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बालों की सुरक्षा के लिए अपनाएं प्राकृतिक हेयर कलर

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आज लोगों में बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इस समस्या के भी विभिन्न कारण हैं जिनमें प्रमुख है बालों की सही देखभाल न करना और आकर्षक दिखने के लिए तरह-तरह के हेयर कलर, तेल, क्रीम का इस्तेमाल।

लेकिन इनसे होने वाले नुकसान पर हमारा ध्यान नहीं जाता। विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर केयर आवश्यक तो है लेकिन जरूरी नहीं कि केमिकल तत्वों वाली क्रीम या उत्पाद इस्तेमाल किए जाएं, बाजार में नो अमोनिया या प्राकृतिक हेयर कलर भी मौजूद हैं जो बालों को नुकसान नहीं पहुंचाते।

कलरमेट के निदेशक आशीष गुप्ता बताते हैं कि हेयरफॉल इन दिनों लोगों के बीच होने वाली चिंताओं का प्रमुख कारण है। ऐसे में प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने के काफी फायदे हैं, जिनसे आकर्षक लुक तो मिलता ही है, साथ ही बालों को नुकसान नहीं होता।

उन्होंने बताया कि बालों से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हमने नो अमोनिया हेयर केयर श्रृंखला बाजार में उतारी है, जिसमें हिना के पोषक कलर हैं। ये प्राकृतिक हैं और किसी तरह का केमिकल इनमें शामिल नहीं है। साथ ही हिना की मौजूदगी उपभोक्ताओं के लिए रंग विकल्पों में से एक विकल्प प्रदान करता है।

सफेद बालों को छिपाने और बालों को नया स्टाइल एवं लुक देने के लिए हेयर कलर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। आशीष गुप्ता ने कहा कि कुछ व्यक्तियों की त्वचा काफी सेंसीटिव होती है, ऐसे लोगों को केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए।

बाजार में उपलब्ध कलरमेट की नई रेंज लोगों को एक नेचुरल हेयर कलर सोल्यूशन प्रदान करती है। इन कलर्स की कार्य प्रणाली अद्भुत है, यह बालों के आस-पास शील्ड बनाता है, एक सुरक्षात्मक कोटिंग देता है, जिससे बालों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

जबकि केमिकल तत्वों वाली क्रीम से खुजली, सूजन जैसी समस्याएं होने की संभावना अधिक है। उन्होंने कहा कि हम मानते हैं कि बालों का रंग व्यक्तित्व को बढ़ाता है, लेकिन आज भी बहुत से लोगों को बालों के नुकसान का डर रहता है और वे इसका उपयोग करने से बचते हैं, जो कि गलत धारणा है।

कलरमेट की पाउडर कलर रेंज इस संघर्ष को हल करते हुए लोगों को एक प्राकृतिक रंग का विकल्प प्रदान करती है। पाउडर कलर बालों व उपभोक्ताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ व आसान उपाय है, जो बालों एवं जीवन को नई उमंग प्रदान करते हैं।

–आईएएनएस

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योग से पाएं दमकती त्वचा

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आजकल के समय में प्रदूषण, तनाव, अनियमित जीवनशैली व दिन रात की भागदौड़ भरी जिंदगी से लोग समय से पहले ही बूढ़े दिखने लगे हैं और कम उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां, कील मुहांसे, फुंसियां, काले धब्बे लगातार परेशानी का सबब बन रहे हैं।

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ऐसे में कुछ योग आसनों के नियमित अभ्यास से आप प्राकृतिक सुंदरता, दमकती त्वचा व शारीरिक आकर्षण प्राप्त किया जा सकता है। सुंदर चमकीली त्वचा, गठीला शरीर, छरहरा बदन, चेहरे पर यौवन, चमकीले बाल तथा प्राकृतिक रूप से सुंदर दिखने की चाहत किसे नहीं होती? यही वजह है कि आजकल फिटनेस सेंटर, जिम, सैलून, स्पा तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मंहगे सौंदर्य प्रसाधनों को खरीदने की होड़ दिखती है।

