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सुरक्षा एजेंसियों का दिल्ली पुलिस को अलर्ट, छुपे हैं 3 संदिग्ध

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फाइल फोटो

दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर बड़ा आतंकवादी हमला करने की साजिश का पता चला है। सुरक्षा एजेंसियों को इंटेलिजेंस इनपुट मिला है कि आतंकी वारदात को अंजाम देने की मंशा से 3 संदिग्ध आतंकवादी जामा मस्जिद इलाके में छिपे हुए हैं।

इंटेलिजेंस इनपुट में दिल्ली पुलिस को 26 जनवरी की सुरक्षा को लेकर आगाह किया गया है। इंटेलिजेंस एजेंसियों को इस आतंकी हमले की साजिश एक कॉल इंटरसेप्ट करने के बाद पता चली। साजिश का खुलासा होते ही इंटेलिजेंस एजेंसियों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को पूरा इनपुट भेज दिया।

इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, जामा मस्जिद इलाके में छिपे तीनों संदिग्ध आतंकवादी अफगान मूल के हैं और पश्तो भाषा में बात करते हैं। खुफिया एजेंसियों को यह भी पता चला है कि तीनों संदिग्ध आतंकवादियों को जम्मू कश्मीर के पुलवामा से दिशा-निर्देश मिल रहा है।

इतना ही नहीं, यह भी पता चला है कि तीनों संदिग्ध आतंकवादी पाकिस्तान के आतंकी कैंप में ट्रेंड हैं। स्पेशल सिक्योरिटी मीटिंग के दौरान भी इस इंटेलिजेंस इनपुट पर चर्चा की गई। इस इनपुट पर लगातार दिल्ली पुलिस की स्पेशल की टीम के अलावा तमाम जांच ऐजेंसियां जांच पड़ताल में तेजी से जुट गई हैं।

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गोरखपुर को ज्ञान का शहर बनाएं : राष्ट्रपति

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PIC Source: IANS

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोरखपुर को ‘ज्ञान के शहर’ के रूप में विकसित करने की वकालत की और लोगों से इस दिशा में कार्य करने का आग्रह किया।

एक शैक्षिक संस्थान के सप्ताह भर चले संस्थापक दिवस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में बहुत से विकास कार्य शहर में शुरू किए गए हैं और वह खुद ही इस बदलाव के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं गोरखपुर आया हूं, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद शहर की यह मेरी पहली यात्रा है और मैं निश्चित रूप बदलाव महसूस कर सकता हूं.. जो विकास यहां हुआ है।”

अपने संबोधन में कोविंद ने बताया कि किस तरह प्रेम, दया व सौहार्द्र शिक्षा के आधार हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा चरित्र, अच्छी शिक्षा प्रणाली की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों और वहां मौजूद अन्य लोगों को इस बारे में बताया कि भगवान बुद्ध और कबीर किस तरह से शिक्षक थे।

गोरखनाथ पीठ की शिक्षा प्रणाली व इसके मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दो महाविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी आबादी है और युवा शक्ति का इस्तेमाल करके न सिर्फ पूर्वाचल और उत्तर प्रदेश, बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है।

इससे पहले राष्ट्रपति गोरखनाथ मंदिर गए और वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। कोविंद ने महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अवैद्यनाथ, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गुरु थे।

–आईएएनएस

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शताब्दी, राजधानी में झटका-मुक्त होगा सफर : रेलवे

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प्रतीकात्मक तस्वीर

तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मार्च 2019 से यात्रियों को झटका-मुक्त सफर की सौगात देंगी।

रेलवे के एक अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि नई दिल्ली से रवाना होने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस में आधुनिक योजक (कपलर्स) लगाए गए हैं, जो यात्रियों के सुगम सफर को सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा, “इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है। राजधानी व शताब्दी ट्रेन बेड़े से पुराने योजक मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे।” योजक एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण हैं।

अधिकारी के मुताबिक, रेलवे पुराने योजकों को नवविकसित सेंटर बफर कपलर (सीबीसी) से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस है।अधिकारी ने कहा, “एएचबी (लिंक हॉफमान बुश) कोच को जोड़ने वाले मानक योजकों में कछ दिक्कत आ रही थी, जिसके परिणामस्वरूप सफर के दौरान झटके लगते थे।”

उन्होंने कहा कि सीबीसी के नए संस्करण में उच्च क्षमता वाले झटका अवशोषक हैं, जो ब्रेक लगाने, गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगने को सुनिश्चित करेंगे,
जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों का सफर सुगम बनेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी व शताब्दी ट्रेनों के बेड़े से पुराने योजकों को बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा।

–आईएएनएस

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अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

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अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण हुआ।

भुवनेश्वर। भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल का ओडिशा तट से सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सतह से सतह पर 5,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम मिसाइल को भद्रक जिले के अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से दोपहर 1.30 बजे छोड़ा गया।

सूत्रों ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण सफल रहा है।

सामरिक बल कमान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित मिसाइल नौवहन और निर्देशन, मुखास्त्र और इंजन के संदर्भ में बहुत उन्नत है।

यह अत्याधुनिक अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सातवां परीक्षण था। इसका पिछला परीक्षण तीन जून, 2018 को हुआ था।

–आईएएनएस

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