जर्मनी में 2 यूरोफाइटर विमान भिड़े, पायलट की मौत | WeForNewsHindi | Latest, News Update, -Top Story
Connect with us

अंतरराष्ट्रीय

जर्मनी में 2 यूरोफाइटर विमान भिड़े, पायलट की मौत

Published

on

(AP file photo)

बर्लिन: उत्तरी जर्मनी में दो यूरोफाइटर विमान हवा में ही आपस में भिड़ गए, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई। जर्मनी की वायु सेना ने यह जानकारी दी।

वायु सेना के टीम लुफ्तवेफ ने ट्विटर पर बताया कि हथियार रहित युद्धक विमान ‘एयर कॉम्बेट मिशन’ के दौरान मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न प्रांत में ‘लागे सैन्य शिविर’ के पास आपस में टकरा गए।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, वायु सेना ने बाद में ट्वीट किया कि एक पायलट मृत पाया गया जबकि हादसे के दौरान विमान से सही-सलामत रूप से निकले दूसरे पायलट का इलाज आपातकालीन सेवाएं कर रही हैं।

https://twitter.com/RagnarWeilandt/status/1143140923582373888

स्थानीय पुलिस ने एक बयान में कहा कि बचने वाला पायलट एक पेड़ की झाड़ में जमीन से 66 फीट ऊपर फंस गया। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि सिल्ज और जेबल में झील के ऊपर दो पैराशूट देखे गए थे।

एक अधिकारी ने बताया कि तीसरा यूरोफाइटर मिशन पर था और उसके पायलट ने घटनास्थल पर दो पैराशूट होने की बात कही।

–आईएएनएस

अंतरराष्ट्रीय

लद्दाख गतिरोध: भारत और चीन के बीच कोर कमांडरों की वार्ता आज

इन उपायों में सैनिकों को शीघ्रता से हटाना, तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचना, सीमा प्रबंधन पर सभी समझौतों एवं प्रोटोकॉल का पालन करना और एलएसी पर शांति बहाल करने के लिये कदम उठाना शामिल हैं।

Published

on

China India

भारत और चीन की सेनाओं के बीच कोर कमांडरों की छठे दौर की बातचीत आज मोल्डो में होने जा रही है। इसमें मुख्य रूप से पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के सौनिकों को पीछे हटाना और तनाव घटाने पर बनी पांच सूत्री सहमति के क्रियान्वयन पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकारी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से चीन की ओर मोल्डो में सुबह 9 बजे यह वार्ता शुरू होने वाली है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पहली बार विदेश मंत्रालय से एक संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी के इसमें हिस्सा होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि भारत इस वार्ता में कुछ ठोस नतीजे निकलने की उम्मीद कर रहा है।

शंघाई सहयोग संगठन (LAC) से अलग 10 सितंबर को मास्को में विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी के बीच हुई एक बैठक में दोनों पक्ष सीमा विवाद हल करने पर एक सहमति पर पहुंचे थे। इन उपायों में सैनिकों को शीघ्रता से हटाना, तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचना, सीमा प्रबंधन पर सभी समझौतों एवं प्रोटोकॉल का पालन करना और एलएसी पर शांति बहाल करने के लिये कदम उठाना शामिल हैं।

वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करने वाले हैं जो लेह स्थित भारतीय थल सेना की 14 वीं कोर के कमांडर हैं। जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व मेजर जनरल लियू लिन के करने की संभावना है, जो दक्षिण शिंजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

भारतीय राजनयिक जयंत खोबरागड़े को वीजा देने से पाकिस्तान का इनकार

इस मुद्दे पर न तो भारत की तरफ से और न ही पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है।

Published

on

Imran Khan Pakistan

भारत के वरिष्ठ राजनयिक जयंत खोबरागड़े को पाकिस्तान ने वीजा देने से इंकार कर दिया है। जयंत को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग का कार्यकारी प्रमुख नियुक्त किया जाना था। घटनाक्रम से जुड़े लोगों ने रविवार को यह जानकारी दी। समझा जाता है कि पाकिस्तान ने जयंत के वीजा को इस आधार पर मंजूरी नहीं दी कि वह इस पद के लिए अत्यधिक वरिष्ठ हैं।

घटनाक्रम से जुड़े लोगों ने बताया कि भारत ने जून में ही जयंत को भारत का उप उच्चायुक्त बना कर वहां भेजने के अपने कदम से पाकिस्तान को अवगत करा दिया था। इस मुद्दे पर न तो भारत की तरफ से और न ही पाकिस्तान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है।

पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लिये जाने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के केंद्र सरकार के कदम के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायुक्त को निलंबित कर राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया है। जम्मू कश्मीर पर भारत के निर्णय के बाद पाकिस्तान ने यहां अपने उच्चायोग में किसी उच्चायुक्त को नहीं भेजा है।

तब से दोनों देशों के उच्चायोगों का नेतृत्व दोनों देशों के उप उच्चायुक्त कर रहे हैं। इस साल जून में भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि वह यहां अपने उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या में कटौती करते हुए उसे आधा कर दे। भारत ने यह भी कहा था कि वह इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग में भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती करेगा।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

मुजीब हत्या मामला : रॉ के जासूस को सीआईए की भूमिका पर संदेह

Published

on

File Photo

बांग्लादेश को आजाद कराने में भारतीय जासूस एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) की भूमिका के बारे में बहुत कुछ लिखा गया है। लेकिन, अगस्त 1975 में शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद रॉ के जासूसों को जिन चुनौतियों का करना पड़ा, इस बारे में ज्यादा जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

खोजी पत्रकार यतीश यादव की एक नई किताब के मुताबिक, एक वरिष्ठ रॉ अधिकारी ए.के. वर्मा (वर्मा बाद में रॉ के प्रमुख बने) का मानना है कि शेख मुजीबुर रहमान की हत्या में अमेरिकी खुफिया संगठन सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) का हाथ हो सकता है। पत्रकार यतीश यादव की नई किताब में मुजीबुर रहमान की हत्या के साजिशकर्ताओं के साथ ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास के बीच संबंधों का खुलासा किया गया है।

वेस्टलैंड पब्लिकेशंस द्वारा रॉ : ए हिस्ट्री ऑफ इंडियाज कवर्ट ऑपरेशंस नामक किताब हाल ही में जारी की गई है।

पुस्तक में उल्लिखित रॉ नोट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि षड्यंत्रकारियों में से एक ने अमेरिकी दूतावास में शरण ली थी।

किताब में कहा गया है, तख्तापलट में शामिल मेजर रैंक के अधिकारियों में से एक ने 20 अगस्त, 1975 को ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास में शरण ली थी, जब उसने खुद को कुछ खतरे के बारे में बताया और ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने उसकी ओर से सेना के अधिकारियों के सामने सिफारिश की और उसकी सुरक्षा संबंधी आश्वासन पाया।

किताब में लिखा गया है, अतीत में बांग्लादेश की सशस्त्र सेनाओं के साथ अमेरिकियों का कुछ खास लेना-देना नहीं था। मकसद था ढाका में अमेरिकी दूतावास और सैन्य पक्ष के बीच संबंध और उस चीज को सुगम बनाना जिससे अमेरिकी साजिशकर्ताओं में से एक की ओर से समस्या का समाधान किया जा सके। यह बात निश्चित रूप से संदेह पैदा करती है कि क्या अमेरिकी दूतावास की भूमिका एक ईमानदार दलाल से कहीं ज्यादा थी?

किताब एक चौंकाने वाला रहस्योद्घाटन करती है, जो तख्तापलट और इसके बाद के ऐतिहासिक परिणाम को बदल देती है।

लगता है कि अमेरिका को अब यह अहसास हो गया है कि 1975 के तख्तापलट में शामिल लोगों को समर्थन देना शायद समझदारी नहीं थी और हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका में शरण पाने वाले साजिशकर्ताओं में से एक को निर्वासित किए जाने की संभावना है।

यादव ने यह भी लिखा कि तख्तापलट और शेख मुजीबुर की हत्या के बाद, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका ने बांग्लादेश पर प्रभाव डालना शुरू कर दिया था और खोंडकर मुस्ताक अहमद के नेतृत्व में भारत विरोधी रेजीम शुरू कर दिया गया, जिन्होंने प्रमुख पदों पर पाकिस्तान समर्थक अधिकारियों को नियुक्त किया था।

बांग्लादेश में खोई हुई जमीन फिर से पाने के लिए, रॉ ने चार प्रमुख उद्देश्यों के साथ गुप्त अभियानों की एक सीरीज शुरू की थी। पहला- राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य क्षेत्रों में भारतीय विरोधी गतिविधियों के लिए संचालन के आधार के रूप में बांग्लादेश का इस्तेमाल करने से भारतीय विरोधी विदेशी शक्तियों को रोकना।

दूसरा- बांग्लादेश में ऐसी स्थिति बनने से रोकना जो हिंदू बहुसंख्यकों को भारत में माइग्रेट करने के लिए मजबूर कर सकता है, ढाका में एक दोस्ताना सरकार और अंत में संभव के रूप में कई पारस्परिक रूप से लाभप्रद लिंक बनाना और बांग्लादेश को भारत के साथ अधिक से अधिक जोड़ना।

रॉ ने गुप्त अभियानों के अलावा, निर्वासन अवधि में बांग्लादेशी सरकार बनाने की भी कोशिश की थी, लेकिन भारत समर्थक नेताओं के उत्साह में कमी के कारण योजना को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा था।

अभियानों की श्रृंखला के बीच, जियाउर रहमान के बारे में किताब में एक महत्वपूर्ण गुप्त युद्ध पर प्रकाश डाला गया, सैन्य कमांडर बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने, जो अमेरिका के करीबी थे, लेकिन वह और उनकी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) में भारत विरोधी दृष्टिकोण था।

किताब में एक रॉ अधिकारी के हवाले से कहा गया कि बीएनपी और उसके समर्थक भ्रष्ट हो गए थे और बहुत कम समय में कट्टरपंथी हो गए थे। जिया के शासन में बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्षता के लिए कोई जगह नहीं थी और सेना के भीतर एक समूह जो मुक्ति के लिए लड़े थे, उनके शासन से असहमत थे।

जनरल इरशाद के शासन के दौरान भी, रॉ का ऑपरेशन जारी रहा, क्योंकि जमात-ए-इस्लामी से खतरे वास्तविक हो गए थे। इरशाद और उनकी सेना बांग्लादेश में भारत के प्रभाव से सावधान थे।

फरवरी, 1982 की एक घटना से पता चला कि बांग्लादेशी ढाका में भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर लगभग उन्मादी से थे। उच्चायोग में तैनात भारतीय राजनयिक कर्मचारियों पर निगरानी थी। 25 फरवरी, 1982 को बांग्लादेशी सुरक्षाकर्मियों ने ढाका की सड़कों पर भारतीय उच्चायुक्त मुचकुंद दुबे की कार को टक्कर मार दी थी।

किताब में एक रॉ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि जमात खुद को मुख्यधारा की ताकत में बदल सकती है और बांग्लादेश में जब भी चुनाव होंगे, महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लेखक ने जासूसों की पहचान गोपनीय रखने के लिए कोडनेम (सांकेतिक नाम) का इस्तेमाल किया है। इरशाद शासन को सत्ता से बाहर करने के लिए बांग्लादेश में एक और महत्वपूर्ण गुप्त ऑपरेशन शुरू किया गया था। इसे कोडनेम दिया गया था- ऑपरेशन फेयरवेल।

किताब में ऑपरेशन में शामिल एक जासूस के हवाले से कहा गया कि भारतीय खुफिया एजेंसी का उद्देश्य बहुत सरल था कि जो भी ढाका पर शासन करने जा रहा है, उसके पास भारत के लिए एक अनुकूल दृष्टिकोण होना चाहिए।

पुस्तक में दावा किया गया है कि मार्च 1990 में, रॉ एजेंटों ने एक जबरदस्त सफलता हासिल की जब इरशाद के अधीन सेना के एक शीर्ष कमांडर ने भारतीय जासूस एजेंसी को आईएसआई और सीआईए अधिकारियों के नामों का खुलासा किया, जिन्होंने शासन पर काफी प्रभाव डाला था।

यादव ने आरोप लगाया कि सीआईए ने यह सुनिश्चित करने के लिए स्लश फंड का इस्तेमाल किया कि इरशाद की पश्चिम समर्थक नीति आने वाले दशकों तक जारी रहे। बेनजीर भुट्टो के प्रति वफादार तत्कालीन आईएसआई प्रमुख शमसुर रहमान कल्लू, अमेरिकियों की मदद से पाकिस्तानी नेटवर्क का विस्तार करने में सक्षम था और इस सांठगांठ ने रॉ के लिए एक भयानक खतरा उत्पन्न कर दिया था। ऑपरेशन फेयरवेल ने इन तत्वों को एक-एक करके निष्प्रभावी कर दिया और इरशाद शासन के खिलाफ सार्वजनिक और राजनीतिक विद्रोह को वित्त पोषित किया।

यादव ने लिखा है, कोई भी देश बिना खुफिया सपोर्ट के अपनी वैश्विक पहुंच नहीं बढ़ा सकता। भारत ने अपने कद में काफी प्रगति की है और यह प्रभाव रॉ की सफलता का प्रमाण है।

आईएएनएस

Continue Reading
Advertisement
Ahmed Patel
राष्ट्रीय3 hours ago

खेती कॉर्पोरेट क्षेत्र को देने के लिए लोकतंत्र की हत्या कर रही है सरकारः कांग्रेस

Sanjay Singh
राजनीति4 hours ago

सांसद संजय सिंह पर देशद्रोह का मामला, यूपी पुलिस ने संसद के सत्र के बाद बुलाया

Coronavirus,
स्वास्थ्य4 hours ago

जब तक कोरोना वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक कैसे हो बचाव?

China India
अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

लद्दाख गतिरोध: भारत और चीन के बीच कोर कमांडरों की वार्ता आज

Imran Khan Pakistan
अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

भारतीय राजनयिक जयंत खोबरागड़े को वीजा देने से पाकिस्तान का इनकार

Rahul Gandhi
राजनीति11 hours ago

कृषि विधेयक के रूप सरकार ने किसानों के खिलाफ मौत का फ़रमान निकाला : राहुल

-Coronavirus-min
राष्ट्रीय11 hours ago

दिल्ली में कोरोना के 3812 नए केस

P Chidambaram
राजनीति11 hours ago

सरकार किसानों की एमएसपी कैसे सुनिश्चित करेगी : चिदंबरम

chirag paswan
राजनीति11 hours ago

आईसीयू में राम विलास पासवान, चिराग ने लिखा भावुक पत्र

China India
राष्ट्रीय11 hours ago

चीनी सेना के आगे मजबूत हुई भारतीय सेना, LAC से लगे छह ठिकानों पर किया कब्जा

Mayawati
राजनीति2 weeks ago

मायावती शासन की अनियमितताओं पर शुरू होगी कार्रवाई

former president pranab-mukjerjee
राष्ट्रीय3 weeks ago

भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति का 84 साल की उम्र में निधन

Rhea-
मनोरंजन2 weeks ago

सुशांत केस : ड्रग्स मामले में रिया चक्रवर्ती को भेजा गया मुंबई जेल

राष्ट्रीय4 weeks ago

सुशांत केस : रिया के भाई से सीबीआई की पूछताछ जारी

राजनीति17 hours ago

मानसून सत्र : राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

Blood Pressure machine
लाइफस्टाइल3 weeks ago

हाई-ब्लड प्रेशर, हाइपरटेंशन में वायु प्रदूषण का योगदान : शोध

Sonia Gandhi and Rahul
ब्लॉग2 weeks ago

कांग्रेस की बीमारियां उन्हें क्यों सता रहीं जिन्होंने इसे वोट दिया ही नहीं?

Rhea Chakraborty
मनोरंजन3 weeks ago

सुशांत मामला : रिया से आज फिर पूछताछ करेगी सीबीआई

Sonia Gandhi Congress Prez
राजनीति4 weeks ago

कांग्रेस कार्यसमिति: 23 नेताओं का शिकायती पत्र खारिज

Supreme Court
राष्ट्रीय2 weeks ago

लोन मोरेटोरियम केस: SC ने कहा- आखिरी सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करे सरकार

Ahmed Patel Rajya Sabha Online Education
राष्ट्रीय1 day ago

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए गरीब छात्रों को सरकार दे वित्तीय मदद : अहमद पटेल

Sukhwinder-Singh-
मनोरंजन1 month ago

सुखविंदर की नई गीत, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को समर्पित

Modi Independence Speech
राष्ट्रीय1 month ago

Protected: 74वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का भाषण, कहा अगले साल मनाएंगे महापर्व

राष्ट्रीय2 months ago

उत्तराखंड में ITBP कैम्‍प के पास भूस्‍खलन, देखें वीडियो

Kapil Sibal
राजनीति3 months ago

तेल से मिले लाभ को जनता में बांटे सरकार: कपिल सिब्बल

Vizag chemical unit
राष्ट्रीय5 months ago

आंध्र प्रदेश: पॉलिमर्स इंडस्ट्री में केमिकल गैस लीक, 8 की मौत

Delhi Police ASI
शहर5 months ago

दिल्ली पुलिस के कोरोना पॉजिटिव एएसआई के ठीक होकर लौटने पर भव्य स्वागत

WHO Tedros Adhanom Ghebreyesus
स्वास्थ्य5 months ago

WHO को दिए जाने वाले अनुदान पर रोक को लेकर टेडरोस ने अफसोस जताया

Sonia Gandhi Congress Prez
राजनीति5 months ago

PM Modi के संबोधन से पहले कोरोना संकट पर सोनिया गांधी का राष्ट्र को संदेश

मनोरंजन5 months ago

रफ्तार का नया गाना ‘मिस्टर नैर’ लॅान्च

Most Popular