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि भारतीय आयुर्वेदिक पद्धति योग के साधारण आसनों के जरिए आप स्थाई आंतरिक व बाहरी सौंदर्य आसानी से पा सकते हैं।

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वह कहती हैं, “अगर आप योग साधना को अपने जीवन से जोड़ लें तो शरीर को स्वस्थ्य रखने के साथ ही प्राकृतिक तौर पर स्थायी रूप से सुंदर तथा प्रभावशाली बन सकते हैं और महंगे सौंदर्य प्रसाधनों, ब्यूटी सैलून के महंगे उपचार व समय को बचाया जा सकता है।”

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन महज आध घंटा सुबह तथा शाम सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, उत्थान आसन, कपाल भाती, धनुर आसन तथा सांसों की क्रिया के माध्यम से आप अपने यौवन, सौंदर्य तथा प्राकृतिक आकर्षण को जीवनर्पयत बनाए रख सकते हैं।

शहनाज हुसैन ने कहा कि बालों तथा त्वचा के सौंदर्य को बनाए रखने में प्राणायाम महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। प्राणायाम से जहां तनाव कम होता है वहीं शरीर में प्राण वायु का प्रभावी संचार होता है तथा रक्त का प्रभाव बढ़ता है। प्रतिदिन 10 मिनट तक प्राणायाम से मानव शरीर की प्राकृतिक क्लीजिंग हो जाती है। प्राणायाम से बालों का सफेद होना तथा झड़ने जैसी समस्या को रोकने में भी मदद मिलती है।

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उन्होंने कहा, “उत्थान आसन के लगातार उपयोग से आप कील, मुंहासे, काले धब्बों आदि की समस्याओं का स्थाई उपचार पा सकते हैं। कपालभाती से शरीर में कार्बन डाईक्साईड को हटाकर खून को साफ करने में मदद मिलती है। इससे शरीर में हल्कापन महसूस होता है। धनुर आसन से शरीर में रक्त का प्रभाव बढ़ता है तथा शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है इससे शरीर की त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है तथा त्वचा की रंगत में निखार भी आता है।”

हर्बलक्वीन के नाम से मशहूर शहनाज हुसैन ने कहा कि योग के लगातार अभ्यास से त्वचा के साथ ही शरीर दीर्घकाल बरकरार रहता है। योगासन से रीढ़ की हड्डी तथा जोड़ों को लचकदार बनाए रखा जा सकता है जिससे शरीर लंबे समय तक लचीला तथा आकर्षक बनता है। योग से शरीर के भार को कम करने में भी मदद मिलती है तथा इससे मांसपेशियां नरम तथा मुलायम हो जाती हैं।

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उन्होंने कहा कि योगासन से थकान से मुक्ति मिलती है तथा शरीर में उर्जा का प्रभावी संचार होता है। सूर्यनमस्कार आसन से पूरे शरीर में नवयौवन का संचार होता है।

सूर्यनमस्कार से शरीर पर बढ़ती आयु के प्रभाव को रोका जा सकता है तथा यह चेहरे तथा शरीर पर बुढ़ापे के चिन्हों के प्रभाव को रोकने में मददगार साबित होता है। चेहरे की झुर्रियों से मुक्ति पाने के लिए सूर्यनमस्कार तथा प्राणायाम दोनों प्रभावी आसन हैं।

— आईएएनएस

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गर्मी की छुट्टियों में कैसे ऐसे करें बच्चों की देखभाल

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गर्मियों का मतलब जहां युवाओं व बुजुर्गो के लिए तेज धूप, धूल भरी गर्म हवाओं, उमस, संक्रमण और कई तरह की बीमारियों से जुड़ा है, वहीं बच्चों के लिए गर्मियां स्कूल, पढ़ाई, टीचर्स, होमवर्क इन सभी से आजादी से जुड़ी है।

गर्मी की छुट्टियों में बच्चे खेल-कूद, मनोरंजन और खाने-पीने में ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे उनके परिजनों को उनपर ध्यान रखना थोड़ा ज्यादा मुश्किल हो जाता है।

