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माइक्रोसॉफ्ट टीम्स अब 40 भाषाओं में मुफ्त उपलब्ध

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पेशेवर सहयोग टूल स्लेक से मुकाबले के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी टीम्स को अब 40 भाषाओं में दुनिया भर में मुफ्त उपलब्ध कराया है।

वर्तमान में दुनिया भर में 181 बाजारों में 2,00,000 से ज्यादा कारोबारी लोग सहयोग करने और काम करने के लिए टीम्स का इस्तेमाल करते हैं, जो माइक्रोसॉफ्ट 365 में चैटिंग, शेयरिंग डाक्यूमेंट्स, वीडियो और वॉयस कॉलिंग का एक हब है।

माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष रॉन मार्केजिच ने बताया, “चाहे आप फ्रीलांसर हों, छोटे उद्यमी हों या किसी बड़े संगठन की टीम का हिस्सा हों, आप आज से ही टीम्स का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।” इस मुफ्त वर्शन का इस्तेमाल 300 कर्मचारियों तक के संगठन में किया जा सकता है।

यह असीमित चैट मैसेज और सर्च, बिल्ट-इन-ऑडियो और वीडियो कॉलिंग मुहैया कराता है। साथ ही टीम फाइल के लिए 10 जीबी का स्टोरेज तथा व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक के लिए 2-2 जीबी का स्टोरेज मुहैया कराता है। इसके साथ ही यह ऑफिस ऑनलाइन एप्स के साथ रियल-टाइम कंटेंट क्रिएशन मुहैया कराता है, जिसमें बिल्ट-इन वर्ड, एक्सेल, पॉवरपॉइंट और वननोट है।

–आईएएनएस

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ईयू ने गूगल पर लगाया 5 अरब डॉलर का जुर्माना

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यूरोपीय आयोग ने गूगल पर अपने सर्च इंजन के प्रभुत्व को मजूबत करने के लिए अवैध रूप से एंड्रायड मोबाइल डिवाइसों से प्रयोग को लेकर बुधवार को रिकार्ड 4.34 अरब यूरो (5 अरब डॉलर) का जुर्माना लगाया है। प्रौद्योगिकी दिग्गज ने कहा कि इसके खिलाफ वह अपील करेगी।

आयोग के मुताबिक, गूगल ने साल 2011 से एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाताओं पर सामान्य इंटरनेट सर्च में अपनी प्रमुख स्थिति के मद्देनजर अवैध रूप से रोक लगा रखी थी।

आदेश में कहा गया कि गूगल को 90 दिनों के अंदर अपने आचरण को प्रभावी रूप से बदलना होगा या अतिरिक्त जुर्माना का सामना करना होगा।

इस आदेश पर गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने कहा कि कंपनी अयोग के फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

पिचाई ने इस फैसले के तुरंत बाद एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “लगातार नवाचार, व्यापक पसंद, और गिरती कीमतें तेज प्रतिस्पर्धा का मजबूत सबूत है। एंड्रायड ने इसे सक्षम किया है और हर किसी के लिए व्यापक विकल्प और पसंद पैदा किया है। यही कारण है कि एंड्रायड के खिलाफ आज दिए गए फैसले के खिलाफ अपील करना चाहते हैं।”

गूगल के सीईओ के मुताबिक, इस तथ्य की अनदेखी की गई है कि एंड्रायड फोन्स आईओएस फोन्स का मुकाबला करते हैं।

पिचाई ने लिखा, “एंड्रायड ने हजारो फोन निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क प्रदाताओं को कितना अधिक च्वाइस दिया है, जो एंड्रायड फोन बनाते और बेचते हैं। दुनिया भर के लाखों एप डेवलपर्स ने एंड्रायड के साथ अपना उद्यम तैयार किया है और अरबों ग्राहक अब नवीनतम एंड्रायड स्मार्टफोन को खरीदने और उसका प्रयोग करने में सक्षम हैं।”

आयुक्त मार्गेट वेस्टेगर जो प्रतिस्पर्धा नीति की प्रभारी भी हैं। उनके मुताबिक यह मामला गूगल द्वारा लगाए गए तीन तरह के प्रतिबंधों का है, जो इसने एंड्रायड डिवाइस निर्माताओं और नेटवर्क ऑपरेटरों पर लगाए हैं, ताकि एंड्रायड डिवाइस का ट्रैफिक गूगल के सर्च इंजन को ही जाए और किसी अन्य को नहीं।

वेस्टेगर ने कहा, “इस तरीके से गूगल ने एंड्रायड का इस्तेमाल सर्च इंजन में अपना प्रभुत्व बढ़ाने के लिए किया है। इसके कारण प्रतिद्वंद्वियों को नवाचार करने और प्रतिभा के आधार पर प्रतिस्पर्धा करने के मौके से वंचित कर दिया है। उन्होंने यूरोपीय उपभोगकर्ताओं को महत्वपूर्ण मोबाइल क्षेत्र में प्रभावी प्रतिस्पर्धा के लाभों से वंचित किया है। यह ईयू के एंटी-ट्रस्ट नियमों के तहत अवैध है।”

