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नक्सलियों ने विस्फोट कर उड़ाया बिजली सब स्टेशन

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छत्तीसगढ़ के सुकमा से लगी आंध्रप्रदेश की सीमा पर नक्सलियों ने रविवार को जमकर उत्पात मचाया और बिजली के एक सब स्टेशन में विस्फोट कर उड़ा दिया।

सुकमा की सीमा से महज 4 किलोमीटर दूर आंध्रप्रदेश के चिंतूर थाना क्षेत्र के सरीवेला गांव में नक्सलियों ने बिजली के एक सब स्टेशन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया। विस्फोट के बाद नक्सलियों ने घटनास्थल पर पर्चे भी फेंके। हमले की जिम्मेदारी नक्सलियों की शबरी एरिया कमेटी ने ली है।

इस घटना की पुष्टि करते हुए सुकमा पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने कहा, “नक्सल प्रभावित इलाका होने के कारण जवान अलर्ट रहते हैं, लेकिन इस घटना के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। घटना के बाद जवानों को अलर्ट कर दिया गया है। तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।”

–आईएएनएस

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केरल में रेड अलर्ट जारी, बाढ़ से मरने वालों की संख्या 58 हुई

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तिरुवनंतपुरम, 15 अगस्त | केरल में बुधवार को फिर जोरदार बारिश होने से 19 और लोगों की मौत हो गई। और अधिक तबाही के बाद अधिकारियों को पूरे राज्य में रेड अलर्ट जारी करना पड़ा है। इन मौतों की रपट के बाद, राज्य में 18 अगस्त से हो रही मूसलाधार बारिश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 58 हो गई है।

केरल के 14 जिलों में से 11 में बुधवार दोपहर बाद रेड अलर्ट जारी किया गया जिसमें इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, पाथनमथिट्टा, कन्नुर और एर्नाकुलम शामिल है।

कोचीन हवाईअड्डे को इसके परिसर में पानी घुसने की वजह से शनिवार तक बंद कर दिया गया है।

मंगलवार को देर रात शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बाद राज्य के 33 बांधों के गेट को खोलना पड़ा। ऐसा पहली बार हुआ है।

बारिश के शनिवार तक जारी रहने की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने केरल में आई इस त्रासद बाढ़ का सामना करने के लिए लोगों से उदारता से आर्थिक व अन्य तरह से योगदान देने की अपील की है।

विजयन ने बुधवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की। उन्हें सभी जरूरी मदद का आश्वासन दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य में मदद करने के लिए और बलों को भेजने का वादा किया।

बुधवार को भारी बारिश के बाद घर गिरने से मलप्पुरम में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। तीन लापता बताए जा रहे हैं, जबकि एक बच्चे को बचा लिया गया है।

एक व्यक्ति की मौत मुन्नार में लॉज के गिरने की वजह से हुई। पाथनमथिट्टा में एक 70 वर्षीय महिला की मौत करंट लगने से हो गई। इस महिला का घर पानी में डूब गया था।

भूस्खलन से मलप्पुरम में भी लोगों की जान गई है। तिरुवनंतपुरम जिले में घर की दीवार गिरने से एक सत्तर वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।

राज्य की राजधानी में बुधवार को मूसलाधार बारिश हुई, जिसमें निचले इलाके डूब गए। अधिकारियों ने लोगों के लिए तत्काल वहां 14 राहत शिविरों खोला।

जिन लोगों को उनके घर से सुरक्षित बाहर निकाला गया, उनमें कांग्रेस नेता व राज्य में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वी.एम. सुधीरन व उनकी पत्नी शामिल हैं। अभिनेता व राज्यसभा सदस्य सुरेश गोपी के घर में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।

बुधवार को विजयन ने बारिश के बीच स्वतंत्रता दिवस परेड की सलामी ली और सभी को उदारता से योगदान देने के लिए कहा।

यहां 72वीं स्वतंत्रता दिवस परेड को संबोधित करते हुए विजयन ने लोगों से हर संभव सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य इस समय सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है।

उन्होंने कहा, “इस वर्ष हम ऐसे समय स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं जब बाढ़ ने पूरे राज्य में तबाही मचाई हुई है। राज्य ने ऐसी विपदा का सामना पहले कभी नहीं किया। लेकिन, अगर हम सब एक हो जाएं तो हम किसी भी आपदा का सामना कर लेंगे।”

बाढ़ के बावजूद ज्यादातर स्थानों पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में लोगों की सक्रिय उपस्थिति देखी गई।

–आईएएनएस

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हिमाचल में बारिश से अब तक 16 मौतें

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फाइल फोटो

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। पिछले 24 घंटों में हुई बारिश में 16 लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 अगस्त तक बारिश का कहर जारी रहेगी।

6 नैशनल हाईवे बुरी तरह से प्रभावित

प्रदेश में 6 नैशनल हाईवे बुरी तरह बाधित हैं। इनके अलावा हिमाचल के भीतरी कस्बों और गांवों को जोडऩे वाली कुल 923 सड़कों पर यातयात बाधित हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा… 

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों के प्रति शोक जाहिर करते हुए कहा कि उनके पास मृतकों का औपचारिक आंकड़ा 16 है। इसके अलावा प्रदेश में भारी स्तर पर आर्थिक नुक्सान की खबर है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि अभी तक बारिश में तकरीबन 775 करोड़ रुपए का कुल नुक्सान हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में हुई जानमाल की क्षति के बाद युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है। साथ ही साथ प्रदेश की तमाम बाधित सड़कों को भी फौरी तर पर खोलने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने घरों से निकलने से बचें, साथ ही जिन रास्तों में दिक्कत है, उन रास्तों पर यात्रियों को सचेत करें। उन्होंने कहा कि इस आपात घड़ी में लोग सूझबूझ से काम लें। जितना हो सके यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे ज्यादा क्षति मार्गों को पहुंची है। लिहाजा उन्हें ठीक करने का काम चल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जारी की 96 करोड़ रुपए की राशि

प्रदेश में जो जानमाल की क्षति पहुंची है। उसमें फौरी राहत के तौर पर मुख्यमंत्री ने 96 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा नुक्सान सड़कों को पहुंचा है। लिहाजा उन्हें ठीक करने काम चल रहा है। प्रदेश में तकरीबन सभी एन.एच. पर यातायात बाधित है। शिमला-कालका और पठानकोट मंडी पर भी यातायात ठीक ढंग से चालू नहीं हो पाया है।

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जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद यातायात बाधित

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रामबन और उधमपुर जिलों में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलनों की वजह से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया।

यातायात अधिकारी ने बताया कि उधमपुर में भूस्खलन और रामबन जिले में कई स्थानों पर पत्थर ढहने की घटना की वजह से राजमार्ग को बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा, ‘राजमार्ग के कई क्षेत्रों में अभी भी भारी बारिश हो रही है।

सड़कों को साफ करने का अभियान बारिश बंद होने के बाद तत्काल शुरू किया जाएगा। राजमार्ग को सोमवार को नौ घंटों की भारी बारिश के बाद यातायात के लिए खोला गया था।

–आईएएनएस

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