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नहीं थम रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, कीमत 80 रूपए प्रति लीटर के पार

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फाइल फोटो

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिख रहा है

दिल्ली में पेट्रोल का दाम 74 रुपये 8 पैसे प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 65 रुपये 31 पैसे प्रति लीटर पहुंचा। मुंबई में पेट्रोल का दाम 81.93 रुपए और डीजल का दाम 69.54 प्रति लीटर हो गई है।

मुंबई में 20 अप्रैल को पेट्रोल का दाम अभी तक के अपने सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गया है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक मुंबई में पेट्रोल का दाम 81.93 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चार महानगरों में चेन्नई इस मामले में दूसरे नबंर पर है। यहां पर दाम 76.85 रुपये प्रति लीटर है।

वहीं कोलकाता में पेट्रोल का दाम 76.78 रुपये और डीजल 74.08 रुपये प्रति लीटर है। फरीदाबाद में 74.84 रुपये, गुड़गांव में 74.60 रुपये, नोएडा में 75.44 रुपये और गाजियाबाद में 75.33 रुपये प्रति लीटर है।

दिल्ली में 7 फरवरी को डीजल 66 रुपये 22 पैसे प्रति लीटर तक पहुंच गया था। सबसे महंगा डीजल भी मुंबई में है, जो 70 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। मुंबई में डीजल 69.54 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में 68.01 रुपये और चेन्नई में यह 68.90 रुपये प्रति लीटर रही।

इंडियन बास्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में गुरुवार को 92 सेंट की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के साथ यह 70.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के लिए अमेरिका में क्रूड ऑयल इन्वेंट्रीज में कमी बताई जा रही है।

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चार साल में मोदी सरकार ने रोकी अर्थव्‍यस्‍था की रफ्तार: चिदंबरम

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p chidambaram
पी. चिदंबरम, पूर्व वित्‍तमंत्री, भारत सरकार (फाइल फोटो)

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लेकर देश की तेज रफ्तार भाग रही अर्थव्‍यवस्‍था को सुस्‍त कर दिया है।

एक न्‍यूज चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व वित्‍त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी से पहले देश की अर्थव्यवस्था 8 फीसदी से अधिक की रफ्तार के साथ दौड़ रही थी। लेकिन नोटबंदी के दुर्भाग्यपूर्ण फैसले से देश की ग्रोथ 7 फीसदी पर पहुंच गई और कुछ ही दिनों में वह 7 फीसदी के नीचे चली गई। क्या नोटबंदी का फैसला सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को कम करने के लिए किया था? चिदंबरम ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अर्थशास्त्री दावा करते हैं कि नोटबंदी के फैसले से भारतीय अर्थव्यवस्था को सिर्फ नुकसान पहुंचा है।

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भारतीय निकायों के जहाज किराये पर लेने में लाइसेंस की जरूरत खत्म: गडकरी

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Nitin Gadkari

नयी दिल्ली , 24 मई : सरकार ने तटीय व्यापार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जहाज किराया लेने पर भारतीय नागरिकों और कंपनियों के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता को खत्म कर दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आज यह जानकारी दी।

गडकरी ने पीटीआई भाषा से कहा कि आयात – निर्यात कंटनेरों की ढुलाई के लिए देश में पंजीकृत सहकारी संस्था , कंपनी या देश को नागरिक को किराये पर जहाज लेने में लाइसेंस लेने की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।

उन्होंने कहा , ‘‘ इस कदम से न सिर्फ भारतीय कंटेनरों को विदेशी बंदरगाहों की तरफ रुख करने से रोका जा सकेगा बल्कि यह जहाज ढुलाई परिचालन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे सेना व नौसेना के पूर्व जवानों समेत छोटे जहाजों को किराया पर लेने से अवगत नागरिकों को तेजी से उभरते क्षेत्र का हिस्सा बनने का भी अवसर मिलेगा। ’’

