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पेट्रोल, डीजल के दाम में वृद्धि से राहत, कच्चे तेल में तेजी जारी

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार जारी बढ़ोतरी के थमने से उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में तेजी जारी रही।

अमेरिका में पिछले सप्ताह कच्चे तेल का भंडार घटने से कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। तेल विपणन कंपनियों ने बुधवार को पेट्रोल और डीजल के भाव में कोई वृद्धि नहीं की। देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बुधवार यथावत रहीं।

दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल 82.83 रुपये, 84.65 रुपये, 88.29 रुपये और 86.10 रुपये प्रति लीटर था। वहीं, डीजल चारों महानगरों में क्रमश 75.69 रुपये, 77.54 रुपये, 79.35 रुपये और 80.04 रुपये प्रति लीटर था। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धिदर्ज की गई थी।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा चार अक्टूबर को पेट्रोल और डीजल के दाम में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती करने के बाद पांच अक्टूबर से डीजल के दाम में लगातार वृद्धि जारी थी। हालांकि, पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि इस दौरान तीसरी बार थमी है।

अमेरिकी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सप्ताह कच्चे तेल के भंडार में 22 लाख बैरल की कमी आई। हालांकि बाजार की नजर बहरहाल अमेरिकी उर्जा विभाग द्वारा बुधवार को जारी होने वाले आंकड़ों पर है।

भारतीय वायदा बाजार में कच्चे तेल का नवंबर सौदा मजबूती के साथ 5,291 रुपये प्रति बैरल पर खुला और 5,302 रुपये प्रति बैरल की बढ़त बनाई। बेंट्र क्रूड का भाव बुधवार को अंतर्राष्टीय बाजार में 81.79 डॉलर प्रति बैरल तक उछला, जबकि अमेरिकी लाइट क्रूड डब्ल्यूटीआई 72 डॉलर प्रति बैरल से उपर चला गया।

–आईएएनएस

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हरे निशान में खुले शेयर बाजार

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देश के शेयर बाजारों में मजबूती का रुख है।

प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.57 बजे 33.06 अंकों की बढ़त के साथ 35,175.05 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 3.10 अंकों की मजबूती के साथ 10,579.40 पर कारोबार करते देखे गए।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 3.76 अंकों की मजबूती के साथ 35145.75 पर जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 4.3 अंकों की बढ़त के साथ 10,580.60 पर खुला।

–आईएएनएस

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सेंसेक्स में 3 अंकों की गिरावट

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देश के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2.50 अंकों की गिरावट के साथ 35,141.99 पर और निफ्टी 6.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,576.30 पर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 185.65 अंकों की तेजी के साथ 35,330.14 पर खुला और 2.50 अंकों या 0.01 फीसदी गिरावट के साथ 35,141.99 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 35,351.88 के ऊपरी और 34,986.86 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के मिडकैप सूचकांक में तेजी और स्मॉलकैप सूचकांक में गिरावट रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 28.41 अंकों की तेजी के साथ 14,881.95 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 30.55 अंकों की गिरावट के साथ 14,547.74 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 52.4 अंकों की तेजी के साथ 10,634.90 पर खुला और 6.20 अंकों या 0.06 फीसदी गिरावट के साथ 10,576.30 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,651.60 के ऊपरी और 10,532.70 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के 19 में से 10 सेक्टरों में तेजी रही। तेल और गैस (1.18 फीसदी), तेज खपत उपभोक्ता वस्तुएं (0.94 फीसदी), दूरसंचार (0.83 फीसदी), वित्त (0.67 फीसदी) और ऊर्जा (0.52 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे – सूचना प्रौद्योगिकी (2.24 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.86 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (1.65 फीसदी), रियल्टी (1.52 फीसदी) और धातु (0.81 फीसदी)।

–आईएएनएस

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देश की थोक महंगाई दर अक्टूबर में 5.38 फीसदी

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थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित देश की सालाना मुद्रास्फीति दर अक्टूबर में बढ़कर 5.28 फीसदी रही है, जबकि सितंबर में यह 5.13 फीसदी थी। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल-दर-साल आधार पर भी थोक मूल्य सूचकांक में वृद्धि दर्ज की गई है, जोकि साल 2017 के इसी महीने में 3.68 फीसदी थी।

आंकड़ों से पता चलता है, “मासिक डब्ल्यूपीआई पर आधारित सालाना मुद्रास्फीति दर (अनंतिम) अक्टूबर में (साल 2017 के अक्टूबर की तुलना में) 5.28 फीसदी रही, जबकि इसके पिछले महीने यह 5.13 फीसदी (अनंतिम) और पिछले साल के अक्टूबर में 3.68 फीसदी रही थी।”

वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है, “चालू वित्त वर्ष में अबतक बिल्ड अप मुद्रास्फीति दर 4.64 फीसदी रही है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2.12 फीसदी थी।”

क्रमिक आधार पर, प्राथमिक वस्तुओं पर खर्च 1.79 फीसदी बढ़ा है, जिसका सूचकांक में 22.62 फीसदी भार है। यह सितंबर में 2.97 फीसदी पर था। इसी प्रकार खाद्य पदार्थो की कीमतें गिरी हैं। इस श्रेणी का डब्ल्यूपीआई सूचकांक में भार 15.26 फीसदी है।

हालांकि ईंधन और बिजली खंड, जिसका सूचकांक में भार 13.15 फीसदी है, में अक्टूबर में तेजी दर्ज की गई, जोकि 18.44 फीसदी रही। जबकि एक महीने पहले इसमें 16.65 फीसदी तेजी दर्ज की गई थी।

–आईएएनएस

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