कार पर कौवा बैठने के बाद कर्नाटक के सीएम ने दे डाला नई गाड़ी का ऑर्डर | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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कार पर कौवा बैठने के बाद कर्नाटक के सीएम ने दे डाला नई गाड़ी का ऑर्डर

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कर्नाटक के सीएम

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया इन दिनों फिर सुर्खियों में हैं।

खबर है कि इस महीने की शुरुआत में उनकी कार पर कौवा बैठ गया था। यह बात सीएम को इतनी चुभ गई कि उन्होंने नई फॉर्च्यूनर की खरीदने का ऑर्डर दे दिया। सोशल मीडिया पर सिद्धारमैया की कार पर बैठे कौवे की तस्वीर इस समय खूब वायरल हो रही है।

अंधविश्वास विरोधी कानून के जबर्दस्त समर्थक रहे सिद्धारमैया का यह फैसला कर्नाटक में इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने टोयोटा फॉर्च्यूनर के टॉप मॉडल की परचेज के लिए ऑर्डर किया है, जिसकी कीमत 35 लाख रुपए के करीब है।

आपको बता दें मुख्यमंत्री की कार पर यह कौवा 2 जून को उस वक्त देखा गया था जब गाड़ी उनके सरकारी बंगले ‘कृष्णा’में खड़ी थी। हालांकि, मुख्यमंत्री आवास के स्टाफ ने उस कौवे को भगाया भी दिया था, लेकिन वह हिला भी नहीं। इसी दौरान सिद्धारमैया सरकार के सामने सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल की चुनौती खड़ी हो गई और पुलिसकर्मियों के भी छुट्टी पर जाने की बात सामने आई। फिर क्या था, मुख्यमंत्री के करीबियों को कौवे वाली बात खटक गई और उन्होंने गाड़ी बदलने की सलाह दे डाली।

सिद्धारमैया ने भी बुरा वक्त देखते हुए उनकी सलाह मानी ली। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय ने कौवे की वजह से गाड़ी बदलने की बात से इनकार किया है। CM ऑफिस का कहना है कि गाड़ी तीन साल पुरानी हो गई थी इसलिए मुख्यमंत्री के लिए नई कार खरीदना जरूरी हो गया था।

वैसे सिद्धरमैया पिछले लंबे समय से मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं। इससे पहले उनकी महंगी घड़ी चर्चा कारण बनी हुई थी।

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भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है: प्रियंका गांधी

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Priyanka Gandhi
File Photo

भारत बंद के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा, “किसानों से एमएसपी छीन ली जाएगी। उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान। किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा। भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है। हम ये अन्याय नहीं होने देंगे।”

भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है। हम ये अन्याय नहीं होने देंगे।
वहीं, प्रियंका गांधी ने अपने दूसरे ट्वीट कहा कि, ‘भाजपा के कृषि बिल के पहले-

MSP = किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price)

बिल पास हो जाने के बाद-

MSP = पूंजीपतियों के लिए मैक्सिमम सपोर्ट इन प्रॉफिट (Maximum Support in Profit)

किसान कहां जाएगा?’

बता दें मानसून सत्र में पास कराए गए 3 कृषि अध्यादेशों के विरोध में आज किसान आंदोलनरत हैं। पंजाब और हरियाणा में पहले ही रेल रोको आंदोलन चल रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश में भी किसान सड़कों पर उतर चुके है। बाराबंकी में किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन को उतरे।

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हम संसद द्वारा पारित कृषि बिलों का विरोध करते हैं: बालासाहेब थोराट

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महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष और राज्य मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा, “हम संसद द्वारा पारित कृषि बिलों का विरोध करते हैं। महाराष्ट्र विकास अघडी भी इसके खिलाफ है। हम इसे राज्य में लागू नहीं करने का फैसला करेंगे।”

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राष्ट्र को 62 करोड़ किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए : कांग्रेस

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Randeep Surjewala

कांग्रेस ने लोगों से शुक्रवार को किसानों के आंदोलन में शामिल होने और कृषि विधेयकों का विरोध करने की अपील की, जिसे हाल ही में संसद ने पारित किया है।

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, राष्ट्र को 62 करोड़ किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए जो इस कठोर कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने करीबी पूंजीपतियों की मदद के लिए ऐसा किया है, और उन्हें गरीबों की परवाह नहीं है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा, किसानों से एमएसपी छीन ली जाएगी।

उन्हें कांट्रेक्ट फामिर्ंग के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान। किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा। भाजपा का कृषि बिल ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है। हम ये अन्याय नहीं होने देंगे।

दलगत राजनीति से परे, पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा दिन भर का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार सुबह शुरू हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दोनों राज्यों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

यहां तक कि दोनों राज्यों के अधिकांश प्रमुख शहरों के दुकानदारों ने किसानों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए अपनी दुकानें बंद कर दीं। एकजुटता के इस तरह के पहले विरोध प्रदर्शन में, पंजाब के 31 किसान संगठनों ने संयुक्त विरोध की घोषणा की।

कृषि विधेयकों के खिलाफ तीन दिवसीय रेल रोको अभियान शुरू करने के बाद से गुरुवार से कई ट्रेनों के परिचालन को बंद कर दिया गया है।

एक रेल अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 26 सितंबर तक विशेष ट्रेनों के परिचालन को रद्द करने का फैसला किया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे कृषि विधेयकों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने के लिए एक मंच पर आएं।

आईएएनएस

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