अरविंद केजरीवाल ने फिल्म 'उड़ता पंजाब' को कहा पॉवरफुल | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

राष्ट्रीय

अरविंद केजरीवाल ने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को कहा पॉवरफुल

Published

on

अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली: विवादों से घिरी फिल्म उड़ता पंजाब रिलीज हो गई है। लोगों ने इस फिल्म को बहुत ही अच्छा बताया है और रेटिंग भी अच्छी दी है। इस फिल्म को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने देखने के बाद पावरफुल फिल्म बताया है।

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा है, ‘ये फिल्म बहुत ही पावरफुल है और बादल इस फिल्म को जरूर देखना चाहिए और देखना चाहिए कि उन्होंने पंजाब की क्या हालत कर दी है।’

अरविंद केजरीवाल ने कहा है, ‘अभी-अभी उड़ता पंजाब फिल्म देखी है। ये फिल्म दिखाती है कि नेता चुनाव के समय ड्रग्स बांट रहे हैं और रैकेट चला रहे हैं। पंजाब की स्थिति काफी खराब है।’

बता दें कि जब फिल्म विवादों में घिरी थी उस समय इस फिल्म के निर्माताओँ पर ये भी आरोप लगे थे कि इस फिल्म के लिए आम आदमी पार्टी ने फंडिंग की है। वजह ये है कि पंजाब में चुनावी माहौल गरम और आप ने वहां ड्रग्स के मुद्दे को लेकर ही लोगों के बीच जा रही है।

wefornews bureau

keywords: Arvind Kejriwal, film, udta Punjab,Powerful, bollywood, movie,अरविंद केजरीवाल,उड़ता पंजाब, पॉवरफुल

राष्ट्रीय

कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक

Published

on

PM MODI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर रहे हैं। बैठक में वह इन राज्यों में कोविड-19 से निपटने की रणनीति और प्रबंधन की जानकारी ले रहे हैं। बैठक में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं। 

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘देश में 700 से ज्यादा जिले हैं लेकिन सात राज्यों के केवल 60 जिले चिंता का विषय हैं। मैं मुख्यमंत्रियों को सुझाव देता हूं कि सात दिन का एक कार्यक्रम बनाएं और प्रतिदिन एक घंटा दें। वर्चुअल तरीके से हर दिन एक जिले के एक से दो ब्लॉक के लोगों से सीधे बात करें। हमें सबसे बेहतर तरीके सीखने की जरूरत है।’ 

प्रधानमंत्री ने कहा, हमें प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस और स्पष्ट संदेश पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। भारत ने मुश्किल समय में भी दुनिया भर में जीवनरक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की है। हमें यह देखने के लिए एक साथ काम करना होगा कि दवाएं एक राज्य से दूसरे राज्य तक आसानी से पहुंच रही हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय

किसानों के प्रदर्शन को लेकर राजधानी में चौकसी बढ़ी

Published

on

दिल्ली सहित इसके सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुद जगह-जगह निगरानी रखी जा रही है। नई दिल्ली क्षेत्र में धारा 144 पहले ही लगाई जा चुकी है।

नई दिल्ली के डीसीपी ईश सिंघल ने कहा, हमने जगह-जगह इंतजाम कर रखे हैं और उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर रहे हैं, जो आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जा रहे हैं।

इससे पहले भी यहां की पुलिस ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के पहले दिए हुए एक आदेश का हवाला देते हुए कह चुकी है कि 30 सितंबर तक राष्ट्रीय राजधानी में कोई प्रदर्शन नहीं होने दिया जाएगा।

रविवार को राज्यसभा में कृषि संबंधी दो विधेयकों को विपक्ष की आपत्ति के बावजूद मंजूरी दिए जाने के बाद कई विपक्षी दलों व कृषि संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

Continue Reading

राष्ट्रीय

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट : CAA-NRC विरोध के लिए भाड़े पर लाए गए थे लोग

Published

on

Delhi Violence
File Photo

दिल्ली हिंसा में 53 लोगों की मौत। 500 से ज्यादा घायल। 1700 एफआईआर। करोड़ो की संपत्ति खाक और कभी ना भरने वाले जख्म दिए गए है। इस डरावनी, भयावह तस्वीर में रंग भरा सिर्फ चंद मुट्ठीभर लोगों ने।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली दंगों के मामले में यूएपीए के तहत फिलहाल 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की जांच में पूरी साजिश साफ नजर आती है कि कैसे सरकार को घेरने के लिए लोगों के कत्लेआम और संपत्ति को जलाने की साजिश रची गई।

दिल्ली पुलिस पहले ही साफ कर चुकी थी कि दंगो के लिए एक महीने पहले से प्लानिंग की जा रही थी। दिल्ली पुलिस को सबूत मिले हैं कि जनवरी से साजिशकर्ता अपने उन गुर्गों को पैसा पहुंचा रहे थे, जिनके ऊपर दंगा करने की जिम्मेदारी थी।

इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ की रकम खातों में पहुंचाई गई। ताकि मौत बांटने का जखीरा तैयार किया जा सके. बाहर से गुंडों को लाया जा सके।

पुलिस ने 17 हजार पन्नो की चार्जशीट में व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट्स भी लगाए हैं। जिसमें साफ नजर आ रहा है कि कैसे पूरी प्लानिंग हुई है। यहां तक कि व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ लोग ऐसे भी थे, जो इस साजिश का विरोध कर रहे थे।

लेकिन उनको अनसुना करके साजिश को अमली जामा पहनाया गया। व्हाट्सएप का एक ग्रुप जेसीसी के नाम से है, जिसका मतलब था जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी। दिल्ली सहित देश भर में पहले से ही सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन चल रहे थे। इन प्रदर्शनों में जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी का सक्रिय रोल था।

इन प्रोटेस्ट में क्या कुछ हो? क्या रणनीति रहे? इसके लिए एक और व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसका नाम रखा गया DPSG यानी दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप। इसके सक्रिय सदस्यों में सफूरा जरगर, उमर खालिद और पुलिस की चार्जशीट में शामिल वो 20 लोग थे।

जो लगातार हर इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ाने में लगे थे। इसी बीच वो तारीख भी नजदीक आ गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा शुरू होने वाली थी। तभी 22 फरवरी को आरोपी सफूरा जरगर ने एक संदेश ग्रुप में दिया कि जब तक दंगे नहीं होंगे सरकार हमारी बात नहीं सुनेगी।

पुलिस के मुताबिक सफूरा ने ग्रुप पर डाला कि जगह-जगह सड़के जाम कर दो। मुख्य रास्ते ब्लॉक कर दो। देखते ही देखते जो प्रदर्शन पिछले 100 दिनों से दिल्ली के जामिया और शाहीन बाग में चल रहा था, वो पहले जाफराबाद, चांद बाग, तुर्कमान गेट, खुरेजी सीलमपुर में सड़कों पर आ गया।

यहां तक कि बड़ी संख्या में पिछले काफी समय से शांत बैठी महिलाएं अचानक से हमलावर हो उठी। इन ग्रुप पर ये मैसेज भी भेजे गए कि महिलाओं को मिर्च पाउडर दिया गया है, जिससे वो पुलिस पर हमला कर सकें। और ऐसा हुआ भी।

22 फरवरी को ही जेसीसी ग्रुप पर सहज़ार रजा खान ने लिखा कि जामिया में ताकत है कि इसको सारे देश मे फैला सके। बस जामिया की एक लड़की हर जगह होनी चाहिए। इसके बाद सफूरा ने लिखा कि सहज़ार बस करो सारा प्लान इसी ग्रुप पर लिख दोगे क्या।

ऐसा नहीं है कि ये साजिश चल रही थी और पुलिस समेत अन्य जांच एजेंसिया आंख मूंद कर बैठी थी. पुलिस को सब ख़बर थी. यहां तक कि पुलिस को ये जानकारी भी थी कि किस तरह से बसों में भरकर लोगों को शाहीन बाग या अन्य धरना स्थलों पर भेजा जा रहा है. उसके बावजूद कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया. क्या पुलिस ने वही गलती दोहराई जो उसने शाहीन बाग को 6 महीने से ज्यादा समय तक बंधक कर देने वालों के खिलाफ की थी. 

दिल्ली में 22 फरवरी को एक व्हाट्सएप ग्रुप में डाला गया “जब तक दंगा नहीं होगा, हमारी कोई नहीं सुनेगा.” जिसके बाद 23 फरवरी से दिल्ली में दंगे की शुरुआत हो गई।

दिल्ली दंगों को लेकर स्पेशल सेल की चार्जशीट से खुलासा हुआ कि CAA विरोध प्रदर्शन के लिए कई लोगों को रोज़ के हिसाब से पैसों का भुगतान किया गया। मतलब ये कि दिहाड़ी मज़दूरी करने वालों को पैसे देकर प्रोटेस्ट के लिए बुलाया गया। 

दिल्ली दंगो को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कड़कड़डूमा अदालत में चार्जशीट दाख़िल की है। इस मामले में एक आरोपी सफूरा जरगर की चैट चार्जशीट का हिस्सा है। इस मैसेज को 22 फरवरी को सफूरा ने जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के व्हाट्सएप ग्रुप में डाला था।

उसने मैसेज डाला था कि “जफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास चक्का जाम कर दिया गया है और लोगों को वहां पर चक्का जाम को सपोर्ट के लिए इकठ्ठा करना है।

यह भी तय किया गया था कि फरवरी 23 को चांद बाग से इकठ्ठा होकर बाकी साइट्स पर जाकर चक्का जाम करना है। क्योंकि चक्का जाम होगा। तभी दंगा होगा। क्योंकि जब तक दंगा नहीं होगा, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा।

WeForNews

 

Continue Reading

Most Popular