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माइक्रोसॉफ्ट टीम्स अब 40 भाषाओं में मुफ्त उपलब्ध

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पेशेवर सहयोग टूल स्लेक से मुकाबले के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी टीम्स को अब 40 भाषाओं में दुनिया भर में मुफ्त उपलब्ध कराया है।

वर्तमान में दुनिया भर में 181 बाजारों में 2,00,000 से ज्यादा कारोबारी लोग सहयोग करने और काम करने के लिए टीम्स का इस्तेमाल करते हैं, जो माइक्रोसॉफ्ट 365 में चैटिंग, शेयरिंग डाक्यूमेंट्स, वीडियो और वॉयस कॉलिंग का एक हब है।

माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट उपाध्यक्ष रॉन मार्केजिच ने बताया, “चाहे आप फ्रीलांसर हों, छोटे उद्यमी हों या किसी बड़े संगठन की टीम का हिस्सा हों, आप आज से ही टीम्स का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।” इस मुफ्त वर्शन का इस्तेमाल 300 कर्मचारियों तक के संगठन में किया जा सकता है।

यह असीमित चैट मैसेज और सर्च, बिल्ट-इन-ऑडियो और वीडियो कॉलिंग मुहैया कराता है। साथ ही टीम फाइल के लिए 10 जीबी का स्टोरेज तथा व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक के लिए 2-2 जीबी का स्टोरेज मुहैया कराता है। इसके साथ ही यह ऑफिस ऑनलाइन एप्स के साथ रियल-टाइम कंटेंट क्रिएशन मुहैया कराता है, जिसमें बिल्ट-इन वर्ड, एक्सेल, पॉवरपॉइंट और वननोट है।

–आईएएनएस

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अब इंस्टाग्राम के फीचर एप पर बिताया गया वक्त दिखेेेेगा

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फेसबुक के स्वामित्व वाली फोटो-मैसेजिंग एप इंस्टाग्राम अब ‘योर एक्टिविटी’ फीचर जारी करने जा रही है, जो यूजर्स द्वारा एप पर बिताए गए समय की खबर रखेगा।

यह फीचर यूजर के प्रोफाइल पेज के ऊपरी दाहिनी किनारे पर हैमबर्गर आइकॉन के रूप में दिया गया है, जिसमें रोजाना की समय सीमा निर्धारित करने तथा अस्थायी रूप से नोटिफिकेशन को म्यूट करने जैसे टूल्स भी दिए गए हैं।

इस फीचर की घोषणा अगस्त में की गई थी, जिसका लक्ष्य यूजर्स को ज्यादा नियंत्रण देना था, वे किस प्रकार सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

फेसबुक द्वारा भी इस फीचर को लॉन्च करने की उम्मीद है, जो वह यूजर्स के एक्टिविटी डैशबोर्ड में देगी और इसका नाम ‘योर टाइम ऑन फेसबुक’ रखा जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया कि इसी तरह का एक फीचर एप्पल ने अपने आईओएस के लिए लॉन्च किया है, जिसे ‘स्क्रीन टाइम’ के नाम से पेश किया गया है। वहीं, गूगल भी ‘डिजिटल वेलनेस’ के नाम से ऐसा ही फीचर एंड्रायड 9.0 के साथ दे रहा है।

–आईएएनएस

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ट्विटर ने निर्वाचन आयोग के नाम चल रहे 2 फर्जी अकाउंट रद्द किए

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ट्विटर ने भारत के निर्वाचन आयोग (ईसी) के नाम पर चल रहे दो नकली अकाउंट रद्द कर दिए।

इन फर्जी अकाउंट्स के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स थे। इनमें से एक अकाउंट के 4,751 फॉलोअर्स थे। अकाउंट निर्वाचन आयोग के लोगो का भी इस्तेमाल करता था।निर्वाचन आयोग का अपना ट्विटर अकाउंट नहीं है। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “ये नकली अकाउंट ईसी (निर्वाचन आयोग) के नाम पर चल रहे थे और जनता को गुमराह कर रहे थे।

ईसी के मीडिया डिवीजन ने ट्विटर से उन पर निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।” अधिकारी ने कहा, “हालांकि इन अकाउंट्स से कोई ट्वीट नहीं किया गया था, लेकिन इनके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स थे।”

–आईएएनएस

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गूगल के पास है आपकी लोकेशन हिस्ट्री, करें डिलीट

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गूगल आपकी पर्सनल लाइफ में काफी हद घुसता जा रहा है। लोकेशन, ऑडियो, सर्च से लेकर कई तरह की जानकारियां लगातार ट्रैक होती हैं। इसमें दो राय नहीं है कि इसके लिए आप उन्हें परमिशन देते हैं।

लेकिन फिर भी अगर आपका ट्रैक रिकॉर्ड कंपनी के पास है तो यह आपके लिए मुश्किल का सबब बन सकता है। गूगल मैप्स यूज करते हैं तो मुमकिन है आपका हर मूव गूगल के पास स्टोर हो रहा है। आप कहां जाते हैं कितना समय बिताते हैं या फिर कौन सा ट्रांसपोर्ट यूज कर रहे हैं इस तरह की जानकारियां गूगल के पास स्टोर रहती है।

लेकिन अच्छी बात ये है कि आप अगर चाहें तो इन्हें डिलीट कर सकते हैं। सबसे पहले आपको गूगल मैप्स टाइमलाइन पर जा कर अपनी जीमेल आईडी से लॉग इन करना पड़ेगा। इसके बाद ये देख पाएंगे कि कब कहां गए थे। यहां लोकेशन हिस्ट्री इस आधार पर आती है कि आपने मोबाइल में लोकेशन ऑन था।

मैप्स यूज किया है या नहीं किया है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता यहां लोकेशन हिस्ट्री दिखेगी ही।गूगल मैप्स टाइमलाइन पर जा कर यहां आपको कई ऑप्शन मिलेंगे। यहां मैनेज लोकेशन हिस्ट्री का भी ऑप्शन होता है। यहां क्लिक करने से आपको कुछ नए ऑप्शन मिलेंगे।

यहां से आप चाहें तो गूगल लोकेशन ट्रैकिंग को रोक सकते हैं। या फिर यहां सभी लोकेशन हिस्ट्री डिलीट करने का भी ऑप्शन है जिसे यूज करके आप लोकेशन हिस्ट्री डिलीट कर सकते हैं। अगर आपको लोकेशन हिस्ट्री की जरूरत है तो यहीं से ऑन भी कर सकते हैं। बता दें कि लोकेशन हिस्ट्री के आधार पर गूगल आपको सजेशन देता है। इसलिए अगर आप लोकेशन हिस्ट्री डिलीट करते हैं तो ऐसे सजेशन मिलने बंद हो जाएंगे।

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