Connect with us

ओपिनियन

मोदी सरकार साइबर क्राइम को लेकर गंभीर नहीं : प्रियंका चतुर्वेदी

साल 2016 में राजीव अग्रवाल नाम के ट्विटर हैंडल से मुझे धमकी दी गई थी कि तुम्हारे साथ निर्भया जैसा हाल होना चाहिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इन लोगों के मन में भय नहीं है। इन लोगों को जब तक सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक ये इस तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते रहेंगे।”

Published

on

priyanka chathurvedhi
Photo : Madhyamam

मुंबई, 5 जुलाई | माना जा रहा है कि तीसरा विश्वयुद्ध जमीन पर नहीं, बल्कि साइबर स्पेस में लड़ा जाएगा और ऐसा होने के आसार नजर भी आ रहे हैं। सोशल मीडिया से फैली अफवाहों के शिकार अब आम आदमी के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय पार्टियों से जुड़े लोग भी हो रहे हैं। सुषमा स्वराज और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी के साथ हुई ‘साइबर बुलिंग’ इसके उदाहरण हैं।

प्रियंका तो मानती हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रियों की चुप्पी ट्रोलरों को बढ़ावा दे रही है, उनके हौसले बढ़ा रही है।

ट्विटर पर कथित राष्ट्रवादी हिंदू ट्रोलर ने प्रियंका की बेटी को लेकर अभद्र टिप्पणी की, जिस पर प्रियंका ने आईएएनएस से कहा, “हमने मुंबई पुलिस के बाद दिल्ली पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस को पूरा ब्योरा सौंपा गया है। पुलिस इस शख्स को ट्रेस कर रही है। हमें केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी आश्वासन दिया गया है कि ट्रोलर की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई होगी। मैं कानूनी प्रक्रिया फॉलो कर रही हूं।”

अगर वेरिफाइड अकाउंट हो तो ट्रोलिंग पर लगाम लगेगी? इस सवाल पर प्रियंका कहती हैं, “मुझे नहीं लगता कि इससे कुछ फायदा होगा, क्योंकि ट्रोलिंग अमूमन ‘अनोनिमस’ अकाउंट से ही ज्यादा होती है। ये लोग अपनी पहचान छिपाकर ट्रोल करते हैं। साल 2016 में राजीव अग्रवाल नाम के ट्विटर हैंडल से मुझे धमकी दी गई थी कि तुम्हारे साथ निर्भया जैसा हाल होना चाहिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इन लोगों के मन में भय नहीं है। इन लोगों को जब तक सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक ये इस तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते रहेंगे।”

कांग्रेस प्रवक्ता कहती हैं, “हैरत की बात यह है कि पीएमओ और मोदी भी इस तरह के ट्रोलर्स को फॉलो करते हैं। ट्रोलिंग पर त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। अब समय आ गया है कि ट्विटर भी अपनी जिम्मेदारी ले। ऐसा कहा जा रहा है कि तीसरा विश्वयुद्ध साइबर स्पेस में लड़ा जाएगा। आज देखिए, ऑनलाइन ही महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। सरकार को ऐसी नीति बनाने की जरूरत है कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें।”

केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कुछ समय पहले ‘हैशटैग आईएमट्रोल्ड’ हेल्पलाइन शुरू की थी, जिसका मकसद महिलाओं के खिलाफ ट्रोलिंग पर एक्शन लेना था, लेकिन यह पहल क्या कारगर हो पाई है? इस पर प्रियंका कहती हैं, “हमने भी ‘हैशटैग आईएमट्रोल्ड’ पर शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस तरह की नीतियां ध्यान भटकाने के लिए ही बनाई जाती हैं। इन ट्रोलर्स को बड़े-बड़े नेताओं का संरक्षण मिलता है और यही कारण है कि इस तरह की योजनाएं सफल नहीं हो पातीं, क्योंकि जब प्रधान सेवक ही इन ट्रोलर्स के हौसले बढ़ा रहे हैं तो इन पर लगाम कहां से लगेगी।”

वह कहती हैं, “सुषमा स्वराज की ट्रोलिंग करने वाले ट्विटर हैंडल को भाजपा के 41 मंत्री फॉलो करते हैं। मोदी खुद भी इनमें से कई ट्रोलर्स को फॉलो कर रहे हैं। मोदी क्यों नहीं कहते हैं कि कोई भी शख्स यदि सोशल मीडिया का दुरुपयोग करेगा तो उसे सख्त सजा दी जाएगी। इस तरह की घटिया हरकतों के बाद भी न मोदी इन ट्रोलर्स को अनफॉलो करते हैं और न ही उनका कोई मंत्री।”

