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टाइप-2 डायबिटीज से हृदय रोग का खतरा ज्यादा

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मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दिल की बीमारियों से मौत का खतरा बढ़ जाता है। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में लगभग 58 प्रतिशत मौतें हृदय संबंधी परेशानियों के कारण होती हैं।

मधुमेह के साथ जुड़े ग्लूकोज के उच्च स्तर से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे रक्तचाप और नजर, जोड़ों में दर्द तथा अन्य परेशानियां हो जाती हैं।चिकित्सक के अनुसार, टाइप-2 मधुमेह सामान्य रूप से वयस्कों को प्रभावित करता है, लेकिन युवा भारतीयों में भी यह अब तेजी से देखा जा रहा है।

वे गुर्दे की क्षति और हृदय रोग के साथ-साथ जीवन को संकट में डालने वाली जटिलताओं के जोखिम को झेल रहे हैं। पद्मश्री से सम्मानित डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, “देश में युवाओं के मधुमेह से ग्रस्त होने के पीछे जो कारक जिम्मेदार हैं, उनमें प्रमुख है प्रोसेस्ड और जंक फूड से भरपूर अधिक कैलारी वाला भोजन, मोटापा तथा निष्क्रियता।

समय पर ढंग से जांच न कर पाना और डॉक्टर की सलाह का पालन न करना उनके लिए और भी जोखिम भरा हो जाता है, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम उम्र में ही जानलेवा स्थितियांे से गुजरना पड़ जाता है।”

उन्होंने कहा कि लोगों में एक आम धारणा है कि टाइप-2 मधुमेह वाले युवाओं को इंसुलिन की जरूरत नहीं होती है, इसलिए ऐसा लगता है कि यह भयावह स्थिति नहीं है। हालांकि, ऐसा सोचना गलत है। इस स्थिति में तत्काल उपचार और प्रबंधन की जरूरत होती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि टाइप-2 डायबिटीज वाले युवाओं में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। यदि कुछ दिखते भी हैं, तो वे आमतौर पर हल्के हो सकते हैं, और ज्यादातर मामलों में धीरे-धीरे विकसित होते हैं, जिनमें अधिक प्यास और बार-बार मूत्र त्याग करना शामिल है।

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “यदि घर के बड़े लोग अच्छी जीवनशैली का उदाहरण पेश करते हैं तो यह युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी होगा। इस तरह के बदलाव एक युवा को अपना वजन कम करने में मदद कर सकते हैं (अगर ऐसी समस्या है तो) या उन्हें खाने-पीने के बेहतर विकल्प खोजने में मदद कर सकते हैं, जिससे टाइप-2 मधुमेह विकसित होने की संभावना कम हो जाती है।

जिनके परिवार में पहले से ही डायबिटीज की समस्या रही है, उनके लिए तो यह और भी सच है।

उन्होंने कुछ सुझाव दिए :

  • खाने में स्वस्थ खाद्य पदार्थ ही चुनें।
  • प्रतिदिन तेज रफ्तार में टहलें।
  • अपने परिवार के साथ अपने स्वास्थ्य और मधुमेह व हृदय रोग के जोखिम के बारे में बात करें।
  • यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो इसे छोड़ने की पहल करें।
  • अपने लिए, अपने परिवार के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए मधुमेह और इसकी जटिलताओं संबंधी जोखिम को कम करने खातिर जीवनशैली में बदलाव करें।

–आईएएनएस

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महामारी के कारण तिरंगे की बिक्री में आई भारी गिरावट

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कोरोनावायरस महामारी के कारण स्कूल, कॉलेज और ज्यादातर निजी प्रतिष्ठान बंद हैं, जिसके चलते स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को लेकर भी अनिश्चितता है। इसका सीधा असर खादी ग्राम उद्योग द्वारा बनाए गए तिरंगों की बिक्री पर पड़ा है।

लखनऊ में खादी आश्रम के एक कर्मचारी ने कहा, हर साल हम राष्ट्रीय ध्वज की बिक्री में वृद्धि देखते आ रहे हैं। लेकिन इस साल इसकी मांग न के बराबर है। सरकारी कार्यालयों को छोड़कर, अधिकांश निजी प्रतिष्ठान ध्वजारोहण समारोह नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि चूंकि हर कोई घर से काम कर रहा है, ऐसे में समारोह के लिए कर्मचारियों को बुलाने का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि लगभग 70 फीसदी बिक्री स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में होती है, लेकिन इस साल उनकी ओर से शायद ही कोई ऑर्डर मिले हैं। लिहाजा कारोबार में 90 फीसदी तक की गिरावट आई है।

ब्रिकी में कमी के पीछे एक और कारण एमेजॉन जैसी साइट्स के जरिए तिरंगों की ऑनलाइन बिक्री होना है। एक कर्मचारी ने कहा, लोग बाजार जाने से बच रहे हैं इसलिए वे ऑनलाइन खरीदी कर रहे हैं। इससे भी हमारी बिक्री प्रभावित हुई है।

मेरठ में खादी इकाई के डाइंग और प्रिंटिंग विभाग के मैनेजर भूपिंदर कुमार उपाध्याय ने कहा, सस्ते सिंथेटिक झंडे की आमद ने भी हमारे व्यापार को प्रभावित किया है। जबकि भारत के संविधान ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि तिरंगे को कपास की खादी से बनाया जाना चाहिए। एक समय था जब 800 श्रमिक यहां काम करते थे लेकिन आज लगभग सात श्रमिक हैं।

गौरतलब है कि ज्यादातर खादी यूनिट में राष्ट्रीय झंडे का उत्पादन मार्च से शुरू होता था लेकिन इस साल लॉकडाउन के कारण करीब चार महीने से उत्पादन ठप है।

आईएएनएस

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झारखंड में कोरोना के 1084 नए केस आए सामने

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झारखंड में कोरोना वायरस के 1,084 नए मामले सामने आए।

राज्य में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 17,626 है। जिसमें 9,067 सक्रिय मामले, 8,391 ठीक हो चुके मामले और 168 मौतें शामिल हैं।

देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 21,53,011 हो गई है। जिनमें से 6,28,747 सक्रिय मामले हैं, 14,80,885 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 43,379 लोगों की मौत हो चुकी है। 

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राष्ट्रीय

हिंदुस्तानी अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, युवा लेखन सम्मान कुलदीप राघव को

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हिंदुस्तानी अकादमी (प्रयागराज) ने पांच लाख रुपये के गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान एवं युवा लेखन सम्मान समेत आठ पुरस्कारों की घोषणा कर दी है।

अकादमी के सबसे लोकप्रिय पुरस्कार युवा लेखन सम्मान (कथा श्रेणी) के लिए इस बार बेस्ट सेलर लेखक कुलदीप राघव को चुना गया है। यह पुरस्कार उनकी चर्चित पुस्तक इश्क मुबारक के लिए दिया जाएगा। युवा लेखन पुरस्कार की सम्मान राशि 11 हजार रुपये है।

हिंदुस्तानी अकादमी के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए बताया कि कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद चयनित रचनाकारों को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे।

अकादमी की ओर से दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान गोरखपुर के डॉ. प्रदीप कुमार राव को प्रदान किया जाएगा। राव को उनकी कृति गुरु गोरक्षनाथ एवं आदिकालीन साहित्य पर कार्य के लिए पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

2.50 लाख रुपये का गोस्वामी तुलसी दास सम्मान रामचरित मानस की पांडुलिपियां पुस्तक के लिए संयुक्त रूप से पांडुलिपि विशेषज्ञ उदयशंकर दुबे व बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो विजयनाथ मिश्र को प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह धर्मचक्र पुस्तक पर दो लाख रुपये का भारतेंदु हरिश्चंद्र सम्मान शहर के ही डॉ. विजयानंद को दिया जाएगा।

हिंदी भाषा के आयाम पुस्तक पर दो लाख रुपये का महावीर प्रसाद द्विवेदी सम्मान मऊ के डॉ. सर्वेश पांडेय को देने का निर्णय लिया गया है। एक लाख रुपये का फिराक गोरखपुरी सम्मान अंबेडकर नगर के रामसहाय मिश्र कोमल शास्त्री को दिया जाएगा। यह सम्मान उनको उनकी कृति वक्त के बाजार में के लिए प्रदान किया जाएगा।

इसी तरह इस बार का कुंभनदास ब्रजभाषा सम्मान हाथरस के भोजराज सिंह भोज को देने का निर्णय लिया गया है। यह पुरस्कार उनको अन्नदाता-किसान पुस्तक के लिए दिया जाएगा। युवा लेखन (कविता) सम्मान लखनऊ की गरिमा सक्सेना को उनकी काव्य रचना मैं छिपा सूरज कहां के लिए दिया जाएगा।

आईएएनएस

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