्यों है?

हर चुनाव में कुछ न कुछ नयापन जुड़ता रहता है। इस बार VVPAT चोटी पर है। लेकिन VVPAT की पर्चियों की गिनती को लेकर चुनाव आयोग की ओर से सुप्रीम...

Read more

चुनाव में टिकट काटने का एक ही मतलब है ‘विनिबिलिटी फ़ैक्टर’ का कमज़ोर पड़ना

चुनावी मौसम में तीन बातें सिर चढ़कर बोलती हैं। पहला, किसका-किससे-कैसा और क्यों गठबन्धन या तालमेल हो रहा है? दूसरा, कौन-किसको-कहाँ से उम्मीदवार बना रहा है? तीसरा, चुनाव में कौन-किस...

Read more

क्या अमेरिका F-16 विमान के बेज़ा इस्तेमाल के लिए पाकिस्तान को सज़ा देगा?

कभी पाकिस्तान के सबसे ख़ास दोस्त रहे अमेरिका के सामने अब धर्मसंकट है। अमेरिका को प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर ये स्वीकार करना होगा कि पाकिस्तान को लेकर उसकी पुरानी...

Read more

ऑपरेशन बालाकोट में ग़लत ‘सूत्रों’ के भरोसे ही रहा भारतीय मीडिया

मैं तीन दशक से पेशेवर पत्रकार हूँ। कई बड़े और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग की। सैन्य अभियानों और संसद तथा अक्षरधाम आतंकी हमलों जैसी बड़ी घटनाओं का भी...

Read more

सिन्धु का पानी तो भारत सिर के बल खड़े होकर भी नहीं रोक सकता!

पुलवामा हमले के बाद देश में राष्ट्रभक्ति का उन्माद है। कोई युद्ध की दुन्दुभि बजा रहा है, तो कोई पाकिस्तान को दिये गये मोस्ट फ़ेवर्ड नेशन (MFN) के दर्ज़े को...

Read more

मोदीजी, ज़रा बताइए कि सेना को आतंकियों से निपटने की पूरी छूट कब नहीं थी?

पुलवामा आतंकी हमले से देश वैसे ही आक्रोशित है जैसे उरी, नागरोटा और पठानकोट जैसे हमलों के बाद था। संसद पर हमले, मुम्बई के आतंकी हमले और कारगिल युद्ध के...

Read more

ग़रीब सवर्णों को आरक्षण: अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत

नरेन्द्र मोदी कैबिनेट का ताज़ा फ़ैसला है कि देश में आर्थिक रूप से कमज़ोर सवर्णों को भी 10 फ़ीसदी आरक्षण दिया जाएगा। लेकिन अफ़सोस कि सरकार पूरी ताक़त लगाकर भी...

Read more

गठबन्धन को लेकर काँग्रेस के रणनीतिकारों का इम्तिहान अब होगा

क्या आप किसी टूर्नामेंट के लीग मैच को ही फ़ाइनल मान सकते हैं? क्या क्रिकेट में पहला विकेट गँवाने वाली टीम को हारा हुआ मान लिया जाता है? यदि नहीं...

Read more

GST ने मोदी राज के तमाम झूठ की पोल खोली

GST का संग्रह बता रहा है कि ‘Minimum Government, Maximum Governance’ और ‘सबका साथ, सबका विकास’ वाले नारों का कचूमर निकल चुका है। इसीलिए ये समझना ज़रूरी है कि GST...

Read more

आख़िर क्यों मोदी राज में नहीं बन पाएगा तीन तलाक़ क़ानून?

क्या आप जानते हैं कि दुनिया के हर देश में तलाक़ का विधान है, लेकिन तलाक़ को लेकर सज़ा का क़ानून कहीं नहीं है! यही वो सबसे बड़ी वजह है...

Read more

चुनाव को सामने देख उत्तर प्रदेश में निकल पड़ा ब्रह्मास्त्र!

हिन्दू-मुसलमान और गाय के अलावा फ़िलहाल, भारत की अन्य चुनावी महामारियाँ हैं – जातिवाद, तीन तलाक़, राम मन्दिर, आस्था और हिन्दू-विरोधी! भगवा चिकित्सालय का मानना है कि जातिवाद का इलाज़...

Read more

आख़िर हमारा मीडिया रामदेव की मुट्ठी में क्यों है?

कभी सोचा है कि सलवारी बाबा रामदेव की ऐसी क्या सियासी हैसियत है कि वो तरह-तरह के राजनीतिक बयान दें और गोदी मीडिया उसे सुर्ख़ियाँ बनाती रहे! रामदेव की हैसियत...

Read more

हनुमान का मज़ाक बनाने से कोई आहत क्यों नहीं हो रहा?

वो 27 नवम्बर 2018 का मनहूस दिन था, जब हिन्दू वोटरों को साम्प्रदायिक आधार पर लामबन्द करने के लिए अलवर पधारे अजय सिंह बिष्ट ने हनुमान जी की विशेषता से...

Read more

मोदी राज की दास्तान-ए-एम्स: ‘लफ़्फ़ाज़ी से शुरू, लफ़्फ़ाज़ी पे ख़त्म!’

मई 2018 में अपनी चौथी सालगिरह से ऐन पहले, मोदी कैबिनेट ने देश में 20 नये एम्स यानी आखिल भारतीय चिकित्सा संस्थान बनाने का ऐलान किया। इससे पहले मोदी राज...

Read more

अब भारत से EVM का अलविदा होना ज़रूरी है!

EVM की तारीफ़ इसलिए भी की जाती थी कि इससे मतदान के नतीज़े महज कुछ घंटों में ही मिल जाते थे। लेकिन ताज़ा विधानसभा चुनाव की तमाम सीटों पर नतीज़े...

Read more

सुबोध के बलिदान ने बुलन्दशहर को एक और मुज़फ़्फ़रनगर बनने से बचा लिया!

अब ये साफ़ हो चुका है कि संघ की औलादों यानी हिन्दू युवा वाहिनी, बजरंगदल, वीएचपी, एबीवीपी और बीजेपी की असली मंशा बुलन्दशहर में मुज़फ़्फ़रनगर को दोहराने की थी! दरअसल,...

Read more

व्यंग्य – जन-गण नामकरण आन्दोलन: मुसलमान मंत्री बदलें नाम, अब ‘पक्षीफल’ कहलाएगा अंडा

भगवा ख़ानदान का इरादा है कि ‘जन-गण नामकरण आन्दोलन’ को राम मन्दिर आन्दोलन से भी बड़ा और विश्वव्यापी बनाया जाएगा! हिन्दुत्व के नायकों का मानना है कि ‘जन-गण नामकरण आन्दोलन’...

Read more

जनाब झूठली साहब और नोटबन्दी का पंचनामा!

ज़रा समझिए कि जिन 17.42 लाख मगरमच्छों और घड़ियालों को पकड़ने के लिए नोटबन्दी के ज़रिये, जिस नदी या सागर को ही सुखाने का फ़ैसला लिया गया, उसमें 130 करोड़...

Read more

राम मन्दिर: अब संघ की साज़िश सुप्रीम कोर्ट को डराकर जनता को उल्लू बनाने की है!

दरअसल संघियों की बौखलाहट राम मन्दिर के लिए नहीं बल्कि हिन्दू वोट के लिए है। चुनाव सामने हैं। संघ को उस निकम्मी मोदी सरकार के लिए वोट जुटाना है, जो...

Read more

मोदी सरकार की औक़ात नहीं कि वो क़ानून बनाकर अयोध्या विवाद ख़त्म कर दे!

यदि आपको ख़ुशफ़हमी है कि ‘कड़े फ़ैसले’ लेने वाली मोदी सरकार चाहे तो संसद में क़ानून बनाकर अयोध्या विवाद को ख़त्म करवा सकती है, तो आप ग़लतफ़हमी में हैं! ये...

Read more

राम मन्दिर: क़ानून मंत्री का ढोंग, हिन्दुओं का धैर्य और कोर्ट की लाज

क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पेशेवर वक़ील हैं। वो ख़ुद को अयोध्या विवाद का बहुत बड़ा विशेषज्ञ मानते हैं। क्योंकि उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में हिन्दू पक्ष की पैरवी की थी। इसीलिए...

Read more

गोवा में एक बार फिर राजनीति का सबसे घिनौना चेहरा सामने है!

बीजेपी को पता है कि जैसे लक्ष्मी की कृपा बदौलत उसने चौथी बार मनोहर पर्रिकर को गोवा का मुख्यमंत्री बनाया था, वैसे ही लक्ष्मी की कृपा से पर्रिकर सरकार को...

Read more

मानो या न मानो, MeToo के नाम पर एमजे अकबर इस्तीफ़ा नहीं देने वाले!

दस महिला पत्रकारों ने उनके हवसी स्वभाव की परतें उधेड़ दी हैं। मुमकिन है कि फ़ेहरिस्त और लम्बी होती चली जाए। इसीलिए चाल-चरित्र-चेहरा तथा भारतीय संस्कारों के सबसे प्रखर संरक्षक...

Read more

गडकरी की हिम्मत का जबाब नहीं, माना कि 2014 में बन्दर के हाथ में उस्तूरा आ गया!

गडकरी ने नाना पाटेकर के एक मराठी शो में ख़ुलासा किया कि “हमें उम्मीद नहीं थी कि हम सत्ता में आएँगे। इसलिए हमें सलाह दी गयी कि जनता से बड़े-बड़े...

Read more

ज़हर उगलने वाले 13 सेकेंड के इस वीडियो को क्या आपने देखा!

जैसे शरीर के तपने का मतलब बुख़ार होता है, वैसे ही जब फेंकू ख़ानदान Fake News/Views/Video पर उतर आये तो समझ लीजिए कि अपने पतन की आहट सुनकर वो बदहवासी...

Read more

ये ख़बर/नीति देश तोड़ने वाली है, इसीलिए नाक़ाबिल-ए-बर्दाश्त है!

हमारे संविधान का नीति-निर्देशक सिद्धान्त कहता है कि कल्याणकारी सरकारों को सम्पन्न तबके से ज़्यादा टैक्स लेकर ग़रीबों की ज़रूरतों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। ज़ाहिर है, केजरीवाल...

Read more

राफ़ेल पर सफ़ाई देकर धनोया ने वायुसेना की गरिमा गिरायी!

मोदी का हरेक सियासी सहयोगी जनता का नज़र में अविश्वसनीय साबित हो चुका है। अब सेना के आला अफ़सरों की भी कलई खुलती जा रही है। इसीलिए निर्मला हों या...

Read more

2019 में भी मोदी जीते तो 36 नहीं बल्कि 72 राफ़ेल मिलेंगे और वो भी बिल्कुल मुफ़्त!

अब तक सवा सौ करोड़ भारतवासियों के सामने 9, 20, 26 और 40 फ़ीसदी कम पर राफ़ेल सौदा करने का दावा किया जा चुका है! इसमें ग़ौर करने वाली सबसे...

Read more

विवेक की हत्या के लिए अफ़सरों और नेताओं पर भी मुक़दमा क्यों नहीं चलना चाहिए?

हिन्दूराष्ट्र में जो भी योगी के इन वर्दीधारी राष्ट्रभक्त सेनानियों को गच्चा देने की ज़ुर्रत करेगा, उसे विवेक तिवारी की तरह ही मार गिराया जाएगा! विवेक की विधवा कल्पना अब...

Read more

अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने सुलझाया कम और उलझाया ज़्यादा!

सुप्रीम कोर्ट का ताज़ा फ़ैसला अघोषित तौर पर ये भी कहना चाहता है कि यदि किसी की ये आस्था हो भी कि मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लामिक है तो भी...

Read more

व्यंग्य: भाईयों-बहनों, मैं हैरान हूँ जी…

भाईयों-बहनों, मैं हैरान हूँ जी... मैं थक गया हूँ ऐसी योजनाओं का उद्घाटन करते-करते जिन्हें काँग्रेस की सरकारों ने शुरू किया था। मैं थक गया हूँ क्योंकि काँग्रेसी तो शिलान्यास...

Read more

इस नारे का मतलब क्या कि ‘ग़ली-ग़ली में शोर है, चौकीदार चोर है!’

2013 के उत्तरार्ध से लेकर नोटबन्दी वाली महा-मनहूस रात तक किसने सोचा था कि ख़ुद को फ़क़ीर बताने वाला चौकीदार नरेन्द्र मोदी का चेहरा इस क़दर बेनक़ाब हो जाएगा कि...

Read more

मोहन भागवत झूठ पर झूठ परोसते रहे और भक्त झूम-झूमकर कीर्तिन करते रहे!

आख़िरी हथकंडे के रूप में संघ प्रमुख मोहन भागवत ये दिखाना चाहता है कि वो भविष्य के भारत की ख़ातिर ख़ुद को बदल चुका है। इसमें लेस-मात्र भी सच्चाई नहीं...

Read more

OPINION: झूठ के नशेड़ी, जन्मपत्री और ईवीएम

‘बीजेपी 50 साल तक सत्ता में रहेगी!’ अमित शाह ने ये शिगूफ़ा छोड़ते ही नरेन्द्र मोदी के कान में फुसफुसाया कि ‘साहब, आपकी हिदायत के मुताबिक मैंने 50 साल का...

Read more

पेट्रोल के दाम ने किया सबसे बड़ा आविष्कार!

पूरी मानवता के लिए कितना ख़ुशगवार है कि आज न्यूटन, आर्किमीडीज़, कॉपरनिकस, फ्लेमिंग, ओह्म या आर्यभट्ट और मिहिरभट्ट जैसे वैज्ञानिक ज़िन्दा नहीं हैं, वर्ना सारे के सारे एक साथ चिता...

Read more

‘लव जिहाद’ की नौटंकी छोड़ो, हिम्मत है तो ‘स्पेशल मैरिज़’ को ख़त्म करके दिखाओ!

संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब 2019 के जनादेश की आहट साफ़ सुनायी दे रही है। सवा सौ करोड़ भारतवासियों की तरह इन्हें भी भगवा राज...

Read more

सवर्णों का ‘भारत बन्द’ तो बहाना है, मकसद तो उन्हें उल्लू बनाना है!

उत्तर भारत के सवर्णों को अपनी बुद्धि पर बहुत ग़ुमान है! ऐसा उनकी वास्तविक बुद्धिमत्ता की वजह से कम और सामाजिक तथा जातिगत श्रेष्ठता के दम्भ के नाम पर ज़्यादा...

Read more

हे सवर्णों, यदि SC-ST Act ग़लत होता तो 83% अनारक्षित सांसद उसे क्यों पास करते!

संघ का बुनियादी चिन्तन ही है कि देश के 80 फ़ीसदी हिन्दुओं में से यदि आधे भी उसके साथ आ जाएँ तो वो अनन्त काल तक देश की सत्ता को...

Read more

मोदी राज की सबसे नायाब देन है तालिबानी इंसाफ़

चेन्नई हाईकोर्ट के जजों का ये कहना किस तालिबानी फ़रमान से कम है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI देश के Toll Plaza पर जजों और VIPs के लिए एक...

Read more

जब सिंहासन डोलने लगता है तब विपक्ष, ‘ख़ून का प्यासा’ ही दिखता है!

देवेन्द्र फड़नवीस की महाराष्ट्र पुलिस बता चुकी है कि शहरी नक्सलियों से नरेन्द्र मोदी की जान को ख़तरा है! लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त शिवाजीराव बोडखे...

Read more

‘यूपी फ़तह’ था नोटबन्दी का लक्ष्य, जहाँ संघ-बीजेपी सफल रहे!

लक्ष्मी का अगला रूप है रुपया। नरेन्द्र मोदी ने दो साल पहले 15.41 लाख करोड़ रुपये की लक्ष्मी को इसलिए मृत्युदंड दे दिया क्योंकि उन्हें यूपी का इम्तिहान पास करना...

Read more

संघ और राहुल: दो सियासी ध्रुव

कल्पना कीजिए कि राहुल गाँधी, संघ के आगे ये शर्त रख दें कि भागवत के सामने जाने से पहले वो सम्बित पात्रा, निर्मला सीतारमन और रविशंकर प्रसाद के साथ बौद्धिक...

Read more

डेनिम, जीन्स पर विप्लवी फ़तवा!

इतना तो आप जानते ही हैं कि देश के कई संघ-बीजेपी शासित राज्यों पर बीफ़ खाने पर पाबन्दी है, तो कई संघ-बीजेपी शासित राज्यों में खुली छूट है कि गोवंश...

Read more

मुद्दा ‘लोकतंत्र के सेफ़्टी वाल्व’ नहीं, बल्कि ‘भागते भूत की लंगोटी’ है!

यदि गहराई से देखा जाए तो संघ भी नक्सली संगठन ही है! इसने भी संविधान को हमेशा ठेंगे पर ही रखा! दोनों में बुनियादी फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि मायोवादियों...

Read more

सत्ता के लालची न होते तो नोटबन्दी के फ़ेल होने पर मोदी पिछले साल ही इस्तीफ़ा दे देते!

यदि नरेन्द्र मोदी ज़रा सा भी चरित्रवान होते तो नोटबन्दी पर आयी रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट के बाद एक पल भी सत्ता में नहीं रहते! वैसे तो मोदी को नोटबन्दी...

Read more

मोदी राज ने पेट्रोल-डीज़ल को सरकारी अय्याशी का ज़रिया बना डाला!

सभी धर्मों की आध्यात्मिक कथाएँ हमें बताती हैं कि असुरों, राक्षसों और दानवों ने हमेशा देवताओं से शक्ति प्राप्त की और उस शक्ति से देवताओं को ही सताया। बिल्कुल यही...

