पिछले साल 22 जनवरी 2025 को सैमसंग ने अपना बहुप्रतीक्षित स्मार्टफोन, गैलेक्सी S25 अल्ट्रा बाजार में उतारा था। लॉन्च के एक साल से अधिक समय बाद भी यह फोन अपने बेहतरीन हार्डवेयर और फीचर्स की वजह से तकनीकी दुनिया में लगातार अपनी पकड़ बनाए हुए है। कंपनी इस डिवाइस को समय-समय पर नए फीचर्स देकर इसे और भी बेहतर बना रही है। हाल ही में गोताखोरों और अंडरवाटर फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसमें एक ऐसा अपडेट जारी किया गया है जो इसे एक अलग ही स्तर पर ले जाता है।
प्रीमियम डिज़ाइन और शानदार डिस्प्ले फ़ोन के डिज़ाइन और बनावट की बात करें तो, गैलेक्सी S25 अल्ट्रा में 6.90 इंच का बड़ा क्यूएचडी+ (QHD+) टचस्क्रीन डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिज़ॉल्यूशन 1400×3120 पिक्सल है। 120 हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट के कारण स्क्रीन बेहद स्मूद काम करती है और इसका आस्पेक्ट रेशियो भी बेहतरीन है। फोन को प्रीमियम लुक और मजबूती देने के लिए इसमें टाइटेनियम फ्रेम का इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा, आगे और पीछे दोनों पैनल पर कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास आर्मर की सुरक्षा दी गई है, जो इसे खरोंच और गिरने से बचाता है। इसका कुल वज़न 218 ग्राम है और डाइमेंशन 162.80 x 77.60 x 8.20 मिलीमीटर है।
दमदार परफॉरमेंस और लंबी बैटरी लाइफ परफॉरमेंस के मामले में सैमसंग का यह फोन आज भी काफी दमदार है। इस डिवाइस के अंदर शक्तिशाली ऑक्टा-कोर स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर काम करता है। 12 जीबी रैम और 256 जीबी की इनबिल्ट स्टोरेज के साथ यह फोन भारी ऐप्स और मल्टीटास्किंग को काफी आसानी से संभाल लेता है। हालाँकि, इसमें अलग से माइक्रोएसडी कार्ड लगाकर स्टोरेज बढ़ाने का विकल्प मौजूद नहीं है। फोन को लंबे समय तक चालू रखने के लिए 5000 एमएएच की बैटरी दी गई है। यह 45W की फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ 15W की वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करती है। सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह डिवाइस एंड्रॉयड 15 पर आधारित वन यूआई 7 (One UI 7) ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है।
कनेक्टिविटी और सेंसर्स की पूरी रेंज कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई 7 (802.11 ए/बी/जी/एन/एसी/एएक्स), डुअल नैनो सिम सपोर्ट, एनएफसी, ब्लूटूथ, जीपीएस और यूएसबी टाइप-सी जैसे सभी ज़रूरी फीचर्स मौजूद हैं। यह फोन भारत में बैंड 40 सहित 4G और 5G नेटवर्क को सपोर्ट करता है और दोनों सिम कार्ड पर 4G एक्टिव रहता है। सिक्योरिटी और अन्य जरूरतों के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर, जायरोस्कोप, बैरोमीटर, कंपास (मैगनेटोमीटर), एक्सेलेरोमीटर, एंबियंट लाइट सेंसर और प्रॉक्सिमिटी सेंसर इसमें दिए गए हैं।
हर पल को कैद करने वाला कैमरा सेटअप कैमरा सेटअप इस फोन की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है। इसके पिछले हिस्से में चार कैमरों का पावरफुल सेटअप है, जिसमें 200-मेगापिक्सल का मुख्य लेंस (f/1.7 अपर्चर), 50-मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल लेंस, 50-मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस और एक अन्य 10-मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस शामिल है। ऑटोफोकस और रियर फ्लैश के साथ आने वाला यह कैमरा कम रोशनी में भी बेहतरीन तस्वीरें निकाल सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 12-मेगापिक्सल (f/2.2) का फ्रंट कैमरा दिया गया है।
समंदर की गहराईयों के लिए ‘ओशन मोड’ कैमरे की बात हो रही है तो सबसे दिलचस्प नया फीचर ‘ओशन मोड’ है, जो मुख्य रूप से गैलेक्सी S26 अल्ट्रा के साथ चर्चा में आया था। अब यह मोड S25 अल्ट्रा जैसे पुराने अल्ट्रा मॉडल्स के लिए भी उपलब्ध हो रहा है। अगर आप वन यूआई 8.5 (One UI 8.5) बीटा फर्मवेयर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो गैलेक्सी S25 अल्ट्रा के एक्सपर्ट रॉ (Expert RAW) ऐप को वर्जन 5.0.08.2 पर अपडेट करने के बाद यह नया फीचर फोन में जुड़ जाएगा।
सैमसंग ने यह मोड करीब दो साल पहले गैलेक्सी S24 अल्ट्रा के लिए मूंगा चट्टानों (coral reefs) के संरक्षण के एक इंटरनल प्रोजेक्ट के तौर पर बनाया था और शुरुआत में इसे आम जनता के लिए जारी करने की कोई योजना नहीं थी। चूँकि इसे 2024 के उस फ्लैगशिप मॉडल पर टेस्ट किया गया था, इसलिए पूरी उम्मीद है कि S24 अल्ट्रा के लिए भी यह फीचर जल्द ही व्यापक रूप से उपलब्ध हो जाएगा। ओशन मोड पानी के अंदर तस्वीरें या वीडियो लेते समय रंग और डिस्टॉर्शन की समस्याओं को अपने खास एल्गोरिदम से ठीक कर देता है। गोताखोरों ने इस तकनीक का इस्तेमाल करके समुद्र तल के कई हिस्सों का नक्शा तैयार किया है। अप्रैल का महीना चल रहा है और गर्मियों का मौसम आ चुका है, ऐसे में इस साल डाइविंग पर जाने वालों के लिए यह एक शानदार टूल साबित होगा।
पानी से बचाव: एक ज़रूरी चेतावनी यह फीचर जितना आकर्षक है, इसके इस्तेमाल में उतनी ही सावधानी बरतने की ज़रूरत है। ओशन मोड सिर्फ एक कैमरा सॉफ्टवेयर फीचर है। यह किसी भी तरह से फोन की वाटर रेसिस्टेंस (पानी से बचने की क्षमता) को नहीं बढ़ाता है। गैलेक्सी S25 अल्ट्रा को धूल और पानी से बचाव के लिए IP68 रेटिंग मिली है, लेकिन यह रेटिंग सिर्फ साफ पानी (fresh water) के लिए काम करती है।
खारे पानी या स्विमिंग पूल के क्लोरीन वाले पानी से फोन की वाटरटाइट सील खराब हो सकती है, जिससे डिवाइस को भारी नुकसान पहुँचने का खतरा रहता है। अपने मूंगा संरक्षण प्रोजेक्ट के दौरान सैमसंग ने भी फोन को बचाने के लिए एक खास वाटरटाइट केस का इस्तेमाल किया था। इसलिए, अगर आप समंदर में गोता लगाने जा रहे हैं और आपके पास इस तरह का कोई सुरक्षा कवर नहीं है, तो ओशन मोड के कारण किसी झूठी तसल्ली में न रहें। फोन को सीधे पानी में ले जाने से बचें और सैमसंग के दिशा-निर्देशों का हमेशा पालन करें।