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विटामिन A की कमी को ऐसे करें दूर…

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शरीर के लिए विटामिन बेहद जरूरी होता है। शरीर को समय-समय पर विटामिन्स की पूर्ति करते रहना चाहिए। इन्हीं विटामिन्स में विटामिन ए भी शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है।

विटामिन ए त्वचा, हड्डियों और शरीर की अन्य कोशिकाओं को मजबूत रखता है। विटामिन ए में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है। इसके अलावा विटामिन ए मुक्त कणों को टूटने से रोकता है और हमारे शरीर से सूजन संबंधी समस्या नहीं उत्पन्न होने देता है।

इतना ही नहीं इम्यून सिस्टम के कार्यों को बेहतर बनाने और दिल, फेफड़े, किडनी के साथ ही शरीर के दूसरे आवश्यक अंगों के कार्यों को भी सामान्य रखने के लिए विटामिन ए की भूमिका काफी अहम मानी जाती है। अगर शरीर में विटामिन ए की कमी देखने को मिलती है तो इससे शरीर कई समस्याओं से ग्रस्त हो जाता है।

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विटामिन ए की कमी

विटामिन ए की कमी से अंधापन, आंखों में सूखापन, रूखे बाल, सूखी त्‍वचा, बार-बार सर्दी-जुकाम, थकान, कमजोरी, नींद न आना, रतोंधी, निमोनिया और वजन में कमी होने जैसी कई परेशानियां झेलनी पड़ जाती हैं। ऐसे में इन रोगों से ग्रस्त रहने से बचने के लिए शरीर में विटामिन ए की कमी की पूर्ति करना काफी आवश्यक हो जाता है।

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इनका करें सेवन

सब्जियों और फलों के सेवन से आसानी से विटामिन ए की पूर्ति की जा सकती है। शरीर में विटामिन ए की भरपाई करने के लिए अंडा, दूध, गाजर, पीली या नारंगी सब्जियां, पालक, स्वीट पोटेटो, पपीता, दही, सोयाबीन और दूसरी पत्तेदार हरी सब्जियां का सेवन किया जा सकता है।

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नींबू पानी पीने से मिलेगा इन 5 समस्याओं से छुटकारा

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Nimbu-

गर्मी के मौसम में हम अक्सर नींबू पानी पीते हैं लेकिन इसके पीने के क्या-क्या फायदे हैं ये हम को मालूम नहीं।

क्या आपको पता है नींबू कई तरह की शारीरिक समस्याओं का इलाज के काम में आता है। इसका फायदा आपको तभी मिलेगा जब आपको नींबू पानी पीने के सही तरीके के बारे में पता होगा।

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आइए हम आपको बताते है नींबू पीने के कई फायदे

नींबू में सिट्रिक एसिड पाया जाता है जो कि किडनी में पथरी होने से रोकता है। अगर आप रोजाना नींबू पानी का सेवन करते हैं तो आपको पथरी की समस्या नहीं होगी।आपने अक्सर सोकर उठने के बाद लोगों को गुनगुने पानी में नींबू की बूंदे मिलाकर पीते हुए देखा होगा। दरअसल इसका एक वैज्ञानिक कारण भी है।

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इससे व्यक्ति का पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। खाना जल्दी पचता और व्यक्ति फिट रहता है। नींबू में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इससे आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। रोजाना नींबू पानी पीने वालों को जुकाम-बुखार की भी बहुत कम शिकायत होती है।

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अगर आपके मुंह से दुर्गंध आ रही है तो आप एक गिलास नींबू पानी पी लीजिए। इससे आपके मुंह से बदबू आनी भी बंद हो जाएगी और मुंह सूखा भी नहीं रहेगा। नींबू आपके मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है। इसके अलावा इसमें फाइबर भी पाया जाता है। नींबू पानी आपको वजन घटाने में भी मदद करता है।

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बस आप इतना ध्यान होना चाहिए की आप हमेशा ताजे नींबू का ही प्रयोग करें। नींबू पानी गुनगुने और ठंडे दोनो रूप में पी सकते हैं। इसके अलावा अगर आप नींबू पानी के साथ संतरे या खीरे का सेवन करें तो और भी अच्छा है।

