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अल्जाइमर से बचाएगी नई दवा : शोध

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शोधकर्ताओं ने एक नई दवा की खोज की है जो याददाश्त जाने, तंत्रिका क्षति और अल्जाइमर रोग के अन्य लक्षणों से बचा सकती है। प्रीक्लिनिकल शोध को जर्नल ऑफ फार्माकोलॉजी एंड एक्सपेरीमेंटल थेरेप्यूटिक्स में प्रकाशित किया गया है।

इसमें पाया गया है कि दवा-बीपीएन14770-अमलॉइड बीटा के प्रभावों को रोकती है। अमलॉइड बीटा, अल्जाइमर प्रोटीन का हॉलमार्क है, जो तंत्रिका कोशिकाओं के लिए विषाक्त होता है।

टेट्रा थेरेप्यूटिक्स के विकास के तहत बीपीएन14770 उन प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में मदद कर सकती है जो तंत्रिका के स्वास्थ्य में सहयोग करती हैं और डिमेंशिया को रोकती है।

बुफालो यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर शोधकर्ता यिंग जू ने कहा, “इस तरह के अवलोकन का मतलब है कि अल्जाइमर पैथोलॉजी को कुछ हद तक मस्तिष्क द्वारा कुछ हद तक बर्दाश्त किया जा सकता है, ऐसा प्रतिपूरक प्रक्रिया के कोशिकीय व सिनेप्टिक स्तर पर चलने की वजह से है।”

जू ने कहा, “हमारे नए शोध के अनुसार, बीपीएन14770 मल्टीपल बॉयोलॉजिकल प्रक्रियाओं को सक्रिय करने में सक्षम हो सकती है, यह प्रक्रियाएं दिमाग को याददाश्त की कमी, तंत्रिका संबंधी क्षति व बॉयोकेमिकल हानि से रोकती हैं।”

–आईएएनएस

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काबुल में पहला स्ट्रीट फैशन शो आयोजित

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KABUL

काबुल: काबुल में पहली बार स्ट्रीट फैशन शो का आयोजन किया गया, जिसमें देश की संस्कृति को प्रमोट करने के साथ ही अफगानी महिला व पुरुष मॉडलों ने शांति का संदेश भी दिया।

टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह फैशन शो गुरुवार को आयोजित किया गया था, वहीं अगले महीने इसी तरह के फैशन शो का आयोजन हेरात प्रांत में करने की योजना बनाई जा रही है।

इससे पहले अफगानिस्तान में फैशन शो कभी भी सार्वजनिक तौर पर नहीं आयोजित किया गया था, बल्कि वह इंडोर होते थे।

काबुल में कार्यक्रम का आयोजन करने वाले अजमल हकीकी का कहना है कि वह अन्य प्रांतों में ऐसे ही शो का आयोजन करने वाले हैं। साथ ही उन्होंने कहा, “यह सांस्कृतिक कार्य है और इसमें शांति का संदेश भी है।”

मॉडल्स को विभिन्न तरह के परिधानों को पहनकर रेड कार्पेट पर चलते देखा गया। देश के विभिन्न प्रांतों की परंपरा को परिधानों के माध्यम से दिखाया गया।

एक महिला मॉडल याल्दा जमालजदा ने कहा, “हमारे दिलों में डर है, लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार हमें स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दे।”

–आईएएनएस

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नारियल तेल के आश्चर्यजनक फायदे!

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नारियल तेल के इस्तेमाल के कई फायदे हैं। कई गुणों से भरपूर यह तेल स्वास्थ्यपरक फायदों के लिए पीढ़ियों से इस्तेमाल में लाया जा रहा है। ‘

बिड़ला आयुर्वेद’ की आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर प्रियंका संपत ने नारियल तेल के ये फायदे बताए हैं :

* नारियल तेल त्वचा के लिए नैचुरल मॉइश्चराइजर का काम करता है, यह मृत त्वचा को हटाकर रंग निखारता है, चूंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है, तो इसका इस्तेमाल त्वचा रोग, डर्मेटाइटिस, एक्जिमा और स्किन बर्न में किया जा सकता है। नारियल तेल स्ट्रेच मार्क्‍स हटाने में भी मदद करता है और होंठ को फटने से बचाने के लिए भी इसे नियमित रूप से होंठ पर लगाया जा सकता है।

* नारियल तेल बालों को घना, लंबा और चमकदार बनाने में काफी मददगार साबति होता है। सिर का मसाज सिर्फ पांच मिनट नारियल तेल से करने से न सिर्फ रक्त संचार में वृद्धि होती है, बल्कि खो चुके पोषक तत्वों की भी भरपाई करता है, नियमित रूप से नारियल तेल से मसाज करने से बालों में रूसी नहीं होता है।

