Connect with us

स्वास्थ्य

चाहते हैं अच्छी नींद? तो अपनाएं यह उपाय

Published

on

फाइल फोटो

क्या आप रात में उठकर छत की तरफ टकटकी लगाए यह सोचते रहते हैं कि अलार्म की घंटी बजने से पहले कुछ आराम कर लिया जाए? क्या आप सोते वक्त करवटें बदलते रहते हैं? क्या आप सुबह उठते वक्त थकान महसूस करते हैं? अगर हां तो आप इन उपायों को अपनाकर एक आरामदायक नींद ले सकते हैं।

वेकफिट के सीईओ और सह संस्थापक अंकित गर्ग और कार्यात्मक प्रशिक्षण स्टूडियो द आउटफिट के संस्थापक ने कुछ उपाय सुझाए हैं जिन्हें अपनाकर अगली बार से बेहतर नींद प्राप्त कर सकते हैं।

Related image

* हजारों साल पुरानी कहानियां सुनें : उन पुराने दिनों को याद करें जब आपकी दादी सोने से पहले आपको कहानियां सुनाया करती थी? वह कहानियां न केवल आपको रहस्य और स्वप्नलोक की दुनिया में ले जाती थी, बल्कि उन्हें सुनने के बाद आसानी से आपको नींद भी आ जाती थी। उसी तकनीक को अपनाने की कोशिश करें।

Image result for Sleep

* गद्दे का सही चुनाव करें : आपको रात में नींद न आने का एक मुख्य कारण आपका असुविधाजनक गद्दा हो सकता है। इस समस्या का समाधान करने का सबसे अच्छा तरीका एक आरामदायक गद्दे का चुनाव है, जो आपको गहरी नींद में डुबाने और सुबह बिना दर्द के जागने में मदद कर सकता हैं।

* सोने से पहले ब्लू लाइट को बंद करें : अच्छी नींद प्राप्त करने के लिए अपने कमरे में एक शांत माहौल बनाना आवश्यक है जिसके लिए आप अपने बेडरूम में सेल फोन, कंप्यूटर, टैबलेट, टीवी और अन्य गैजेट की स्क्रीन से निकलने वाली सभी तरह की नीली रोशनियों को बंद कर दें।

Image result for Sleep

* सुरमयी आवाजें सुनें : क्या आपकी नींद को बाइक और कारों की आवाजें बाधित करती हैं? नींद के दौरान इन सभी बाहरी बाधाओं को अनदेखा करने का सबसे अच्छा तरीका है सुरमयी आवाजों को सुनना। सुरमयी आवाजे जैसे पत्तियों का हिलना, झरने का गिरना इत्यादि। सुरमयी आवाजों में आपको आराम करने और नींद की तरफ प्रेरित करने की क्षमता होती है।

* चेरी का जूस पीएं : यदि आप नींद न आने की वजह से संघर्ष कर रहे हैं, तो आप बिस्तर पर जाने से पहले चेरी के जूस पीने की कोशिश करें। कई अध्ययनों के अनुसार, चेरी में मेलाटोनिन होते हैं। मेलाटोनिन एक हार्मोन है जो नींद के पैटर्न को विनियमित करने में मदद करता है।

* नींबू को अपने कमरे में रखें : यदि आप किसी भी तरह की एलर्जी, अस्थमा या सर्दी के कारण सो नहीं पा रहे हैं तो एक नींबू को काटें और अपने बिस्तर के किनारे रख दें। यह न केवल आपके कमरे में एक ताजा सुगंध छोड़ेगा और आपको बेहतर सांस लेने व अच्छी नींद लेने में मदद करेगा।

WeForNews

स्वास्थ्य

किशोरावस्था में वजन घटाने की सर्जरी हृदय रोग में मददगार

Published

on

motapa-

बेरियाट्रिक सर्जरी (पेट की सर्जरी) करानेवाले किशोर/किशोरियों में हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। एक नए शोध में यह दावा किया गया है।

शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि बेरियाट्रिक या वजन घटाने की सर्जनी अगर किशोरावस्था में ही करा ली जाती है, तो यह जीवन में बाद में भी अनियमित ग्लूकोज चयापचय, एथोरोसलेरॉसिस की हृदय की विफलता और स्ट्रोक के विकास और प्रगति को कम करके अद्वितीय लाभ प्रदान कर सकती है।

अमेरिका के ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रोफेसर मार्क पी. मिचलस्की ने बताया, “यह बेरिएट्रिक सर्जरी के बाद किशोरावस्था में हृदय रोग के जोखिम कारकों में परिवर्तन के पूर्वानुमान को लेकर पहली बार बड़े पैमाने पर किया गया विश्लेषण है। यह शोध ऑनलाइन जर्नल पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित किया गया है। यह अध्ययन 242 किशोर/किशोरियों पर किया गया, जिन्हें जांच में हृदय रोग होने की संभावना पाई गई थी।

