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निदास ट्रॉफी : मुश्किल फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को हराया

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Dinesh kartik, Photo credit PTI

कोलम्बो, 18 मार्च| दिनेश कार्तिक (29 रन, 8 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) की आतिशी पारी के दम पर भारत ने रविवार को आर.प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए निदास ट्रॉफी टी-20 त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मैच में बांग्लादेश को चार विकेट से हरा दिया। भारत को अंतिम गेंद पर जीत के लिए पांच रन चाहिए थे और कार्तिक ने मिडविकेट के ऊपर से छक्का लगाते हुए भारत को यादगार जीत दिलाई। भारत को यह मैच जिताने का श्रेय सिर्फ और सिर्फ कार्तिक को मिलना चाहिए क्योंकि उन्होंने असम्भव को सम्भव करते हुए भारत को अपने पड़ोसी के हाथों शर्मनाक हार से बचा लिया।

कार्तिक जिस समय बल्लेबाजी के लिए आए थे, उस समय भारत बेहद मुश्किल स्थिति में था लेकिन इस अनुभवी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखते हुए बेहतरीन शॉट्स खेले और भारत को 167 रनों के स्कोर तक छह विकेट के नुकसान पर ही पहुंचा दिया।

बहरहाल, भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा और शिखर धवन (10) ने तेज शुरुआत की। दोनों ने 16 गेंदों पर 32 रन जोड़ दिए लेकिन इसी योग पर शाकिब अल हसन ने धवन को आउट कर भारत को पहला झटका दिया। इसी योग पर रुबेल हुसैन ने सुरेश रैना (0) को आउट कर भारत को दूसरा झटका दिया।

इसके बाद हालांकि कप्तान शर्मा और लोकेश राहुल (24) के साथ तीसरे विकेट के लिए 51 रनों की साझेदारी की। राहुल 83 के कुल योग पर रुबेल की गेंद पर शब्बीर के हाथों लपके गए। राहुल ने 14 गेंदों का सामना कर दो चौके और एक छक्का लगाया।

अब कप्तान का साथ देने विकेट पर मनीष पांडे (28) आए। इसी बीच, रोहित ने अपना अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके लिए भारतीय कप्तान ने 35 गेंदों का सामना किया और चार चौके तथा तीन छक्के लगाए।

रोहित हालांकि 56 रनों की आकर्षक पारी खेलने के बाद 98 के कुल योग पर नजमुल इस्लाम की गेंद पर महमुदुल्लाह के हाथों लपके गए। रोहित ने 42 गेंदों का सामना कर चार चौके और तीन छक्के लगाए।

रोहित के आउट होने के बाद विजय शंकर (17) आए लेकिन वह हालात के अनुकूल गेंदबाजी नहीं कर सके और 18वें ओवर में लगातार चार डॉट्स खा बै। इससे मनीष दबाव में आ गए और छक्का लगाने के प्रयास में लपके गए।

मनीष का स्थान लेने आए कार्तिक ने दो छक्कों और दो चौकों की मदद से भारत को 12 गेंदों पर 34 रनो से छह गेंदों पर 12 रनों तक पहुंचा दिया। अंतिम ओवर में भी विजय ने गेंदें खराब कीं और फिर पांचवीं गेंद पर आउट हो गए। हालांकि जाने से पहले उन्होंने एक चौका लगाया था। अंतिम गेंद पर भारत को जीत के लिए छक्के की जरूरत थी और कार्तिक ने यह कमाल करते हुए भारत को यादगार जीत दिला दी।

इससे पहले, शब्बीर रहमान (77) की तेज अर्धशतकीय पारी के दम पर बांग्लादेश ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में आठ विकेट पर 166 रन बनाए।

शब्बीर ने 50 गेंदों का सामना कर सात चौके और चार छक्के लगाए। बांग्लादेश की ओर से सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने 15, लिटन दास ने 11 और महमुदुल्लाह ने 21 रन बनाए।

