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सीरीज़ रिव्यू : विराट की विजय नवमी का देश ने मनाया जश्न, विरोधी हुए खौफज़दा

virat kohli

फुल फ्लेज्ड कप्तान बनने के बाद कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया वो हासिल किया जो आज तक के भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कभी दर्ज नहीं हुआ था… टीम इंडिया ने करिश्माई प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका का 9-0 से सफाया कर दिया… 43 दिन लंबे टूर पर टीम इंडिया ने श्रीलंका को उसी की धरती पर खिलौना बनाकर रख दिया…

विराट ब्रिगेड ने टेस्ट में 3-0, वनडे में 5-0 में व्हाइटवॉश करते हुए टी-20 में भी मेजबानों का ऐसा लंकाकांड किया कि वो इतिहास बन गया.. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में 46 साल में पहली बार विदेशी धरती पर व्हाइट वॉश का ये कमाल हुआ है…

जिसने टीम इंडिया को क्रिकेट जगत का सिरमौर बना दिया.. श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया की ये ऐसी सीरीज़ रही जहां कई रिकॉर्ड्स बने, टूटे… युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के भरपूर मौके मिले.. टीम को बेंच स्ट्रेंथ का भरोसा मिला.. कप्तान की रणनीतियां शानदार रहीं…

टीम ने पूरे दौरे पर एक यूनिट तरह परफॉर्म किया और विरोधियों को ज़रा भी पलटवार करने का मौका तक नहीं मिला.. यानी सुपर टीम बन चुकी टीम इंडिया का खौफ अब हर विरोधी को हो चला है…

कंगारुओं का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
किसी भी टीम के खिलाफ 9-0 से सीरीज़ का सफाया करने का ये रिकॉर्ड वैसे तो ऑस्ट्रेलियाई टीम के नाम दर्ज है… लेकिन विदेशी ज़मी पर 9-0 से सफाया करने वाली पहली टीम- टीम इंडिया ही बनी… क्योंकि किसी भी सीरीज या दौरे के तीनों फॉर्मेट के सभी 9 मुकाबले ऑस्ट्रेलिया ने भी जीते हैं, पर उसने इसे अपनी धरती पर जीते…

2009-10 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए पाकिस्तान का कंगारुओं ने 9-0 से सफाया किया था… तब ऑस्ट्रेलिया ने भी 3 टेस्ट, 5 वनडे के अलावा एक टी-20 में जीत हासिल की थी… यही नहीं ऑस्ट्रेलिया ने तब पाकिस्तान के खिलाफ दो कप्तान- रिकी पोंटिंग और माइकल क्लार्क को लगाया था…क्योंकि पॉन्टिंग ने वनडे और टेस्ट टीम की कमान संभाली थी जबकि क्लार्क टी20 टीम के कप्तान थे…

लेकिन , टीम इंडिया ने श्रीलंका दौरे में तीनों फॉर्मेट के मुकाबले एक ही कप्तान यानी विराट कोहली के ही नेतृत्व में जीते….

इस लिहाज़ से विदेशी ज़मी पर टीम इंडिया का ये रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया से भी बड़ा हो चुका है.. ये ऐसा रिकॉर्ड है जिसे आने वाले लंबे वक्त तक तोड़ना बेहद मुश्किल होगा… ज़ाहिर है ऐसे रिकॉर्ड पर कप्तान कोहली को भी फख्र हो गया है..

युवाओं को मिले भरपूर मौके
ये सीरीज़ टीम इंडिया के लिए जितनी अहम रही तो उतनी ही टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए भी.. क्योंकि कप्तान कोहली ने टेस्ट, वनडे और टी20 के हर मुकाबले में युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के भरपूर मौके दिए.. जहां इन युवाओं ने उस मौके को बेहतरीन प्रदर्शन कर दोनों हाथों से लपकने की पूरी कोशिश की..

टेस्ट में अभिनव मुकुंद हो या फिर हार्दिक पांड्या.. वनडे में कुलदीप यादव हों या फिर युजवेन्द्र चहल, अक्षर पटेल हो या फिर शार्दुल ठाकुर दौरे पर गए हर खिलाड़ी को टीम में मौका मिला.. और खास बात ये रही कि बड़े खिलाड़ियों की जगह इन युवाओं को मौका देने के बाद भी टीम के प्रदर्शन में ना तो कोई अंतर दिखा और ना ही कोई गिरावट..

यानी कुल मिलाकर ये सीरीज़ युवाओं के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म साबित हुई जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाकर चयनकर्ताओं का दिल लूटने का पूरा मौका मिला… जिसमें हर इस टेस्ट मे अच्छे नंबरो से पास भी हुआ..

कोहली को जीत पसंद है

कप्तान कोहली को जीत बेहद पसंद है और इसके लिए मैदान पर ना तो उनकी और ना ही उनकी टीम की इंटेसटी कभी कम होती है… कप्तान के तौर पर कोहली पहले से काफी मैच्योर हो चुके हैं… दौरे पर कोहली के नाम कुल तीन शतक और दो अर्धशतक रहे… बल्ले से योगदान देने के अलावा कोहली टीम की यूनिटी को मेंनटेन रखने में माहिर हो चुके हैं.. उन्हें सीनियर्स और युवाओं के बीच ज़बरदस्त कोऑर्डिनेशन बनाए रखने की भी कला आ चुकी है.. और जीत के लिए हर दांव पेंच को तैयार करना उनका शगल है तो चुनौतियों से खेलना उनका शौक.. इन्ही खूबियों ने कोहली को ऐसा मैच विनर योद्दा बना दिया है जिसका जलवा हर मैदान पर कायम रहता है… पूरी सीरीज़ में कोहली ज़बरदस्त फॉर्म में रहे जिसने विरोधियो को भी उनका मुरीद बना दिया..

धोनी का जवाब नहीं

ये दौरा धोनी के लिए भी काफी चैलेंजिंग था लेकिन वनडे सीरीज़ से लेकर टी20 मैच तक धोनी ने मैदान का साथ नही छोड़ा यानी वो आउट ही नहीं हुए.. वनडे सीरीज़ के दौरान दो बार ऐसे मौके आए जब धोनी संकटमोचक की भूमिका में उतरकर टीम को मुश्किलों के बीच से जीत दिलाते नज़र आए… जो ये कह रहे थे कि माही का वक्त पूरा हो चुका है.. जो ये कह रहे थे कि 2019 वर्ल्डकप की स्कीम ऑफ थिंग्स में माही नहीं होंगे उन्हें धोनी ने अपने हुनर से ऐसा जवाब दिया कि वही आलोचक भी अब मुंह छुपाए घूम रहे हैं.. ज़ाहिर है ये सीरीज़ जितनी युवाओं के लिए फायदेमंद साबित हुई है तो धोनी जैसे सीनियर के लिए ये सीरीज़ उनके करियर के लिए संजीवनी बन गई…

लंका का हुआ बुरा हाल

टेस्ट, वनडे या फिर इकलौता टी-20… इन सभी में भारतीय टीम एकतरफा छाए रहे… वहीं, दूसरी ओर श्रीलंकाई टीम लगातार मैच हारती रही और कप्तान बदलते रहे…. यही नहीं, अंत में तो कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी… वो ये कि वनडे और टी-20 फॉर्मेट में फोकस करने के बहाने श्रीलंकाई दिग्गज बल्लेबाज उपुल थरंगा ने स्वेच्छा से 6 महीन के लिए टेस्ट क्रिकेट से अलग होने का फैसला कर लिया है… वो भी पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज से ठीक पहले… ये सब कुछ बताता है कि टीम इंडिया किस कदर विरोधी पर हावी थी.. भारत ने लंका के खिलाफ एतिहासिक जीत दर्ज जरूर की लेकिन विरोधियों को ऐसा जश्म भी दे दिया जो लंबे वक्त तक भरने वाला नहीं…

अभी से खौफज़दा हुए कंगारू
श्रीलंका दौरे के सभी मैच जीतकर विराट ब्रिगेड ने न सिर्फ विश्व क्रिकेट में अपनी धाक जमाई, बल्कि कंगारुओं को चेता दिया है कि अब अगली बारी उनकी है. ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर 17 सितंबर से 13 अक्टूबर के दौरान 8 मैच खेलने आ रही है.. जिसमें 5 वनडे और 3 टी-20 मैच होंगे है.. जाहिर है लंका ही हालत देखकर कंगारुओं की भी हालत खस्ता होगी उन्हें भी खौफ पूरा होगा लिहाज़ा उनकी तैयारिया भी खास होंगी लेकिन टीम इंडिया जिस लय और रंग में है वो ना तो किसी को बख्शने वाली है और ना ही किसी पर रहम करने वाली.. टीम इडिंया का विराट विजयी अभियान ऐसे ही जारी रहने वाला है..

wefornews bureau

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