Read more

मोदी युग की इकलौती उपलब्धि: ‘आव देखो ना ताव, बस फेंकते रहो!’

मोदी ‘रोग मुक्त भारत’ पर ही नहीं थमे, क्योंकि उन पर तूफ़ानी रफ़्तार से बस ‘फेंकते रहो’ का भूत सवार है! तभी तो उन्होंने लाल क़िले से कहा था कि...

Read more

चमत्कारी बाबा ने रेलवे को बीमा की मुफ़्तख़ोरी से मुक्ति दिलायी!

नरेन्द्र मोदी से मशविरे के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने तय कर दिया है कि 1 सितम्बर 2018 से रेलवे की वेबसाइट से टिकट लेने वालों को मुफ़्त बीमा...

Read more

‘एक देश एक चुनाव’ यानी जनता को उल्लू बनाने के लिए नयी बोतल में पुरानी शराब

आज देश की बड़ी चुनौतियों में से प्रमुख है कि ये कैसे तय हो कि ‘जनता को उल्लू बनाने वाले नेता’ या ‘उल्लू बनने वाले लोगों’ में से कौन बड़ा...

Read more

डॉनल्ड ट्रम्प की ये ख़बर आपको नरेन्द्र मोदी को लेकर बेचैन कर देगी!

ट्रम्प ने अमेरिका में वैसे ही रोज़गार के अवसर विकसित करवाये हैं, जैसे भारत में नरेन्द्र मोदी ने ‘स्वच्छ भारत’ अभियान चलाया है! अब विकास पुरुष मोदी को ये भला...

Read more

मोदी नहीं चाहते कि चुनाव तक जनता किसी भी सच को जाने!

वो कहते थे कि विकास दर लुढ़क रही है। तेल की क़ीमतों में आग लगी हुई है। रुपया कमज़ोर होता जा रहा है। घोटालों की झड़ी लगी हुई है। अब...

Read more

कभी सोचा है कि मोदी-राज में अराजक-काल का अहसास क्यों हो रहा है?

पुलिसिया निकम्मेपन और अदालती सुस्ती को ख़त्म करने के इस अनोखे नुस्ख़े को मोदी-राज के शानदार और बेहद फलते-फूलते स्टार्ट-अप के रूप में क्यों नहीं देखना चाहिए! ये स्टार्ट-अप देश...

Read more

विकास दर के आँकड़ों से मोदी की लाल क़िले वाली ‘रफ़्तार’ की पोल खुली

जीडीपी के नये और संशोधित आँकड़ों के प्रकाशित होने के बाद से ही नरेन्द्र मोदी सरकार और संघ-बीजेपी के तन-बदन में आग लगी हुई है! उनका हाल ‘काटो तो ख़ून...

Read more

कहीं आपको भी अटल जी की महानता पर शक़ तो नहीं!

संघ-बीजेपी की ओर से इन दिनों अटल बिहारी वाजपेयी को ऐसा सम्मान दिया जा रहा है, जिससे लगे कि वो बहुत महान थे! इतने, जितने कि महात्मा गाँधी, जवाहर लाल...

Read more

अटल जी ने कुछ बहुत अच्छा दिया तो कुछ बहुत ख़राब भी!

आज़ादी से पहले जहाँ वो अँग्रेज़ों की मुख़बिरी करने और उनका वादा-माफ़ गवाह बनने की ख़ता कर चुके थे। वहीं आज़ादी के बाद उन्होंने अपने लड़कपन की उन ग़लतियों को...

Read more

रुपये ने रचा गिरने का नया इतिहास, काँग्रेस का मोदी सरकार पर तीख़ा हमला

काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने का रिकॉर्ड टूटने को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। रुपये के...

Read more

अरे, ये ‘तेल-पानी का मिलन’ नहीं, मोदी राज का मर्सिया है!

बेशक़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को विपक्षी एकजुटता ने बेचैन कर दिया है। इससे तिलमिलाए मोदी ने अपने चिर-परिचित अन्दाज़ में ताबड़तोड़ और लम्बी-चौड़ी फेंकने का...

Read more

70 साल में पहली बार किसी प्रधानमंत्री के शब्द संसद की कार्रवाई से हटाये गये

भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि प्रधानमंत्री के शब्दों को आपत्तिजनक, अमर्यादित और अवांछित मानते हुए उसे सदन कार्यवाही से हटा दिया गया है! गुरुवार, 9...

Read more

‘नये भारत’ में गेरुआ रंग त्याग-तपस्या का नहीं बल्कि आतंकियों का हुलिया बना

महज 50 महीने में ही नरेन्द्र मोदी के सपनों का ‘नया भारत’ बनकर तैयार हो चुका है! बीजेपी के आलीशान मुख्यालय के डेढ़ साल में बनकर तैयार होने के बाद...

Read more

देवरिया हो या मुज़फ़्फ़रपुर या गोरखपुर, ख़बरदार! जो मंत्रियों पर अँगुली उठायी

वक़्त आ गया है कि भारत के संविधान में ये व्यवस्था कर दी जाए कि यहाँ होने वाले किसी भी तरह के अनर्थ, अत्याचार, शोषण और अपराध वग़ैरह के लिए...

Read more

NRC : फ़र्ज़ी है मोदी-शाह की हिम्मत, असली इम्तिहान 2019 में

जिनका पूरा इतिहास और भूगोल ही विघटनकारी और विध्वंसक गतिविधियों से सराबोर रहा हो, वो अपने विरोधियों की हिम्मत को ललकारने के लिए कभी एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रज़िस्टर) को सफलतापूर्वक...

Read more

स्ट्राइक और भागीदारी: माई डियर चौकीदार, आप अब भी भ्रम में हैं!

20 जुलाई से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी घनघोर भ्रम में है। अविश्वास प्रस्ताव से जुड़े विरोधियों के भाषण ने उन्हें लोकसभा में ही मानसिक और बौद्धिक रूप से असन्तुलित कर दिया।...

Read more

संघ का अद्भुत शोध: बीफ़ का सेवन जारी रहने तक होती रहेगी लिंचिंग!

इन्द्रेश कुमार सरीखे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ विचारक/प्रचारक/नेता का नज़रिया कितना संकुचित और मूर्खतापूर्ण हो सकता है, इसे समझने के लिए उनका वो ताज़ा बयान ही पर्याप्त है, जहाँ...

Read more

केन्द्रीय मंत्री का अघोषित बयान, ‘लिंचिंग नहीं तो मोदी नहीं!’

सवा सौ करोड़ भारतवासी ये कान खोलकर सुन लें कि देश में किसी को भी सरेआम पीट-पीटकर मार डालने यानी ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएँ तब तक नहीं थमने वालीं, जब...

Read more

जो लिंचिंग के पीछे हैं, वही उसे कैसे रोकेंगे!

गृह-मंत्रालय को भी हिन्दुत्व के नाम पर होने वाले सारे ताने-बाने का अच्छी तरह से पता है। इसीलिए देश को लिंचिंग, पुलिस, अदालत जैसे अहम मुद्दे से भटकाने के लिए...

Read more

बस, एक-एक बार ही जीते विश्वास और अविश्वास

संसदीय लोकतंत्र में ऐसे अनोखे मौक़े भी आते हैं जब विश्वास या अविश्वास का मतलब एक ही होता है! सरकार को गिराने के लिए अविश्वास और बचाने के लिए विश्वास...

Read more

बधाई हो! भीड़-तंत्र ने भारत को अब भीड़-युग में पहुँचा दिया!

अब तो भीड़, पुलिस को भी पीट डालती है। क़ानून को हाथ में लेने वालों का पुलिस-अदालत कुछ नहीं बिगाड़ पाती। यही आलम दंगाइयों का भी होता है। उनके चेहरे...

Read more

विज्ञापनबाज़ी की लत: मोदी के व्यक्तित्व का सबसे घातक पहलू

पुरखों को कोसने की बीमारी उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर में बाणसागर नहर परियोजना का लोकार्पण करते हुआ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी चिर-परिचित विज्ञापन-शैली में विपक्षी दलों पर निशाना साधा।...

Read more

ये सरासर झूठ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने फ़्राँस को पछाड़ दिया है!

यदि भारत की जीडीपी एक दशक में दोगुनी हो गयी और वो कौन-कौन से देश हैं, जिनकी जीडीपी इसी दौरान भारत की जीडीपी से पहले दोगुनी हुई है?

Read more

ऐसा चमत्कार तो सिर्फ़ अम्बानी ख़ानदान में ही मुमकिन है!

अजन्मे जियो इंस्टीच्यूट को भारत सरकार ने जिन पाँच अन्य उत्कृष्ट शिक्षण संस्थाओं (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) के बराबर ला खड़ा किया है, उन्हें यहाँ तक पहुँचने में कई दशक और...

