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चुनाव

मोदी की रैलियों में बढ़ रहीं खाली कुर्सियां क्या बता रहीं हैं!

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PM Modi dhundhaka rally

नई दिल्ली। गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैलियों में भीड़ नहीं उमड़ रहीं है। गाहे-बेगाहे उनकी रैली की तस्वीरें जिसमें खाली कुर्सीयां और रैली स्थल से लोगों का जाना बखूबी देखा जा सकता है। ताजा मामला बुधवार की धुंधका रैली का है जब पीएम मोदी अपनी रैली में मंदिर के बहाने कांग्रेस पर हमला कर रहे थे।

‘दि क्विंट’ वेबसाइट की एक खबर के मुताबिक जिसमें न सिर्फ वीडियों दिखाए गए है बल्कि फोटों भी दिए गएं जब मोदी लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि “12 बजे पीएम मोदी हेलिकॉप्टर से रैली स्थल पर पहुंचे और उन्होंने 20 मिनट बाद रैली शुरू की। आश्चर्य की बात ये थी कि मोदी ने रैली में जैसे ही लोगों से बात करनी शुरू की, लोगों ने वहां से जाना शुरू कर दिया। ये ऐसे हो रहा था, मानो रैली में आगे बैठने वाले लोग पहले निकलेंगे”।

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PM Modi dhundhaka rally, Photo Credit: The quint

पोर्टल के रिपोर्टर ने रैली छोड़ने वाले कुछ लोगों से बात की, तो उन्होंने कहा कि “मौसम काफी ठंडा है। कुछ लोगों ने दावा किया कि वो बहुत दूर से आए थे और उन्हें घर लौटने के लिए 2 घंटे की यात्रा करनी थी। जबकि कुछ ने कहा कि भाषण बहुत लंबा था और मोदी के जाने के बाद ट्रैफिक से बचने के लिए उन्हें ग्राउंड जल्दी छोड़ना पड़ा”।

रैली में तैनात कुछ स्थानीय पुलिसकर्मियों ने पोर्टल के रिपोर्टर को बताया कि उन्होंने कभी भी लोगों को मोदी रैलियों से जाते नहीं देखा है, वो भी इतनी बड़ी संख्या में।

PM Modi dhundhaka rally

PM Modi dhundhaka rally, Photo Credit The quint

ये पहला मौका नहीं है जब प्रधानमंत्री की गुजरात रैली की खाली कुर्सियों की खबर आई हो इससे पहले सूरत की रैली का एक वीडियों काफी वायरल हुआ था जिसमें एक हिन्दी न्यूज चैनल के संवाददाता ने विस्तार से अपनी रिपोर्ट में खाली कुर्सियों के बारे में सूचना और तस्वीर दिखाई थी।
हालांकि पहले चरण के मतदान में महज कुछ ही दिन शेष रह गए है ऐसे में पार्टियां चुनाव प्रचार में अपनी ताकत झोंक दी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या इस बार गुजरात में बीजेपी की हवा नहीं चल रही क्योंकि प्रधानमंत्री की रैली से भीड़ नदारद होना और कुर्सियों का खाली होना अपने आप में कई संकेत दे रहा हैं। लेकिन असली तस्वीर तो 18 दिसंबर को ही सामने होंगे जब नतीजे आएंगे।

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हिमाचल चुनाव : कई सीटों पर कांटे की टक्कर के बाद जीते नेता

हिमाचल प्रदेश में 1985 के बाद से हर पांच साल बाद चला आ रहा फेरबदल इस बार भी जारी रहा। राज्य में मुकाबला दोनों मुख्य पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच था, जिसके नतीजे में भी जोरदार टक्कर दिखाई दी।

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में सत्ता परिवर्तन की इबारत लिखी जा चुकी है। हिमाचल प्रदेश में 1985 के बाद से हर पांच साल बाद चला आ रहा फेरबदल इस बार भी जारी रहा। राज्य में मुकाबला दोनों मुख्य पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच था, जिसके नतीजे में भी जोरदार टक्कर दिखाई दी। चुनाव में कुछ सीटों पर जीत हार का अंतर हजार मतों से भी कम का रहा। जिनमें से विधानसभा सीट संख्या-68 किन्नौर में टक्कर खासी रोमांचक रही। किन्नौर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के जगत सिंह नेगी ने भाजपा के तेजवंत सिंह नेगी को मात्र 120 मतों से शिकस्त दी। बता दें कि यह दोनों नेता 2003 विधानसभा चुनाव के बाद से चार बार एक दूसरे के खिलाफ लड़ चुके हैं जिसमें से तीन बार जगत सिंह नेगी ने बाजी मारी है जबकि 2007 में तेजवंत सिंह नेगी ने जीत हासिल की थी।