लेकिन भाजपा की प्रवक्ता नूपुर शर्मा सरकार का बचाव करते हुए कहती हैं, “मोदी सरकार ट्रोलिंग को लेकर गंभीर है, यह किसी से छिपा हुआ नहीं है। बेनाम चेहरे के पीछे छिपे शख्स को आप तब तक सजा नहीं दे सकते, जब तक उसकी पहचान न हो जाए। पहचान उजागर होने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”

–आईएएनएस

ओपिनियन

संशय भरे आधुनिक युग में हिंदू आदर्श धर्म : थरूर

वह धर्म जो सर्वज्ञानी सृजनकर्ता पर सवाल करता हो वह मेरे विचार से आधुनिक और उत्तर आधुनिक चैतन्य के लिए अनोखा धर्म है।

Published

on

Shashi-Tharoor

न्यूयॉर्क, 21 सितंबर | कांग्रेस सांसद व लेखक शशि थरूर के अनुसार, हिंदू एक अनोखा धर्म है और यह संशय के मौजूदा दौर के लिए अनुकूल है। थरूर ने धर्म के राजनीतिकरण की बखिया भी उधेड़ी।

न्यूयॉर्क में जयपुर साहित्य महोत्सव के एक संस्करण में के बातचीत सत्र के दौरान गुरुवार को थरूर ने कहा, “हिंदूधर्म इस तथ्य पर निर्भर करता है कि कई सारी बातें ऐसी हैं जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं।”

मौजूदा दौर में इसके अनुकूल होने को लेकर उन्होंने कहा, “पहली बात यह अनोखा तथ्य है कि अनिश्चितता व संशय के युग में आपके पास एक विलक्षण प्रकार का धर्म है जिसमें संशय का विशेष लाभ है।”

सृजन के संबंध में उन्होंने कहा, “ऋग्वेद वस्तुत: बताता है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति कहां से हुई, किसने आकाश और धरती सबको बनाया, शायद स्वर्ग में वह जानता हो या नहीं भी जानता हो।”

उन्होंने कहा, “वह धर्म जो सर्वज्ञानी सृजनकर्ता पर सवाल करता हो वह मेरे विचार से आधुनिक और उत्तर आधुनिक चैतन्य के लिए अनोखा धर्म है।”

उन्होंने कहा, “उससे भी बढ़कर आपके पास असाधारण दर्शनग्रहण है और चूंकि कोई नहीं जानता कि भगवान किस तरह दिखते हैं इसलिए हिंदूधर्म में हर कोई भगवान की कल्पना करने को लेकर स्वतंत्र है।”

कांग्रस सांसद और ‘व्हाइ आई एम हिंदू’ के लेखक ने उन लोगों का मसला उठाया जो स्त्री-द्वेष और भेदभाव आधारित धर्म की निंदा करते हैं।

मनु की आचार संहिता के बारे में उन्होंने कहा, “इस बात के बहुत कम साक्ष्य हैं। क्या उसका पालन किया गया और इसके अनेक सूत्र विद्यमान हैं।”

उन्होंने उपहास करते हुए कहा, “इन सूत्रों में मुझे नहीं लगता कि हर हिंदू कामसूत्र की भी सलाह मानते हैं।”

थरूर ने कहा, “प्रत्येक स्त्री विरोधी या जातीयता कथन (हिंदू धर्मग्रंथ में) के लिए मैं आपको समान रूप से पवित्र ग्रंथ दे सकता हूं, जिसमें जातीयता के विरुद्ध उपदेश दिया गया है।”

–आईएएनएस

Continue Reading

ओपिनियन

जानिये क्यों गिर रहा है रुपया

Published

on

Rupee Fall

नई दिल्ली, 13 सितम्बर | केंद्र सरकार ने रुपये की गिरावट को थामने की हरसंभव कोशिश करने का भरोसा दिलाया है। इसका असर पिछले सत्र में तत्काल देखने को मिला कि डॉलर के मुकाबले रुपये में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली। हालांकि रुपये में और रिकवरी की अभी दरकार है।

डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को रिकॉर्ड 72.91 के स्तर तक लुढ़कने के बाद संभला और 72.19 रुपये प्रति डॉलर के मूल्य पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार को 72.69 पर बंद हुआ था।

