Connect with us

राष्ट्रीय

कनाडा और भारत के बीच हुए कई समझौते

Published

on

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने हैदराबाद भवन में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। दोनों देशों के बीच कई आपसी समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर की कि कनाडा के पीएम अपने परिवार के साथ भारत के दौरे पर आए हैं।

उन्होंने कहा कि कनाडा के साथ अपने राणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भारत बहुत अधिक महत्व देता है। हमारे संबंध लोकतंत्र, बहुलवाद, कानून की सर्वोच्चता और आपसी संपर्क पर आधारित हैं।

मोदी ने कहा कि धर्म का राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरूपयोग करने वालों को और बंटवारे की खाई खोदने वालों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। हमारे देशों की संप्रभुता, एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

पीएम ने कहा कि हम अपने सुरक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने पर सहमत हुए हैं। आतंकवाद और उग्रवाद भारत और कनाडा जैसे लोकतांत्रिक, बहुलवादी समाजों के लिए खतरा हैं। इन ताकतों का मुकाबला करने के लिए हमारा साथ आना महत्वपूर्ण है। हमने उच्च शिक्षा से संबंधित अपने समझौतों को रिन्यू किया है।

मोदी ने कहा कि कनाडा ऊर्जा का सुपर-पावर है। यह हमारी बढ़ती ऊर्जा की मांगों को पूरा कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए जो राजनीतिक फायदों के लिए धर्म का दुरुपयोग करते हैं और अलगाव को प्रोत्साहित करते हैं। हम उन लोगों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे जो हमारे देशों की एकता और अखंडता को चुनौती देंगे।

पीएम मोदी के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पत्रकारों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों का ना केवल एक समृद्ध इतिहास है बल्कि आदर्श मूल्य भी हैं जिससे हमारी दोस्ती को बढ़ावा मिलता है।

कनाडा जहां अपनी अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए और अपनी सीमाओं से परे व्यापार करने के लिए नए अवसरों की तरफ देख रहा है। वहीं भारत उसके लिए एक स्वाभाविक साझेदार होने के साथ ही वाणिज्यिक सहयोग के लिए विश्वसनीय देश रहा है।

इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों देशों में कई अहम मुद्दो पर डिलिगेशन लेवल की बातचीत कुछ देर में शुरू होगी।

इससे पहले कनाडा पीएम ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों (भारत-कनाडा) ने द्विपक्षीय भागीदारी को और मजबूत व गहरा करने के तरीके पर चर्चा की।

साथ ही उन्होंने कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तस्वीर भी ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा, ‘विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो के साथ बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों की साझेदारी को मजबूती देने के तरीके पर व्यापक चर्चा हुई।’

इस बीच जस्टिन ट्रूडो और उनके परिवार ने राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले 7 दिनों के भारत दौरे पर आए ट्रूडो के राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर पीएम मोदी खुद उन्हें लेने आए और गर्मजोशी से मिलकर पूरे परिवार का स्वागत किया है। उसके बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

खालिस्तान मसले पर छिड़े विवाद के बीच दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत होगी।

दोनों देशों के बीच कई समझौते होने की उम्मीद है। ट्रूडो आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मिलेंगे। पीएम मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो की भारत यात्रा को लेकर स्वागत किया है।

इससे पहले गुरुवार को पीएम मोदी ने इस मुलाकात को लेकर ट्वीट किया और कहा कि ये द्विपक्षीय वार्ता दोनों देशों के संबंधों में मजबूती लाने के लिए काफी अहम है और वे इसका इंतजार कर रहे हैं।

मोदी ट्रूडो के परिवार से भी मुलाकात करेंगे, जिसे भी उन्होंने बेहद खास बताया और लिखा कि ट्रूडो के बच्चों से मुलाकात का भी उन्हें इंतजार है। पीएम ट्वीट में साल 2015 की एक फोटो भी शेयर की जब उन्होंने ट्रूडो की एक बच्ची से मुलाकात की थी।

WeForNews

 

राष्ट्रीय

गोरखपुर को ज्ञान का शहर बनाएं : राष्ट्रपति

Published

on

PIC Source: IANS

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गोरखपुर को ‘ज्ञान के शहर’ के रूप में विकसित करने की वकालत की और लोगों से इस दिशा में कार्य करने का आग्रह किया।