* नारियल तेल को मुंह में करीब 20 मिनट तक रखने के बाद थूक देने से मुंह के कीटाणु और मसूड़ों की समस्याएं दूर होती है। स्वस्थ मसूड़ों के लिए सप्ताह में कम से कम तीन बार ऐसा करें।

* आयुर्वेद में पित्त वृद्धि के कारण नारियल तेल का इस्तेमाल गठिया, जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। यह हड्डियों में कैल्शियम और मैग्नीशियम अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है।

‘हिंदूजा हेल्थकेयर सर्जिकल’ में टीम लीडर डायटीशियन इंद्रायनी पवार ने नारियल तेल के लाभ संबंधी ये बातें बताई हैं :

* नारियल तेल के इस्तेमाल से वजन भी कम किया जा सकता है। ताजे नारियल से निकाले गए तेल में अन्य नारियल तेलों की अपेक्षा ज्यादा मीडियम चेन फैटी एसिड्स (70-85 प्रतिशत) होता है।

मीडियम चेन फैटी एसिड्स आसानी से ऑक्सीडाइज्ड लिपिड्स होते हैं और एडीपोज ऊतक में संग्रहित नहीं होते हैं। इस प्रकार, मुख्य रूप से मीडियम चेन फैटी एसिड युक्त नारियल का तेल वजन घटाने में मददगार साबित होता है।

* नारियल तेल लॉरिक एसिड और कैप्रिक एसिड की तरह एंटीमाइक्रोबियल लिपिड का एक समृद्ध स्रोत होता है, जो एंटीफंगल और जीवाणुरोधी होते हैं।

* खाना पकाने में नारियल का तेल ज्यादा अच्छा रहता है। इसका तेल ऑक्सीकरण के प्रति कम असुरक्षित होता है, जो इसे खाना पकाने के लिए सबसे सुरक्षित बनाता है।

–आईएएनएस

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सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय…

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सर्दियों के मौसम में ठंड के बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो जाती है। चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गरम कपड़े तो पहन लेते हैं, मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना जरूरी है।

इसलिए आज हम आपके लिए इन बीमारियों से बचने के कई घरेलू नुस्खे लेकर आए है। जिन्हें अपनाकर आप सर्दी में होने वाली बीमारियां से बच सकते है। रिसर्च के मुताबिक लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक से बनी चाय खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए ‘रामबाण’ इलाज मानी जाती है।

हाल ही में बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की मानद उपाधि से सम्मानित दूबे ने कहा कि इन बीमारियों का मुख्य कारण वायरस का बढ़ता प्रसार होता है। उन्होंने कहा कि जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खांसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है।

इसलिए सर्दी में  बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान और सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दियों में शहद का सेवन करने से शरीर को कई तरह की रोगों से दूर रखा जा सकता है।

आयुर्वेद में शहद को अमृत माना गया है। सर्दी, जुकाम होने पर रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यह खत्म हो जाती है।”

उनका कहना है कि शहद शरीर के ‘इम्युन सिस्टम’ को दुरुस्त करता है। उन्होंने कहा कि सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी खाने का बहुत फायदा मिलता है। यह शरीर को तो गर्म रखता ही है, साथ में बाजरे की रोटी में प्रोटीन, विटामिन बी, कैल्शियम, फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के लिए अच्छे होते हैं।

ठंड से बचने के लिए बच्चों को भी बाजरे की रोटी खिलानी चाहिए। दूबे ने कहा, सर्दियों में मछली तथा सूप भी बेहद कारगर है। खाने में अदरक के प्रयोग से शरीर तो गरम होता ही है, साथ में पाचन क्रिया भी अच्छा होता है।”उन्होंने बताया कि आंवला डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।

आंवला को प्राचीन आयुर्वेदिक प्रणाली में कई तरह के रोगों के इलाज के लिए लगभग 5000 साल से इस्तेमाल किया जा रहा है। आवंला की तुलना अमृत से की गई है। आंवला में विटामिन सी, विटामिन एबी, पोटैशिम, कैलशियम, मैग्नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड होते हैं।

आंवला और मूंगफली सर्दियों में फायदेमंद होता है। तिलों के तेल से मालिश भी हमें ठंड से बचाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में मौसमी और संतरा खाने से बचना चाहिए। खजूर को गर्म दूध के साथ खाने पर भी सर्दी से राहत मिलती है।

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