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नोटबंदी ने जिंदगियों और अर्थव्यवस्था को तबाह किया : विपक्ष

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विपक्ष ने नरेंद्र मोदी सरकार पर उसके 2016 नोटबंदी कदम से भारत के प्रत्येक नागरिक को ‘तबाह’ करने के लिए हमला बोला। विपक्ष ने कहा कि इससे केवल प्रधानमंत्री के घनिष्ठ मित्रों को ही मदद मिली।

नोटबंदी के दो साल पूरे होने पर कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए ‘काला दिवस’ करार दिया जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने इसे ‘इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला’ बताया।

पूर्व संप्रग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि ‘क्या मोदी अर्थव्यवस्था के विध्वंस, नौकरियों और जिंदगियों को तबाह करने के लिए माफी मांगेंगे।’ उन्होंने कहा, “भारत के लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 86 फीसदी नोटों को बंद करने के एक असंवेदनशील और लापरवाही भरे फैसले के दर्द और उससे जूझने को याद कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “आरबीआई के पास 99 फीसदी नोट वापस आ गए। कालाधन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद और नकली नोट पर काबू; ये चार मकसद बताए थे। चारों में कोई पूरा नहीं हुआ। क्या मोदी इसके लिए माफी मांगेंगे?”

उन्होंने कहा, “नोटबंदी के अक्षम्य और निरंकुश फैसले, जिसने भारत की करीब दो फीसदी जीडीपी को खत्म कर दिया, के दो साल बाद मोदी भारतीय रिजर्व बैंक से और 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये चाहते हैं। इसे रोका जाना चाहिए।”

कांग्रेस नेता  शशि थरूर ने एक ट्वीट कर नोटबंदी की ‘कीमत’ समझाई है। थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया है। थरूर के मुताबिक, नोटबंदी के कारण नए नोट छापने पर 8 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया, 15 लाख लोगों की नौकरी गई, 100 लोग जान से हाथ धो बैठे और जीडीपी में डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

एक और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला और लिखा, ‘हम ऐसा कतई नहीं करेंगे क्योंकि हम सभ्य हैं। नरेंद्र मोदी को 730 दिन बाद भी ऐसा नहीं लगता कि 8 बजे रात तक देश के लोगों से माफी मांग सकें। यह ऐसी घटना है जिसमें 100 लोगों की मौत हो गई।

माकपा ने आठ नवंबर 2016 को ‘हमारे राष्ट्र के इतिहास में सबसे बड़े घोटाले’ के रूप में याद किया। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ‘मोदी को अर्थव्यवस्था, जिंदगियों और आजीविका को तबाह करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।’

उन्होंने कहा, “मोदी ओर उनके मित्रों ने दावा किया था कि नोटबंदी से काला धन, भ्रष्टाचार, आतंकवाद समाप्त होगा और सिर्फ डिजीटल लेन-देन होगा। दो साल बाद मोदी चुप हैं। सच तो यह है कि उन्होंने खुद ही अर्थव्यवस्था, जिंदगियों और आजीविका को तबाह किया है।”

आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक गहरा घाव करार दिया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मोदी सरकार के वित्तीय घोटाले की सूची असंख्य है, नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था पर स्व-प्रेरित एक गहरा घाव है, जो दो साल बाद भी एक रहस्य बना हुआ है कि देश को क्यों एक आपदा की ओर धकेला गया था?”

लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव ने बढ़ती बेरोजगारी के लिए केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “अब प्रत्येक नागरिक को समझ आ गया है कि यह कोई ऐतिहासिक गलती नहीं थी, जिसने हर घर को बर्बाद किया बल्कि एक ऐसा फैसला था जो केवल भाजपा के कुछ पूंजीवादी मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए लिया गया था।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस काला दिवस करार दिया। उन्होंने कहा, “सरकार ने इस बड़े नोटबंदी घोटाले से हमारे देश के साथ धोखा किया है। इसने अर्थव्यवस्था और लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया। जिन लोगों ने ऐसा किया है, लोग उन्हें दंडित करेंगे।”

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नोटबंदी और राफेल डील पर ऑडिट रिपोर्ट नहीं देने का CAG पर आरोप!