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बच्चों की इन्हीं बेफेक्री को ध्यान में रखते हुए इन्द्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के पीडिएट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलोजी के कन्सलटेन्ट डॉ. विद्युत भाटिया ने कुछ आसान से सुझाव दिए हैं, जिससे आप अपने बच्चों का बेहतर तरीके से ध्यान रख सकते हैं।

* गर्मी से बचें : ध्यान रखें कि आपका बच्चा दिनभर हाइड्रेटेड रहे, खेलकूद और आउटडोर गतिविधियों में व्यस्त रहने के दौरान बच्चे अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं और घण्टों प्यासे रहते हैं। इसके लिए बच्चों के ऐसे विकल्प दें, जिससे उनके शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बना रहे। हालांकि पानी का कोई विकल्प नहीं है, लेकिन इस मौकस में नारियल पानी, फलों के रस, स्रिटस फल, लस्सी, छाछ और फलों की स्मूदीज अच्छा विकल्प हो सकते हैं। Related image

* बच्चे को काबोर्नेटेड पेय पदार्थों से दूर रखें, इनसे शरीर सिर्फ डीहाइडेज्ट होता है, और शरीर में शुगर यानि चीनी का स्तर बढ़ जाता है।

* सही अहार पर ध्यान दें : गर्मियों में सही आहार बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस सीजन में शरीर को अतिरिक्त उर्जा की जरूरत होती है, क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ शरीर में मैटाबोलिक बदलाव आते हैं। इसलिए सलाह दी जाती है कि तेल और वसा से युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

मौसमी फलों, सब्जियों और प्र्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इससे बच्चे दिन भर सक्रिय रह सकते हैं। गर्मियों के मौसम में आम, लीची, केला, तरबूज, खरबूजा, प्लम और चैरी जैसे ढेरों विकल्प उपलब्ध होते हैं।

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* अपने आप को ढककर रखें : धूप सेहत के लिए फायदेमंद होती है, लेकिन गर्मियों में धूप बहुत तेज होती है जो हमें बीमार कर सकती है। बच्चे थोड़ी देर तेज धूप में रहने पर भी डिहाइड्रेशन और सनस्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि दिन भर घर में ही रहें, सुबह जल्दी और शाम को ही बाहर जाएं।

* अगर बाहर जाना जरूरी हो तो अपने आप को कवर कर लें, खासतौर पर बच्चों का ज्यादा ध्यान रखें। इस मौसम में कपड़े भी आरामदायक और हवादार होने चाहिए, जो बच्चों को धूप से सुरक्षित रख सकें। गर्मियों में सिर ढकने के लिए टोपी का इस्तेमाल करें। धूप के चश्मे से आप अपनी आंखों को धूल, मिट्टी और गर्मी से बचा सकते हैं।

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* बच्चे को कभी भी कार में बंद न करें : ऐसे बहुत से उदाहरण देखे गए हैं जब बच्चों की बंद कार में मौत हो जाती है। माता-पिता उन्हें धूप से बचाने के लिए कार में कुछ देर बंद कर के चले जाते हैं। यह समझना जरूरी है कि बंद जगह पर तापमान जल्दी बढ़ता है। कार में तो ऐसा और भी तेजी से होता है, क्योंकि कार की बॉडी मैटल से बनी होती है। थोड़ी ही देर में कार ओवन की तरह तपने लगती है। बच्चे के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बच्चों के साथ बड़ों को भी यह सावधानी बरतनी चाहिए।

* घर के भीतर भी बच्चों का पूरा ध्यान रखें : घर के भीतर भी बच्चों का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। उन्हें बीच बीच में पानी और तरल पदार्थ देते रहें। डिहाइड्रेशन कहीं भी हो सकता है, घर के भीतर भी तापमान अचानक बढ़ जाता है।

