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ट्रक चालकों ने हड़ताल वापस ली

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Truckers

ट्रक चालकों के संगठन ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से आश्वासन मिलने के बाद शुक्रवार को हड़ताल अस्थाई तौर पर वापस ले ली।

ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स व्हिकल्स ऑनर्स एसोसिएशन (एसीओजीओए) के महासचिव कौसर हुसैन ने आईएएनएस को बताया, हमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय से फोन आया और उन्होंने हमें बातचीत के लिए बुलाया है हमने अस्थाई रूप से हड़ताल वापस ले ली है क्योंकि इससे ट्रक चालक और लोग दोनों प्रभावित हो रहे थे।

एसीओजीओए ने डीजल की बढ़ती कीमतों, टॉल रेट्स और थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में वृद्धि के खिलाफ 18 जून से अनिश्चतकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू की थी।एसीओजीओए के अध्यक्ष चन्ना रेड्डी ने द्वारा जारी बयान के अनुसार, “हमें केंद्रीय मंत्रालय से टेलीफोन आया है क्योंकि चूंकि 27 जून तक देश में नहीं हैं, इसलिए हमने हड़ताल वापस ले ली है। हमने लोगों के हितों को देखते हुए यह फैसला किया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी फिलहाल तजाकिस्तान में हैं।

–आईएएनएस

लाइफस्टाइल

चांदनी चौक में खुल गई गोलगप्पे, चाट की दुकानें

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CHADNI CHOWK
File Photo

नई दिल्ली, दिल्ली के कई इलाकों में अब सम-विषम के आधार पर बाजार खुलने लगे हैं। इसके साथ ही चटपटा खाने के शौकीन लोगों का मनपसंद स्नैक्स भी अब उन्हें मुहैया होने लगा है। इनमें पुरानी दिल्ली के गोलगप्पे और मिठाइयां शामिल हैं।

बाजार खुलने लगे तो इसके साथ ही पुरानी दिल्ली में कई स्थानों पर गोलगप्पे, चाट पकौड़ी और मिठाई की दुकानें भी एक बार फिर से खुल रही हैं। हालांकि फिलहाल यहां केवल पैकेट बंद गोलगप्पे व अन्य सामान मिल रहे हैं। बाजार में खड़े होकर खाने की सुविधा अभी नहीं दी गई है।

गोलगप्पे और चाट के अलावा खाने-पीने की अन्य दुकानें, जूस, मिठाई आदि की दुकानें भी खुल रहीं हैं। वहीं कई स्थानों पर होम डिलीवरी करने वाले रेस्तरां, कुल्फी और गुजराती नमकीन की दुकानें भी खुल रही हैं। हालांकि खरीदार इनमें से केवल कुछ ही दुकानों को नसीब हो पा रहे हैं।

पुरानी दिल्ली में एक बार फिर गुलजार हुई इन दुकानों में खाने पीने और मिठाई की दुकानों पर ग्राहक नजर आए। जिन दुकानों पर खरीदार मौजूद थे वहां सोशल डिस्टेंसिंग की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। दुकानों पर मौजूद ग्राहकों और स्वयं दुकानदारों में सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर लेकर लेकर कोई खास सजगता नहीं दिखाई दी।

सावधानी बरतते हुए गोलगप्पे पॉलिथीन में पैक किए गए थे। गोलगप्पे का पानी, चटनी और उसमें भरने वाले आलू भी अलग-अलग पॉलिथीन में पैक करके बेचे जा रहे हैं। गोलगप्पे विक्रेता आसाराम ने कहा, “अब जब सरकार से इजाजत मिल गई है तो हम 2 महीने बाद फिर से अपना छोटा सा कारोबार खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।

अभी हम पहले की तरह ग्राहकों को मौके पर ही गोलगप्पे नहीं खिला रहे हैं बल्कि सारा सामान अलग-अलग थैलियों में पैक करके रखा है। हमने 20, 50 और 100 रुपये के अलग-अलग पैकेट बनाए हैं।”

वहीं बाजार खुलने के बावजूद ज्यादा ग्राहक अभी तक बाजारों में नहीं आए हैं। करोल बाग के एक दुकानदार गुरबख्श आहूजा ने कहा, “बाजार में आधी दुकानें खुल रही हैं लेकिन ग्राहक एक चौथाई भी नहीं है दिन भर की दुकानदारी में महज चार-पांच ग्राहक ही खरीदारी के लिए आ रहे हैं।”

आईएएनएस

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राष्ट्रीय

बिहार में कोरोना के 38 नए मरीज, संक्रमित आंकड़ा 3000 के पार

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coronavirus
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली, बिहार में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। आज राज्य में कोरोना के 38 नए मरीज मिले है। जिसके बाद संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 3006 हो गया है। पिछले 24 घंटे के भीतर कोविड -19 के कुल 269 नए मरीज मिले हैं, जिसमें से 14 मरीजों की अबतक मौत हो चुकी है। 

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शहर

रिश्तेदार ने लॉकडाउन में घर से निकाला, अजनबी आईपीएस ने अपनों से मिलवाया मासूम

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Delhi Police


नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)
| माता-पिता जिसके पास 13 साल के बच्चे को विश्वास करके छोड़ गए थे, उसने लॉकडाउन में बच्चों को निकाल बाहर किया। बच्चा कई दिन तक भूखा प्यासा पार्क में रहा। कुत्तों को पार्क में रोटी खिलाने पहुंची एक महिला की नजर जब बच्चे पर पड़ी तो मामले का भांडा फूटा। फिहलाह उड़ीसा कैडर के एक आईपीएस अधिकारी की मदद से अब बच्चा माता-पिता से मिल चुका है। 

घटना दिल्ली के द्वारका इलाके की है। बच्चे के बारे में उड़ीसा कैडर के जिस आईपीएस अधिकारी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था उनका नाम अरुण बोथरा है। बकौल अरुण बोथरा, बच्चा कई दिन तक पार्क की बेंच पर ही लेटा-बैठा रहा। जब पार्क में कुत्तों को रोटी खिलाने जाने वाली महिला की नजर बच्चे पर पड़ी, तो वे उसे खाना खिलाती रहीं।

उसके बाद एक एनजीओ की और सोशल मीडिया की मदद ली गई। जिसमें कामयाबी मिल गई। जैसे ही परिवार को पता चला वो बच्चे से मिलने दिल्ली पहुंच गया। हालांकि, बच्चे का परिवार समस्तीपुर में था। किसी आईपीएस अधिकारी संजय ने बच्चे के परिवार को पटना पहुंचाने का इंतजाम किया। फिलहाल बच्चा और परिवार अब साथ साथ हैं।

–आईएएनएस

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