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टीआरएस ने रामनाथ कोविंद को दिया समर्थन, शिवसेना ने कहा- कुछ दिन में बताएंगे

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फाइल फोटो

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार (19 जून) को बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद का नाम ऐलान किया।

रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद पीएम मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव और तमिलनाडु के सीएम के पलानीस्वामी से फोन पर बात की। तेलंगाना के सीएम और टीआरएस के नेता केसी राव ने बीजेपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा भी कर दी है।

प्रधानमंत्री ने रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा के बाद ट्वीट किया कि मैं आश्वस्त हूं कि श्री रामनाथ कोविंद एक अप्रतिम राष्ट्रपति बनेंगे और गरीबों, वंचितों और हाशिये के समाज के मजबूत आवाज बने रहेंगे।

शिवसेना नेता संजय राउत ने बताया कि अमित शाह ने शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को राष्ट्रपति उम्मीदवार के बारे में सूचित किया है। राउत ने बताया कि शिवसेना अगले कुछ दिनों में बीजेपी के उम्मीदवार के समर्थन के बारे में फैसला करेगी।

वहीं, सीपीएम ने विपक्ष की तरफ से भी उम्मीदवार खड़े करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि रामनाथ कोविंद आरएसएस शाखा के प्रमुख रहे हैं और उन्हें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना सीधे-सीधे टकराव की राजनीति है।

ममता बनर्जी ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के एनडीए के फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि समर्थन देने से पहले उन्हें कोविंद के बारे में जानना होगा।

ममता ने कहा कि प्रणव मुखर्जी, लालकृष्ण आडवाणी और सुषमा स्वराज जैसे कद के किसी नेता को चुनना चाहिए था, कोविंद को उम्मीदवार बनाने की क्या जरूरत थी।

उन्होंने कहा कि 22 जून को विपक्ष की बैठक में राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर फैसला होगा। वहीं, टीएमसी के ही डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि कोविंद के बारे में जानने के लिए उन्हें विकिपिडिया का सहारा लेना पड़ा।

राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार की घोषणा से कुछ दिन पहले बीजेपी अमित शाह ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री अरुण जेटली और सूचना एवं प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू की एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी जिसे राष्ट्रपति चुनाव पर विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। राजनाथ और वेंकैया ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी लेकिन बैठक के बाद कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि बीजेपी नेताओं ने किसी के नाम का सुझाव वहीं दिया बल्कि वो उन्हीं से राष्ट्रपति उम्मीदवार के बारे में पूछ रहे थे।

wefornews bureau

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