महमुदुल्लाह और कप्तान शाकिब अल हसन (7) रन आउट हुए। अंतिम ओवर में मेहेदी मिराज ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए सात गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 19 रन बनाकर अपनी टीम सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।

भारत की ओर से युजवेंद्र चहल ने तीन विकेट लिए जबकि जयदेव उनादकट ने भी दो विकेट लिए। वॉशिंगटन सुंदर को भी एक सफलता मिली।

बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसने 33 रन पर ही तीन विकेट गंवा दिए थे लेकिन रहमान ने एक छोर पर टिके रहकर रन रेट को मेंटेन रखा। 68 के कुल योग पर मुशफिकुर रहीम (9) का विकेट गिरने के बाद रहमान ने महमुदुल्लाह के साथ मिलकर स्कोर को 100 के पार पहुंचाया।

महमुदुल्लाह 104 रन के कुल योग पर आउट हुए। महमुदुल्लाह ने 16 गेंदों पर दो चौके लगाए। इसके बाद रहमान ने कप्तान के साथ पारी को आगे बढ़ाया लेकिन शाकिब 133 के कुल योग पर रन आउट कर दिए गए।

टी-20 करियर का चौथा अर्धशतक लगाने वाले रहमान का विकेट 147 के कुल योग पर गिरा। उनादकट ने 19वें ओवर की लगातार दो गेंदों पर रहमान के अलावा रुबेल हुसैन (0) को भी चलता किया।
ऐसा लगा कि भारतीय गेंदबाज बांग्लादेश को 150-155 तक सीमित कर देंगे लेकिन मेहेदी ने शार्दूल ठाकुर द्वारा फेंके गए अंतिम ओवर में 18 रन लेकर समीकरण ही बदल दिया। शार्दूल ने चार ओवरों मे 45 रन दिए।

निदाहास ट्रॉफी टी-20 त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल रविवार को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जा रहा है। टीम इंडिया कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया और बांग्लादेश को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारतीय टीम में एक बदलाव हुआ है, मोहम्मद सिराज की जगह जयदेव उनादकट प्लेइंग इलेवन में शामिल हैं। इसके अलावा बांग्लादेश की टीम में कोई बदलाव नहीं है।

भारत को इस त्रिकोणीय टी-20 सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका से हार मिली थी, लेकिन इसके बाद उसने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में प्रवेश किया है। वहीं, बांग्लादेश ने इस सीरीज में दो जीत हासिल की हैं और दोनों बार उसने श्रीलंका को मात दी है।

दो बार भारत से परास्त हो चुकी बांग्लादेश की नजरें एक और उलटफेर कर खिताब अपने नाम करने पर होंगी, लेकिन उसकी राह किसी भी कीमत पर आसान नहीं है।

भारतीय टीम भी बांग्लादेश के अप्रत्याशित व्यवहार से वाकिफ है और इसी कारण वह उसे हल्के में नहीं ले सकती।

टीमें :

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उप-कप्तान), लोकेश राहुल, सुरेश रैना, मनीष पांडे, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), दीपक हुड्डा, वाशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, विजय शंकर, शार्दूल ठाकुर, जयदेव उनादकट, ऋषभ पंत।

बांग्लादेश : शाकिब अल हसन (कप्तान), महमुदुल्लाह, तमीम इकबाल, सौम्य सरकार, इमरुल कायेस, मुश्फीकुर रहीम (विकेटकीपर), सब्बीर रहमान, मुस्ताफीजुर रहमान, रुबेल हुसैन, तस्किन अहमद, अबु हैदर, अबु जायेद, अरिफुल हक, नजमुल इस्लाम, नुरुल हसन, मेहदी हसन और लिटन दास।

Input from IANS

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जजों के निर्णय में सुधार की आवश्यकता : मुक्केबाज सतीश

सतीश को एक कड़े फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क के खिलाफ 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। सभी जजों ने उनके खिलाफ निर्णय दिया था।

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Satish Kumar Yadav
Picture Credit : MNIS