विशेष रूप से गूगल ने गूगल एप स्टोर (प्ले स्टोर) का लाइसेंस निर्माताओं को जारी करने के लिए यह पूर्व शर्त लगाई है कि वे गूगल के सर्च एप और ब्राउसर एप (क्रोम) को प्री-इंस्टाल करें। अपने एप को प्रीइंस्टाल करवाने के लिए गूगल ने बड़े निर्माताओं और मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों को भुगतान भी किया है।

–आईएएनएस

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टेक्नो मोबाइल का नया स्मार्टफोन 23 जुलाई को होगा लॉन्च

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हांगकांग की ट्रांसन होल्डिंग्स की सहयोगी कंपनी टेक्नो मोबाइल भारतीय बाजार में 23 जुलाई को नया स्मार्टफोन लांच करेगी। नया स्मार्टफोन ‘कैमोन’ सीरीज के तहत लांच किया जाएगा।

उद्योग सूत्रों ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि यह डिवाइस मेड फॉर इंडिया उत्पाद है और इसकी कीमत 13,999 रुपये से कम होने की उम्मीद है।

इस स्मार्टफोन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संचालित ड्यूअल कैमरा कॉन्फिगरेशन होगा, जो असली बोके मोड का अनुभव प्रदान करेगा। टेक्नो मोबाइल ने मई में अपना पहला एआई संचालित कैमरा स्मार्टफोन ‘कैमोन आईक्लिक’ लांच किया था, जिसकी कीमत 13,999 रुपये है।

–आईएएनएस

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हमेशा के लिए बंद हुआ Yahoo Messenger

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चैटिंग के लिए सबसे पहला एप्लिकेशन था Yahoo Messenger जोकी अब बंद हो गया है। ये वो पहला एप्लिकेशन है जो दोस्तों से चैटिंग करने का सहारा बना था।

जिसने लोगों को इंस्टेंट मैसेजिंग की दुनिया से रूबरू कराया। साल 1998 में Yahoo Messenger ने दस्तक दी और साल 2012 तक इसने लाखों लोगों के डेस्कटॉप और मोबाइल में जगह बना ली। लेकिन मैसेजिंग की दुनिया में क्रांति लाने वाला Yahoo Messenger अब पूरी तरह बंद हो चुका है।

Yahoo ने 17 जुलाई 2018 से अपनी मैसेजिंग सर्विस Yahoo Messenger को बंद किया है। टेक एक्सपर्ट्स की मानें तो Yahoo Messenger, आज के जमाने के स्मार्ट इंस्टेंट मैसेजिंग सर्विस जैसे WhatsApp, Snapchat और फेसबुक मैसेंजर के जमाने में सर्वाइव नहीं कर पाया। लिहाजा, याहू ने थक हारकर अपनी मैसेजिंग सर्विस को बंद कर दिया।

एक नजरः याहू मैसेंजर के सफर पर

बता दें याहू ने पहले ही मैसेजिंग सर्विस को बंद करने का ऐलान कर दिया था। साथ ही याहू ने यूजर्स को बीते छह महीनों की चैट हिस्ट्री डाउनलोड करने का ऑप्शन भी दिया था। अब तय तारीख को याहू ने अपनी मैसेंजिग सर्विस को बंद कर दिया है। आइए एक नजर डालते हैं याहू मैसेंजर के सफर पर।

मार्च 1998- सबसे पहले ‘याहू पेजर’ के रूप में हुआ लॉन्च

21 जून 1999- याहू मैसेंजर के रूप में हुआ रीलॉन्च

साल 2001- 11 मिलिनयन यूजर

साल 2003- 17 मिलियन यूजर

साल 2006- 19.3 मिलियन यूजर

साल 2007- 62 मिलियन यूजर

साल 2009 – 122.6 मिलियन यूजर

साल 2012 – मैसेंजर से पब्लिक चैट रूम हटाया गया

साल 2014 – गेम हटाए गए

साल 2015 – अनसेंड फीचर के साथ मैसेंजर का नया वर्जन आया

17 जुलाई 2018 – याहू मैसेंजर शट डाउन

मैसेंजर बंद किए जाने का ऐलान करते हुए याहू ने कहा कि अगले छह महीनों तक यूजर्स अपने निजी कंप्यूटर या डिवाइस में अपनी चैट हिस्ट्री डाउनलोड कर सकेंगे। कंपनी इसके लिए 6 महीने का वक्त दे रही है। मैसेंजर बंद होने के बाद यूजर्स के लिए चैट हिस्ट्री को पाना नामुमकिन होगा।

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