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फाइल फोटो

कैग को पत्र लिखकर साठ सेवानिवृत्त अधिकारियों ने उसपर नोटबंदी और राफेल डील पर ऑडिट रिपोर्ट को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया है।

हिंदी न्यूज वेबसाइट जनसत्ता की खबर के मुताबिक, पूर्व अधिकारियों ने पत्र में कहा है कि नोटबंदी और राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर ऑडिट रिपोर्ट लाने में अस्वाभाविक और अकारण देरी पर चिंता पैदा हो रही है और रिपोर्ट संसद के शीत सत्र में पटल पर रखी जानी चाहिए। पत्र में कहा है कि समय पर नोटबंदी और राफेल सौदे को लेकर ऑडिट रिपोर्ट जारी करने में देरी को पक्षपातपूर्ण कदम कहा जाएगा और इससे संस्थान की साख पर संकट पैदा हो सकता है। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

नोटबंदी पर मीडिया की खबरों का संदर्भ देते हुए पूर्व नौकरशाहों ने कहा है कि तत्कालीन नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक शशि कांत शर्मा ने कहा था कि ऑडिट में नोटों की छपाई पर खर्च, रिजर्व बैंक के लाभांश भुगतान तथा बैंकिंग लेन-देन के आंकड़ों को शामिल किया जाएगा। पत्र में कहा गया है, इस तरह की ऑडिट रिपोर्ट पर पिछला बयान 20 महीने पहले आया था लेकिन नोटबंदी पर वादे के मुताबिक ऑडिट रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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व्यापमं केस का आरोपी गिरफ्तार

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व्यापमं केस के आरोपी राकेश नरगावे को सीबीआई ने मध्य प्रदेश के बरवानी जिले से गिरफ्तार किया।

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कठुआ गैंगरेप: पीड़ित परिवार ने वकील दीपिका सिंह को हटाया

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जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गैंगरेप की शिकार आठ साल की बच्ची के परिवार ने वकील दीपिका सिंह राजावत को केस से हटा दिया है। पीड़िता के पिता ने पठानकोट की कोर्ट में दिए आवेदन में कहा कि राजावत इस केस में रुचि नहीं ले रही हैं। इस केस की अब तक हुई 110 सुनवाई में से वे महज दो बार ही पेश हुई हैं। इस कारण वह उनसे अपना केस वापस लेना चाहते हैं। कोर्ट ने उनका आवेदन स्वीकर किया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका सिंह राजावत ने इस मामले में दुख प्रकट करते हुए अपनी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं होने के सवाल पर कहा कि उनकी जगह से पठानकोट करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर है, ऐसे में उनके लिए हर हियरिंग पर कोर्ट जाना मुश्किल होता था। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार ने कभी उनसे संपर्क नहीं किया और अब यह खबर सुनकर उन्हें दुख पहुंचा।

गौरतलब है कि जम्मू जिले के कठुआ में जनवरी 2018 में आठ साल की एक बच्ची से रेप कर उसको मौत के घाट उतार दिया था।

पुलिस की चार्जशीट में कहा गया था कि जम्मू के हिंदू बहुल इलाके से मुस्लिम चरवाहों को भगाने के लिए इस बच्ची से गैंगरेप और फिर बेहद नृशंस ढंग से हत्या की गई थी।

इस मामले में राजावत ने परिवार की तरफ से पीड़िता का केस लड़ने के लिए पहल की थी। इसे लेकर तब उनकी खूब चर्चा भी हुई थी। शुरुआत में यह केस जम्मू कोर्ट में चल रहा था, हालांकि स्थानीय लोगों के गुस्से और उनके दखल की आशंका को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले को पठानकोट ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।

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