Read more

सुप्रीम कोर्ट के बुझाने पर भी क्यों धधक रही है दिल्ली की सियासत?

दिल्ली के झगड़े के तीनों पक्षकार नीयतख़ोर हैं। नौकरशाही हो या बीजेपी या केजरीवाल, कोई किसी से कम ख़ुराफ़ाती नहीं! हरेक की फ़ितरत का ख़ामियाजा दिल्लीवासी भुगत रहे हैं। ये...

Read more

दिल्ली पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का मतलब, ‘अपनी औक़ात में रहिए!’

रही बात हार-जीत की, तो हरेक पक्ष कान खोलकर सुन ले कि कोई जीता नहीं है। कोई हारा भी नहीं। अलबत्ता, फ़ज़ीहत सभी पक्षों की हुई है।

Read more

अभी तो परमात्मा भी हमें सोशल मीडिया के प्रकोप से नहीं बचा सकता!

सोशल मीडिया के प्रकोप से रोकथाम के लिए हमें ‘जनरल हाईजीन’ के तौर-तरीकों को सीखना होगा। ये कमोबेश वैसे ही होगा, जैसे हम साबुन से हाथ धोकर साफ़-सफ़ाई रखते हैं...

Read more

महबूबा को तलाक़ देने से भी संघियों के दिन नहीं फ़िरने वाले

एनडीए के बिखरने का मौसम दस्तक दे चुका है। चन्द्रबाबू नायडू (टीडीपी) ने बीजेपी का साथ छोड़ा। चन्द्रशेखर राव (टीआरएस) ने छोड़ा। शिव सेना (उद्धव ठाकरे) ने एकला चलो का...

Read more

नीरव तभी फ़ुर्र हुआ, जब नरेन्द्र ने चाहा…!

नरेन्द्र ने नीरव के भारत से फ़ुर्र होने से पहले उसे वो अद्भुत और पौराणिक कवच-कुंडल से भी सुसज्जित किया, जिसे महाभारत काल में सूर्य ने अपने पुत्र कर्ण को...

Read more

शिगूफ़ा ही साबित होगी ‘नौकरशाही में सीधी भर्ती!’

इस फ़ैसले से संघियों ने एक ही तीर से कई निशाना साधा है। पहला, नौकरशाही को उसकी औक़ात दिखाना। दूसरा, पिछले दरवाज़े से आरक्षण को मिटाना। तीसरा, अपने अधकचरे और...

Read more

नागपुर जाकर प्रणब बाबू ने संघ को संजीवनी ही दी

ये सही है कि प्रणब बाबू के भाषण में काँग्रेस की विचारधारा की ही प्रधानता थी। लेकिन इससे काँग्रेस का कोई भला नहीं होगा। क्योंकि ये हमेशा से संघ का...

Read more

नेहरू की धूल भी नहीं हो सकते नरेन्द्र मोदी

2014 में जब अपरम्पार झूठ की सवारी करते हुए नरेन्द्र मोदी दिल्ली की गद्दी पर क़ाबिज़ होने में सफल हो गये, तब इस बहरूपिये के ज़हन में सबसे बड़ी ख़्वाहिश...

Read more

बिहार में ज्वालामुखी पर खड़ा है नीतीश का भगवा गठजोड़

नीतीश का मंसूबा चाहे जो हो, लेकिन उन्हें भी मोदी-शाह से ये अपेक्षा रखने का कोई हक़ नहीं हो सकता कि एनडीए में जेडीयू को साथ रखने की ख़ातिर बीजेपी...

Read more

इस्तीफ़े की हठ ठाने योगी को अमित शाह का दिलासा

कैराना का जनादेश देख 31 मई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और हिन्दू-हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ सदमे और अवसाद में चले गये! क्योंकि योगी पर ‘रघुकुल रीति सदा चली आयी,...

Read more

2019 में ‘महँगाई दिवस समारोह’ का भव्य आयोजन!

‘महँगाई दिवस’ समारोह का ऐसा भव्य आयोजन होना चाहिए कि भगवान विश्वकर्मा की नज़रें भी शर्म से झुक जाएँ। अमित शाह ने यक़ीन जताया है कि 2019 में दाख़िल होते-होते...

Read more

2019 में ‘नेता’ और ‘मुद्दे’ नहीं, बल्कि ‘सीटें’ होंगी विपक्ष की चुनौती

विपक्ष का नेता कौन होगा? ये बहुत आसान सवाल है। भगवा ख़ानदान इसे जानबूझकर और जनता को ग़ुमराह करने के लिए बढ़ाचढ़ाकर इसलिए पेश करता है, क्योंकि वो इससे ज़्यादा...

Read more

‘विकास’ के डैडी की आत्मकथा के काले पन्ने

अपनी चारों सन्तानों से मुझे जितना सुख मिला, उससे कहीं अधिक सन्ताप मिला। शायद, ये सब मेरे कर्मों का ही फल है। मैंने भी इन चारों का ज़रूरत से ज़्यादा...

Read more

मोदी राज के 4 साल में जनता के सुख बढ़े या दुःख ?

अब मोदी राज की चौथी सालगिरह के मौके पर सबसे अहम यक्ष-प्रश्न यही है कि क्या 2014 में मोदी को पूर्ण बहुमत देने से जनता के दिन फिरने जैसा कुछ...

Read more

मोदी-लहर का कच्चा चिट्ठा

2018 में ही बीजेपी को मोदी-लहर की सबसे बड़ी अग्नि-परीक्षा अभी बाक़ी है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले इसी साल मोदी-लहर को सबसे बड़ी चुनौती उस राजस्थान, मध्य प्रदेश...

Read more

आख़िर क्यों झूठ के बग़ैर मोदी का कोई भाषण पूरा नहीं होता…?

मोदी के ऐतिहासिक ज्ञान का आधार भी वही अधकचरी और दुर्भावनापूर्ण जानकारी है, जो संघी ट्रोल्स की ओर से व्हाट्सअप के ज़रिये फैलायी जाती है। इन्हीं भ्रष्ट जानकारियों की बदौलत...

Read more

मोदी राज की सबसे ग़ैर-मामूली घटना है ‘रेपिस्ट समर्थक मंत्री बनो’ योजना…!

अभी तो संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर से तो ये यक्ष-प्रश्न उछाला ही नहीं गया है कि काँग्रेस के ज़माने में कितने बलात्कार और हत्याएँ होती थीं! राहुल गाँधी...

Read more

अब सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा कि उसके मुखिया पर महाभियोग चलेगा या नहीं?

सच-झूठ को तय करने के लिए ही जाँच की जाती है। संविधान के मुताबिक़, उपराष्ट्रपति चाहकर भी जाँच समिति की जगह नहीं ले सकता। वेंकैया का ऐसा निर्णय इसीलिए असंवैधानिक...

Read more

लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक़ बन चुकी मोदी-शाह की बीजेपी से यशवन्त का अलविदा!

आख़िरकार, यशवन्त सिन्हा ने बीजेपी को अलविदा कह दिया! घटा तो महीनों से छायी हुई थी! नोटबन्दी के बाद से मेघ, जब-तब गरज तो रहे थे, लेकिन बरसे आज! आज...

Read more

दलित-विरोधी नहीं होती बीजेपी तो उसके सांसद अपनी क़िस्मत पर क्यों रोते…?

अब फैलाया जाएगा कि ये बेईमान सांसद, अच्छे दिन वाली बीजेपी और रामराज्य रूपी सुशासन के विशेषज्ञ योगी आदित्यनाथ पर तथ्यहीन लाँछन लगाकर उन्हें बदनाम कर रहे हैं!

Read more

‘हे मूर्खज्ञ, इतना तो मोदी भी अपने बारे में नहीं जानते, जितना आपका दावा है!’

क्या आपने कभी सोचा है कि मोदी की तारीफ़ और विरोधियों के चरित्रहनन के मक़सद से लिखे गये ऐसे भ्रामक सन्देशों को कौन लिखवा और फैला रहा है? ये करतूत...

Read more

सदी की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़: क्रोधित गंगा पहुँचीं शिव के पास!

सदी इस सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ की जानकारी संघ-बीजेपी के पास भी पहुँच चुकी है। वहाँ खलबली मच गयी है। अपने गिनती के बचे दिनों को देखकर बीजेपी के सभी...

Read more

हे मन्दबुद्धि हिन्दुओं, ‘आँखें खोलो’, वो लेनिन की मूर्ति नहीं, भारत को तोड़ रहे हैं!

अब भारत, हिन्दू राष्ट्र बनने से महज चन्द क़दम ही दूर है! रामराज्य का आगमन हो चुका है! भारत, सोने की चिड़िया बन चुका है! सभी राष्ट्रभक्त संघियों से कहा...

Read more

तेज़ी से फ़ैसले लेने वाले मोदी राज की नज़र जेएनयू पर क्यों नहीं पड़ती…!