रुपये की गिरावट से अभिप्राय डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आना है। सरल भाषा में कहें तो इस साल जनवरी में जहां एक डॉलर के लिए 63.64 रुपये देने होते थे वहां अब 72 रुपये देने होते हैं। इस तरह रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है।

शेष दुनिया के देशों से लेन-देन के लिए प्राय: डॉलर की जरूरत होती है ऐसे में डॉलर की मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने पर देशी मुद्रा कमजोर होती है।

एंजेल ब्रोकिंग के करेंसी एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने रुपये में आई हालिया गिरावट पर कहा, “भारत को कच्चे तेल का आयात करने के लिए काफी डॉलर की जरूरत होती है और हाल में तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई है जिससे डॉलर की मांग बढ़ गई है। वहीं, विदेशी निवेशकों द्वारा निवेश में कटौती करने से देश से डॉलर का आउट फ्लो यानी बहिगार्मी प्रवाह बढ़ गया है। इससे डॉलर की आपूर्ति घट गई है।”

उन्होंने बताया कि आयात ज्यादा होने और निर्यात कम होने से चालू खाते का घाटा बढ़ गया है, जोकि रुपये की कमजोरी की बड़ी वजह है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू खाते का घाटा तकरीबन 18 अरब डॉलर हो गया है। जुलाई में भारत का आयात बिल 43.79 अरब डॉलर और निर्यात 25.77 अरब डॉलर रहा।

वहीं, विदेशी मुद्रा का भंडार लगातार घटता जा रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार 31 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह को 1.19 अरब डॉलर घटकर 400.10 अरब डॉलर रह गया।

गुप्ता बताते हैं, “राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनने से भी रुपये में कमजोरी आई है। आर्थिक विकास के आंकड़े कमजोर रहने की आशंकाओं का भी असर है कि देशी मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही है। जबकि विश्व व्यापार जंग के तनाव में दुनिया की कई उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई हैं।”

अमेरिकी अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती के संकेत मिल रहे हैं जिससे डॉलर दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले मजबूत हुआ है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मजबूती आने से विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल कर ले जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि संरक्षणवादी नीतियों और व्यापारिक हितों के टकराव के कारण अमेरिका और चीन के बीच पैदा हुई व्यापारिक जंग से वैश्विक व्यापार पर असर पड़ा है।

–आईएएनएस

Continue Reading

ओपिनियन

OPINION: झूठ के नशेड़ी, जन्मपत्री और ईवीएम

Published

on

‘बीजेपी 50 साल तक सत्ता में रहेगी!’ अमित शाह ने ये शिगूफ़ा छोड़ते ही नरेन्द्र मोदी के कान में फुसफुसाया कि ‘साहब, आपकी हिदायत के मुताबिक मैंने 50 साल का जुमला फेंक तो दिया, लेकिन बेहद दुःख के साथ आपको बता रहा हूँ कि 2019 में आपका पतन तय है। लोकसभा चुनाव आप हारने वाले हो!’

ये सुनकर मोदी ऐसे मुस्कुराने लगे जैसे वो अमित भाई से कहना चाहते हों कि ‘बचपना छोड़ो! अच्छा बताओ, तुम्हें कैसे लगा रहा है कि 2019 में हमलोग हारने वाले हैं?’

रुआँसा होकर अमित शाह ने बताया कि ‘मुझे दुनिया के दर्जनों जाने-माने ज्योतिषियों ने आपकी जन्मपत्री देखकर बताया है!’

इतना सुनते ही मोदी ठहाका लगा बैठे तो अमित शाह ने हैरानी से पूछा कि ‘इसमें हँसने की क्या बात है?’

मोदी बोले, ‘अरे अमित भाई, भक्तों को मूर्ख बनाते-बनाते, उनमें झूठ पर झूठ फैलाते-फैलाते अब तुम भी मूर्ख हो चुके हो!’

