Connect with us

लाइफस्टाइल

अब गर्मियों में भी शान से पहनिए बनारसी साड़ियां

Published

on

Sari

कई महिलाओं को लगता है कि गर्मियों में बनारसी साड़ी पहनने से ज्यादा गर्मी लगती है। इसी वजह से इस मौसम में जॉर्जेट या फिर लिनेन की साड़ी ही शादी या फंक्शन्स में प्रेफर की जाती है।

लेकिन बनारसी साड़ी आजकल काफी पॉपुलर हो गई है।  इन्हें ट्रेडिशनल जूलरी के साथ पहनने का ट्रेंड जोरो पर है। इसीलिए ऑनलाइन स्टोर वीवरस्टोरी 10 और 11 अप्रैल को दिल्ली में स्थित आगा खान हॉल, मंडी हाउस में हाथों से बुनकर तैयार किए गए नए ‘बानारसी समर कलेक्शन’ को पेश करेगा।

Image result for chanderi silk

प्रदर्शनी में वीवरस्टोरी द्वारा नए चंदेरी सिल्क, बनारसी कॉटन्स, बंधेज साड़ी, दुपट्टा, लहंगा और चंदेरी के साथ रेडी टू वियर सूट भी प्रदर्शित किए जाएंगे। चंदेरी एक पारंपरिक एथनिक कपड़ा है जिसे पहनने से शानदार अनुभव होता है। चंदेरी कपड़े पारंपरिक रेशम के धागे और सोने के जरी के काम से तैयार होता है।

Image result for Chiffon sarees

बंधेज साड़ी जिसे बांधनी साड़ी के नाम से भी जाना जाता है। वह विशेष रूप से राजस्थान और गुजरात में मिलती है। इन साड़ियों की अच्छी किस्में मांडवी, भुज, जामनगर, पोरबंदर, अजमेर, बीकानेर आदि में बनाई गई हैं।

Image result for cotton saree

इस संग्रह के कुछ आकर्षण रहेंगे कूल बनारस कॉट्सन्स, हैंडब्लॉक मुद्रित अनारकली सेमीस्टिच्ड सूट, नई रेंज के बनारसी मूंगा सिल्क कुर्ता विद कड़वा मीनाकारी बूटा और चंदेरी सिल्क दुपट्टा आदि।

Related image

Wefornews Bureau

लाइफस्टाइल

‘जवानी बरकरार रखने के लिए प्रतिदिन 4-5 बार करें व्यायाम’

Published

on

exercise-
File Photo

अगर आप लंबे समय तक जवान बने रहना चाहते हैं तो आपको अपनी दिनचर्या तुरंत बदलनी होगी। एक शोध में खुलासा हुआ है कि अगर आप प्रतिदिन चार से पांच बार व्यायाम करना शुरू दें तो आपका दिल स्वस्थ रहेगा तथा आप पर बढ़ती उम्र का प्रभाव देर से पड़ेगा।

शोध के अनुसार व्यायाम को दिए गए समय के अनुसार विभिन्न प्रकार की धमनियों पर विभिन्न प्रभाव होते हैं। एक सप्ताह में 30 मिनट के हिसाब से 2-3 दिन व्यायाम मध्यम आकार की धमनियों की कठोरता कम करने के लिए पर्याप्त हो सकता है। जबकि प्रति सप्ताह चार से पांच दिन व्यायाम लंबी केंद्रीय धमनियों को युवा बनाए रखता है।

टेक्सास विश्वविद्यालय में इस शोध के लेखकों में से एक बेंजामिन लेवाइन ने कहा कि इस शोध से दिल को युवा रखने तथा यहां तक कि उम्रदराज लोगों के दिल को भी युवा बनाने के व्यायाम कार्यक्रम को विकसित करने में मदद मिलेगी।

Image result for व्यायाम'

दिल में खून का परिसंचरण करने वाली धमनियां उम्र के साथ कठोर होने लगती हैं जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जर्नल ऑफ फिजिओलॉजी में प्रकाशित शोध के लिए शोध दल ने 60 साल से ज्यादा के 102 लोगों का परीक्षण किया। इस दौरान उनके जीवन भर के व्यायाम का ब्योरा लिया गया।

जीवन भर सामान्य व्यायाम (प्रति सप्ताह 2-3 बार) करने वाले लोगों की मध्यम आकार की धमनियां अधिक युवा पाई गईं। ये धमनियां दिमाग और गर्दन में रक्त संचार करती हैं। वहीं, प्रति सप्ताह 4-5 बार व्यायाम करने से लंबी केंद्रीय धमनियों को युवा रखने में सहायक होती हैं। ये कोशिकाएं सीने तथा पेट में रक्त संचरण करती हैं।

इसके अलावा यह मध्यम आकार की धमनियों को स्वस्थ रखती हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि बड़े आकार की धमनियों को उम्र का प्रभाव कम करने के लिए और कम अंतराल पर व्यायाम करने की जरूरत होती है।

लेवाइन ने कहा कि शोध की सहायता से यह जानने में सहायता मिलेगी कि क्या सही मात्रा में व्यायाम करने पर धमनियों और दिल को दोबारा युवा करने में सहायता मिल सकती है।