भारत में सरकारें सबसे बड़ी मुक़दमेंबाज़ होती हैं और सबसे ज़्यादा मुक़दमें हारती भी हैं। क्योंकि ज़्यादातर मुक़दमेंबाज़ी आला सरकारी अफ़सरों की हेकड़ी और मनमानेपन की वजह से दर्ज होते...

Read more

आख़िर क्यों मोदी सरकार पेट्रोलियम उत्पादों को कभी जीएसटी के दायरे में नहीं ला पाएगी?

यदि आपको पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में लगी आग बेहद अख़रती है तो ये ख़बर आपके लिए ही है! आपको अच्छी तरह से मालूम है कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम को लेकर...

Read more

200 साल पुरानी हार का बदला लेना चाहता है दलित उत्पीड़न का ताज़ा प्रसंग!

विजय की 200 वीं बरसी पर दलित समाज के क़रीब 3 लाख जय-स्तम्भ पर जुटने वाले थे। लेकिन 29 दिसम्बर से समारोह स्थल और उसके आसपास के गाँवों में संघियों...

Read more

आख़िर क्यों भगवा एजेंडे से दूर रहने का भ्रम फैलाकर बीजेपी इसे ही आगे बढ़ाती है?

संघियों का ये बुनियादी संस्कार है कि ‘जितना हो सके उतना झूठ बोलते रहो’ तथा ‘झूठ ही बोओ, झूठ ही काटो और झूठ ही फ़ैलाते रहो!’ संघियों की ये सबसे...

Read more

अरे भाई, आपसे जो उखाड़ते बने उखाड़ लो, लेकिन हम नहीं सुधरेंगे!

व्यापक साज़िश के तहत हिन्दुओं को या तो पतित बनाया गया या फिर पतित बनने और बने रहने के लिए प्रेरित किया गया। उनमें सही को सही और ग़लत को...

Read more

झूठ से बीजेपी की किरकिरी करवा रहे मोदी, अपने सांसदों को धमकाकर झेंप मिटाते हैं!

मोदी के ऐसे ग़ैर-ज़िम्मेदाराना, ओछे और झूठे तथ्यों पर आधारित भाषण ने संसद में ऐसा कोहराम मचाया कि राज्यसभा में अरूण जेटली को बेहद गर्व के साथ सवा सौ करोड़...

Read more

ज़रा सोचिए कि क्या भारत के 69 फ़ीसदी सेक्युलर ख़ुद को हरामी बताये जाने से ख़ुश होंगे!

हेगड़े, उस धूर्त भगवा रणनीति को हवा देना चाहते हैं, जिसके तहत कर्नाटक के मन्दबुद्धि और अशिक्षित हिन्दुओं में ये ज़हर भरा जा सके कि ‘तख़्त बदल देंगे, ताज बदल...

Read more

काँग्रेसियों की अग्निपरीक्षा! इन्हें ही एक बार फिर देश को आज़ाद करवाना होगा

आज चारों ओर दिख रही व्यापक वैचारिक अराजकता से लड़ने के लिए समाज के प्रबुद्ध लोगों को आगे आना होगा।

Read more

मोदी-योगी ने साबित किया कि जो शिष्टाचार नहीं जानते वो सियासी अदब क्या जानें!

यदि मोदी-योगी सरीख़े धूर्तों की आँखों में ज़रा भी शर्म होती तो उद्घाटन समारोह में संघियों के साथ अरविन्द केजरीवाल, शीला दीक्षित और अखिलेश यादव जैसे नेताओं को भी होना...

Read more

2G मामले में ट्रायल कोर्ट के फ़ैसले से सुप्रीम कोर्ट और विपक्ष दोनों ग़लत साबित हुए!

साफ़ है कि 2012 में हमारे सुप्रीम कोर्ट पर भी वो आम धारणा हावी थी, जिसमें ये माना जाता है कि हमारे सारे के सारे नेता चोर हैं, सारी की...

Read more

संघ के 92 साल के इतिहास में विनोद राय की टक्कर का फ़रेबी और कोई नहीं हुआ!

देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये है कि मनगढ़न्त आरोपों, अफ़वाहों और झूठों की बदौलत कुछ लोगों ने ऐसी साज़िश रची जिससे सवा सौ करोड़ लोगों की आँखों में धूल...

Read more

संघी ट्रोल ये झूठ क्यों फैला रहे हैं कि नेहरू ने अपनी बीमार पत्नी का ख़्याल नहीं रखा?

1925 से ही झूठ और अफ़वाह फ़ैलाना संघियों का स्थायी स्वभाव रहा है। आज़ादी से पहले जहाँ काँग्रेस की अगुवाई में चल रहे स्वतंत्रता आन्दोलन में पलीता लगाना संघ का...

Read more

‘शुभ्रक’ घोड़े का वायरल सच

संघियों को जब-जब लगता है कि उनकी प्रतिष्ठा गिर रही है, तब-तब उनके ट्रोल्स सोशल मीडिया और ख़ासकर WhatsApp पर झूठ की सप्लाई बढ़ा देते हैं। फिर संघी ट्रोल्स इसी...

Read more

मोदी राज में कैसे पाकिस्तान से भी वाहियात बनने को बेताब है भारत?

1947 के बाद भारत की नीति हमेशा ये रही कि हमें किसी भी सूरत में पाकिस्तान नहीं बनना है! कुछेक अपवाद को छोड़ इस मक़सद में हम कामयाब भी रहे!...

Read more

नोटबन्दी पर गुमराह करने से बाज़ नहीं आ रही मोदी सरकार, ‘पूछिए आम तो बताएगी इमली!’

सांसद की ओर से पूछे गये आख़िरी सवाल का जबाव तो हास्यापद है! सवाल था कि “क्या सरकार एक हज़ार का नया नोट भी लाने पर विचार कर रही है?”

Read more

भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी समस्या: तुम करो तो रासलीला, हम करें तो कैरेक्टर ढीला!

जिन लोगों ने भारत को आज़ाद करवाने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आज़ादी के महज 70 साल बाद ही उनके...

Read more

गुजरात में साम्प्रदायिक कार्ड खेलने के लिए ही नरेन्द्र मोदी को याद आया औरंगज़ेब

आख़िरकार, नरेन्द्र मोदी ने काँग्रेस की तुलना औरंगज़ेब से कर ही दी। 4 दिसम्बर को मोदी ने गुजरात के धरमपुर की चुनावी रैली में कहा, ‘जहाँगीर की जगह जब शाहजहाँ...

Read more

साफ़ दिख रहा है कि गुजरात की बयार देख बदहवास हो गये हैं मोदी…!

असली हिन्दू और नकली हिन्दू, हिन्दू या ग़ैर-हिन्दू जैसी फ़िज़ूल की बातों में लोगों को उलझाया जाता है। झूठ फैलाया जाता है कि सरदार पटेल और सुभाष चन्द्र बोस से...

Read more

ज़िम्मेदारी लेने के नाम पर भी देश को बेवकूफ़ ही बना रहे हैं नरेन्द्र मोदी…!

हिन्दुस्तान टाइम्स के एक समारोह में प्रधान सेवक नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि उन्हें मालूम है कि उनके ‘अदूरदर्शी’ आर्थिक फ़ैसलों का सियासी ख़ामियाज़ा उन्हें चुकाना पड़ सकता है। लेकिन...

Read more

गुजरात में दिख रहे संघियों के दोमुँही बातों का इतिहास भी बेहद शर्मनाक रहा है!

काँग्रेस की हर बात का विरोध करने की आदत से लाचार संघ ने संविधान सभा में तिरंगे का भी विरोध किया था। वो संघ के भगवा ध्वज को ही राष्ट्रीय...

Read more

ख़ुद जायसी ने ‘पद्मावत’ के अन्त में लिखा है कि पद्मावती का कथानक काल्पनिक है!

बाजीराव मस्तानी, जोधा अकबर और पद्मावती जैसे ऐतिहासिक पात्रों में मामला हिन्दू और मुसलमान के बीच हुए इश्क़ की नाटकीयता का है। छद्म हिन्दूवादियों को यही बात हज़म नहीं होती!

Read more

मोदी राज की अद्भुत देन: ग्वालियर में ‘राष्ट्रभक्त’ बनाएँगे ‘भगवान गोडसे’ का मन्दिर!

उस दौर में इंडिया में अपनी कमज़ोर होती सत्ता को बचाने के लिए अँग्रेज़ों ने ‘फूट डालो और राज करो’ यानी Divide & Rule की नीति बनायी थी। इसके लिए...

Read more

विदेश में पढ़ रही नेताजी की बेटी अनिता को नेहरू का बनाया ट्रस्ट भेजता था मासिक ख़र्च

1964 तक तक अखिल भारतीय काँग्रेस कमेटी की ओर से अनिता बोस को सालाना 6,000 रुपये की मदद भेजी जाती रही। इस आर्थिक सहयोग को 1965 में अनिता की शादी...