फिर मोदी ने बताया कि अरे, जिसका…

  • जन्मदिन झूठा
  • चाय बेचने की कहानी झूठी
  • अविवाहित होने का दावा झूठा
  • सारी डिग्रियाँ झूठी
  • कालाधन लाने का दावा झूठा
  • गंगा सफ़ाई का वादा झूठा
  • गोरक्षा का नारा झूठा
  • राम मन्दिर बनाने का वादा झूठा
  • पाकिस्तान को उसकी भाषा में जवाब देने की बात झूठी
  • सालाना दो करोड़ रोज़गार का वादा झूठा
  • महिलाओं को सुरक्षा देने की बात झूठी
  • महँगाई कम करने की बातें झूठीं
  • अच्छे_दिन का नारा झूठा
  • हरेक चुनावी नारा झूठा…

उसके बारे में तुमने ये कैसे मान लिया कि पूरे ब्रह्मांड में कोई ऐसा माई का लाल हो सकता है जो मेरी सही जन्मपत्री बना ले! अरे अमित भाई, मुझे एक सिद्ध ज्योतिषी ने बताया था कि जब तक मैं जनता को झूठे सपने बेचता रहूँगा, जुमलेबाज़ी करता रहूँगा, लम्बी-चौड़ी फेंकता रहूँगा, अपनी ब्रॉन्डिंग पर सारी ताक़त झोंकता रहूँगा, तब तक मेरी सत्ता बनी रहेगी, क्योंकि मैंने भारत के लोगों को झूठ का नशेड़ी बना दिया है! जनता को जब तक अपने झूठ से मूर्ख बनाते रहोगे, तब तक तुम्हारी सत्ता पर कोई संकट नहीं है। इसके अलावा, याद है ना कि हमारे पास ईवीएम है! ये वैसा ही है जैसे फ़िल्म ‘दीवार’ का वो डॉयलॉग कि ‘मेरे पास माँ है!’

Modi Degree

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निजी और राजनीतिक जीवन भी तरह-तरह के झूठ से ओतप्रोत है। पत्रकार राजीव शुक्ला को सालों पहले दिये गये एक इंटरव्यू के वीडियो में मोदी कहते हैं कि ‘मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूँ। मैंने तो दसवीं पास करने के बाद ही घर से भाग गया था।’ तब मोदी ने नहीं बताया कि उन्होंने घर से भागने से पहले चाय भी बेची थी। बाद में प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया को बताया गया कि मोदी न सिर्फ़ स्नातक हैं वो भी दिल्ली विश्वविद्यालय से, बल्कि उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से ‘Entire Political Science’ में एमए भी कर रखा है। इन डिग्रियों के फ़र्ज़ी होने का विवाद गहराया तो अरूण जेटली जैसे शूरमाओं को प्रेस में सफ़ाई देने के लिए आगे आना पड़ा।

इसके बाद, गुजरात के नेता शक्ति सिंह गोहिल ने डंके की चोट पर ख़ुलासा किया था कि नरेन्द्र मोदी के 12 वीं पढ़ाई के लिए एमएन कॉलेज़ में दाख़िला लिया था। तब कॉलेज़ के रज़िस्टर में मोदी की जन्मतिथि 29 अगस्त 1949 लिखी हुई है। जबकि राजनेता के रूप में मोदी का जन्मतिथि 17 सितम्बर 1950 के रूप में पेश किया जाता है।

Modi Degree

गोहिल ने सबूत के रूप में कॉलेज़ के रज़िस्टर की कॉपी भी दिखायी। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 1949 का ही ब्यौरा ही गुजरात विश्वविद्यालय में भी है। तो फिर राजनेता से जुड़े रिकॉर्ड में ये 17 सितम्बर 1950 कैसे हो गया? मोदी की उम्र 13 महीना कैसे सिकुड़ गयी! ये यक्ष प्रश्न आज भी अनुत्तरित ही है।

Modi Degree Controversy

पूरे प्रसंग में मज़े की बात ये भी रही कि मोदी को एमए की डिग्री देने वाले गुजरात विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में ये जानकारी नहीं है कि मोदी ने स्नातक यानी ग्रेज़ुएशन कब, कहाँ से और किन-किन विषयों में किया था? गोहिल का कहना है कि विश्वविद्यालय से दर्जनों बार सूचना के अधिकार के तहत मोदी का ब्यौरा माँगा गया, लेकिन हमेशा विश्वविद्यालय ने गोपनीयता के आधार पर जानकारी देने से मना कर दिया। इसीलिए गोहिल ने मोदी पर हमला किया कि वो अपने ऐसे दस सहपाठियों का नाम ही बता दें, जिन्होंने उनके साथ स्नातक किया हो।

