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17 सालों में अब तक की सबसे जानलेवा धुंध, सभी सरकारी स्कूल बंद

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फाइल फोटो

नई दिल्ली: दिल्ली आज लगातार छठे दिन धुंध की चपेट में है। पूरे एनसीआर के कई इलाकों में धुंध फैली हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक दीवाली के बाद बढ़े प्रदूषण की वजह से ये धुंध काफी खतरनाक हो गई है।

पिछले 17 सालों में इसे अब तक की सबसे जानलेवा धुंध बताया जा रहा है। धुंध को देखते हुए आज दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

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इस खतरनाक धुंध का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। चूंकि सुबह के वक्त धुंध सबसे ज्यादा होती है, इसीलिए दिल्ली के कई बड़े प्राइवेट स्कूलों और सभी सरकारी स्कूलों में आज एक दिन की छुट्टी कर दी गई है। इससे पहले कई स्कूलों ने बच्चों की आउटडोर एक्टिविटी भी पूरी तरह बंद कर दी थी।

दिल्ली के 1800 सरकारी स्कूलों में आज छुट्टी रहेगी और अगर सोमवार तक भी हालात ठीक नहीं हुए तो छुट्टी बढ़ाई जा सकती है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में श्रीराम स्कूल, शिवनाडर स्कूल और हैरिटेज स्कूल तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं और जिस स्कूल में बच्चे आ रहे हैं उनके लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।

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असम के पूर्व मुख्यमंत्री गोगोई को हजारों लोगों ने दी श्रद्धांजलि

कोविड-19 से संक्रमित हुए गोगोई को 60 दिनों के इलाज के बाद संक्रमण से उबरने के पश्चात 25 अक्टूबर को जीएमसीएच से छुट्टी दे दी गई थी।

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गुवाहाटी, 25 नवंबर । गुवाहाटी में बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और हजारों महिला, पुरुषों ने अपने दिग्गज कांग्रेस नेता और असम के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका गौहाटी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में सोमवार को निधन हो गया था। वह 86 साल के थे।

गोगोई के पार्थिव शरीर को मंगलवार को जीएमसीएच से उनके आधिकारिक निवास, राज्य नागरिक सचिवालय जनता भवन और असम कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन ले जाया गया था। यहां लोगों द्वारा अंतिम सम्मान दिए जाने के लिए उनके शव को श्रीमंत संकरादेवा कलाक्षेत्र में रखा गया था।

असम प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख रिपुन बोरा ने कहा कि गोगोई का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ गुरुवार को दिसपुर के मानबेन्द्र सरमा कॉम्प्लेक्स में होने की संभावना है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य केंद्रीय नेताओं के बुधवार को गुवाहाटी आने की संभावना है।

दिवंगत नेता का शव कांच के ताबूत, पुष्पमाला और फूलों में लिपटा हुआ था। उन्हें उनके सांसद बेटे गौरव गोगोई, रिपुन बोरा, विपक्षी नेता देवव्रत सैकिया और प्रदुत बोरदोलोई और रकीबुल हुसैन जैसे अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कंधा दिया।

असम के पूर्व मुख्यमंत्री के पार्थिव शरीर के साथ जुलूस के दौरान, हजारों राहगीरों और प्रतीक्षा करने वाले पुरुषों और महिलाओं ने अपने प्रिय नेता को पुष्पांजलि अर्पित की। उनमें से कई रोते हुए देखे गए।

वहीं राज्य सचिवालय जनता भवन में मुख्य सचिव जिष्णु बरूआ, पुलिस प्रमुख भास्कर ज्योति महंत और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।

असम के मुख्यमंत्री सबार्नंद सोनोवाल ने सोमवार को गोगोई के सम्मान में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की। गौरतलब है कि गोगोई 15 सालों तक, यानी साल 2001-2016 तक असम के मुख्यमंत्री रहे।

साल 1971 से 2001 के बीच असम से छह बार सांसद रहे दिवंगत गोगोई अपनी मृत्यु के समय जोरहाट जिले के टीटाबर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे।

