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सुप्रीमकोर्ट के 4 जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आईं ये प्रतिक्रिया

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फाइल फोटो

देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के 4 सिटिंग जज न्यायपालिका की खामियों की शिकायत लेकर मीडिया के सामने आए और अपनी शिकायत गिनाईं। सिटिंग जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि ये सब सुनकर चिंता होती है। साथ ही साथ मैं उम्मीद करता हूं कि वो लोग आपस में बैठकर इसका कोई समाधान निकालेंगे। ये कोई ऐसा मुद्दा नहीं है जिससे कोर्ट का कोई नुकसान होना चाहिए।

वरिष्ठ वक़ील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। ख़ुशी की बात है की जजों ने खुलकर इस मुद्दे पर बात की। लोगों को ये जानना ज़रूरी था कि कोर्ट में क्या चल रहा है। आगे इस पर सीनियर जजों को खुलकर इस पर बात करनी ही होगी।

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि हम उनकी आलोचना नहीं कर सकते हैं। ये चारों ऐसे लोग जिन्होंने अपने इस करियर के लिए बहुत कुछ गंवाया है। हमें उनका सम्मान करना चाहिए। पीएम को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि ये चारों जज और चीफ जस्टिस इस मुद्दे पर एकमत हो जाएं।

वरिष्ठ वकील उज्जवल निकम ने कहा कि आज का प्रेस कॉन्फ्रेंस एक गलत मिसाल साबित हो सकता है। ये जुडिशियरी के इतिहास का काला दिन की तरह है। इसके बाद हर कोई न्यायिक आदेश को संदेह की नज़र से देखेंगे। हर फैसले पर सवाल उठाए जाएँगे।

नेता और वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि किसी को ये इस स्थिति को सामने लाना ही पड़ता कि चीफ जस्टिस बहुत ही बुद्धिमानी से अपने पावर का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए ये बेमिसाल कदम है।

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संसद सत्र : मोदी ने सांसदों से सहयोग मांगा, कांग्रेस ने राफेल पर जेपीसी

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस राफेल मामले में जेपीसी जांच की मांग करेगी और ईवीएम के कथित दुरुपयोग का मामला उठाएगी।

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Rahul Modi
PM Modi and Rahul Gandhi (File PIc)

नई दिल्ली, 10 दिसंबर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र के सुचारु संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा, जबकि कांग्रेस ने राफेल सौदे की जेपीसी जांच और ईवीएम व किसानों की समस्या पर चर्चा की मांग की। लोकसभा चुनाव से पहले इस अंतिम पूर्णकालिक सत्र के लिए सरकार के एजेंडे में 46 विषय हैं, जिसमें 45 विधेयक हैं।

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मीडिया से कहा, “प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा है कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों बेहतर शासन के लिए अपने सुझाव साझा करते हैं।”

तोमर ने कहा, “मोदी ने कहा कि सरकार नियम और प्रक्रियाओं के मुताबिक सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है और संसद के सुचारु संचालन के लिए विपक्ष के सुझाव मानने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “मोदी ने राजनीतिक पार्टियों से सत्र के दौरान सकारात्मक माहौल बनाने और लोगों से जुड़े मामलों को साथ मिलकर सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह हमारी मुख्य जिम्मेदारी है कि हम संसद का सुचारु संचालन सुनिश्चित कर देश और देश के लोगों की सेवा करें।”

तोमर ने कहा कि बैठक में मौजूद सभी राजनीतिक पार्टियों ने संसद के सुचारु संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार राफेल लड़ाकू विमान सौदे में जेपीसी जांच के लिए तैयार होगी? उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास राफेल, किसानों की दुर्दशा और अर्थव्यवस्था से संबंधित कई मामले हैं, लेकिन उन्हें अपनी प्राथमिकताएं तय करनी होगी, क्योंकि सत्र केवल चार सप्ताह का है।

उन्होंने कहा, “ये चीजें कार्य मंत्रणा समिति में तय हो सकती हैं।”

मंत्री ने कहा कि राम मंदिर पर कानून ‘आज की चर्चा का हिस्सा नहीं था’।

तोमर ने कहा, “जब इस दिशा में कुछ सामने आएगा, तो हम आपको बताएंगे।”