गडकरी ने कहा कि इससे न केवल कारोबार सुगम होगा बल्कि रोजगार के भारी अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने कहा , ‘‘ भारतीय कार्गो की विदेशी बंदरगाहों से ढुलाई से वहां परिवहन भी बढ़ता है और रोजगार सृजित होता है। इसके साथ ही इससे राजस्व और विदेशी मुद्रा की हानि होती है क्योंकि विदेशी बंदरगाहों द्वारा भारतीय निर्यातकों – आयातकों से शुल्क वसूला जाता है। ’’

नौवहन सचिव गोपाल कृष्णा ने कहा कि यह इस क्षेत्र में 1958 के बाद उठाया गया सबसे बड़ा कदम है।

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DMRC अपना खर्च कम करने के लिए मेट्रो कोच किराये पर

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Patel Chowk DMRC

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) अपना खर्च कम करने के लिए मेट्रो कोच खरीदने की बजाए किराये पर लेने की तैयारी कर रही है। मेट्रो के इस प्रस्ताव पर 11 कंपनियों ने रुचि दिखाईहै।

सब कुछ ठीक रहा तो इसकी शुरुआत ग्रीन लाइन इंद्रलोक-कीर्ति नगर, मुंडका-बहादुरगढ़ लाइन से होगी। डीएमआरसी 35 साल के लिए मेट्रो को लीज पर लेगी। एक मेट्रो कोच का जीवन काल भी इतना ही होता है। किराये पर मेट्रो चलाने की योजना के लिए डीएमआरसी ने बीते साल अक्तूबर में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट (ईओआई) निकाला था, जिसमें इच्छुक कंपनियों को आगे आने को कहा गया था। यह ईओआई ग्रीन लाइन पर कुल 150 कोच यानि छह कोच वाली 25 मेट्रो ट्रेन सेट के लिए निकाला गया था।

भारतीय कंपनी बीईएमएल समेत बाहर की रोटम, बांम्बेडियर, मित्सुई जैसी 11 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इसमें कई ऐसी हैं, जिनसे डीएमआरसी मेट्रो फेज-1 से लेकर फेज-3 तक मेट्रो कोच खरीदती रही हैं।

ट्रेन की उपलब्धता पर प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान

ऐसी व्यवस्था में कंपनी को ट्रेन की उपलब्धता पर प्रति घंटे के हिसाब से मेट्रो भुगतान करेगी। कंपनी को ट्रेन के लिए डिपो खुद मेट्रो की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा। मगर, परिचालन छोड़कर डिपो के प्रबंधन, वहां के सिगनिलिंग सिस्टम व ट्रेन के रखरखाव की सब जिम्मेदारी उसी कंपनी की होगी। मुंडका मेट्रो डिपो और बहादुरगढ़ में बन रहे नए डिपो को किराये की ट्रेन के लिए कंपनी को उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रीन लाइन से शुरुआत किए जाने को लेकर मंथन

अभी मेट्रो की ग्रीन लाइन (17.09 किलोमीटर) पर इंद्रलोक/कीर्ति नगर से मुंडका तक परिचालन हो रहा है। इसका विस्तार मुंडका से बहादुरगढ़ तक किया गया है। इस लाइन पर 30 मई को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त का दौरा है। पूरी लाइन खुलने के बाद यह 28.27 किलोमीटर हो जाएगी। वर्तमान में इंद्रलोक से मुंडका के बीच इस लाइन पर कुल 23 मेट्रो ट्रेन सेट चल रही हैं। इसमें 22 मेट्रो ट्रेन चार वाली हैं, जबकि एक ट्रेन सेट छह कोच का है। किराये पर मेट्रो कोच लाने के बाद इन ट्रेनों को यहां से हटा लिया जाएगा। वर्तमान में पूरे मेट्रो नेटवर्क के लिए डीएमआरसी के पास कुल 266 मेट्रो ट्रेन चल रही हैं। इसमें चार, छह व आठ कोच वाली ट्रेन हैं। यह मेट्रो ट्रेन रोजाना 3200 के करीब फेरे लगाती हैं।

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