कोविड-19 से संक्रमित हुए गोगोई को 60 दिनों के इलाज के बाद संक्रमण से उबरने के पश्चात 25 अक्टूबर को जीएमसीएच से छुट्टी दे दी गई थी।

हालांकि पोस्ट कोविड-19 जटिलताओं के बाद वरिष्ठ राजनेता को 2 नवंबर को जीएमसीएच में फिर से भर्ती करना पड़ा और शुक्रवार से उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई।

जीएमसीएच के डॉक्टर दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विशेषज्ञों के साथ लगातार संपर्क में थे। उनकी गंभीर स्थिति के कारण गोगोई को इलाज के लिए राज्य के बाहर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता था।

–आईएएनएस

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राजनीति

हमने पार्टी का एक मजबूत नेता खो दिया : अमरिंदर सिंह

कांग्रेस नेता अहमद पटेल का बुधवार सुबह 3.30 बजे एक गुरुग्राम अस्पताल में कोविड-19 जटिलताओं के बाद 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

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Amarinder Singh

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को अहमद पटेल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने एक दोस्त और पार्टी के मजबूत नेता को खो दिया है।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मित्र अहमद पटेल जी के असामयिक निधन के बारे में जान कर हैरान और दुखी हूं।

वे एक समर्पित कार्यकर्ता, हमारी पार्टी के मजबूत नेता थे और कठिन समय में इसे आगे बढ़ाया। उनके परिवार, दोस्तों और कार्यकर्ताओं के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। हम आपको याद करेंगे।

कांग्रेस नेता अहमद पटेल का बुधवार सुबह 3.30 बजे एक गुरुग्राम अस्पताल में कोविड-19 जटिलताओं के बाद 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

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अहमद पटेल के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

पटेल का गुरुग्राम के एक अस्पताल में कोरोना के कारण तड़के 3.30 बजे निधन हो गया, उनके बेटे फैसल पटेल ने एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की।

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नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के करीबी अहमद पटेल के निधन की खबर फैलने के बाद बुधवार को कई बड़े नेताओं की ओर से बड़े पैमाने पर शोक संदेश उमड़ पड़े।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, अहमद पटेलजी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने समाज की सेवा करते हुए सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए। अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाने वाले नेता को कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उनके बेटे फैसल से बात की, और संवेदना व्यक्त की। अहमद भाई की आत्मा को शांति मिले।

काग्रेस पार्टी के पूव अध्यक्ष राहुल गांधी ने 71 वर्षीय दिग्गज नेता के निधन पर ट्वीट किया, यह एक दुखद दिन है। श्री अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के एक स्तंभ थे। वह कांग्रेस में ही रहे और सांस लिया और सबसे कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहे। वह एक बड़ी संपत्ति थे। हम उन्हें याद करेंगे। फैसल, मुमताज और परिवार के सदस्यों के प्रति मेरा प्यार और संवेदना।

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, अहमदजी न केवल एक बुद्धिमान और अनुभवी सहकर्मी थे, जिनसे मैं लगातार सलाह और परामर्श लेती रहती थी, बल्कि वह एक ऐसे दोस्त भी थे जो हम सभी के साथ खड़े रहे, ²ढ़, निष्ठावान और अंत तक भरोसेमंद रहे। उनका निधन एक बड़ा खालीपन छोड़ गया। उनकी आत्मा को शांति मिले।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा, यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि मेरे प्रिय मित्र अहमद पटेल का आज तड़के निधन हो गया। वह सबसे सच्चे अर्थो में एक मित्र थे, पार्टी और उनके सहयोगियों के प्रति निष्ठावान, हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते थे और हमेशा जब किसी को अपनी जरूरत होती थी तो साथ खड़े रहते थे। हमें उनके जैसा कहां मिलेगा?

पटेल का गुरुग्राम के एक अस्पताल में कोरोना के कारण तड़के 3.30 बजे निधन हो गया, उनके बेटे फैसल पटेल ने एक ट्वीट में इसकी पुष्टि की।

वह एक महीने से अधिक समय तक इस घातक वायरस से जूझ रहे थे।

–आईएएनएस

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