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस राफेल मामले में जेपीसी जांच की मांग करेगी और ईवीएम के कथित दुरुपयोग का मामला उठाएगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी इसके साथ ही राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सरकार द्वारा जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, किसानों की दुर्दशा, रुपये के कमजोर होने, पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में वृद्धि, महिलाओं की सुरक्षा और आरबीआई की स्वायत्तता को कमजोर करने की कोशिश पर भी चर्चा की मांग करेगी।

उन्होंने कहा, “हम लंबे समय से राफेल घोटाले में जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार निर्णय लेने में विफल रही है। यह लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि मतदाताओं का विश्वास ईवीएम पर बना रहे, लेकिन दुर्भाग्य से जब से भाजपा सत्ता में आई है, लोगों का ईवीएम से भरोसा उठ गया है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी इसका दुरुपयोग कर रही है।”

29 दिन के इस सत्र में 20 बैठकें होंगी।

–आईएएनएस

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पटेल के इस्तीफे के कारण जरूर होंगे : सी.रंगराजन

“मैंने सोचा था कि बोर्ड की अंतिम बैठक में आरबीआई और केंद्र सरकार के बीच कई मामले सुलझा लिए गए हैं और बाकी मुद्दे भी जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे।”

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RANGARAJAN

चेन्नई, 10 दिसंबर | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने सोमवार को कहा कि वह आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे से ‘दुखी’ और ‘हैरान’ हैं। रंगराजन ने आईएएनएस से कहा, “यह दुखद है, क्योंकि आरबीआई गवर्नर के इस्तीफे का असर वित्तीय बाजार पर पड़ेगा। सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और तुरंत एक नया गवर्नर नियुक्त करना चाहिए।”

आंध्रप्रदेश के पूर्व राज्यपाल रंगराजन ने कहा, “उन्होंने इस्तीफा देने का निजी कारण बताया है, लेकिन उनके इस्तीफे के पीछे कुछ कारण जरूर रहे होंगे।”

हैरान क्यों हैं? यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था कि बोर्ड की अंतिम बैठक में आरबीआई और केंद्र सरकार के बीच कई मामले सुलझा लिए गए हैं और बाकी मुद्दे भी जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे।”

रंगराजन वर्ष 2009-14 के दौरान प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष भी थे।

रंगराजन के अनुसार, वह समझते थे कि आरबीआई और केंद्र के बीच मुद्दे सुलझा लिए गए हैं और समितियों के गठन को लेकर एक-दो चीजों को सुलझाया जाना बाकी रह गया है।

उर्जित पटेल ने सोमवार को ‘निजी कारणों’ का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरबीआई की ओर से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा, “मैंने निजी कारणों से अपने मौजूदा पद से तत्काल इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।”

उन्होंने बयान में कहा, “वर्षो तक आरबीआई में विभिन्न पदों पर काम करना मेरे लिए सौभाग्य

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माल्या के भारत प्रत्यर्पण को लंदन कोर्ट की मंजूरी

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vijay malya
विजय माल्‍या (फाइल फोटो)।

भगोड़े शराब कारोबारी को भारत लाए जाने का रास्‍ता अब साफ हो गया है। लंदन की कोर्ट ने विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण को मंजूरी दी है। कोर्ट ने कहा कि वह ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है।

माल्‍या ने वहां मौजूद मीडिया से कहा कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा वह उसे मंजूर होगा। उसने कहा कि मैंने किसी का पैसा नहीं चुराया, मैं लोन लिया हुआ पैसा चुकाने को तैयार हूं। लोन का प्रत्यर्पण से कोई संबंध नहीं है।

बैंकों की ऋण राशि का भुगतान करने के प्रस्ताव पर विजय माल्या ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा कि कर्नाटक उच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। इस बारे में उच्च न्यायालय को फैसला तय करने दें।

धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले में वांछित माल्या पर भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये बकाया हैं। ब्रिटेन में पिछले साल अप्रैल में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। अभी वह जमानत पर है।

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