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राजनीति

तेजस्वी ने सुशील मोदी से पूछा, ‘क्या आप डॉक्टर हैं’

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फाइल फोटो

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी (सुमो) द्वारा राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद से तेलुगू देशम पार्टी के सांसदों की मुलाकात पर लालू की जमानत अर्जी रद्द करने की मांग को लेकर जमकर निशाना साधा।

तेजस्वी ने सुशील मोदी से पूछा है कि क्या आप डॉक्टर हैं? उन्होंने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए सुशील मोदी पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का काम ही लालू यादव और उनके परिवार का नाम लेना रह गया है।

तेजस्वी ने कहा, “टीडीपी के सांसद लालू जी का स्वास्थ्य पूछने आए थे। चंद्रबाबू नायडू को लालू जी के स्वास्थ्य की चिंता है और वो जब खुद नहीं आ पाए तो अपने सांसदों को भेजा।” उन्होंने सुशील मोदी को निमंत्रण देते हुए कहा कि घर आएं और लालू जी की पूरी रिपोर्ट देख लें।

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बुधवार को चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को रांची उच्च न्यायालय से मिली औपबंधिक जमानत को रद्द करने की मांग की। मोदी ने कहा कि लालू को राजनीतिक कायरें से अलग रहने की शर्त पर केवल इलाज के लिए जमानत मिली थी लेकिन वे लगातार शर्तो का उल्लंघन कर रहे हैं।

राजद प्रमुख ने पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से बात की और उसके बाद तेलुगू देशम पार्टी के तीन सांसदों ने उनसे मुलाकात कर राजनीतिक चर्चाएं कीं। इस आधार पर सीबीआई को लालू प्रसाद की जमानत तत्काल रद्द करानी चाहिए।

–आईएएनएस

चुनाव

भाजपा ने एकसाथ चुनाव की रपट खारिज की

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BJP

नई दिल्ली, 14 अगस्त | भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने मंगलवार को अगले वर्ष की शुरुआत में लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव को एकसाथ कराने की रपट खारिज कर दी। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भाजपा ऐसी किसी भी गलतफहमी को खारिज करती है।”

उन्होंने कहा कि जहां तक ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का सवाल है, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को विधि आयोग को लिखे अपने पत्र में इस मामले में सभी हितधारकों के साथ सकारात्मक चर्चा करने की अपील की है।

पात्रा ने कहा, “जैसा कि मीडिया के कुछ वर्गो की ओर से रपट किया जा रहा है, शाह के पत्र में, लोकसभा और 11 राज्य विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने का कोई जिक्र नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भाजपा ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार का समर्थन किया है, लेकिन किसी को भी इस बारे में गलतफहमी नहीं फैलानी चाहिए।

पात्रा ने कहा, “लोकतंत्र में किसी भी तरह के सुधार के लिए सकारात्मक चर्चा अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने इसके लिए चर्चा करने का आह्वान किया है और कहा है कि इस मामले में सहमति बनती है तो, यह देश के लिए अच्छा होगा।”

भाजपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘एक देश, एक चुनाव’ का समर्थन किया है।

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चुनाव

एकसाथ चुनाव के लिए लोकसभा भंग करें मोदी : कांग्रेस

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Ashok Gehlot

नई दिल्ली, 14 अगस्त | कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि यदि एक साथ चुनाव कराए जाने हैं तो कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव पहले कराए जाए और साथ ही लोकसभा को भंग कर दिया जाए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, “संविधान में संशोधन के बगैर एकसाथ चुनाव संभव नहीं है। चुनावों को एकसाथ कराने का सिर्फ एक तरीका है और वह यह है कि मोदीजी को आम चुनाव पहले कराने के लिए लोकसभा भंग कर देना चाहिए। हम इसका स्वागत करेंगे।”

गहलोत की यह टिप्पणी उस रपट के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि सरकार अगले साल कुछ राज्यों में पहले व कुछ राज्यों में देरी कर 11 राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव कराने पर विचार कर रही है।