Read more

सरदार पटेल के निधन के बाद नेहरू ने उनकी दोनों सन्तानों को सांसद बनवाया

सरदार पटेल की दूसरी औलाद डाह्या भाई पटेल, बम्बई में एक निजी बीमा कम्पनी में नौकरी करते थे। वो मणिबेन से तीन साल छोटे थे। जब सरदार पटेल उपप्रधानमंत्री बने...

Read more

जवाहर लाल नेहरू के निधन पर 29 मई 1964 को लोकसभा में दिया गया अटल बिहारी वाजपेयी का भाषण

जवाहर लाल नेहरू के बारे में आये-दिन दुष्प्रचार करने वाली बीजेपी के मौजूदा नेतृत्व में स्थापित मूर्खों को पता ही नहीं है कि उनके ही युगपुरुष और आदर्श, अटल बिहारी...

Read more

क्या संघ को श्राप है कि उसके झूठ ही उसका अन्त करेंगे…!

बीजेपी को कुतर्क और झूठ से अगाध प्रेम क्यों है! जबकि हमेशा झूठ ही इसके पतन का कारण बनता है! बीजेपी की शारीरिक संरचना (Anatomy) कुत्ते की पूँछ की तरह क्यों है...

Read more

मोदी ही बता दें कि नोटबन्दी से देह-व्यापार और गाँधी परिवार को कितना नुकसान हुआ?

यदि इस लेख में पेश सवालों का जबाव देश के सामने नहीं आएगा तो भी क्या देश को ये मानकर चलना चाहिए कि रविशंकर प्रसाद और स्मृति इरानी जैसे नेता...

Read more

2022 तक विकसित देश: मोदी तो क्या भगवान भी 35% की विकास दर नहीं ला सकते!

मनमोहन सरकार के 10 वर्षों में मन्दी के कई दौर के बावजूद औसत विकास दर 7.8% रही। 2014 में सत्ता पाते ही मोदी ने 8 से 10% की विकास दर...

Read more

मन्दबुद्धि हिन्दुओं के लिए संघ की नयी ख़ुराक़: जन्म से तमिल हिन्दू थे ईसा मसीह…!

ईसा मसीह के बारे में ऐसी ही न जाने कितनी काल्पनिक बातें उस पुस्तक में लिखी गयी हैं। जिसका मक़सद मन्दबुदि हिन्दुओं में इन धारणाओं को गहरे बिठाने का है...

Read more

टीपू सुल्तान पर राष्ट्रपति कोविन्द के बयान से संघ-बीजेपी के मंसूबों को लगा धक्का

राष्ट्रपति कोविन्द ने टीपू सुल्तान के मामले में पार्टी लाइन से अलग हटकर अपना नज़रिया देश के सामने रखा है। इससे ज़ाहिर है कि बीजेपी समाज को बाँटने तथा हिन्दू-मुसलमान...

Read more

कैसे मोदी के ‘सरल’ जीएसटी में से सरल ही ग़ायब है!

40 महीने के शासनकाल में मोदी सरकार ने बारम्बार यही साबित किया है कि इसे राज करने नहीं आता। इसे नीतियाँ बनाने का शऊर नहीं है। नीतियों को लागू करने...

Read more

नरेन्द्र मोदी से कम नहीं है जय अमितभाई शाह की हैसियत…!

बीजेपी अध्यक्ष के साहबज़ादे जय अमितभाई शाह की हैसियत अब देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हस्ती को टक्कर देने लायक बन चुकी है! तभी तो जिस तरह से प्रधानमंत्री...

Read more

मोदी-जेटली की बस एक ही सनक है ‘विकास’ चाहिए तो जनता का ख़ून चूस लो!

ये जो दिन-रात जयकारे लगा रहे हैं, वो चापलूसी के चक्कर में जड़ें खोद रहे हैं। उन्हें देश की तस्वीर समझने की भूल मत कीजिए। वो सिर्फ़ नुकसान बढ़ाने के...

Read more

विजयादशमी पर नागपुरी बाबा ने की एक से एक विचित्र बातें!

‘मुसलमान भी हैं गौभक्त! बहुत सारे मुस्लिमों ने गौरक्षा के लिए अपनी जान दी है। गौरक्षा के मुद्दे को धर्म से परे हटकर देखना चाहिए। गौरक्षा के नाम पर हिंसा...

Read more

सिर्फ़ ‘मूर्ख’ नेता ही 23 लोगों को शहीद करके सुपरसोनिक रफ़्तार से फ़ैसले लेते हैं!

ये मूर्खता नहीं तो और क्या थी कि आपके ही सहयोगी दल शिवसेना के सांसद अरविन्द सावंत आपको बाक़ायदा लिखित तौर पर उस पुल के बेहद जर्जर होने को लेकर...

Read more

जनता का तेल निकालकर नसीबवाले ने बनाया देश को बदनसीब

आर्थिक आँकड़े आते रहे और अर्थव्यवस्था की मिट्टीपलीद की दास्ताँ सुनाते रहे। जब-जब ऐसा हुआ तब-तब मोदी सरकार ने खीज़ मिटाने के लिए अपनी हर नाकामी का ठीकरा काँग्रेस पर...

Read more

कटाक्ष: 67 का हर्ष और अवसाद

यदि 1975 में ही परम प्रतापी नरेन्द्र दामोदरदास मोदी की नैसर्गिक प्रतिभा वाला व्यक्ति भारत माता की भौगोलिक सत्ता के शीर्ष पर होता तो हमें न तो आपातकाल के दिन...

Read more

पेट्रोलियम दाम: निर्लज्ज और संवेदनहीन सत्ता से अंगारे नहीं तो क्या फूल बरसेंगे?

मई 2014 के बाद से क्रूड का दाम क़रीब 60 फ़ीसदी गिर चुका है। लेकिन बार-बार उत्पाद कर (एक्साइज़) और वैट (मूल्य संवर्धित कर) को बढ़ाकर सरकारों ने न सिर्फ़...

Read more

सरासर झूठा है मोदी का बयान कि ‘एक प्रकार से मुफ़्त है’ बुलेट ट्रेन का क़र्ज़…!

बुलेट ट्रेन के लिए जापान से मिला तकनीकी सहयोग शानदार है। लेकिन मोदी सरकार ये महाझूठ भी फैला रही है कि भारत को जापान से बुलेट ट्रेन की तकनीक़ भी...

Read more

जून में लिखे मेरे लेख ने उमा भारती का क़द घटाने में निर्णायक भूमिका निभायी

भक्ति भाव में डूबे भारतीय मीडिया को देख बहुत लोगों में ये धारणा घर कर गयी है कि मौजूदा दौर में स्तरीय पत्रकारिता बेमानी हो चुकी है। लेकिन ऐसा पूरी...

Read more

तीन तलाक़ पर बीजेपी कहे चाहे जो लेकिन सुप्रीम कोर्ट से उसे मायूसी ही मिली

तीन तवाक़ पर दिये गये सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की सबसे अहम बात ये रही कि वो पर्सनल लॉ के सिद्धान्त को नहीं बदल सकता क्योंकि इसका ताल्लुक अलग-अलग धार्मिक...

Read more

विपक्ष मान क्यों नहीं लेता कि योगी की शान में मासूमों ने बलिदान दिया?

यही वो सबसे शानदार मौका है, जब मोदी-योगी सरकार को लगे हाथ ये अध्यादेश जारी कर देना चाहिए कि चाहे कुछ भी हो जाए, किसी भी विरोधी नेता को भगवा...

Read more

संघ-बीजेपी के ऐसे रवैये से तो भारतीय लोकतंत्र ही नहीं बचेगा…!

चुनावी जोड़-तोड़ और तिकड़मबाज़ी, लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। लोकतंत्र में मुख्य भूमिकाएँ निभाने वाले राजनेताओं से भी ये अपेक्षित है कि उनका व्यवहार हमेशा लोकलाज़ के दायर में रहे।...

Read more

‘मोशा’ राज में बिकाऊ है लोकतंत्र…! संविधान ही नहीं बचेगा तो कहाँ होगा भारत?

यदि 50 करोड़ में एक MP और 10 करोड़ में एक MLA बिकाऊ बना दिया जाए तो सिर्फ़ 34,000 करोड़ में भारतीय लोकतंत्र की बोली लग जाएगी…! कैसे? तो ज़रा...

Read more

क्या मोदी राज में आयी CAG की रिपोर्टें सच नहीं बोलतीं…?

CAG की रिपोर्टें ये बता रही हैं कि मोदी सरकार ने Good Governance और भ्रष्टाचाररहित शासन देने का जो दावा किया है वो कितना खोखला है! मज़े की बात ये है कि यूपीए सरकार...

Read more

ज़रूर जानें कि क्यों और कैसे अनोखा है भारत के राष्ट्रपति का चुनाव…!

