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टाइगर श्रॉफ और दिशा पटानी ने बचपन की कहानियां साझा की

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फाइल फोटो

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ और अभिनेत्री दिशा पटानी अपने बचपन में बहुत शैतान थे और दोनों हमेशा लोगों के साथ मजाक किया करते थे। एमटीवी चैनल के बयान के अनुसार, दोनों ने अपनी कहानी एमटीवी बीट्स चैनल के एक सेगमेंट ‘एलओएल अप्रैल’ में अपनी कहानियां साझा की।

टाइगर ने कहा कि यह काफी गलत था लेकिन बचपन में मैंने एक व्यक्ति के सीट पर च्यूइंगम लगी दी जो उसकी पीठ से चिपक गई। वह मेरे द्वारा किया गया शैतानी भरा मजाक था।

दिशा ने कहा कि जब मैं छोटी थी, तब नया टेलीफोन आया था। मैं और मेरी बहन साथ बैठकर किसी को भी फोन किया करते थे। हम फोन लगाते थे और कहते थे ‘हाय, मैं माता बात कर रही हूं’। हम किसी का नाम ले लिया करते थे।

–आईएएनएस

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कैटरीना से कोई मनमुटाव नहीं : आलिया

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Alia-Bhatt-
File Photo

आलिया भट्ट ने अपने प्रेमी रणबीर कपूर की पूर्व प्रेमिका कैटरीना कैफ से मनमुटाव की खबरों को खारिज किया है। आलिया ने कपरीसी बैग्स’ के नए कलेक्शन के लॉन्च मौके पर संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही।

आलिया और कैटरीना को शुरू से ही करीबी दोस्त माना जाता है। वे आमतौर पर सोशल मीडिया पर अपने वर्कआउट और दोस्ती की तस्वीरें पोस्ट करती रहती थीं लेकिन जब से आलिया ने रणबीर को डेट करना शुरू किया है, खबरें थी कि आलिया और कैटरीना के संबंध अब उतने अच्छे नहीं रहे और अचानक ही इंस्टाग्राम पर भी इनके दोस्ती में आई खटास दिखती है।

इंस्टाग्राम पर अब कैटरीना द्वारा आलिया की तस्वीरों को लाइक नहीं करने के सवाल पर आलिया ने कहा, “मैं अपने इंस्टाग्राम लाइक्स चेक नहीं करती। इसलिए मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता लेकिन हां हम अभी भी अच्छे दोस्त हैं। आलिया ने कहा, मुझे लगता है कि हमारे बीच कुछ नहीं बदला तो फिर लोग अलग क्यों सोच रहे हैं। पता नहीं?”

आलिया मजाकिया लहजे में कहती हैं, शायद अब मेरी अच्छी तस्वीरें नहीं हैं लेकिन अब मैं कैटरीना को मैसेज कर कहूंगी कि वह मेरी तस्वीरों को दोबारा लाइक करना शुरू कर दें, अगर दोस्ती का पैमाना यही है तो यही सही।

–आईएएनएस

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मनोरंजन

IFFM : ‘हिचकी’ के लिए रानी को मिला बेस्ट एक्ट्रेस का खिताब

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Rani Mukharji
फोटो-ट्विटर

ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न में बीती रात बॉलीवुड के सितारों के नाम रही। दरअसल यह मौका था ‘इंडियन फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबॉर्न’ (आईएफएफएम) अवॉर्ड्स -2018 का।इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड के कई सितारों को अलग-अलग श्रेणियों में अवॉर्ड्स दिए गए।

रानी मुखर्जी को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में फिल्म ‘हिचकी’ के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से नवाज़ा गया है। इस अवॉर्ड को हासिल करने के बाद रानी ने कहा कि फिल्म की कहानी में एक सार्वभौमिक तत्व है और इसकी सकारात्मकता की भावना ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों और स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया।

रानी ने कहा, मुझे बहुत गर्व है और आभारी हूं कि ‘हिचकी’ को दर्शकों ने स्वीकार किया और इसे पसंद किया है। यह एक सार्वभौमिक मूल्य की कहानी है और इसकी सकारात्मकता की भावना ने भारतीयों और स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया। इस अवॉर्ड पाने के लिए आभारी हूं और अपने काम की तारीफ के लिए सभी की शुक्रगुजार हूं।

कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा, मेलबोर्न के भारतीय फिल्म महोत्सव ने हमेशा भारतीय सिनेमा का सर्वश्रेष्ठ स्वागत किया है और हमारी कहानियों के कहने के तरीके को सराहा है। बता दें कि फिल्म ‘हिचकी’ के साथ रानी ने बॉलीवुड में लंबे समय के बाद वापसी की थी।

इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी टीचर का किरदार निभाया था जो बचपन से ही टोरेट सिंड्रोम से पीड़ित है जिसकी वजह से उसे बोलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।बता दें  कि बेस्ट फ़िल्मों की रेस में संजय लीला भंसाली की फ़िल्म ‘पद्मावत’ भी शामिल थी लेकिन, बाजी ‘संजू’ ने मारी।

अन्य अवॉर्ड्स में ‘लव सोनिया’ को बेस्ट इंडी फ़िल्म, ‘गली गुलियां’ को बेस्ट फ़िल्म (स्पेशल मेंशन), तो मनोज बाजपेयी को इसी फ़िल्म के लिए बेस्ट एक्टर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। जबकि ऋचा चड्ढा को ‘लव सोनिया’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला।

आईएफएफएम के जूरी सदस्यों में सिमी गरेवाल, निखिल आडवाणी, सू मस्लिन, जिल बिलकॉक, एंड्रयू अनास्तासियोस और ज्यॉफ्री राइट शामिल थे। जूरी के सदस्य छह श्रेणियों- सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ इंडी फ़िल्म, सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के विजेताओं का चयन किया।

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तीन तलाक हमारे संविधान के खिलाफ : शबाना आजमी

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Shabana Azmi
File Photo

फिल्म अभिनेत्री, पूर्व सांसद व समाजसेवी शबाना आजमी ने यहां  कहा कि तीन तलाक का नियम मुस्लिम महिलाओं का शोषण करने के लिए बनाया गया था और ये हमारे संविधान के खिलाफ है। ऐसे में सरकार ने जो कानून बनाया है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों में से 24 इस्लामिक देशों में तीन तलाक को अपने संविधान से निकालकर बाहर फेंक दिया है। शबाना आजमी ने कहा, भारत सेक्युलर देश है और संविधान ने यहां सबको अधिकार दिया है।

तीन तलाक बीते कई दशकों से मुस्लिम महिलाओं का शोषण करता चला आ रहा था और जो कानून महिलाओं का शोषण करे, उसे हम लोग हरगिज बर्दाश्त नहीं कर सकते।मोहम्मद हसन डिग्री कॉलेज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शबाना आजमी ने दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि निर्भया कांड के बाद जस्टिस वर्मा ने जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, उसमें सख्त कानून के साथ-साथ समाज को जागरूक करने की बात कही गई थी।

इसके बाद देश की संसद ने कानून में बदलाव कर उसे सख्त बनाया था। बावजूद इसके आज जिस तरह से देश में दुष्कर्म की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं वो चिंता का विषय है।  उन्होंने कहा, ऐसे में हम सबको मिलकर लोगों को जागरूक करने की जरूरत है और सरकार को भी चाहिए कि जो भी ऐसे घृणित कार्य में दोषी पाया जाता है उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाए, जिससे समाज को संदेश मिल सके।”

अभिनेत्री ने कहा कि अक्सर यह देखने में आता है कि लोग घटना के बाद कानून के लचीलेपन की वजह से छूट जाते हैं, इसलिए ऐसे लोगों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

उन्होंने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आज महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए तरह-तरह की योजनाएं लागू कर रही हैं। जरूरत है उसको जमीन पर लागू करने की, जिससे कि महिलाएं अपने हक को जान सकें।

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