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माइक्रोसॉफ्ट का सरफेस प्रो 4 भारत में लांच

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माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में अपना सबसे पतला टैबलेट सरफेस प्रो 4 लांच किया. विंडोज 10 पर आधारित है जो टेबलेट के साथ लैपटॉप भी है इसमें पिक्सल सेंस तकनीक का प्रयोग किया है.

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के चेयरमैन भास्कर प्रमाणिक ने कहा, कि“सरफेस प्रो को पर्सनल कंप्यूटिंग के हिसाब से बनाया गया है. यह बहुत ही दमदार और बहुमुखी डिवाइस है. यह लोगों के प्रदर्शन और उत्पादन को सबसे सुंदर तरीके से नए स्तर तक ले जाएगी.”4 सरफेस प्रो की शुरुआती कीमत 89,990 रखी गई है

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भारत में इसकी बिक्री अमेजन के माध्यम से की जाएगी. इसकी बिक्री 14 जनवरी से शुरू होगी. कंपनी के स्टोर रूम गुड़गांव, दिल्ली, बेंगलुरू व मुंबई में भी बिक्री उपलब्ध होगी. माइक्रोसॉफ्ट सरफेस प्रो 4 में तीन वेरिएंट दिया गया है. माइक्रोसाफ्ट ऑफिस पर चलने के लिए डिजाइन सरफेस प्रो-4 में विंडोज हैलो, सरफेस पेन, माइक्रोसाफ्ट एज और कोरटाना शामिल हैं. पिछले वर्ष नवंबर में माइक्रोसाफ्ट के प्रमुख सत्य नाडेला ने घोषणा की थी कंपनी जल्द ही भारत में इस नए उपकरण को लांच करेगी.

माइक्रोसाफ्ट इंडिया के चेयरमैन भास्कर प्रमाणिक ने यहां संवाददाताओं को बताया, कि“बहुप्रतीक्षित टैबलेट सरफेस प्रो 4 भारत में उपलब्ध है. उन लोगों के लिए आदर्श पसंद है जो उपकरण को कहीं भी ले जाने प्राथमिकता देते हैं.

माइक्रोसाफ्ट सरफेस प्रो 4 टैबलेट 12.3 इंच के डिसप्ले के साथ बाजार में आता है विंडोज 10 आपरेटिंग सिस्टम पर काम कर करता है. यह तीन इंटेल प्रोसेसर विकल्पों : आई3, आई5 और आई7 के साथ उपलब्ध है. 4जीबी और 8जीबी रैम और 128जीबी व 256जीबी के स्टोरेज का विकल्प चुन सकते हैं. सरफेस प्रो 4 में यूएसबी 3.0 पोर्ट, कार्ड रीडर, 5 मेगापिक्सल का फ्रंट और 8 मेगापिक्सल का रीयर कैमरा लगा है.

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वोडाफोन आइडिया ने शुरू किया 3जी यूजर्स को 4जी में अपग्रेड करने का काम

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वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) ने कुछ प्रमुख बाजारों में 3जी यूजर्स को 4जी में अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है।

रविवार को एक बयान में कंपनी ने कहा कि वोडाफोन और आइडिया दोनों नेटवर्क को आपस में मिलाकर 4जी की क्षमता को बेहतर बनाने का काम किया गया है। नई तकनीकों की मदद से 3जी स्पेमट्रम के एक बड़े हिस्से को 4जी में अपग्रेड किया जा रहा है।

बयान में कहा गया, “वीआईएल अब वी जीआईजीएनेट नेटवर्क पर अपने 3 जी उपयोगकतरओ को 4 जी डेटा स्पीड प्रदान करने में सक्षम होगा। फिलहाल कंपनी के एंटरप्राइज ग्राहकों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 3जी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से 4जी और 4जी आधारित आईओटी एप्लीकेशंस और सेवाओं में अपग्रेड किया जाएगा।”

अपने 2जी यूजर्स के लिए कंपनी की तरफ से बेसिक वॉयस सर्विसेज की सेवाएं यथावत रहेंगी, जबकि सभी बाजारों में 3जी डेटा यूजर्स को धीरे-धीरे 4जी में तब्दील किया जाएगा।

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ रविंदर ताक्कर के अनुसार, “देश में स्पेक्ट्रम की पर्याप्तता के चलते इसके एक बड़े हिस्से को पहले से ही 4जी में बदल दिया गया है, वीआईएल हमारे 2जी/3जी यूजर्स के लिए हाई स्पीड 4जी डेटा सर्विसेज में अपग्रेड होने का सबसे बेहतर स्थान है।”