वंशानुगत उत्तराधिकार के सिवाय भारत के राष्ट्रपति और ब्रिटेन की महारानी की हैसियत और दायित्व तक़रीबन एक जैसे हैं। महारानी का निर्वाचन नहीं होता, जबकि भारत के राष्ट्रपति, दुनिया की...

Read more

गहनों पर GST के नये फ़ॉर्मूले से बढ़ेगा ऐसे भ्रष्टाचार और काला धन…!

समाज का सामान्य नियम है कि अफ़सरों की मिलीभगत के बग़ैर कोई चोरी नहीं हो सकती। इसके अलावा, यदि कोई व्यापारी हर तरह से नियम-क़ायदों के मुताबिक़ भी काम करे...

Read more

गोरखालैंड के बहाने बीजेपी का ममता पर निशाना, दार्जिलिंग बना उपद्रव का अखाड़ा

बीजेपी ने अलग गोरखालैंड की माँग का सैद्धान्तिक समर्थन करके 2009 में अपने वरिष्ठ नेता जसवन्त सिंह को और 2014 में एसएस अहलूवालिया को दार्जिलिंग लोकसभा सीट से जिताने में...

Read more

आँखें फाड़कर देखिए, ‘देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है!’

मोदी सरकार के राजनीतिक विरोधियों को छोड़कर कौन नहीं जानता कि देश बेइंतहाँ तेज़ी से न सिर्फ़ बदल रहा है, बल्कि आगे भी बढ़ रहा है! सरकार अपने विज्ञापनों के...

Read more

मोदी राज में गंगा सफ़ाई का ढोल फटा: उमा भारती अब 2027 का झाँसा दे रही हैं!

यदि आपसे पूछा जाए कि नरेन्द्र मोदी सरकार की सबसे अद्भुत और निराली विशेषता क्या है? तो आपका पहला जवाब होना चाहिए, ‘ये बड़बोलों की सरकार है, लम्बी-चौड़ी हाँकने वालों...

Read more

क्यों ज़रूरी है सेना का ख़ौफ़? किन सिद्धान्तों से संचालित होती हैं सेनाएँ?

दुनिया की किसी भी सेना के सन्दर्भ में ये न कभी सही नहीं रहा है, न हो सकता है और न ही होना चाहिए। इसीलिए यदि एक बार को ये...

Read more

मोदी सरकार की ऐसी मूर्खता से न तो गाय बचेगी और ना ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था!

गाय पालना या तो बेहद घाटे का सौदा होगा या जान आफ़त में डालने का पेशा! लिहाज़ा, शरीफ़ आदमी गाय पालने से तौबा करेगा। इस तरह वो दिन दूर नहीं...

Read more

सरासर झूठ है कि ‘नोटबन्दी से अर्थव्यवस्था को हुआ 5 लाख करोड़ रुपये का फ़ायदा’

झूठ को फैलाने के लिए सरकार की किसी ‘उच्च स्तरीय आन्तरिक आंकलन रिपोर्ट’ का हवाला दिया गया है। मीडिया घराने ‘इंडिया टुडे’ के सहयोगी अख़बार ‘मेल टुडे’ ने ऐसी भ्रामक...

Read more

गर्व कीजिए, जश्न मनाइए कि अब आप बाक़ायदा ‘हिन्दू तालिबान’ की छत्रछाया में हैं!

बीजेपी की जूठन खाने से पहले कई उम्दा फ़िल्मों में उम्दा अभिनय करके परेश रावल अपनी एक मज़बूत पहचान बना चुके थे। यही कहानी न सिर्फ़ बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा...

Read more

सुषमा स्वराज के नुस्ख़ों को ही ढाल बनाकर नरेन्द्र मोदी से टकरा रहे हैं हार्दिक पटेल!

वो बात अलग है कि सियासी नौटंकियों के लिहाज़ से गुजरात और भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को शायद ही कोई मात दे...

Read more

‘शिखंडी, गब्बर, ईमानदार और विश्वासघाती’ जैसे जुमले तो केजरीवाल पर ही भारी हैं!

विरोधियों को ‘शिखंडी’ या ‘गब्बर’ या ‘विश्वासघाती’ होने की जितनी भी जुमलेबाज़ी हुई है, वो उससे केजरीवाल की छटपटाहट के सिवाय और क्या सामने आया है...!

Read more

हिन्दू युवा वाहिनी के ज़रिये योगी की संघ-बीजेपी को खुली चुनौती…!

जब तक संघ का योगी आदित्यनाथ से मोह भंग होगा, तब तक वो अपने हिन्दू युवा वाहिनी को इतना बड़ा बना चुकेंगे, जितना महाराष्ट्र में शिवसेना और उसके शिवसैनिक हैं!...

Read more

बेशक़, वो सही नहीं हैं, जो समझते हैं कि EVM में घपला नहीं हो सकता…!

बात सिर्फ़ इतनी सी है कि ग़लतियाँ तो भगवानों से भी हुई हैं तो फिर इंसान-निर्मित EVM (Electronic Voting Machine) को कैसे ईश्वरीय सत्ता की तरह अकाट्य मान लें! आख़िर,...

Read more

क्यों बीजेपी के ‘मिशन-2019’ से साफ़ है कि ‘बहुत कठिन है डगर पनघट की!’

बीजेपी, अपने भगवा ख़ानदान के ऐसे भक्तों की सेना तैयार कर रही है जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एकलौते राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित कर सके! इरादा है कि...

Read more

जेनेवा में मुकुल रोहतगी ने झूठ के एक से बढ़कर एक पकवान बनाये…!

जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के 27 वें सत्र में भारत के महान्यायवादी यानी अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने ऐसी लम्बी-चौड़ी फेंकी कि उनके सियासी आका नरेन्द्र मोदी,...

Read more

बीजेपी नेतृत्व को क्या अपने नेताओं की इन करतूतों पर गर्व हो सकता है…!

बिगड़े बोल के लिहाज़ से बीजेपी के नेताओं के ऊटपटांग और बदहवाश बयान इसलिए भी अपनी ओर ध्यान खींचते हैं, क्योंकि ये वो पार्टी है जो भारतीय संस्कृति, हिन्दुत्व और...

Read more

3 मिनट में मंज़ूरी का ढोल तो बजा! अब कौन बताएगा कि कोणार्क कब पहुँचेगी रेल?

नवीन पटनायक भी मार्च 2000 से लगातार मुख्यमंत्री हैं, लेकिन कोणार्क तक रेल पहुँचाने का ख़्याल उन्हें अब आया है! इसे 'देर आये दुरुस्त आये' कहने में क्या हर्ज़ हो...

Read more

क्यों पहलू ख़ान की हत्या के 25 दिन बाद फूटे महारानी वसुन्धरा राजे के बोल…!

सारे प्रसंग का सबसे ख़तरनाक पक्ष ये रहा कि वसुन्धरा नहीं चाहती थीं कि गौरक्षकों को ये सन्देश जाए कि राजस्थान सरकार उनकी हरक़तों से दुःखी है। मोदी ही कब...

Read more

‘मेडिकल आयोग’ को छोड़ नीति आयोग की क़वायद में लफ़्फ़ाज़ी ही छायी रही…!

ज़रूरी नहीं कि 'नीति' में 'योजना' हो ही, जबकि 'योजना' में 'नीति' हमेशा समाहित रहेगी! वैसे, 'नीति' का मतलब भी कोई कम भ्रष्ट नहीं! क्योंकि NITI का मतलब है National...

Read more

बेजोड़ मोदी राज में ‘पाग़ल बादशाहों’ की पौ-बारह…!

नेक-नीयत होने के बावजूद जिस तरह ‘पाग़ल बादशाह’ सनक से काम लिया करता था, उसी तरह मोदी सरकार में कई मंत्रियों की नीतियाँ और बयान हास्यास्पद बन गयी हैं। उमा...

Read more

ऐसी नफ़रत फैलाइए कि कश्मीरी अपने घरों में दुबक जाएँ, बशर्ते…

कश्मीर से बाहर शिक्षा या रोटी-रोज़गार के लिए रहने वाले कश्मीरी मुसलमानों को धक्के मारकर अपने-अपने शहरों से वापस कश्मीर भेज दीजिए! गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इस मशविरे को कूड़ेदान...

Read more

ऐसे धर्म-संकट और राष्ट्रीय आपदा की आग़ोश में भारत पहले कभी नहीं फँसा…!

धर्म-संकट ये कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया कि भगवा-सूरमाओं के ख़िलाफ़ साज़िश रचने का मुक़दमा चलाया जाएगा। लेकिन 6 दिसम्बर 1992 से अभी तक, क्या 25 साल में...

Read more

क्या टर्नबुल ने मोदी भक्तों के लिए ऑस्ट्रेलियाई वीज़ा नीति का तोहफ़ा भेजा है?

मेलबर्न से ख़बर आयी कि ऑस्ट्रेलिया ने अपने 457-वीजा प्रोग्राम को रद्द कर दिया है। इसी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया में क़रीब एक लाख विदेशी कामगार हैं। इसके क़रीब 80 फ़ीसदी...

