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मोदी ने उत्तराखंड में सेना, आईटीबीपी के साथ मनाई दिवाली

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फोटो-ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तराखंड में सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के साथ दिवाली मनाई और कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में बड़े कदम उठा रहा है।

आईटीबीपी के एक प्रवक्ता के मुताबिक, प्रधानमंत्री भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान से सुबह करीब 7:50 पर हर्षिल गांव पहुंचे और जवानों को मिठाईयां बांटी। हर्षिल जालंधरी गढ़, भागीरथी नदी और पहाड़ियों के निचली सतह के संगम पर स्थित है।

मोदी के साथ सेना प्रमुख बिपिन रावत भी मौजूद थे। इस मौके पर सेना और आईटीबीपी के जवानों को बधाई देते हुए मोदी ने कहा कि सुदूर बफीर्ली चोटियों पर आपका अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण भाव पूरे देश को ताकत देता है और यह 125 करोड़ भारतीयों के सपनों और भविष्य को सुरक्षित कर रहा है।

मोदी ने कहा, ” दिवाली रोशनी का पर्व है जो अच्छाई फैलाता है और डर-भय को दूर करता है। जवानों की प्रतिबद्धता और अनुशासन से देश के लोगों में सुरक्षा की भावना पनपती है।”प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि जवानों के साथ तब से दिवाली मना रहे हैं, जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

उन्होंने पिछले साल अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात और उनके साथ बिताए समय के बारे में भी बात की। मोदी ने कहा, “भारत रक्षा क्षेत्र में बड़े कदम उठा रहा है।” साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व सैन्यकर्मियों की भलाई के लिए सरकार बहुत कुछ कर रही है, इसमें वन रैंक-वन पेंशन योजना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भारतीय सशस्त्र बलों ने पूरी दुनिया की वाहवाही बटोरी है। प्रधानमंत्री ने नजदीकी इलाकों के उन लोगों से भी बातचीत की, जो उन्हें बधाई देने के लिए यहां इकठ्ठे हुए थे।बाद में मोदी केदारनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गए।

प्रधानमंत्री पुनर्निर्माण कार्य में व्यक्तिगत रुचि ले रहे हैं और पिछले छह महीने में दो बार मंदिर का दौरा कर चुके हैं। मोदी मंदिर के समीप अतिथि गृह के पुनर्निर्माण कार्य पर राज्य सरकार अधिकारियों द्वारा तैयार एक वीडियो प्रजेंटेशन भी देखेंगे।

–आईएएनएस

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गोवा की राज्यपाल ने परोक्ष रूप से मनमोहन सिंह पर साधा निशाना

राज्यपाल ने कहा, “सुबह जब मैं ध्यान कर रही थी तो महसूस किया कि कुछ नेता ‘एक्सिडेंटल’ हैं। वे अचानक (नेता) बने हैं। एक्सिडेंटल नेता ..”

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पणजी, 18 जनवरी | गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर एक परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ‘कुछ नेताओं को दूसरों की बदौलत पद मिल जाते हैं और उन्हें पद पर बनाए रखने की कुछ मजबूरियां होती हैं, चाहे भले ही वे अच्छा काम करें या नहीं करें।’ राज्यपाल ने गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित महिला नेतृत्व संगोष्ठी में ‘पाथवेज टू रिजिलिएंट’ विषय पर बोलने के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ‘एक्सिडेंटल लीडर’ को आसीन करते समय यह नहीं सोचा गया कि वह मुद्दों, विषयों की बारीकियों को समझता है या नहीं और ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं।

हालांकि, उन्होंने मनमोहन सिंह का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पूर्व प्रधानमंत्री पर बनी बायोपिक ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ विवादों में हैं और सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच वाक्युद्ध छिड़ गया है।

सिन्हा ने कहा, “कई प्रकार के नेता होते हैं, उनमें से कुछ ‘एक्सिडेंटल’ भी हैं और दूसरों की बदौलत पद पर काबिज हो जाते हैं।”

उन्होंने मौजूद लोगों से कहा, “उन्हें (नेता) बनाया जाता है और कुछ काम करने के लिए कहा जाता है। वह कितना काम कर सकते हैं, काम हुआ या नहीं, उनमें काबिलियत है या नहीं, उसने मुद्दों के समझा या अध्ययन किया या नहीं..इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। ऐसा करने के पीछे सिर्फ कुछ मजबूरियां होती हैं।”

उन्होंने कहा कि संगोष्ठी में वह किस विषय पर वह बोलेंगी, इस पर उन्होंने विचार किया और चिंतन किया कि कितने तरह के नेता होते हैं।

राज्यपाल ने कहा, “सुबह जब मैं ध्यान कर रही थी तो महसूस किया कि कुछ नेता ‘एक्सिडेंटल’ हैं। वे अचानक (नेता) बने हैं। एक्सिडेंटल नेता ..”