वहीं विधानसभा सीट संख्या -39 बड़सर में कांग्रेस के इंद्र दत्त लखनपाल ने भाजपा के बलदेश शर्मा को कांटे के मुकाबले में 439 मतों से हराया। बता दें कि 2012 विधानसभा चुनाव में लखनपाल ने 2658 वोटों से जीत हासिल की थी।

विधानसभा सीट संख्या- 4 डलहौजी में कांग्रेस की दिग्गज नेता आशा कुमारी को जीत हासिल करने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ा। आशा ने भाजपा के डी.एस. ठाकुर को कड़े मुकाबले में 556 मतों से हराया। दिन के शुरुआती रुझानों में आशा, ठाकुर से पीछे थी लेकिन अंतिम चरणों में वह ठाकुर को शिकस्त देने में सफल रही। सीट पर कड़े मुकाबले का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2012 का विधानसभा चुनाव में उन्होंने 7365 मतों के भारी अंतर से जीता था।

इसके अलावा विधानसभा सीट संख्या- 54 कसौली में भारतीय जनता पार्टी के राजीव सैजल ने कांग्रेस उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी को केवल 442 वोटों से पटखनी दी। बता दें कि कसौली में हुए 2012 विधानसभा चुनाव में राजीव ने केवल 24 वोटों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को शिकस्त दी थी।

साथ ही विधानसभा सीट संख्या- 15 नगरोटा में भाजपा के अरुण कुमार ने कांग्रेस के जी. एस. बाली को 519 मतों से हराया है। जी. एस बाली ने 2012 के विधानसभा चुनाव में 2743 मतों से जीत दर्ज की थी।

इसके साथ ही कांग्रेस की नाक का सवाल बन चुकी विधानसभा सीट संख्या-53 सोलन को कांग्रेस के डॉ. धनी राम शांडिल बचाने में कामयाब रहे। उन्होंने भाजपा के राजेश कश्यप को कड़े मुकाबले में मात्र 617 वोटों से हराया। गौरतलब है कि सोलन कई चुनावों से कांग्रेस की सुरक्षित सीटों में से एक रही है। 2012 के विधानसभा चुनाव में शांडिल ने 4472 मतों से जीत हासिल की थी।

हिमाचल में 9 नवंबर को मतदान हुआ था।

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चुनाव

हिमाचल चुनाव : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री उम्मीदवार हारे

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satti dhumal

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव-2017 के नतीजे सामने आने के बाद राज्य में सत्ता की बागडोर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हाथ में आ चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अपनी सीट बचाने में नाकाम रहे। भाजपा के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और दो बार के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल सुजानपुर सीट पर 2933 वोटों से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार रजिंदर राणा ने उन्हें मात दी है।

वर्ष 2012 में निर्दलीय चुनाव जीतने वाले राणा इस सीट पर दोबारा जीत हासिल करने में सफल रहे हैं। राणा ने 2012 के चुनाव में 14166 मतों से जीत हासिल की थी। उन्हें किसी समय धूमल का करीबी कहा जाता था। धूमल ने इस चुनाव में अपनी सीट बदली थी।

वहीं भाजपा प्रदेश इकाई अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ऊना विधानसभा सीट पर 3196 वोटों से हार गए हैं। इस सीट पर कांग्रेस के सतपाल सिंह रायजादा ने जीत दर्ज की है। सत्ती पिछले तीन चुनावों से इस सीट पर अजेय रहे थे। ऊना को भाजपा का गढ़ भी कहा जाता था।

–आईएएनएस

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हिमाचल चुनाव : 2 निर्दलियों ने भाजपा उम्मीदवारों को हराया

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हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे सामने आने के बाद जहां एक तरफ राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। तो वहीं दूसरी तरफ दो सीटें ऐसी हैं जहां लोगों ने निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनकर विधानसभा भेजा है। देहरा और जोगिंदर नगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा को भारी मतों से हराया है।

विधानसभा सीट संख्या-10 देहरा से निर्दलीय उम्मीदवार होशियार सिंह ने भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह रवि को 3914 वोटों के अंतर से हराया है। बता दें कि 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के रविंदर सिंह रवि ने इस सीट पर 15293 वोटों से जीत दर्ज की थी।

वहीं सीट संख्या-21 जोगिदर नगर से निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश राणा ने भाजपा के गुलाब सिंह ठाुकर को 9156 मतों के भारी अंतर से हराया है। गौरतलब है कि 2012 विधानसभा में गुलाब सिंह ठाकुर ने यहां से 5916 मतों से जीत दर्ज की थी। गुलाब सिंह ठाकुर को भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार किया जाता है।

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