Read more

देश का भला चाहते हैं तो सिर्फ़ अपनी समझ और जानकारी से काम लें, वर्ना…

जनता देखे कि कौन उसे कितना कम उल्लू बनाकर सत्ता में आना चाहता है? कौन सबको साथ लेकर चलना जानता है? कौन लोकतांत्रिक मूल्यों का ज़्यादा से ज़्यादा सम्मान करता...

Read more

उसे वादा निभाने की फ़िक्र क्यों हो जिसकी लफ़्फ़ाज़ियाँ ही ग़ुल ख़िलाती हों…!

यदि आपको सालाना दो करोड़ रोज़गार के अवसर पैदा करने वाला 'प्रधान सेवक नरेन्द्र मोदी' का कोई चुनावी वादा याद है तो कृपया उसे जुमला या मज़ाक या सियासी हवाबाज़ी...

Read more

कहीं फ़ारूक़ अब्दुल्ला ये तो नहीं कह रहे कि ‘कमबख़्त, चुनाव बड़ी क़मीनी चीज़ है!’

कश्मीर घाटी के तमाम नेताओं की तरह फ़ारूक़ अब्दुल्ला की सियासी विचारधारा भी हमेशा बेपेंदी के लोटा वाली रही है। अपने प्रतिद्वन्दी महबूबा मुफ़्ती की तरह वो भी जब सत्ता...

Read more

‘सत्यानाश’ हो चुके कश्मीर में अप्रत्याशित फ़ैसलों के सिवाय अब कोई चारा नहीं!

महबूबा मुफ़्ती और भी बीजेपी को इस बात के लिए पटाना चाहिए कि वो गठबन्धन से हटकर अपनी पार्टी की बीजेपी में ही विलय कर लें। बदले में पार्टी उन्हें...

Read more

बूढ़े गौवंश को कैसे उन्मादी गौ-रक्षक ‘इच्छा मृत्यु’ की जगह अमिट कष्ट दे रहे हैं?

अब मोदी राज में बेलग़ाम हो रही हिन्दुत्ववादी प्रवृत्तियाँ जिस तरह से गौरक्षा को लेकर लेकर मतान्ध होती जा रही हैं। जिस तरह से भगवा ख़ानदान गाय को साम्प्रदायिक बना...

Read more

क्या सुप्रीम कोर्ट की अग्नि-परीक्षा में योगी, मोदी और बीजेपी खरे उतर पाएँगे?

मुहावरा है 'सिर मुंडाते ही ओले पड़े!' उत्तर प्रदेश के संन्यासी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो हमेशा सिर मुंडाकर ही रहते हैं। यही उनकी वेशभूषा है। योगी ने गद्दी सम्भालते ही...

Read more

ग़नीमत है कि गौ-रक्षकों को लेकर मोहन भागवत के बोल फूटे! मोदी से तो ये भी नहीं हुआ!

लगता है कि देश में अब ‘हिंसात्मक और उन्मादी गौ-रक्षा’ और इसे लेकर होने वाली मारपीट और हत्याओं का सिलसिला थम जाएगा! क्योंकि अब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कह...

Read more

क्यों बेहद अफ़सोसनाक है श्रीनगर की 7.14% वोटिंग!

चार युद्धों में शिकस्त खाने और यहाँ तक कि अपने देश का विभाजन झेलने के बावजूद पाकिस्तान, हमें कश्मीर में लाइलाज़ आतंकवाद और अलगाववाद देने सफल रहा है। कश्मीर मसला,...

Read more

आज का यक्ष-प्रश्न: क्या आप चाहते हैं कि दिल्ली का मुख्यमंत्री दरिद्र बनकर रहे?

दिल्लीवालों की ख़ून-पसीने की कमाई को क्या अरविन्द केजरीवाल ने अपनी जेब में डाल लिया? है कोई सबूत? फिर हाय-तौबा क्यों? अब वो मुख्यमंत्री ही क्या जो अपने 80 चेलों...

Read more

क्यों न शराब की सभी दुकानें बन्द हों और सारा धन्धा ई-कामर्स के हवाले हो जाए!

सुप्रीम कोर्ट के उस ताज़ा आदेश से देश भर की राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय यानी नगर निगम वग़ैरह पशोपेश में हैं कि हाईवे से 500 मीटर की दूरी तक...

Read more

है कोई माई का लाल जो बता सके कि आख़िर ये ‘हिन्दू राष्ट्र’ है क्या बला…!

कोई माई का लाल ये समझा दे कि आख़िर 'हिन्दू राष्ट्र' है किस बला का नाम…! वैसे एक शख़्स का कहना है कि जिस 'हिन्दू राष्ट्र' की बात भारत में...

Read more

कहीं फ़ारूक़ अब्दुल्ला ये तो नहीं कह रहे कि ‘कमबख़्त, चुनाव बड़ी क़मीनी चीज़ है!’

कश्मीर घाटी के तमाम नेताओं की तरह फ़ारूक़ अब्दुल्ला की सियासी विचारधारा भी हमेशा बेपेंदी के लोटा वाली रही है। अपने प्रतिद्वन्दी महबूबा मुफ़्ती की तरह वो भी जब सत्ता...

Read more

जेटली की ‘मानहानि’ से पहले ‘व्यक्ति केजरीवाल’ का दायरा क्यों नहीं तय होना चाहिए?

जब अरविन्द अपनी पार्टी के मुखिया के रूप में विरोधी नेता पर लाँछन लगाते हुए सियासी और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो उस वक़्त वो बतौर मुख्यमंत्री अपनी...

Read more

क्या EVM की ख़ातिर मोदी में वाजपेयी की तरह अग्नि-परीक्षा झेलने की हिम्मत है!

मैं तब कक्षा-9 में था। एक दिन ख़ाली पीरियड में प्रधानाचार्य विष्णु दत्त लखेड़ा जी क्लास में आ गये। उस दिन उन्होंने ‘चरित्र’ की महिमा का ऐसा सबक सिखाया जो 38 साल बाद भी अक्षरशः...

Read more

JNU को छठी रैंकिंग…! क्या अब लाँछनबाज़ राष्ट्रभक्त माफ़ी माँगेंगे?

केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को फिर दोहराया कि JNU या जाधवपुर यूनिवर्सिटी को अवॉर्ड के लिए इसलिए नहीं चुना गया कि वहाँ अफ़ज़ल गुरु के समर्थन...

Read more

बकवास पर गर्व करने और आहत होने में हिन्दुओं का कोई मुकाबला नहीं!

वक़्त की माँग है कि हमारी अदालत एक बार फिर ये तय कर दें कि 'भारतीयों की धार्मिक आस्थाओं से ज़्यादा नाज़ुक या क्षणभंगुर बात विश्व में और कुछ नहीं...

Read more

वक़्त आ गया है कि यथाशीघ्र राष्ट्रीय नामकरण नीति बनायी जाए

ग़लत तो हमेशा ग़लत ही कहलाएगा! सिर्फ़ तीन साल पहले 2014 की बात है। मौक़ा था लोकसभा चुनाव का। विपक्ष ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि मध्य प्रदेश में...

Read more

गडकरीजी, कितने फ़र्ज़ी ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किये, कितने सड़कों की डिज़ाइनें सुधारी?

फ़र्ज़ी ड्राइविंग लाइसेंस और ग़लत डिज़ाइन वाली सड़कों की महामारी के बारे में इस देश की आम जनता को सब कुछ पता है। क्योंकि जनता का हर वक़्त इन्हीं मुसीबतों...

Read more

मेडिकल माफ़िया के दवाब से डेढ़ महीने में ही कोरोनरी स्टेंट्स के दाम 2% बढ़े!

13 फरवरी 2017 को जितने धूम-धड़ाके के साख कोरोनरी स्टेंट्स की दामों में 85 फ़ीसदी की कटौती की गयी थी। अब उतने ही गुपचुप तरीक़े से ड्रग प्राइस कंट्रोल रेगुलेटर...

Read more

क्यों राष्ट्रपति पद है भागवत के सपनों में बाधक? कैसे यूपीवालों को मूर्ख समझते हैं योगी?

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 29 मार्च को नागपुर में दो-टूक कह दिया है कि वो राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते। शिवसेना ने भागवत को राष्ट्रपति बनाने की माँग की थी...

Read more

क्या यूपी के अवैध बूचड़ख़ानों को क़ानूनन वैध बनाने का तरीक़ा अनुचित होता?

मुख्यमंत्री बनते ही योगी ने बूचड़ख़ानों पर हल्ला बोल दिया। क्यों न बोलते! चुनावी वादा जो निभाना है। कोई भूला नहीं कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को लाने के लिए...

Read more
Page 1 of 2 1 2

Welcome Back!

Login to your account below

Create New Account!

Fill the forms below to register

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.