नई दिल्ली, 19 अप्रैल | आस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड प्रांत में स्थित गोल्ड कोस्ट में हाल ही में समाप्त 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी की 91प्लस किलोग्रम भारवर्ग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले भारतीय मुक्केबाज सतीश कुमार यादव का मानना है कि ओलम्पिक एवं राष्ट्रमंडल खेलों में जजों के निर्णयों में सुधार की आवश्यकता है।

सतीश को एक कड़े फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के फ्रेजर क्लार्क के खिलाफ 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। सभी जजों ने उनके खिलाफ निर्णय दिया था। मुकाबला समाप्त होने के बाद सतीश खुद को विजेता मान रहे थे लेकिन जब क्लार्क के पक्ष में निर्णय आया तो वह हैरान रह गए।

आईएएनएस से साक्षात्कार में सतीश कुमार ने कहा, “केवल मैं ही नहीं रिंग के आसपास मौजूद दर्शक और मेरे कोच भी इस निर्णय से हैरान थे। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया या अन्य यूरोपीय देशों के अधिकारी बड़े टूर्नामेंट के दौरान एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, जिसके कारण कड़े मुकाबलों में निर्णय हमारे पक्ष में नहीं जाते। मैं जजों के निर्णय से खुश नहीं हूं क्योंकि फाइनल में अच्छी मुक्केबाजी करने बाद भी मेरे पक्ष में निर्णय नहीं आया और मुझे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।”

सतीश ने कहा, “भारतीय मुक्केबाज बहुत शक्तिशाली हैं लेकिन कभी-कभी बड़े टूर्नामेंट में हमारे खिलाफ गलत निर्णय दिए जाते हैं। अगर बड़े टूर्नामेंट में अच्छे जजों का इस्तेमाल किया जाए और हमारे खिलाफ गलत निर्णय नहीं दिए जाए तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय मुक्केबाजों का बोलबाला देखने को मिलेगा। जजों में सुधार करने के लिए उन्हें खेल के बारे में अधिक शिक्षित करने की आवश्यकता है।”

सतीश ने कहा कि मुक्केबाजी में पहले जिस स्कोरिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता था, उसमे अधिक पारदर्शिता थी। अभी जो सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, उसमे पारदर्शिता की कमी है और यही कारण है कि कभी-कभी अच्छे प्रदर्शन के बाद भी निर्णय आपके खिलाफ आता है।

सेना में जाने के बाद सतीश कुमार ने मुक्केबाजी करना शुरू किया और अपने पहली राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदक जीतने के बाद उनका लक्ष्य एशियाई खेलों एक ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतना है। हालांकि, 28 वर्षीय सतीश ने यह भी माना कि उन्हें अपने करियर में मुक्केबाजी देर से शुरू की।

उन्होंने कहा, “मुझे इसका मलाल तो रहेगा कि मैं मुक्केबाजी में देरी से आया। एक युवा मुक्केबाज के तौर पर आप खेल की बारीकियां जल्द सीख लेते हैं और अगर आपकी नींव अच्छी होगी तो आप महान मुक्केबाज बनेंगे।”

सतीश ने कहा कि भले ही उन्हानें मुक्केबाजी देरी से शुरू की लेकिन उनके अंदर अभी भी ओलम्पिक में पदक जीतने का दम है और लगातर टूर्नामेंट में खेलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है, जिसका फायदा उन्हें एशियाई एवं ओलम्पिक खेलों में मिलेगा।

सतीश ने कहा, “गोल्ड कोस्ट में किए गए प्रदर्शन से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। सुपर हैवीवेट स्पर्धा में आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और आयरलैंड के मुक्केबाज बहुत शक्तिशाली है और मुझे उनके खिलाफ खेलकर मैं काफी कुछ सीखा हूं, जिसका मुझे आने वाले टूर्नामेंट में फायदा मिलेगा।”