शोध में पाया गया कि बेरियाट्रिक सर्जरी से पहले 33 फीसदी प्रतिभागियों में तीन या उससे ज्यादा तरह के हृदय रोग होने का खतरा था। बेरियाट्रिक सर्जरी से न सिर्फ वजन में कमी आती है, बल्कि किशोर/किशोरियों के बीच डायस्लिपेडेमिया का जोखिम भी कम हो जाता है, जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल का असामान्य रूप से बढ़ा स्तर होने के कारण होता है।

–आईएएनएस

Continue Reading

स्वास्थ्य

आठ घंटे से कम सोने से अवसाद का खतरा

Published

on

नींद
File Photo

अगर आप आठ घंटे से कम नींद ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। एक शोध के मुताबिक, आठ घंटे से कम सोने से अवसाद का खतरा बढ़ सकता है। नियमित तौर पर नींद में बाधा पड़ने से नकारात्मक विचारों से ध्यान हटाने में मुश्किल हो सकती है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि अपर्याप्त नींद लेने से व्यक्ति के आसपास के नकारात्मक विचार उसके जीवन में दखल देते रहते हैं। बिंघाम्टन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मेरेडिथ कोल्स ने कहा, हमने पाया है कि लोगों के दिमाग में कुछ विचार अटक जाते हैं और उनके बढ़े हुए नकारात्मक विचार उनके लिए नकारात्मक उत्प्रेरकों से अलग होने को मुश्किल बना देते हैं।

कोल्स ने कहा, ऐसा माना जाता है ये नकारात्मक विचार लोगों में कई तरह के मनोवैज्ञानिक विकार, जैसे अवसाद व व्यग्रता (डिप्रेशन एवं एंग्जाइटी) पैदा करते हैं। इस शोध का प्रकाशन जर्नल साइंसडायरेक्ट में किया गया है। इसमें लोगों की नींद लेने की अवधि के साथ नकारात्मक विचारों का मूल्यांकन किया गया।

–आईएएनएस

Continue Reading

स्वास्थ्य

महिलाओं के बाल झड़ना ट्यूमर का संकेत!

Published

on

File Photo

जिन महिलाओं के बाल लगातार झड़ते हैं, उनमें गैर-कैंसर वाले ट्यूमर का खतरा बना रहता है। यह ट्यूमर गर्भाशय की दीवारों के भीतर होता है।

सेंट्रल सेंट्रीफ्यूगल सिकेट्रिशियल एलोपेसिया (सीसीसीए) वाली महिलाओं में गर्भाशय के अंदर ट्यूमर का जोखिम पांच गुना अधिक होता है। एक नए शोध में यह पता चला है। फाइब्रॉएड गर्भाशय की दीवार पर पाए जाने वाले चिकनी पेशी के ट्यूमर हैं। वे गर्भाशय की दीवार के भीतर ही विकसित हो सकते हैं या इसके साथ जुड़े हो सकते हैं।

हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्श्री डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “फाइब्रॉएड गर्भाशय की मांसपेशी के ऊतकों में शुरू होते हैं। वे गर्भाशय की कैविटी में, गर्भाशय की दीवार की मोटाई या पेट की गुहा में बढ़ सकते हैं। फाइब्रॉएड के लिए मेडिकल शब्द है- लेय्योमायोमा।

फाइब्रॉएड शरीर में स्वाभाविक रूप से उत्पादित हार्मोन एस्ट्रोजन द्वारा उत्तेजना की प्रतिक्रियास्वरूप विकसित होते हैं। इनकी वृद्धि 20 साल की उम्र में दिख सकती है, लेकिन रजोनिवृत्ति के बाद ये सिकुड़ जाते हैं, जब शरीर एस्ट्रोजेन का बड़ी मात्रा में उत्पादन बंद कर देता है।”

डॉ. अग्रवाल ने आगे कहा, “फाइब्रॉएड का उपचार लक्षणों, आकार, उम्र और रोगी के सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। यदि कोई कैंसर पाया जाता है, तो यह रक्तस्राव अक्सर हार्मोनल दवाओं द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कुछ खाद्य पदार्थ फाइब्रॉएड को बढ़ा सकते हैं। इसे रोकने के लिए संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थो को फाइब्रॉएड रोगियों को नहीं देना चाहिए। ये वसा एस्ट्रोजेन स्तर को बढ़ा सकते हैं, जिससे फाइब्रॉएड बड़ा हो सकता है। कैफीन युक्त पेय पदार्थ गर्भाशय फाइब्रॉएड होने पर नहीं लेना चाहिए।

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, उच्च नमक वाले फूड्स अपने आहार से दूर रखें, क्योंकि वे आपके जिगर पर दबाव डालते हैं। जिगर विषाक्त पदार्थो को हटाने और हार्मोन संतुलन के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार अंग है।

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular