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शेयर बाजार : तिमाही नतीजे, आर्थिक आंकड़े तय करेंगे चाल

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अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल और वैश्विक आर्थिक आंकड़े, प्रमुख कंपनियों की तिमाही नतीजे, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का प्रदर्शन के आधार पर होंगे।

अगले सप्ताह जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होंगे, उनमें एसीसी मार्च तिमाही के नतीजे बुधवार (18 अप्रैल) को जारी करेगी। वहीं, इंडसइंड बैंक और टीसीएस के पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के नतीजे गुरुवार को जारी होंगे। आर्थिक मोर्चे पर, सरकार थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मार्च के मुद्रास्फीति के नतीजे सोमवार (16 अप्रैल) को जारी करेगी।

साल-दर-साल आधार पर थोक मूल्य आधारित महंगाई दर फरवरी के दौरान उससे पिछले महीने की तुलना में थोड़ी कम रही और यह 2.48 फीसदी दर्ज की गई जबकि जनवरी में थोक वस्तुओं की महंगाई दर 2.84 फीसदी थी। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2017 के फरवरी में (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दर 5.1 फीसदी थी।

वैश्विक मोर्चे पर, चीन अपनी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की पहली तिमाही के नतीजे मंगलवार (17 अप्रैल) को जारी करेगी। जापान के औद्योगिक उत्पादन का फरवरी का आंकड़ा मंगलवार (17 अप्रैल) को जारी किया जाएगा। जापान का ही मुद्रास्फीति का मार्च का आंकड़ा शुक्रवार (20 अप्रैल) को जारी किया जाएगा।अमेरिका के औद्योगिक उत्पादन का मार्च का आंकड़ा मंगलवार (17 अप्रैल) को जारी होगा।

–आईएएनएस

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शेयर बाजारों में गिरावट, सेंसेक्स 356 अंक नीचे

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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में तीन प्रमुख राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को मिली बढ़त के बाद मंगलवार को देश के शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई है।

प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.06 बजे 356.04 अंकों की गिरावट के साथ 34,603.68 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 102.45 अंक टूटकर 10,386.00 पर कारोबार करते देखे गए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 375.59 अंकों की गिरावट के साथ 34584.13 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 138.4 अंकों की कमजोरी के साथ 10,350.05 पर खुला।

–आईएएनएस

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शेयर बाजारों में भारी गिरावट, सेंसेक्स 714 अंक नीचे

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देश के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 713.53 अंकों की गिरावट के साथ 34,959.72 पर और निफ्टी 205.25 अंकों की गिरावट के साथ 10,488.45 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 468.59 अंकों की गिरावट के साथ 35,204.66 पर खुला और 713.53 अंकों या 2.00 फीसदी गिरावट के साथ 34,959.72 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 35,246.97 के ऊपरी और 34,915.77 के निचले स्तर को छुआ।

सेंसेक्स के 30 में से केवल दो शेयर कोल इंडिया (0.76 फीसदी) और मारुति (0.49 फीसदी) में तेजी रही।सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में कोटक बैंक (6.56 फीसदी), रिलायंस (3.95 फीसदी), एशियन पेंट्स (3.48 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.45 फीसदी) और अडानी पोर्ट्स (3.41 फीसदी) प्रमुख रूप से शामिल रहे।

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 271.02 अंकों की गिरावट के साथ 14,446.47 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 258.95 अंकों की गिरावट के साथ 13,845.70 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 185 अंकों की गिरावट के साथ 10,508.70 पर खुला और 205.25 अंकों या 1.92 फीसदी गिरावट के साथ 10,488.45 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,558.85 के ऊपरी और 10,474.95 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के सभी 19 सेक्टरों में गिरावट रही। बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे -रियल्टी (3.15 फीसदी), दूरसंचार (2.73 फीसदी), ऊर्जा (2.56 फीसदी), वित्त (2.09 फीसदी) और बैंकिंग (2.04 फीसदी)।बीएसई में कारोबार का रुझान नकारात्मक रहा। कुल 636 शेयरों में तेजी और 1,884 में गिरावट रही, जबकि 158 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

–आईएएनएस

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नवंबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 6.75 लाख करोड़ रुपये

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बीते वर्ष की तुलना में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ, इस वर्ष नवंबर तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 6.75 लाख करोड़ रुपये रहा। सोमवार को जारी आंकड़े से यह जानकारी मिली है। बीते वर्ष की तुलना में आयकर रिटर्न में 50 प्रतिशत वृद्धि के बावजूद यह प्रत्यक्ष कर संग्रह में मात्र 15.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।

सरकार ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान संग्रह समेत आय घोषणा योजना के तहत 10,833 करोड़ रुपये की संग्रहित राशि मौजूदा वर्ष के संग्रह का भाग नहीं है।

वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “कुल कर संग्रह में से, 1.23 लाख करोड़ रुपये के रिफंड को अप्रैल-नवंबर के दौरान जारी किया गया, जोकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान जारी किए गए रिफंड से 20.8 प्रतिशत ज्यादा है।”

बयान के अनुसार, “अप्रैल-नवंबर के दौरान कुल संग्रह (रिफंड का समायोजन करने के बाद) में 5.51 लाख करोड़ रुपये (14.7 प्रतिशत) की वृद्धि दर्ज की गई है। कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्त वर्ष 2019 के प्रत्यक्ष कर के कुल अनुमान(11.5 लाख करोड़) का 48 प्रतिशत है।” बयान के अनुसार, कॉरपोरेट आयकर में 17.7 प्रतिशत और निजी आयकर संग्रह में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

पिछले सप्ताह, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष सुशील चंद्रा ने कहा था कि निर्धारण वर्ष 2018-19 के लिए अबतक छह करोड़ से ज्यादा आयकर रिटर्न भरे जा चुके हैं, जिसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 50 प्रतिश की वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई थी कि सरकार 11.5 लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष कर संग्रह के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी।

–आईएएनएस

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