Mukesh Kumar Singh

मुकेश कुमार सिंह वरिष्ठ पत्रकार

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

Continue Reading
Advertisement
Google
टेक34 mins ago

गलती से भी न करें गूगल से ये सवाल नहीं तो…

राष्ट्रीय57 mins ago

आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते: सेना प्रमुख

Tahira Kashyap-
मनोरंजन1 hour ago

आयुष्मान की पत्नी को ब्रेस्ट कैंसर, शेयर की इमोशनल पोस्ट

Jasprit Bumrah
खेल1 hour ago

एशिया कप: लड़खड़ाई पाक की पारी, 60 रन पर गिरे 3 विकेट

CPIM
राष्ट्रीय2 hours ago

भोपाल में 30 सितंबर को गैर भाजपा दलों की बैठक

Anand Sharma
राजनीति2 hours ago

जेटली की सफाई पर कांग्रेस बोली- ‘पीएम को बचाने के लिए झूठ बोल रहे हैं वित्‍तमंत्री’

शहर2 hours ago

Pinkathon 2018 : दिल्ली में 10000 से ज्यादा महिलाएं दौड़ीं

sensex-min (1)
व्यापार3 hours ago

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस, फेड के फैसले का शेयर बाजार पर रहेगा असर

आतंकी
शहर3 hours ago

त्रिपुरा में हथियार-कारतूस के साथ 3 युवक गिरफ्तार

शहर3 hours ago

जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर भारी बारिश से यातायात बाधित

RAJU-min
राष्ट्रीय3 days ago

रक्षा मंत्री के दावे को पूर्व एचएएल चीफ ने नकारा, कहा- भारत में ही बना सकते थे राफेल

Kalidas
ज़रा हटके3 weeks ago

जहां दुनिया का महामूर्ख पैदा हुआ

Homosexuality
ब्लॉग2 weeks ago

समलैंगिकों को अब चाहिए शादी का हक

MODI-SHAH
ब्लॉग4 weeks ago

‘एक देश एक चुनाव’ यानी जनता को उल्लू बनाने के लिए नयी बोतल में पुरानी शराब

man-min (1)
ज़रा हटके2 days ago

इस हॉस्पिटल में भूत-प्रेत करते हैं मरीजों का इलाज

Bharat Bandh MP
ब्लॉग2 weeks ago

सवर्णों का ‘भारत बन्द’ तो बहाना है, मकसद तो उन्हें उल्लू बनाना है!

Jaiphal-
लाइफस्टाइल3 weeks ago

जायफल के ये फायदे जो कर देंगे आपको हैरान…

pm modi
ब्लॉग4 weeks ago

सत्ता के लालची न होते तो नोटबन्दी के फ़ेल होने पर मोदी पिछले साल ही इस्तीफ़ा दे देते!

Maharashtra Police
ब्लॉग3 weeks ago

जब सिंहासन डोलने लगता है तब विपक्ष, ‘ख़ून का प्यासा’ ही दिखता है!

rahul gandhi
चुनाव3 weeks ago

कर्नाटक निकाय चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी कांग्रेस

rahul gandhi
राजनीति1 day ago

राहुल ने मोदी से पूछा- अब तो बताओ, ओलांद सच कह रहे हैं या झूठ

Nawazuddin-
मनोरंजन1 day ago

नवाजुद्दीन की वेब सीरीज ‘सैक्रेड गेम्स सीजन 2’ का टीजर जारी

kapil sibal
राजनीति2 days ago

सिब्‍बल ने पूछा- क्‍या यूजीसी 8 नवंबर को ‘सर्जिकल स्‍ट्राइक डे’ मनाएगा?

sadak2
मनोरंजन3 days ago

पूजा-आल‍िया संग महेश भट्ट बनाएंगे ‘सड़क 2’, टीजर जारी

Banda doctor
शहर4 days ago

उप्र : चिकित्सक पिटता रहा, एसपी-डीएम ने नहीं उठाया फोन!

rahul gandhi
राजनीति4 days ago

कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज को राहुल ने बताया बीजेपी की तानाशाही

babul
राष्ट्रीय4 days ago

दिव्यांगों के कार्यक्रम में बाबुल सुप्रियो ने दी ‘टांग तोड़ डालने’ की धमकी

nheru-min
राजनीति1 week ago

दीनदयाल की मूर्ति के लिए हटाई गई नेहरू की प्रतिमा

arjun kapoor
मनोरंजन2 weeks ago

अर्जुन कपूर की फिल्म ‘नमस्ते इंग्लैंड’ का गाना ‘तेरे लिए’ रिलीज

mehul-choksi
राष्ट्रीय2 weeks ago

मेहुल चोकसी का सरेंडर से इनकार, कहा- ईडी ने गलत फंसाया

Most Popular