Connect with us

चुनाव

त्रिपुरा में 18 और नागालैंड-मेघालय में 27 फरवरी को होंगे चुनाव, 3 मार्च को नतीजे

Published

on

चुनाव आयोग ने त्रिपुरा-नागालैंड-मेघालय में विधानसभा चुनाव की तारीखों का किया ऐलान

चुनाव आयोग की ओर से नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। त्रिपुरा में 18 फरवरी और मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को चुनाव होंगे और मतगणना 3 मार्च को होनी है।

चुनाव आयोग के मुताबिक तीनों राज्यों में चुनाव दो चरणों में होंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने की और कहा कि आचार संहिता अभी से लागू हो रही है।

चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि आचार संहिता अभी से लागू हो रही है और तीनों राज्यों में वीवीपैट से चुनाव होंगे। साथ ही हर बूथ पर एक ईवीएम में वीवीपैट का मिलान होगा। उम्मीदवारों के लिए चुनाव में खर्च की सीमा 20 लाख रुपये रखी गई है।

मेघालय का समीकरण

मेघालय में विधानसभा की 60 सीटें हैं। वर्तमान में यहां पिछले दो बार से कांग्रेस की सरकार है। राज्य में मुख्य लड़ाई कांग्रेस, बीजेपी और एनपीपी के बीच है। बता दें कि साल 2013 के चुनावों में यहां बीजेपी का खाता भी नहीं खुला था। उस चुनाव में 13 निर्दलय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी।

त्रिपुरा का समीकरण

त्रिपुरा में विधानसभा की 60 सीटें हैं। यहां अभी लेफ्ट की सरकार है। साल 1998 से राज्य में माणिक सरकार मुख्यमंत्री हैं। माणिक सरकार देश के सबसे कम पैसे लेने वाले मुख्यमंत्री हैं। वह अपना कुछ वेतन पार्टी को भी देते हैं।

नागालैंड का समीकरण

नागालैंड में विधानसभा की 60 सीटें हैं। यहां साल 2003 से नागालैंड पीपुल्स फ्रंट की सरकार है। एनपीएफ, एनडीए की सहयोगी पार्टी है। यहां एनपीएफ-बीजेपी की लड़ाई कांग्रेस से है। टी आर जेलियांग राज्य के मुख्यमंत्री हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में एनपीएफ को 60 में से 38 सीटें मिली थी।

 WeForNews

चुनाव

भाजपा ने एकसाथ चुनाव की रपट खारिज की

Published

on

BJP

नई दिल्ली, 14 अगस्त | भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने मंगलवार को अगले वर्ष की शुरुआत में लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव को एकसाथ कराने की रपट खारिज कर दी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा ऐसी किसी भी गलतफहमी को खारिज करती है।”

उन्होंने कहा कि जहां तक ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का सवाल है, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को विधि आयोग को लिखे अपने पत्र में इस मामले में सभी हितधारकों के साथ सकारात्मक चर्चा करने की अपील की है।

पात्रा ने कहा, “जैसा कि मीडिया के कुछ वर्गो की ओर से रपट किया जा रहा है, शाह के पत्र में, लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने का कोई जिक्र नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का समर्थन किया है, लेकिन किसी को भी इस बारे में गलतफहमी नहीं फैलानी चाहिए।

पात्रा ने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी तरह के सुधार के लिए सकारात्मक चर्चा अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए चर्चा करने का आह्वान किया है और कहा है कि इस मामले में सहमति बनती है तो, यह देश के लिए अच्छा होगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘एक देश, एक चुनाव’ का समर्थन किया है।

Continue Reading

चुनाव

एकसाथ चुनाव के लिए लोकसभा भंग करें मोदी : कांग्रेस

Published

on

Ashok Gehlot

नई दिल्ली, 14 अगस्त | कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि यदि एक साथ चुनाव कराए जाने हैं तो कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव पहले कराए जाए और साथ ही लोकसभा को भंग कर दिया जाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, “संविधान में संशोधन के बगैर एकसाथ चुनाव संभव नहीं है। चुनावों को एकसाथ कराने का सिर्फ एक तरीका है और वह यह है कि मोदीजी को आम चुनाव पहले कराने के लिए लोकसभा भंग कर देना चाहिए। हम इसका स्वागत करेंगे।”

गहलोत की यह टिप्पणी उस रपट के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि सरकार अगले साल कुछ राज्यों में पहले व कुछ राज्यों में देरी कर 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव कराने पर विचार कर रही है।

गहलोत ने कहा, “अगर वे लोकसभा को पहले भंग कर ऐसा करते हैं तो हम लोकसभा व राज्य विधानसभा चुनाव दोनों एक साथ लड़ने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करने के प्रति गंभीर व ईमानदार नहीं है और इसका सिर्फ राजनीतिक रूप से फायदा लेना चाहती है।

उन्होंने कहा, “वे सिर्फ इसे दिखा रहे हैं कि वे राष्ट्र के बारे में बहुत चिंतित हैं और चुनाव पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है। वे सिर्फ इस पर राजनीति खेल रहे हैं।”

राजस्थान की मतदाजा सूचियों में गड़बड़ी के बारे में शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग गए गहलोत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी।

तन्खा ने यह भी कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव टालने की कोशिश करती है तो वह अदालत जाएंगे।

–आईएएनएस

Continue Reading

चुनाव

मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत: ओपिनियन पोल

Published

on

Congress-reuters
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

आगामी विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में बीजेपी को झटका लग सकता है। ऐसा मानना है एबीपी न्यूज और सी-वोटर के ओपिनियन पोल सर्वे का। सर्वे की मानें तो कांग्रेस इस बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्‍ता में आ रही है। 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज मध्‍य प्रदेश की शिवराज सिंह और छत्‍तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार के खिलाफ जबर्दस्त एंटी इन्कमबेंसी फैक्टर हावी होना बताया गया है।

तीनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पिछले 15 वर्षों से बीजेपी की ही सरकार है।

इस सर्वे में कहा गया है कि राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिल सकता है। एमपी में उसे 230 में से 117 सीटें, राजस्‍थान में 200 में से 130 सीटें और छत्‍तीसगढ़ में 90 में से 54 सीटें मिल सकती हैं। वहीं बीजेपी को मध्‍य प्रदेश में 106, छत्‍तीसगढ़ में 33 और राजस्‍थान में 57 सीटे पर सिमट सकती है।

WeForNews

Continue Reading

Most Popular