4जी जीआईजीएनेट नेटवर्क का लाभ उठाने के लिए 3जी यूजर्स को वीआई 4जी सिम कार्ड और 4जी स्मार्टफोन में अपग्रेड होना पड़ेगा। इसके लिए कंपनी की तरफ से ढेरों ऑफर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आईएएनएस

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नासा में अगले मूनवॉक की जमकर हो रही तैयारी

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अपने आर्टेमिस चंद्रमा अन्वेषण कार्यक्रम के तहत नासा की योजना 2024 तक चांद की धरती पर दोबारा इंसानों को भेजने की है और इसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है।

तैयारी के एक चरण के रूप में अंतरिक्ष यात्रियों को हर उस चुनौतियों से रूबरू करवाया जा रहा है, जिनका सामना उन्हें चांद की सतह पर करना पड़ सकता है।

प्रशिक्षण के तहत अंतरिक्ष यात्रियों से अंडर वॉटर टास्क ज्यादा कराए जा रहे हैं और इसके लिए बड़े-बड़े पूलों का निर्माण किया गया है, जिनमें कृत्रिम वातावरण का निर्माण भी किया गया है, ताकि इन्हें चांद के पर्यावरणीय स्थिति से मिलाया जा सके।

नासा ने कहा, ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में न्यूट्रल ब्यूएन्सी लैब (एनबीएल) में होने वाली एक टेस्ट सीरीज के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष यात्री और इंजीनियर्स स्पेससूट और गोता लगाने के लिए जरूरी उपकरण हार्ड हेट जैसी चीजों के साथ कई अलग-अलग तरह के टास्क कर रहे हैं, जिन्हें उन्हें चांद की सतह पर करना पड़ सकता है।

इन परीक्षणों के नेतृत्व में शामिल डैरन वेल्श ने कहा, ये शुरुआती परीक्षण भविष्य के आर्टेमिस ट्रेनिंग और मिशन के लिए जरूरतों और हार्डवेयर के विकास के लिए मददगार साबित होंगे।

इस एनबीएल की लंबाई 202 फीट, चौड़ाई 102 फीट और गहराई 40 फीट है (जमीनी स्तर से 20 फीट ऊपर और 20 फीट नीचे) और इसमें 62 लाख गैलन पानी भरा है।

अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा किए जा रहे टास्क में चांद की सतह से नमूनों को संग्रह करने, चंद्र लैंडर (चांद पर उतरने वाला यान) का परीक्षण करने और अमेरिकी ध्वज को चांद की सतह पर लगाने संबंधी काम शामिल हैं।

एएसएन

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बड़े स्क्रीन के चलते इस साल 16 करोड़ टैबलेट्स की बिक्री का अनुमान

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दुनिया भर में लोगों का झुकाव बड़े डिस्प्ले वाले डिवाइसों की ओर बढ़ता जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप साल-दर-साल टैबलेट की वैश्विक बिक्री में इजाफा देखने को मिल रहा है। साल 2020 में इसकी वैश्विक बिक्री लगभग 16.1 करोड़ (160.08 मिलियन) रहने का अनुमान है।

एक नई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

कोविड-19 के चलते पिछले छह वर्षो की तुलना में उपभोक्ताओं द्वारा टैबलेट खरीदने की दर में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई है और ऐसा पहली बार हुआ है, जब अधिकतर (56 फीसदी) शिपिंग 10 इंच वाले टैबलेट्स की हुई है।

मार्केट रिसर्च फर्म स्ट्रेटजी एनालिटिक्स के अनुसार, यह पहली दफा है, जब उपभोक्ताओं का रूख बड़े डिस्प्ले की ओर देखने को मिल रहा है और वे 10 इंच या इससे अधिक बड़े डिवाइसों को वरीयता दे रहे हैं।

कोरोनावायरस महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन को इसकी एक प्रमुख वजह के तौर पर देख सकते हैं क्योंकि इस दौरान ऑनलाइन क्लासेज वगैरह की शुरुआत की गई थी, वर्क फ्रॉम होम को चलन में लाया गया था, घर पर रहने के दौरान लोग अपने मनोरंजन के लिए इसी तरह के डिवाइसों पर अधिक से अधिक समय बिताने लगे थे और इन सबके चलते बड़े डिस्प्ले को प्राथमिकताओं की सूची में पहले रखा गया था।

एएसएन

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