सीपीआई के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन का 92 साल की उम्र में निधन | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
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सीपीआई के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन का 92 साल की उम्र में निधन

सीपीआई के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन का निधन हो गया है। पिछले महीने पक्षाघात की चपेट में आ जाने के बाद उनका नई दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को निमग बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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सीपीआई के वरिष्ठ नेता एबी बर्धन का निधन हो गया है। पिछले महीने पक्षाघात की चपेट में आ जाने के बाद उनका नई दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। सोमवार को निमग बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव डी राजा ने बताया, कॉमरेड बर्धन की हालत शनिवार को बिगड़ गई। शुक्रवार को उनका वेंटीलेटर हटा दिया गया था और वह सामान्य रूप से सांस लेने में सक्षम थे। लेकिन शनिवार को उनके रक्तचाप का स्तर गिर गया और उनकी हालत बहुत नाजुक हो गई। 92-वर्षीय बर्धन का 7 दिसंबर से इस अस्पताल में इलाज चल रहा था।

अर्धेन्दू भूषण बर्धन मजदूर संगठन आंदोलन और महाराष्ट्र में वामपंथी राजनीति का एक प्रमुख चेहरा रहे थे। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 1957 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे। बाद में वह ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के महासचिव बने, जो भारत का सबसे पुराना मजदूर संगठन है। बर्धन 1990 के दशक में दिल्ली की राजधानी में आए और भाकपा के उप महासचिव बने। वह 1996 में इंद्रजीत गुप्ता की जगह पार्टी के महासचिव बने।

 

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भारत में कोरोना के 38,000 नए मामले, कुल संख्या 94.3 लाख के पार

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, वैश्विक कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 62,670,153 हो गई है जबकि दुनिया में 1,458,360 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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India Coronavirus

नई दिल्ली, 30 नवंबर । देश में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 38,772 नए मामले सामने आने और 443 मौतें होने के साथ, इस बीमारी के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 94,31,692 हो गई है, जबकि अब तक 1,37,139 लोग इस वायरस से जान गंवा चुके हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह जानाकरी सोमवार को दी।

वर्तमान में कोविड-19 के 4,46,952 सक्रिय मामले हैं, जबकि 8,84,76,00 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है।

मंत्रालय ने कहा कि रिकवरी दर 93.81 प्रतिशत है, और मृत्यु दर 1.45 प्रतिशत है।

इसने कहा, भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर वैश्विक जनसंख्या के लिहाज से ( वर्तमान में 99) संक्रमण से मौत सबसे कम है। कम मृत्यु दर सुनिश्चित करने के लिए किए गए उपायों से दैनिक मृत्यु संख्या 500 से कम हो गई है।

महाराष्ट्र 1,820,059 मामलों के साथ सबसे ज्यादा प्रभावति राज्य बना हुआ है, यहां 92,062 सक्रिय मामले हैं और कोरोना से 47,071 मौतें हुई हैं।

मंत्रालय के अनुसार, दैनिक नए मामलों में 70 प्रतिशत से अधिक मामलों में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों यानी महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ का योगदान है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार, वैश्विक कोरोनोवायरस मामलों की कुल संख्या बढ़कर 62,670,153 हो गई है जबकि दुनिया में 1,458,360 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

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किसानों के प्रदर्शन का 5वां दिन, गुरुपरब के मौके पर शबद, गुरबानी गूंजे

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नई दिल्ली, 30 नवंबर । नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पारित नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। हालांकि, विरोध प्रदर्शन के बीच गुरु नानक जयंती के मौके पर आस्था के रंग भी देखने को मिले और प्रदर्शन स्थल पर गुरबानी और शबद की गूंज सुनने को मिली।

ट्रैक्टर ट्रॉलियों से भरे सिंघु सीमा विरोध स्थल गुरुओं (गुरबानी) के शब्दों से गूंजता रहा क्योंकि सभा को संबोधित कर रहे किसानों ने उन्हें अपने भाषणों में इसे शामिल कर लिया।

