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दूसरों की नकल छोड़, अपनी संस्कृति अपनाएं भारतीय : सत्यार्थी

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Kailash Satyarthi-
File Photo

नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भारतीय युवाओं को राष्ट्रीय संस्कृति को अपनाने और दूसरे की नकल नहीं करने का आग्रह किया।

आरएसएस के स्थापना दिवस पर संगठन के वार्षिक विजयादशमी समारोह के अवसर पर सत्यार्थी ने कहा, “सैकड़ों वर्षो तक उपनिवेशवाद भारत की आत्मा को नहीं मार सका, लेकिन इसने निश्चय ही हमारे दिमाग में हीनभावना के निशान और मानसिक गुलामी के भाव छोड़े हैं, जिससे हम अभी तक उबर नहीं पाए हैं।”

यहां समारोह के मुख्य अतिथि सत्यार्थी ने कहा, “ये हीनभावना हमारे भाषा, परंपरा, संस्कृति, पहनावे, खान-पान और शिक्षा के क्षेत्र में अवमानना की बढ़ती भावना के रुप में परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि लोगों को निश्चिय ही उन मूल्यों को अपनाना चाहिए जो भारतीय संस्कृति के हृदय में है।

सत्यार्थी ने आरएसएस के समारोह में कहा, “हमारी संस्कृति ठहरे हुए जल का तालाब नहीं है, बल्कि यह लगातार बहने वाली नदी है जो झरनों और सहायक नदियों को जन्म देती है। हम भारतीय एक विशेष निरंतर आत्मसुधार की अनोखी गुणवत्ता के साथ जन्में हैं और हमें निश्चिय ही इसपर गर्व होना चाहिए।”

उन्होंने वहां उपस्थित युवाओं से कहा, “दूसरों की नकल करने या उनका पीछा करने के बजाए आपको अपनी सहज सांस्कृतिक ताकत को पहचानना चाहिए और इससे आत्मसम्मान प्राप्त करना चाहिए।”

–आईएएनएस

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अमृतसर हमले के बाद हाई अलर्ट पर दिल्ली-एनसीआर

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india gate
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पंजाब के अमृतसर में हुए ग्रेनेड हमले के बाद दिल्‍ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आतंकी जाकिर मूसा और उसके साथियों द्वारा किसी बड़े वारदात की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां पहले ही इन आतंकियों के दिल्ली की ओर बढ़ने की आशंका जता चुकी हैं, ऐसे में अब दिल्‍ली-एनसीआर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं।

बता दें कि अमृतसर जिले के राजासांसी इलाके के गांव अदलिवल स्थित निरंकारी डेरे पर मोटरसाइकल सवार दो युवकों ने ग्रेनेड से हमला किया, जिस वक्‍त हमला हुआ वहां निरंकारी समुदाय के करीब 250 सतसंगी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि इस हमले में तीन लोग मारे गए, जबकि 15-20 लोग घायल हुए।

बताया गया कि निरंकारी परिसर में मौजूद सभी आसपास के गांवों के निरंकारी अनुयायी थे, जो रविवार को साप्ताहिक धार्मिक सभा के लिए जुटे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि चेहरा ढककर मोटरसाइकिल से आए दो युवक गेट पर मौजूद एक महिला पर पिस्तौल तानकर जबरन निरंकारी भवन के परिसर में घुस गए।

एक शख्स ने पुलिस को बताया, “सबकुछ महज कुछ मिनटों में ही हो गया। वे घुसे, ग्रेनेड फेंका और फरार हो गए।”

इस हमले में मारे लोगों के परिजनों को मुख्‍यमंत्री अमरिंदर सिंह ने 5-5 लाख रुपये देने का ऐलान किया, साथ ही घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की। उन्‍होंने राज्य के लोगों से शांति बनाए रखने की भी अपील की।

हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से बात की है, उन्होंने हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

यह हमला पंजाब पुलिस द्वारा जारी हाई अलर्ट के बीच हुआ है, जिसमें राज्य में छह-सात आतंकवादियों के घुस आने की बात कही गई है।

गौरतलब हैं कि एक खुफिया सूचना में दावा किया गया है कि जैश-ए-मोहम्मद के छह से सात आतंकवादियों का एक समूह पंजाब में, खासतौर से फिरोजपुर में मौजूद है। चार लोगों ने पिछले सप्ताह पठानकोट जिले में माधोपुर के समीप बंदूक दिखाकर एक ड्राइवर से एसयूवी छीन ली थी, जिसके बाद से राज्य अलर्ट पर है। साथ ही बताया गया है कि आतंकवादी के दिल्‍ली-एनसीआर में शरण लेकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

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भीमा कोरेगांव केस में वरवरा राव को 26 नवंबर तक पुलिस हिरासत

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भीमा कोरेगांव केस में ऐक्टिविस्ट वरवरा राव को पुणे सत्र न्यायालय ने 26 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पुणे पुलिस ने हैदराबाद स्थित उनके आवास से शनिवार (17 नवंबर) को हिरासत में लिया था। अभी तक राव घर पर नजरबंद थे।

सहायक पुलिस आयुक्त और जांच अधिकारी शिवाजी पवार ने बताया कि हैदराबाद हाई कोर्ट द्वारा बढ़ाई गई राव की नजरबंदी की मियाद 15 नवंबर को पूरी हो गई थी। शुक्रवार को हैदराबाद की अदालत ने पुणे पुलिस द्वारा ट्रांजिट वारंट के खिलाफ दायर की गई राव की अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने अगस्त में कई जगह छापे मारे थे, जिसके बाद वरवर राव को हैदराबाद से, फरीदाबाद से सुधा भारद्वाज और दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था। जबकि ठाणे से अरण फरेरा और गोवा से वेरनन गोंजाल्विस को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में हाई कोर्ट ने गौतम नवलखा को रिहा कर दिया था। पुलिस का आरोप था कि इन पांचों का संबंध उन माओवादियों से है, जिन्होंने पिछले साल 31 दिसंबर को यलगार परिषद का आयोजन किया था। पुलिस का आरोप है कि परिषद का ही भीमा-कोरेगांव युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़काने में हाथ रहा है।

कौन हैं वरवर राव

नक्सल समर्थक वरवर राव एक कवि और लेखक हैं। वो 1957 से कविताएं लिख रहे हैं। उन्हें इमरजेंसी के दौरान अक्टूबर 1973 में आंतरिक सुरक्षा रखरखाव कानून (मीसा) के तहत गिरफ्तार किया गया था। आपातकाल के दौरान उनकी तरह कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार किया गया था।

वरवर, वीरासम (क्रांतिकारी लेखक संगठन) के संस्थापक सदस्य थे। साल 1986 के रामनगर साजिश कांड सहित कई अलग-अलग मामलों में 1975 और 1986 के बीच उन्हें एक से ज्यादा बार गिरफ्तार और फिर रिहा किया गया। उसके बाद 2003 में उन्हें रामवगर साजिश कांड में बरी किया गया और 2005 में फिर जेल भेज दिया गया था। उन्हें नक्सलियों का समर्थक माना जाता है।

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सुकमा में आईईडी ब्लास्ट, 2 जवान घायल

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प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों द्वारा आईईडी ब्लास्ट की खबर आ रही है। इस ब्लास्ट में दो जवान घायल हो गए हैं, जिसमें एक जवान की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घटना भेज्जी के एलाड़मड़गु इलाके की बतायी जा रही है। एसपी अभिषेक मीना ने इस घटना की पुष्टी कर दी है।

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