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चुनाव

वाईएसआर कांग्रेस उपसभापति चुनाव में एनडीए के खिलाफ करेगी वोट

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rajya sabha-min
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आगामी राज्यसभा उपसभापति के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार के खिलाफ वोट करने का फैसला किया है।

वाईएसआर कांग्रेस के नेता व राज्यसभा सदस्य वी. विजयसाई रेड्डी ने घोषणा की कि पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) सांसद हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ वोट करेगी जो भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाले राजग के उम्मीदवार हैं।

वाईएसआर कांग्रेस के संसद के ऊपरी सदन में दो सदस्य हैं। वाईएसआर कांग्रेस आंध्र प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी है। वाईएसआर कांग्रेस के पांच लोकसभा सदस्यों ने केंद्र सरकार के आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा देने से इनकार करने के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।

वाईएसआर कांग्रेस ने इससे पहले राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनावों में राजग उम्मीदवारों का समर्थन किया था।

–आईएएनएस

चुनाव

भाजपा ने एकसाथ चुनाव की रपट खारिज की

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BJP

नई दिल्ली, 14 अगस्त | भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने मंगलवार को अगले वर्ष की शुरुआत में लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव को एकसाथ कराने की रपट खारिज कर दी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा ऐसी किसी भी गलतफहमी को खारिज करती है।”

उन्होंने कहा कि जहां तक ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का सवाल है, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को विधि आयोग को लिखे अपने पत्र में इस मामले में सभी हितधारकों के साथ सकारात्मक चर्चा करने की अपील की है।

पात्रा ने कहा, “जैसा कि मीडिया के कुछ वर्गो की ओर से रपट किया जा रहा है, शाह के पत्र में, लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने का कोई जिक्र नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का समर्थन किया है, लेकिन किसी को भी इस बारे में गलतफहमी नहीं फैलानी चाहिए।

पात्रा ने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी तरह के सुधार के लिए सकारात्मक चर्चा अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए चर्चा करने का आह्वान किया है और कहा है कि इस मामले में सहमति बनती है तो, यह देश के लिए अच्छा होगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘एक देश, एक चुनाव’ का समर्थन किया है।

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चुनाव

एकसाथ चुनाव के लिए लोकसभा भंग करें मोदी : कांग्रेस

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Ashok Gehlot

नई दिल्ली, 14 अगस्त | कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि यदि एक साथ चुनाव कराए जाने हैं तो कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव पहले कराए जाए और साथ ही लोकसभा को भंग कर दिया जाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, “संविधान में संशोधन के बगैर एकसाथ चुनाव संभव नहीं है। चुनावों को एकसाथ कराने का सिर्फ एक तरीका है और वह यह है कि मोदीजी को आम चुनाव पहले कराने के लिए लोकसभा भंग कर देना चाहिए। हम इसका स्वागत करेंगे।”

गहलोत की यह टिप्पणी उस रपट के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि सरकार अगले साल कुछ राज्यों में पहले व कुछ राज्यों में देरी कर 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव कराने पर विचार कर रही है।

गहलोत ने कहा, “अगर वे लोकसभा को पहले भंग कर ऐसा करते हैं तो हम लोकसभा व राज्य विधानसभा चुनाव दोनों एक साथ लड़ने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करने के प्रति गंभीर व ईमानदार नहीं है और इसका सिर्फ राजनीतिक रूप से फायदा लेना चाहती है।

उन्होंने कहा, “वे सिर्फ इसे दिखा रहे हैं कि वे राष्ट्र के बारे में बहुत चिंतित हैं और चुनाव पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है। वे सिर्फ इस पर राजनीति खेल रहे हैं।”

राजस्थान की मतदाजा सूचियों में गड़बड़ी के बारे में शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग गए गहलोत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी।

तन्खा ने यह भी कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव टालने की कोशिश करती है तो वह अदालत जाएंगे।

–आईएएनएस

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चुनाव

मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत: ओपिनियन पोल

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प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

आगामी विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी को झटका लग सकता है। ऐसा मानना है एबीपी न्यूज और सी-वोटर के ओपिनियन पोल सर्वे का। सर्वे की मानें तो कांग्रेस इस बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्‍ता में आ रही है। 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज मध्‍य प्रदेश की शिवराज सिंह और छत्‍तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के खिलाफ जबर्दस्त एंटी इन्कमबेंसी फैक्टर हावी होना बताया गया है।

तीनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों से बीजेपी की ही सरकार है।

इस सर्वे में कहा गया है कि राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल सकता है। एमपी में उसे 230 में से 117 सीटें, राजस्‍थान में 200 में से 130 सीटें और छत्‍तीसगढ़ में 90 में से 54 सीटें मिल सकती हैं। वहीं बीजेपी को मध्‍य प्रदेश में 106, छत्‍तीसगढ़ में 33 और राजस्‍थान में 57 सीटे पर सिमट सकती है।

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