सोमवार सुबह सूरज उगने के साथ ही प्रदर्शनकारियों द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ फिर से नारेबाजी शुरू हो गई।

वहीं दूसरी तरफ, सुरक्षा बल की तैनाती भी सीमा पर बढ़ गई ताकि जारी विरोध प्रदर्शन के बीच शांति और सद्भाव को बरकरार रखा जाए।

किसानों ने रविवार को केंद्र द्वारा दिल्ली के बुराड़ी मैदान में विरोध करने और सीमाओं पर नाकेबंदी हटाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। किसानों ने कहा कि बातचीत का प्रस्ताव सशर्त है और वे बुराड़ी नहीं जाएंगे।

किसानों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने नेताओं के अगले निर्देश तक जहां हैं वहीं रहें।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने भी गाजीपुर में रहने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, हम इस स्थल को नहीं छोड़ेंगे। हम बुराड़ी नहीं जाएंगे। केंद्र को आगे आना चाहिए और किसानों की बात सुननी चाहिए।

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दिल्ली सरकार के आधे कर्मचारी 30 दिसंबर तक घर से करेंगे काम

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कोरोना संक्रमण से बचने के लिए दिल्ली सरकार का 50 फीसदी स्टाफ अब सरकारी दफ्तरों में मौजूद रहेगा। बचा आधा स्टाफ वर्क फ्रॉम होम पर रहेगा।

दिल्ली सरकार के इससे जुड़े एक प्रस्ताव को उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शनिवार देर शाम मंजूरी दे दी। साथ ही कॉरपोरेट समेत निजी नियोक्ताओं से अपील की गई है कि वह भी इस नियम का पालन करें।

हालांकि, यह नियम स्वास्थ्य, स्वच्छता, पुलिस, जलापूर्ति सरीखी बेहद जरूरी सेवाओं पर लागू नहीं होगा।

इससे पहले कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया था कि सोशल डिस्टेंसिंग कायम रखने के लिए 50 फीसदी स्टाफ को ही दफ्तर बुलाया जाए। बाकी 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करें जबकि अभी तक सरकार के सारा स्टाफ दफ्तर आ रहा था। प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 25 नवंबर को जारी किए गए दिशा-निर्देश पर आधारित था, जिसके तहत सरकारी दफ्तरों में सीमित स्टाफ के साथ काम करने को कहा गया था। सरकार के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल ने शनिवार देर शाम मंजूरी दे दी। सोमवार से सरकारी दफ्तरों में नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।

नए नियमों के तहत दिल्ली सरकार के ग्रेड-एक और उच्च अधिकारियों को छोड़कर बाकी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी गई है। विभाग प्रमुख सुनिश्चित करेंगे कि 50 फीसदी स्टाफ को ही ऑफिस बुलाया जाए। हालांकि, इसके दायरे से जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों को बाहर रखा गया है।

इसके तहत स्वास्थ्य, स्वच्छता, जलापूर्ति,  पुलिस, बिजली, आपदा प्रबंधन सिविल डिफेंस, होम गार्ड जैसी जरूरी सेवाओं को नए नियमों में कोई छूट नहीं मिलेगी जबकि सरकारी दफ्तरों, स्वायत्त संस्थानों, पीएसयूए, निगमों, स्थानीय निकायों में यह नियम लागू होगा। नई व्यवस्था 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। अगर स्थिति में कुछ बदलाव होता है तो सरकार नया आदेश जारी करेगी।

वर्क फ्रॉम होम की सलाह
दिल्ली सरकार ने निजी नियोक्ताओं को सलाह दी है कि वह दफ्तरों में शारीरिक दूरी को ध्यान में रखते हुए अपने स्टाफ को बुलाएं। इसके लिए वह वर्क फ्रॉम होम की कार्य संस्कृति को बढ़ावा दे सकते हैं। जहां तक संभव हो कर्मचारियों को घर से काम करने की इजाजत दी जाए। दिल्ली सरकार का मानना है कि हर हालत में निजी दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग लागू होनी चाहिए।

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