हालांकि, राज्यपाल ने कहा कि यहां तक कि अचानक पद पर काबिज कर दिए जाने के बाद एक नेता भी अंतत: नेतृत्व की स्थिति में आने के बाद अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग हो जाता है।

उन्होंने कहा कि एक नेता को संवेदनशील होना चाहिए और अगर उस शख्स में दूसरों की पीड़ा को समझने की काबिलियत नहीं है तो फिर वह सफल नेता नहीं बन सकता।

फिल्म ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके संजय बारू द्वारा लिखी गई किताब पर आधारित है। 11 जनवरी को फिल्म रिलीज होने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ता कुछ राज्यों में इसका विरोध कर रहे हैं।

फिल्म में मनमोहन सिंह की भूमिका में अभिनेता अनुपम खेर हैं।

–आईएएनएस

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राकेश अस्थाना बीसीएसी के महानिदेशक नियुक्त

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फाइल फोटो

राकेश अस्थाना का सीबीआई के विशेष निदेशक का कार्यकाल खत्म करने के एक दिन बाद सरकार ने उन्हें नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) का नया महानिदेशक नियुक्त किया।

एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने राकेश अस्थाना को बीसीएएस के महानिदेशक के रूप में दो साल के लिए नियुक्त किया है।

इस पद को अस्थायी रूप से डीजी स्तर का बनाया गया है। उनका कार्यकाल पदभार संभालने की तिथि से या फिर अगले आदेश, जो भी पहले होगा, से प्रभावी होगा।

इसके एक दिन पहले अस्थाना के सीबीआई के विशेष निदेशक के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया। अस्थाना के अलावा सरकार ने सीबीआई के तीन अन्य अधिकारियों के कार्यकाल भी समाप्त कर दिए, जिन्हें वर्मा के साथ लड़ाई के दौरान अस्थाना का करीबी माना जाता था।

सरकार ने 23 अक्टूबर को अस्थाना को आलोक वर्मा के साथ जबरन छुट्टी पर भेज दिया था, और उनके अधिकार छीन लिए थे। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

–आईएएनएस

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यूरेनियम आयात के लिए भारत ने उज्बेकिस्तान संग किया करार

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(Photo: IANS/MEA)

भारत ने उज्बेकिस्तान से यूरेनियम के आयात के लिए उज्बेकिस्तान के साथ एक करार किया। करार वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2019 के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद किया गया।

उज्बेकिस्तान में आवासीय और सामाजिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भारत से वित्तपोषण के लिए 20 करोड़ डॉलर कर्ज के एक समझौते पर भी दोनों देशों ने हस्ताक्षर किए।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “दोनों नेता भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए लंबी अवधि तक यूरेनियम अयस्क की आपूर्ति के लिए भारतीय परमाणु ऊर्जा विभाग और उज्बेकिस्तान गणराज्य की नोवोई मिनरल्स एंड मेटलर्जिकल कंपनी के बीच हुए करार के साक्षी बने।”

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, 2018 में मिर्जियोयेव के भारत दौरे के दौरान लिए गए विभिन्न फैसलों की दिशा में हुई प्रगति और कार्यान्वयन पर मोदी ने संतोष जताया।

राष्ट्रपति के राजकीय दौरे के दौरान गुजरात और उज्बेकिस्तान के आंदीजान के बीच सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर किए गए हस्ताक्षर का जिक्र करते हुए मोदी ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के दौर से उज्बेकिस्तान और भारत के बीच और आंदीजान-गुजरात के बीच सहयोग में आगे और मजबूती आएगी।

फार्मास्युटिकल सेक्टर में निवेश आकर्षित करने के लिए आंदीजान में उज्बेक-भारतीय फार्मास्युटिकल जोन विकसित किया जा रहा है। उज्बेकिस्तान का दक्षिण-पूर्वी इलाका आंदीजान किर्गिस्तान की सीमा के पास स्थित है।

भारत, उज्बेकिस्तान को मुख्य रूप से मेकेनिकल उपकरण, वाहन, ऑप्टिकल इंस्ट्रमेंट और उपकरणों का निर्यात करता है। इसके अलावा भारत के निर्यात में सेवा क्षेत्र भी शामिल है।

मिर्जियोयेव ने मोदी को बताया कि उज्बेकिस्तान भारत से निवेश आकर्षित करने को भी उच्च वरीयता देता है। उन्होंने कहा कि आईटी, शिक्षा, फार्मास्युटिकल, स्वास्थ्य देखभाल, कृषि व्यवसाय और पर्यटन जैसे कुछ प्राथमिकता के क्षेत्र हैं, जिनमें उज्बेकिस्तान भारत के साथ सहयोग की अपेक्षा रखता है।

मोदी ने उज्बेकिस्तान के समरकंद में 12-13 जनवरी के दौरा हुई पहली भारत-मध्य एशिया वार्ता में सहयोग के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का आभार जताया। इस वार्ता के दौरान अफगानिस्तान में शांति और विकास के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण बातचीत हुई।

–आईएएनएस

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