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लाइफस्टाइल

कम वसा वाले आहार से हो सकती है टेस्टोस्टेरोन की कमी : सर्वे

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टेस्टोस्टेरोन की कमी से पीड़ित कई पुरुषों के लिए वजन कम करने से टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि विशेष रूप से कम वसा वाला आहार टेस्टोस्टेरोन में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण कमी के साथ जुड़ा हो सकता है।

अमेरिका के शिकागो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जेक फंटस ने अध्ययन में कहा, “हमने पाया कि जिन लोगों ने वसा प्रतिबंधक आहार का पालन किया था, उनमें प्रतिबंधक आहार का पालन नहीं करने वाले पुरुषों की तुलना में सीरम टेस्टोस्टेरोन कम था।”

फंटस ने कहा, “हालांकि आहार में सीरम-टी में छोटे अंतर का नैदानिक महत्व स्पष्ट नहीं है।”जर्नल ऑफ यूरोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन के लिए शोध टीम ने एक राष्ट्रव्यापी स्वास्थ्य अध्ययन (राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण, या एनएचएएनईएस) से 3,100 से अधिक पुरुषों के आंकड़ों का विश्लेषण किया।

सभी प्रतिभागियों के पास आहार और सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर पर डेटा उपलब्ध था।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) द्वारा परिभाषित किया गया कि दो दिवसीय आहार के आधार पर 14.6 फीसदी पुरुषों ने कम वसा वाले आहार के लिए मापदंड पूरे किए।

वहीं अन्य 24.4 फीसदी पुरुषों ने फल, सब्जियों और साबूत अनाज जैसे आहार का सेवन किया। इन लोगों ने पशुओं से प्राप्त होने वाले प्रोटीन और डेयरी उत्पाद का सेवन कम किया।

शोध में शामिल केवल कुछ पुरुषों ने एएचए मानदंडों के साथ कम कार्बोहाइड्रेट आहार लिया, इसलिए इस समूह को विश्लेषण से बाहर रखा गया।

शोध के दौरान पुरुषों में औसत सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 435.5 एनजी/डीएल (नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर) था। अध्ययन के अनुसार, प्रतिबंधात्मक आहार लेने वाले पुरुषों में सीरम टेस्टोस्टेरोन कम मिला, जोकि कम वसा वाले आहार पर 411 एनजी/डीएल पाया गया।

टेस्टोस्टेरोन एक हार्मोन है, जो पुरुषों में उनके वृषण में पाया जाता है। यह पुरुषों के अंदर यौन शक्ति को बढ़ाता है और मांसपेशियों व लाल रक्त कोशिकाओं के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने के साथ ही यौन कार्यो के लिए भी सहायक होता है।

–आईएएनएस

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लाइफस्टाइल

एंटीबायोटिक्स से शुरुआती डिमेंशिया का इलाज संभव : शोध

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एंटीबायोटिक्स की एक क्लास ‘एमिनोग्लाइकोसाइड्स’ के माध्यम से शुरुआती डिमेंशिया (पागलपन) का अच्छा उपचार हो सकता है। शोधकर्ता ने एक शोध में इस बात का पता लगाया है।

फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया, शुरुआती डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है, जो आमतौर पर 40 और 65 की उम्र के बीच शुरू होता है। यह मस्तिष्क के फ्रंटोल और टेंपोरल लोब को प्रभावित करता है, जिससे व्यवहार में बदलाव, बोलने और लिखने में कठिनाई और स्मृति में गिरावट होती है।

ह्यूमन मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स में छपे एक शोध के अनुसार, फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया के रोगियों के एक सबग्रुप में एक विशिष्ट जेनेटिक म्यूटेशन होता है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रोग्रानुलिन नामक प्रोटीन बनाने से रोकता है।

हालांकि, प्रोग्रानुलिन को व्यापक रूप से नहीं समझा जा सका है, लेकिन इसकी अनुपस्थिति सीधे तौर पर बीमारी से जुड़ी हुई है।

अमेरिका स्थित केंटकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि इस म्यूटेशन के साथ न्यूरोनल कोशिकाओं में अमीनोग्लाइकोसाइड एंटीबायोटिक्स के जुड़ने के बाद कोशिकाओं ने म्यूटेशन को छोड़ दिया और फुल लेंथ के प्रोग्रानुलिन प्रोटीन बनाना शुरू कर दिया।

–आईएएनएस

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