गहलोत ने कहा, “अगर वे लोकसभा को पहले भंग कर ऐसा करते हैं तो हम लोकसभा व राज्य विधानसभा चुनाव दोनों एक साथ लड़ने के लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करने के प्रति गंभीर व ईमानदार नहीं है और इसका सिर्फ राजनीतिक रूप से फायदा लेना चाहती है।

उन्होंने कहा, “वे सिर्फ इसे दिखा रहे हैं कि वे राष्ट्र के बारे में बहुत चिंतित हैं और चुनाव पर होने वाला खर्च बहुत ज्यादा है। वे सिर्फ इस पर राजनीति खेल रहे हैं।”

राजस्थान की मतदाजा सूचियों में गड़बड़ी के बारे में शिकायत करने के लिए निर्वाचन आयोग गए गहलोत के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि राज्य विधानसभाओं की अवधि बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी।

तन्खा ने यह भी कहा कि अगर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव टालने की कोशिश करती है तो वह अदालत जाएंगे।

–आईएएनएस

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राजनीति

रुपये का भाव गिरा, बयान दें प्रधानमंत्री : कांग्रेस

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Surjewala

नई दिल्ली, 14 अगस्त | रुपया डॉलर के मुकाबले 69.98 रुपये तक गिर चुका है, ऐसे में कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि ‘मोदीनोमिक्स’ ने भारत की अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा दिया है और इसे बर्बाद कर दिया है। रुपये में आई गिरावट मोदी सरकार की असफलताओं और आर्थिक कुप्रबंधन का प्रतीक है। अगर सबकुछ ठीक-ठाक है तो रुपये गिरा क्यों? कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को तत्काल बताएं कि रुपये क्यों गिरा और सरकार अब क्या उपाय करने जा रही है।

अमेरिका की अर्थव्यवस्था में आई मजबूती के साथ ही दुनियाभर में संरक्षणवादी उपायों में वृद्धि के कारण मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 70 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक पहुंच गया।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ‘मोदीनोमिक्स’ ने भारत की अर्थव्यवस्था पर कहर बरपा दिया है और इसे कठिनाइयों में फंसाकर छोड़ दिया है।

उन्होंने कहा, “रुपये में गिरावट सरकार की असफलताओं और मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन का सबसे बड़ा प्रतीक है।”

सुरजेवाला ने कहा, “नोटबंदी, खामियों से भरी जीएसटी, कर आतंकवाद, कम वृद्धि, कम निवेश, नौकरियों का टोटा और अब बढ़ती महंगाई। यह मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की पहचान बन गई है।”

उन्होंने कहा, “रुपया अब ऐतिहासिक स्तर पर गिरकर कारोबार कर रहा है। 60 वर्षों में कांग्रेस ने रुपये की यह दशा नहीं की थी, मगर मोदी और उनकी लापरवाह आर्थिक नीतियों ने 60 महीने में भारतीय मुद्रा की बुरी गत कर दी।”

सुरजेवाला ने कहा कि 2018 में रुपया का मूल्य लगभग 10 फीसदी कम हो गया है। “इस सरकार के तहत रुपया एशिया की सबसे कमजोर मुद्रा बन गया है।”

उन्होंने कहा, “मोदी सरकार रुपये में गिरावट के लिए वैश्विक कारकों पर दोष मढ़ने में व्यस्त है, फिर भी यह याद दिलाना चाहूंगा कि 2008 के बड़े पैमाने पर वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान पिछली कांग्रेस-संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार ने ढेर सारे वैश्विक दबावों के बावजूद अर्थव्यवस्था के प्रबंधन में कामयाब रही थी।”

उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी निवेशक लगातार भारत की सरकारी नीतियों में विश्वास खो रहे हैं। वे निवेश के लिए उत्साहित कैसे होंगे, यह चिंता का विषय है। सिर्फ भाषणों से सरकार नहीं चलती।

–आईएएनएस

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