* एलर्जी और मौसमी बदलाव का ध्यान रखें : गर्मियों में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह पीलिया, त्वचा रोगों और डायरिया की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि बच्चों को मच्छरों से सुरक्षित रखा जाए। मॉस्क्यूटो रेपेलेंट का इस्तेमाल करें, बच्चों को पूरी बाजू के कपड़े पहनाएं और एंटी मॉस्क्यूटो पैच या जैल इस्तेमाल करें।

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* गर्मियों में खेलों के दौरान सावधानी बरतें : तैराकी हो या अन्य खेल जैसे क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटर आदि। खेल के दौरान अपने आप को धूप से सुरक्षित रखना और खूब पानी पीना जरूरी है।

* समर केयर किट : समर केयर किट तैयार कर लें, बच्चे को घर के अंदर गतिविधियों में व्यस्त रखें। इस किट में ग्लूकोज, ओआरएस, पानी की बोतल, टोपी, धूप का चश्मा, नोट बुक और गर्मियों के लिए विशेष निर्देश होने चहिए। साथ ही ‘क्या करें’ और ‘क्या न करें’ और ‘आपातकालीन स्थिति के लिए कॉन्टेक्ट नम्बर’ जैसी सभी चीजें भी होनी चाहिए।

–आईएएनएस

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फर्नीचर ऑनलाइन किराए पर लेते समय इन बातों का रखें ध्यान!

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फर्नीचर ऑनलाइन किराए पर लेने से उन्हें खरीदने और उनमें ज्यादा निवेश करने के झंझट से निजात मिल जाती है।

जो लोग पहली बार ऑनलाइन फर्नीचर किराए पर ले रहे हैं उन्हें अपनी जीवनशैली के हिसाब से फर्नीचर का चयन करना चाहिए और वेबसाइट पर विवरण और समीक्षा अच्छे से पढ़ लेना चाहिए, ताकि बाद में कोई दिक्कत नहीं हो।

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‘फैब्रेंटो’ के संस्थापक सिद्धांत लांबा और ‘सिटीफर्निश’ के सीईओ नीरव जैन ने इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं :

* फर्नीचर को ऑनलाइन किराए पर लेते समय सुरक्षा और विश्वसनीयता जरूर सुनिश्चित कर लें। वेबसाइट पर मौजूद पिछले उपयोगकर्ताओं के फीडबैक को पढ़ लें और किसी परेशानी से बचने के लिए सही फर्नीचर किराए पर लें।

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* फर्नीचर की जल्द और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करें। इस बात को सुनिश्चित कर लें कि ऑनलाइन फर्नीचर किराए पर देने वाली कंपनी समय पर फर्नीचर पहुंचाए और वे सही हालत में हों। फर्नीचर को घर में रखने से पहले अच्छी तरह से जांच लें कि कहीं से इसका कोई हिस्सा टूटा तो नहीं है।

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* फर्नीचर किराए पर लेने से पहले घर और कमरे को अच्छी तरह से चेक कर लें कि आपको किन फर्नीचर को किराए पर लेने की जरूरत है और क्या आप इनका रखरखाव कर सकेंगे। अपनी जीवनशैली के हिसाब से फर्नीचर का चयन करें, जैसै कि अगर घर में बच्चे हैं तो धारदार किनारों वाले फर्नीचर लेने से बचें या अगर घर में पालतू जानवर हैं तो लेदर या कांच वाले फर्नीचर लेने से बचें।

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* फर्नीचर को ऑनलाइन किराए पर लेने पर ढेर सारे विकल्प मौजूद होते हैं। सभी विकल्पों की सावधानी से पड़ताल कर लें और विवरण को अच्छे से पढ़ लें। अपने कमरे के हिसाब से उपलब्ध साइज वाले फर्नीचर की जांच कर लें और फिर सबसे उपयुक्त फर्नीचर लें।

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* शिपिंग और रिटर्न/एक्सचेंज पॉलिसी को ध्यान से पढ़ लें। ऑनलाइन खरीदारी आपको सारी जानकारी उपलब्ध कराती है।

–आईएएनएस

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