राजनीति

मोदी जी, भाषण नहीं एक्शन चाहिए

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री भारत (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री मोदी ने 16 जुलाई को सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में गुंडागर्दी पर उतरे गौरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब मोदी ने इस मामले में फटकार लगाई हो।

इससे पहले भी ऊना में दलितों पर हुई हिंसा को लेकर मोदी ने बयान दिया था और कहा था कि गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी बंद करो, दलितों को नहीं मुझे मारो, लेकिन क्या मोदी के इस बयान के बाद ऊना के दलितों को इंसाफ मिल पाया?

नहीं, द वायर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दो आरोपियों को यह बोलकर बेल दे दी गई कि वो घटना की जगह पर मौजूद ही नहीं थे बल्कि हिंसा करने वाले लोगों में कई स्टुडेंट्स भी शामिल थे उन्हें उनके शिक्षा के चलते बेल दे दी गई।

गांव में हालात अब भी ठीक नहीं हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या मोदी का भाषण दे देना ही गौरक्षकों द्वारा सताया जाने का न्याय है। मोदी के भाषण का किसी तथाकथित गौरक्षक पर कोई असर नही हुआ चु्की उस घटना के बाद भी इनकी गुंडागर्दी बंद नहीं हुई है बल्कि और बढ़ गई है।

इंडिया स्पैंड की एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक गौरक्षकों द्वारा कीगई हिंसा के पिछले सात सालों में लगभग 63 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 20 घटनाएं 2017 के पहले 6 महीनों में हुई है।

जुनैद, अखलाक समेत कई और घटनाओं पर मोदी की निंदा को ही उनका एक्‍शन मान कर देश की जनता कब खुद को संतोष में रखेगी, क्या मोदी राजनैतिक ध्रुवीकरण से निकलकर कभी इन गुंडों पर कार्रवाई करेंगे।

WeForNews Bureau 

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Popular

To Top