एक शैक्षिक संस्थान के सप्ताह भर चले संस्थापक दिवस के समापन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में बहुत से विकास कार्य शहर में शुरू किए गए हैं और वह खुद ही इस बदलाव के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा, “इससे पहले भी मैं गोरखपुर आया हूं, लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद शहर की यह मेरी पहली यात्रा है और मैं निश्चित रूप बदलाव महसूस कर सकता हूं.. जो विकास यहां हुआ है।”

अपने संबोधन में कोविंद ने बताया कि किस तरह प्रेम, दया व सौहार्द्र शिक्षा के आधार हैं। उन्होंने कहा कि अच्छा चरित्र, अच्छी शिक्षा प्रणाली की पहचान है। उन्होंने विद्यार्थियों और वहां मौजूद अन्य लोगों को इस बारे में बताया कि भगवान बुद्ध और कबीर किस तरह से शिक्षक थे।

गोरखनाथ पीठ की शिक्षा प्रणाली व इसके मूल्यों को आगे बढ़ाने में योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दो महाविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी आबादी है और युवा शक्ति का इस्तेमाल करके न सिर्फ पूर्वाचल और उत्तर प्रदेश, बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकता है।

इससे पहले राष्ट्रपति गोरखनाथ मंदिर गए और वहां उन्होंने पूजा-अर्चना की। उनके साथ राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। कोविंद ने महंत अवैद्यनाथ की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अवैद्यनाथ, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गुरु थे।

–आईएएनएस

Continue Reading

राष्ट्रीय

शताब्दी, राजधानी में झटका-मुक्त होगा सफर : रेलवे

Published

on

indian-railways-rajdhani-min
प्रतीकात्मक तस्वीर

तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए भारतीय रेलवे की शताब्दी एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मार्च 2019 से यात्रियों को झटका-मुक्त सफर की सौगात देंगी।

रेलवे के एक अधिकारी ने सोमवार को इस बात की जानकारी दी। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि नई दिल्ली से रवाना होने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस में आधुनिक योजक (कपलर्स) लगाए गए हैं, जो यात्रियों के सुगम सफर को सुनिश्चित करेंगे।

उन्होंने कहा, “इस समय तक उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में यह परिवर्तन कर दिया गया है। राजधानी व शताब्दी ट्रेन बेड़े से पुराने योजक मार्च 2019 तक बदल दिए जाएंगे।” योजक एक कोच को दूसरे कोच से जोड़ने वाले उपकरण हैं।

अधिकारी के मुताबिक, रेलवे पुराने योजकों को नवविकसित सेंटर बफर कपलर (सीबीसी) से बदल रहा है, जो संतुलित ड्राफ्ट गियर से लैस है।अधिकारी ने कहा, “एएचबी (लिंक हॉफमान बुश) कोच को जोड़ने वाले मानक योजकों में कछ दिक्कत आ रही थी, जिसके परिणामस्वरूप सफर के दौरान झटके लगते थे।”

उन्होंने कहा कि सीबीसी के नए संस्करण में उच्च क्षमता वाले झटका अवशोषक हैं, जो ब्रेक लगाने, गति बढ़ाने के दौरान झटके नहीं लगने को सुनिश्चित करेंगे,
जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों का सफर सुगम बनेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी व शताब्दी ट्रेनों के बेड़े से पुराने योजकों को बदलने के बाद अन्य ट्रेनों में भी यह बदलाव किया जाएगा।

–आईएएनएस

Continue Reading

राष्ट्रीय

अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

Published

on

agni-5
अंतरमहाद्विपीय बैलेस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण हुआ।

भुवनेश्वर। भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल का ओडिशा तट से सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, सतह से सतह पर 5,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम मिसाइल को भद्रक जिले के अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से दोपहर 1.30 बजे छोड़ा गया।

सूत्रों ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण सफल रहा है।

सामरिक बल कमान और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित मिसाइल नौवहन और निर्देशन, मुखास्त्र और इंजन के संदर्भ में बहुत उन्नत है।

यह अत्याधुनिक अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सातवां परीक्षण था। इसका पिछला परीक्षण तीन जून, 2018 को हुआ था।

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular