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80 करोड़ में बिका ‘एम्बेसडर कार ब्रांड’

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फाइल फोटो

ऑफ इंडियन रोड्स के नाम से मशहूर एम्बेसडर कार ब्रांड महज 80 करोड़ रुपए में बिक गया है। हिंदुस्तान मोटर्स ने एम्बेसडर ब्रांड को फ्रांसीसी ऑटोमेकर Peugeot (पियुग्यो) को बेच दिया है। शुक्रवार को दोनों कंपनियों के बीच डील फाइनल हुई।

लगातार घाटे के चलते एम्बेसडर कार का प्रोडक्शन 2014 में ही बंद कर दिया गया था। अभी तक इस ब्रांड का मालिकाना हक रखने वाली हिंदुस्तान मोटर्स के स्पोक्सपर्सन ने खुद इस डील की मीडिया को जानकारी दी है।

उन्होंने कहा, कंपनी ने Peugeot SA Group के साथ ट्रेडमार्क और एम्बेसडर ब्रांड बेचने के समझौते पर आखिरी मुहर लगा दी है। हम समझौते से हासिल रकम से इम्प्लॉई और कर्जदारों का बकाया चुकाना चाहते हैं। एम्बेसडर का क्या करेगी Peugeot

माना जा रहा है कि Peugeot भारत में एम्बेसडर ब्रांड को अपनी कारों के प्रमोशन के लिए यूज करेगी। मतलब वह एम्बेसडर ब्रांड के नाम से ही अपनी कारें बेंचेगी। पुराना, आइकॉनिक और फैमिलियर ब्रांड होने के चलते उसे भारतीय बाजार में पैठ बनाने में आसानी होगी।

एक्सपर्ट्स की मानें तो कंपनी एम्बेसडरब्रांड के साथ वहीं स्ट्रैटजी अपना सकती है, जिसपर किसी जमाने में रायॅल एनफील्ड ने काम करके मार्केट में वापसी की थी। हालांकि, Peugeot ने इस बारे में कोई बयान नहीं दिया है।

एम्बेसडर को भारत की आईकॉनिक कार कहा जाता है। किसी जमाने में यह पीएम से लेकर कॉमनमैन तक की कार रही है। 1960 और 70 के दशक में इंडिया की अर्बन लाइफ का यह प्रमुख हिस्सा मानी जाती थी।

मेगा स्टार अमिताभ बच्चन से लेकर अपने दौर के कई मशहूर सेलिब्रिटी इसी कार से चला करते थे। देश के पूर्व पीएम भी इस कार का इस्तेमाल करते रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के दौर में इसकी जगह बीएमडब्लू ने ले ली।

एम्बेसडर ब्रांड का सफर 70 साल पहले 1958 में इंडियन मार्केट में शुरू हुआ था। तब हिंदुस्तान मोटर्स ने मोरिस ऑक्सफोर्ड सिरीज-2 या लैंडमास्टर कार को मोडिफिकेशन के साथ लॉन्च किया था।

बाद में यह एक नेशनल आइकॉन के रूप में तब्दील हो गई और 1980 के दशक तक भारत की सड़कों पर राज करने लगी। मारुति 800 के बाजार में पेश होने के बाद इसका दबदबा दिनों दिन कम होता चला गया। पहले भारत में नाकाम रही Peugeot

इंडियन ऑटो मार्केट में फ्रांस की कंपनी Peugeot बहुत मशहूर नाम नहीं है। कंपनी ने 1990 के दशक के बीच में करीब 3 साल तक इंडियन ऑटो मार्केट में काम किया था।

तब कंपनी ने Peugeot-309 कार इंडियन मार्केट में उतारी थी। हालांकि, कुछ खास कामयाबी नहीं मिली तो कंपनी यहां कारोबार बंद कर दिया था। पिछले साल कंपनी ने एलान किया था कि वह 2018 तक भारतीय बाजार में दोबारा आना चाहती है।

इस साल की शुरुआत में कंपनी ने चेन्नई प्लांट के लिए सीके बिड़ला ग्रुप के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाया था। इसके तहत हिंदुस्तान मोटर्स के चेन्न्ई प्लांट को प्रोडक्शन यूनिट के तौर पर यूज करने पर सहमति बनी थी। मौजूदा वकत में चेन्नई प्लांट को मित्सूबीशी की तरफ से यूज किया जाता है।

wefornews bureau

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