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NaMo की 500-1000 के नोटों पर सर्जिकल स्‍ट्राइक, 2 दिनों तक बंद रहेंगे बैंक-ATM

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मोदी

दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कालाधन पर लगाम लगाने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की। मोदी ने 500 और 1000 के नोट आधी रात से बंद करने का ऐलान किया। साथ ही 2000 रुपये का नया नोट बाजार में लाने का भी ऐलान किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने दुनिया में चमकते सितारे के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। ये सरकार गरीबों को समर्पित है। मोदी ने कहा कि पिछले ढाई साल में देशवासियों के सहयोग से देश तरक्की की राह पर तेजी से आगे बढ़ा है।

मोदी ने कड़ा फैसला लेते हुए कालाधन पर लगाम लगाने के लिए 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने की घोषणाा की। ये नियम मंगलवार आधी रात से लागू हो गए हैं। मोदी ने कहा कि जिनके पास 500 और 1000 रुपये के नोट हैं, वो 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक और प्रमुख डाकघरों में जमा कराकर उसके बदले में वैध रकम ले सकते हैं। वहीं जो इस समय सीमा के अंदर नोट नहीं बदल पाएंगे, वो 31 मार्च 2017 तक बैंक से अपने नोट बदल सकेंगे। इसको लेकर लोगों को बैंक में पैन कार्ड और पहचान पत्र दिखाने होंगे। वहीं आज देशभर के सभी बैंक और एटीएम बंद रहेंगे।

मोदी ने कहा कि 500 और एक हजार के नोटों के अलावा बाकी सभी नोट और सिक्के नियमित हैं और उनसे लेन-देन हो सकता है। आपके पास 50 दिनों का वक्त है। साथ ही पीएम ने कहा कि अगर किसी वजह से 30 दिसंबर तक लोग ये नोट जमा नहीं कर पाए, तो उन्हें एक आखिरी मौका भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पैसे कमाने वाले नागरिकों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि 9 और 10 नवंबर को ATM काम नहीं करेंगे। 11 नवंबर की रात 12 बजे तक नागरिकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की गई है। मोदी ने कहा कि 11 नवंबर की रात्रि 12 बजे तक सभी सरकारी अस्पतालों में पुराने 500 के नोट भुगतान के लिए स्वीकार किए जाएंगे। इसी तरह 72 घंटों तक रेलवे के टिकट बुकिंग काउंटर, सरकारी बसों के टिकट बुकिंग काउंटर और हवाई अड्डों पर भी केवल टिकट खरीदने के लिए पुराने नोट मान्य होंगे। उन्होंने कहा कि आपकी धनराशि आपकी ही रहेगी, आपको कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।

मोदी ने कहा कि अब जल्द ही 2000 रुपये के नोट और 500 के नए डिजाइन के नोटों को सर्कुलेशन में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिजर्व बैंक के 2000 रुपये के नोटों के सर्कुलेशन का प्रस्ताव स्वीकार किया है। पीएम ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक फैसला है और जनता के हित में है।

वहीं पीएम मोदी के घोषणा के ठीक बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल ने मंगलवार को कहा कि 10 नवंबर से 500 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट जारी किए जाएंगे। वित्तसचिव शक्तिकांत दास ने नए नोट की ऐलान करते हुए कहा कि आरबीआई 10 नवंबर से नए नोट जारी करेगी। दास ने कहा कि जो लोग नकदी बदलने के लिए आएंगे, बैंक उनके रिकॉर्ड रखेंगे।

500 और 1000 के नोट बंद करने के घोषण के बाद एटीएम के बाहर पैसे निकालने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। वहीं बिग बाजार ने ऐलान किया है कि उसके सभी स्टोर्स रात 11:50 बजे तक खुले रहेंगे। यहां लोग खरीदारी कर 500 और हजार के नोट पेमेंट कर सकते हैं।

पीएम ने कहा कि इन नियमों को सुगमता से लागू करने के लिए 9 नवंबर को डाकघर और बैंक बंद रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में किसी को भी इस फैसले की जानकारी इससे पहले नहीं मिली है, ताकि गोपनीयता बरकरार रहे। पीएम ने कहा कि फिलहाल एटीएम से एक दिन में लोग 2000 रुपये ही निकाल पाएंगे, कुछ दिन बाद इसे बढ़ाकर 4 हजार रुपये कर दिया जाएगा।

पीएम ने विश्वास दिलाया कि देश के सभी राजनीतिक दल, संस्थाएं, समाज और हर वर्ग के लोग इस देश सुधारक काम में बढ़-चढ़कर सकारात्मक भूमिका अदा करेंगे। हालांकि पीएम ने कहा कि देश के लिए देश का नागरिक कुछ दिनों के लिए यह कठिनाई झेल सकता है।

मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले दशकों में हम यह अनुभव कर रहे हैं कि देश में भ्रष्टाचार और कालाधन नामक बीमारियों ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। भ्रष्टाचार और कालेधन का जाल तोड़ने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है और उसके परिणाम भी दिख रहे हैं।

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मालेगांव ब्लास्ट केस : साध्वी प्रज्ञा समेत चार आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए

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महाराष्ट्र के शहर मालेगांव में वर्ष 2008 में हुए ब्लास्ट मामले में मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में गुरुवार को सुनवाई हुई। इस दौरान, अदालत के आदेश के बावजूद आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर समेत चार आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। हालांकि, मालेगांव ब्लास्ट केस में अन्य आरोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी और अजय रहीरकर अदालत में पेश हुए।

मालेगांव विस्फोट मामले में मुंबई की विशेष एनआइए अदालत ने गुरुवार को सभी आरोपियों को अगली तारीख 19 दिसंबर को पेश होने के निर्देश दिए।

दरअसल, विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश पीआर सितरे ने भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर  और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन भोपाल की सांसद और मालेगांव ब्लास्ट केस में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर दिवेदी और सुधाकर चतुर्वेदी अदालत में नहीं पहुंचे।

प्रज्ञा की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत मग्गू ने कहा, “हमने अदालत को बताया कि आज के हालात में यात्रा और परिवहन बड़ा मसला है और सभी आरोपी आना चाहते थे, लेकिन इतने कम समय में वे नहीं आ सके। ”

बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया कि इस मामले के कुछ आरोपी उत्तर भारत में रहते हैं और तमाम प्रतिबंधों के कारण वहां से यात्रा करके आने में कम से कम 8 दिन लगेंगे।

अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब सभी आरोपियों को 19 दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया है। इसी बीच एक गवाह को अदालत में लाया गया। गवाह संख्या 124 के तहत ये वह व्यक्ति है, जिसने 2008 में विस्फोट के बाद वहां मौजूद था। इस गवाह से सवाल-जवाब किए गए। हालांकि, बचाव पक्ष के वकीलों ने उससे कोई सवाल नहीं पूछा।

गवाह ने कहा कि यदि उसे क्रॉस एक्जामिनेशन के लिए वापस अदालत आना है, तो उसके लिए एक आवास की व्यवस्था करने की जरूरत होगी। दो आरोपियों को छोड़कर, साध्वी प्रज्ञा सहित अन्य आरोपियों के वकीलों ने 2000 रुपये नकद जमा किए और इसे गवाह को देने के लिए अदालत को सौंप दिया। 4 दिसंबर को गवाह का क्रॉस एक्जामिनेशन होगा।

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर पिछले साल जून में अदालत में पेश हुई थीं। 

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कृषि कानूनों के खिलाफ पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने लौटाया पद्मभूषण

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कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से अवार्ड वापसी का दौर शुरू किया है। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बाद शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपना पद्म अवार्ड वापस कर दिया है। 

इससे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भारत सरकार से मिले पद्म विभूषण सम्मान को वापस कर दिया है। बादल का कहना है कि वे किसानों के साथ किए जा रहे केंद्र सरकार के व्यवहार से आहत हैं।

जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने 2 दिसंबर को मुक्तसर के अपने गांव बादल से राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने किसानों के प्रति केंद्र के रुख से नाराज होकर पद्म विभूषण पुरस्कार वापस करने की इच्छा जताई थी।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविद को लिखी तीन पन्ने की चिट्ठी में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संरक्षक प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है, मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं। ऐसे में अगर किसानों को अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई फायदा नहीं है।

बादल ने लिखा है कि किसानों के साथ जिस तरह का धोखा किया गया है, उससे उन्हें काफी दुख पहुंचा है। किसानों के आंदोलन को जिस तरह से गलत नजरिए से पेश किया जा रहा है, वो दर्दनाक है।

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कैप्टन अमरिंदर सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक शुरू

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दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निवास पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पहुंच चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच किसान आंदोलन को लेकर अहम बैठक शुरू हो चुकी है।

इससे पहले अमित शाह के घर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की बैठक हुई। जिसमें किसानों की मांगों पर विचार विमर्श हुआ। अब दोनों मंत्री विज्ञान भवन आकर किसानों के साथ बैठक करेंगे। गुरुवार की बैठक बेहद अहम है। क्योंकि पिछले मंगलवार को ही बैठक बेनतीजा रही थी।

राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर 8 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के मुद्दों पर चर्चा के लिए केंद्रीय नेतृत्व से संबंधित किसान नेताओं के बीच बैठक से ठीक पहले अमरिंदर सिंह और अमित शाह के बीच मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है।

आईएएनएस

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