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

बालों की सुरक्षा के लिए अपनाएं प्राकृतिक हेयर कलर

Published

on

hair-

आज लोगों में बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इस समस्या के भी विभिन्न कारण हैं जिनमें प्रमुख है बालों की सही देखभाल न करना और आकर्षक दिखने के लिए तरह-तरह के हेयर कलर, तेल, क्रीम का इस्तेमाल।

लेकिन इनसे होने वाले नुकसान पर हमारा ध्यान नहीं जाता। विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर केयर आवश्यक तो है लेकिन जरूरी नहीं कि केमिकल तत्वों वाली क्रीम या उत्पाद इस्तेमाल किए जाएं, बाजार में नो अमोनिया या प्राकृतिक हेयर कलर भी मौजूद हैं जो बालों को नुकसान नहीं पहुंचाते।

कलरमेट के निदेशक आशीष गुप्ता बताते हैं कि हेयरफॉल इन दिनों लोगों के बीच होने वाली चिंताओं का प्रमुख कारण है। ऐसे में प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने के काफी फायदे हैं, जिनसे आकर्षक लुक तो मिलता ही है, साथ ही बालों को नुकसान नहीं होता।

उन्होंने बताया कि बालों से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हमने नो अमोनिया हेयर केयर श्रृंखला बाजार में उतारी है, जिसमें हिना के पोषक कलर हैं। ये प्राकृतिक हैं और किसी तरह का केमिकल इनमें शामिल नहीं है। साथ ही हिना की मौजूदगी उपभोक्ताओं के लिए रंग विकल्पों में से एक विकल्प प्रदान करता है।

सफेद बालों को छिपाने और बालों को नया स्टाइल एवं लुक देने के लिए हेयर कलर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। आशीष गुप्ता ने कहा कि कुछ व्यक्तियों की त्वचा काफी सेंसीटिव होती है, ऐसे लोगों को केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।

बाजार में उपलब्ध कलरमेट की नई रेंज लोगों को एक नेचुरल हेयर कलर सोल्यूशन प्रदान करती है। इन कलर्स की कार्य प्रणाली अद्भुत है, यह बालों के आस-पास शील्ड बनाता है, एक सुरक्षात्मक कोटिंग देता है, जिससे बालों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

जबकि केमिकल तत्वों वाली क्रीम से खुजली, सूजन जैसी समस्याएं होने की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि बालों का रंग व्यक्तित्व को बढ़ाता है, लेकिन आज भी बहुत से लोगों को बालों के नुकसान का डर रहता है और वे इसका उपयोग करने से बचते हैं, जो कि गलत धारणा है।

कलरमेट की पाउडर कलर रेंज इस संघर्ष को हल करते हुए लोगों को एक प्राकृतिक रंग का विकल्प प्रदान करती है। पाउडर कलर बालों व उपभोक्ताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ व आसान उपाय है, जो बालों एवं जीवन को नई उमंग प्रदान करते हैं।

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

गर्मियों में भारतीयों को आध्यात्मिक यात्राएं ज्यादा पसंद

Published

on

पुरी, वाराणसी, तिरुपति और शिरडी जैसे तीर्थ स्थानों के साथ आध्यात्मिक प्रेरणादायक स्थल भारतीय पर्यटन उद्योग का एक सबसे महत्वपूर्ण घटक बनकर उभरा है। ट्रैवेल मार्केटप्लेस इक्सिगो द्वारा किए गए एक अध्ययन से इस बात सामने आई है।

अध्ययन के मुताबिक, ज्यादा से ज्यादा भारतीय अपनी धार्मिक जड़ों से जुड़ने के लिए सफर कर रहे हैं। आध्यात्मिक पर्यटन के बढ़ने के साथ इस बार गर्मियों के मौसम में अन्य शहरों की तुलना में वाराणसी और पुरी जैसे मशहूर धार्मिक स्थलों में होटलों की बुकिंग ज्यादा हो रही है।

अध्ययन में खुलासा हुआ कि पुरी में 60 प्रतिशत, वाराणसी में 48 प्रतिशत, तिरुपति में 34 प्रतिशत और शिरडी में 19 प्रतिशत होटल बुकिंग में मासिक वृद्धि दर्ज की गई है।

पर्यटक धार्मिक स्थानों की यात्रा के लिए औसतन दो दिनों के छोटी योजना बनाते हैं। आवास विकल्पों की बात करें, तो भारतीय कम बजट वाले होटल में रहना पसंद करते हैं। लगभग 82 प्रतिशत पर्यटक वाराणसी के बजट होटल्स में रहना पसंद करते हैं। इसके बाद शिरडी (78 प्रतिशत), तिरुपति (68 प्रतिशत) और पुरी (73 प्रतिशत) का नंबर आता है। 32 प्रतिशत भारतीय तिरुपति के 4/5 सितारा होटल में रहना पसंद करते हैं, जबकि पुरी में ऐसे पर्यटकों की संख्या 27 प्रतिशत है।

इक्सिगो के सीईओ एवं सह-संस्थापक आलोक बाजपेयी ने कहा, “आध्यात्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। आध्यात्मिक यात्रा को अब भारत में एक अनूठे ट्रैवेल ट्रेंड्स के रूप में माना जा रहा है। यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारे देश में देशी सांस्कृतिक अनुभव को एक्सप्लोर करने की दिशा में युवाओं का रुझान बढ़ रहा है।”

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular