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खड़े होकर करते हैं भोजन तो हो जाएंं सावधान, ये हैं नुकसान

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Lifestyle
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

भागदौड़ की इस जिंदगी में लोगों का लाइफस्टाइल इतना बदला है कि उनका खान-पान ही उन्हें बीमारियों से जकड़ रहा है। प्राचीनकाल में जहां लोग जमीन पर बैठकर आराम से खाना खाते थे, वहीं आजकल डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना पसंद करते हैं। यही नहीं बात करें समय न होने की तो लोग हाथ में ही ब्रेड को फोल्ड कर रास्ते में चलते-चलते खाने लगते हैंं जो कि स्वास्थ के लिहाज से खतरनाक है।

खड़े-खड़े खाना खाने से ये होते हैं नुकसान:- 

* खाना पचता नहीं हैं :- खड़े होकर खाना खाने से खाना सही तरह से पचता नहीं है, जिससे पाचन क्रिया खराब हो जाती है। ऐसे में आप पेट से जुड़ी अपच, घुटनों का दर्द, कमर दर्द, कब्ज और एसिडिटी का शिकार हो सकते हैंं। जैसा कि मालूम हो कब्ज बिमारियों का बादशाह कहलाती है।

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* आंतों का सिकुड़ना :- इसमें आप खड़े होकर कुछ भी खाते या पीते हैं, चाहे वह ज़रा-सा ही क्यों न हो, वह सीधे आंतों में चला जाता है जो नुकसानदायक है। इससे पेट में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं हो जाती हैं।

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* मोटापे की वजह :- खड़ी अवस्था में भोजन ठीक से नहीं पचता जिससे फैट और कैलोरी शरीर में इकट्ठा होना शुरू हो जाता है जिससे आप मोटापे का शिकार हो जाते है।

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* मन रहता है अशांत :- जब हम खड़े होकर भोजन करते हैंं तो मन शांत नहीं रहता। वह हमेशा अशांत महसूस करता है और इससे मानसिक स्थिति में काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही एकाग्रता की कमी भी हो जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम-काज करने में दिक्कत होती है।

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* अल्सर की समस्या :- खड़े होकर भोजन करने से एसोफेगस नली के निचले हिस्से पर कुप्रभाव पड़ने लगता है। ज्ञात हो एसोफेगस नली गले से पेट तक भोजन और पानी पहुंचाने का काम करती है। इसलिए इसके खराब होने से अल्सर का खतरा अधिक बढ़ जाता है।

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* किडनी समस्या :- जानकरों की मानें तो खड़े होकर कुछ भी खाने-पीने से किडनी और पथरी रोग की संभावना अधिक रहती है। इसके साथ ही घुटनों और कमरदर्द जैसी परेशानी भी अपनी चपेट में ले सकती है।

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आइए आपको खाना खाने की सही तरीके से अवगत कराते हैं।

1. हमेशा भोजन ज़मीन पर बैठकर करना चाहिए। अगर आप ज़मीन पर नहीं बैठ पाते या नहीं बैठना चाहते तो आप डायनिंग टेबल पर बैठकर आराम से भोजन कर सकते हैं।

2. भोजन को छोटे टुकड़ों में और धीरे-धीरे अच्छे से चबाकर खाएं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो अपच की समस्या हो सकती है।

3. कई लोग सर्दियों में चप्पल जूतों को हमेशा पैर में पहनकर रखते हैं, जिससे कि सर्दी न लगे। पैरों में जूते-चप्पल पहनने से पैर बेहद साफ और गर्म रहते हैं, जबकि आयुर्वेद के अनुसार भोजन करते समय मनुष्य के पैर ठण्डे रहने चाहिए। ऐसे में हमेशा जूते-चप्पल उतार कर ही भोजन करें।

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Holi 2019: इन गानों के बिना अधूरी हैं होली…

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Holi song
File Photo

होली का त्योहार आते ही देशभर में उत्साह और उमंग की लहर दौड़ने लगती हैं। होली रंगो और गानों के बिना मनाना लगभग नामुमकिन है।

होली के गीतों से त्योहार में डबल मजा आ जाता हैं। नाच गानों की महफिल और सभी रंगों में सराबोर हो जाते हैं। बॉलीवुड में भी हमेशा से ही ऐसे तमाम गाने फिल्माए गए हैं जो होली पर आधारित हैं।

ये गाने आज भी काफी ज्यादा सुने जाते हैं। होली के मौके पर सूने ये नए और पुराने कुछ शानदार गाने।

https://www.youtube.com/watch?v=-GPAzK1hMfg

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लाइफस्टाइल

बुंदेलखंड में अब बदला है होली के हुड़दंग का ढंग

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प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के हिस्से वाले बुंदेलखंड में हर तीज-त्योहार मनाने के अलग-अलग रिवाज रहे हैं। अब होली को ही ले लीजिए।

करीब एक दशक पूर्व तक होलिका दहन के बाद रात में गांवों के ‘लंबरदार’ अपने यहां ‘चौहाई’ (मजदूरी) करने वाले चुपके से दलितों के घरों में मरे मवेशियों की हड्डी, मल-मूत्र और गंदा पानी फेंका करते थे, इसे ‘हुड़दंग’ कहा जाता रहा है।

लेकिन इसे कानून की सख्ती कहें या सामाजिक जागरूकता, यह दशकों पुराना गैर सामाजिक रिवाज अब बंद हो चुका है। होली में ‘हुड़दंग’ सभी से सुना होगा, लेकिन बुंदेली हुड़दंग के बारे में शायद ही सबको पता हो। एक दशक पूर्व तक महिला और पुरुषों की अलग-अलग टोलियों में ढोलक, मजीरा और झांज के साथ होली गीत गाते हुए होलिका तक जाते थे और गांव का चौकीदार होलिका दहन करता था।

यहां खास बात यह थी कि होलिका दहन करने से पूर्व सभी महिलाएं लौटकर अपने घर चली आती थीं। तर्क दिया जाता था कि होलिका एक महिला थी, महिला को जिंदा जलते कोई महिला कैसे देख सकती है?

होलिका दहन के बाद शुरू होता था ‘होली का हुड़दंग’। गांव के लंबरदार (काश्तकार) मरे मवेशियों की हड्डियां, मल-मूत्र व गंदा पानी अपने साथ लाकर अपने यहां चौहाई (मजदूरी) करने वाले दलित के दरवाजे और आंगन में फेंक देते थे।

सुबह दलित दंपति उसे समेट कर डलिया में भर कर और लंबरदार को भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए उनके दरवाजे में फेंक देते। दलित मनचाही बख्शीस (इनाम) मिलने के बाद ही हुड़दंग का कचरा उठाकर गांव के बाहर फेंकने जाया करते थे। दलितों को बख्शीस के तौर पर काफी कुछ मिला भी करता था।

बांदा जिले के तेंदुरा का कलुआ बताते हैं कि उनके बाबा पंचा को लंबरदार नखासी सिंह ने हुड़दंग की बक्शीस में दो बीघा खेत हमेशा के लिए दे दिया था, जिस पर वह आज भी काबिज हैं। अब वह किसी की चौहाई नहीं करते।

हालांकि ‘हुड़दंग’ जैसी इस गैर सामाजिक परंपरा की कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पुरजोर मुखालफत भी की और इसके खिलाफ एक अभियान चलाया। इनमें ‘जल पुरुष’ राजेंद्र सिंह के शिष्य सुरेश रैकवार (निवासी तेंदुरा गांव) का नाम सबसे आगे आता है।

बकौल सुरेश, “हुड़दंग एक गैर सामाजिक परंपरा थी, जो मानवाधिकारों का भी उल्लंघन करती थी। वह कहते हैं कि इसकी आड़ में दलितों की आबरू से भी खिलवाड़ किया जाता था जिसका विरोध करने पर कथित लंबरदार जानलेवा हमला भी कर देते थे। तेंदुरा गांव में ही हुड़दंग का विरोध करने पर अमलोहरा रैदास को गोली मार दी गई थी, जिससे उसे अपना एक हाथ कटाना पड़ा था।”

बांदा के पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा कहते हैं, “होली का त्योहार भाईचारे का त्योहार है, प्रेम से रंग-गुलाल लगाया जा सकता है। कानून हुड़दंग (उपद्रव) करने की इजाजत नहीं देता है। अगर किसी ने भी होली की आड़ में गैर कानूनी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं होगी। सभी थानाध्यक्षों और गांवों में तैनात चौकीदारों को अराजकतत्वों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।”

–आईएएनएस

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इन बीमारियों को दूर करता है चुकंदर का जूस

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beetroot juice
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ज्यादातर आप चुकंदर का इस्तेमाल सलाद बनाने के लिए करते हैं। कुछ लोग चुकंदर मूली के साथ खाते हैं। इतना नहीं कुछ को चुकंदर का जूस पीना भी पसंद होता है।

अगर आप चुकंदर को अपनी डाइट में शामिल करेंगे तो इससे आपकी सेहत को फायदे होगा। क्योंकि चुकंदर खाने या उसका जूस पीने से आपके शारीर में तेजी से खून बढ़ता है। ये खून के बढ़ाने के साथ-साथ आपका शुगर लेवल कंट्रोल करता है।

क्योंकि चुकंदर में सोडियम और पोटेशियम फास्फोरस अदि तत्व पाए जाते हैं। इससे आपके शरीर में ताकत आती है और बीमारियों से भी दूर रहते हैं।

आइए हम आपको बताते हैं कि चुकंदर खाने के क्या-क्या फायदा होता है।

एनिमिया

शारीर में खून की कमी होना एनिमिया कहलाता है। हमारे शारीर में पर्याप्त मात्रा में खून होना ज़रूरी होता है। अगर आपके शारीर में खून की कमी है तो आप चुकंदर के जरिए उसे पूरा कर सकते हैं।

थकान करे दूर

आज की भागदौड़ की जिंदगी में हमें बहुत जल्दी थकान हो जाती है। ऐसे में अगर आप चुकंदर का सेवन करेंगे तो इससे आपकी सेहत को बहुत फायदा होगा। चुकंदर आपके शारीर के रोगों को दूर करता है साथ ही बॉडी में एनर्जी पैदा करता है। चुकंदर का जूस आपकी सारी थकान मिटा देता है।

ब्लड शुगर लेवल कम करें

अगर आपको ब्लड शुगर की बीमारी है तो आपके लिए चुकंदर का सेवन करना बेहद लाभकारी है।

कब्ज से राहत

अगर आपको पेट की समस्या है तो आप के लिए चुकंदर का सेवन करना चाहिए ये पेट को सही करने के लिए सबसे बेहतर दावा है। इसका जूस पीने से आपका वजन भी कम होता है।

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