इस वर्ष 18वें एशियाई खेलों का आयोजन 18 अगस्त से दो सितंबर के बीच इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में होना है। भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों के लिए विशेष तैयार हेतु अमेरिका दौरे पर जाएंगे, जहां वे माइकल जानसन अकादमी में 15 दिनों की ट्रेनिंग करेंगे।

–आईएएनएस

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आईपीएल-11: गेल का शानदार शतक, हैदराबाद को 194 की चुनौती

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मोहाली, 19 अप्रैल | करिश्माई विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के 63 गेंदों पर एक चौके और 11 छक्कों से सजी 104 रन की नाबाद शतकीय पारी के दम पर किंग्स इलेवन पंजाब ने यहां आईएस बिंद्रा स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में गुरुवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ तीन विकेट पर 193 रन का विशाल स्कोर बना लिया। लीग में अपना दूसरा मैच खेल रहे गेल 11वें संस्करण में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज हैं। आईपीएल के इतिहास में गेल का यह छठा शतक है। गेल ने मैच के 14वें और राशिद खान के तीसरे ओवर में लगातार चार आसमानी छक्के उड़ाए।

गेल ने अपने पहले 50 रन 39 गेंदों पर और दूसरे 50 रन मात्र 19 गेंदों में ही पूरा किए। गेल आईपीएल में सबसे ज्यादा शतक बनाने वाले बल्लेबाज हैं।

38 साल के गेल ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 53, मयंक अग्रवाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 30, करुण नायर के साथ तीसरे विकेट के लिए 85 और एरॉन फिंच के साथ चौथे विकेट के लिए 25 रन की साझेदारी निभाई।

गेल के अलावा राह़ुल ने 21 गेंदों पर तीन चौकों के सहारे 18, मयंक ने नौ गेंदों पर दो चौकों और एक छक्के की मदद से 18, करुण ने 21 गेंदों पर तीन चौकों और एक छक्के की बदौलत 31 और फिंच ने छह गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 14 रन बनाए।

हैदराबाद के लिए राशिद खान ने 55 रन पर एक विकेट लिया। टी-20 में राशिद का अब तक यह सबसे महंगा स्पेल है। राशिद के अलावा सिद्वार्थ कौल ने 33 रन पर एक विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 25 रन पर एक विकेट प्राप्त किया।

–आईएएनएस

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भारत 2032 ओलम्पिक खेलों के लिए मेजबानी पेश करेगा

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नई दिल्ली। भारतीय ओलम्पिक महासंघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने गुरुवार को कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के सामने 2032 ओलम्पिक खेलों की मेजबानी की सिफारिश करेगा। बत्रा ने यहां राजधानी दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आईओसी के अध्यक्ष थॉमस बाक की उपस्थिति में इसकी घोषणा की।

नरिंदर ने कहा, “भारत ने युवा ओलम्पिक खेलों के अलावा, 2030 एशियाई खेलों और 2032 ओलम्पिक खेलों के भी अपनी मेजबानी पेश करने का फैसला लिया है। मैं यह घोषणा करना चाहता हूं कि हम 2032 ओलम्पिक खेलों के लिए आईओसी के सामने मेजबानी पेश करेगा।”

इस संबंध में बाक ने कहा, “भारत के पास इस संबंध में काफी क्षमता है। यह सिर्फ खेल में ही नहीं, बल्कि इसके एथलीट भी शानदार है। इसके अलावा, भारत आर्थिक रूप से भी मजबूत दिखा रहा है। आशा है कि एक दिन भारत ओलम्पिक खेलों की मेजबानी करेगा।”

बाक ने यह भी कहा कि ओलम्पिक आंदोलन में आईओसी पूरी तरह भारत के साथ है और वह हर उस देश को सक्षम बनाने में मदद करेगा, जो बहु-खेल आयोजनों की मेजबानी की चाह रखते हैं। बाक के मुताबिक भारत के पास क्षमता और संसाधन दोनों हैं, ऐसे में वह आने वाले समय में वैश्विक खेल मेजबान के तौर पर सामने आएगा।

–आईएएनएस

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