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माही की मोटर पर ही सफलता की कहानी लिख रही है टीम इंडिया

msdhoni
फाइल फोटो

टीम इंडिया की गाड़ी बुलंदियों के शिखर पर सरपट भाग रही है… ये रफ्तार किसकी बदौलत है… बड़ी बड़ी ट्रॉफीज़ से लेकर रैंकिंग में नबंर वन तक का तमगा अगर टीम के पास है तो किसकी बदौलत है… हिन्दुस्तान ही नहीं दुनिया भर में अगर टीम इंडिया का खौफ आज हर विरोधी पर भारी है तो किसकी बदौलत है…

दरअसल सवाल ये है कि पिछले एक दशक में टीम इंडिया ने जिस तरह से पूरे जहां को हासिल किया है वो किसकी बदौलत है… कौन है इस टीम इंडिया का ड्राइविंग फोर्स… टूर्नामेंट दर टूर्नामेंट खिलाड़ियों को नए मुकाम तक कौन ड्राइव करता है… जवाब के लिए ज़्यादा ज़ोर मत डालिए… महेन्द्र सिंह धोनी… वे ही हैं टीम इंडिया के असली ड्राइवर… जाहिर है टीम इंडिया को ज़मीनी रफ्तार से निकालकर चैंपियन्स की आसमानी बुलंदी तक की सैर करवाने वाले शख्स महेन्द्र सिंह धोनी ही हैं…

यानी जो फसाना है… वही हकीकत भी है… कि धोनी ही टीम इंडिया के असल ड्राइवर हैं जिन्होंने भारतीय टीम को वो उड़ान दी जिस पर आज हर कोई जीत के सफर का आनंद उठा रहा है… रफ्तार धोनी की कमज़ोरी है.. कमज़ोरी इसलिए क्योंकि जब भी टीम इंडिया को मैदान पर जीत का सफर करवाना होता है तो धोनी ड्राइवर सीट पर बैठकर ठीक उसी तरह से कमान संभाल लेते हैं..

जैसे उन्होंने टीम इंडिया की संभाली है… और फिर अपने ही कंधों पर बिठाकर माही टीम के हर खिलाड़ी को जीत के उस सुकून का एहसास कराते घूमते हैं जिसके वो असल हकदार हैं… यही महेन्द्र सिंह धोनी की असल शख्सियत है.. वो लगातार खामोशी से टीम इंडिया के ड्राइवर बन सफलता के सफर को लगातार आगे बढ़ाते जा रहे हैं… और वो इस सफर को इतनी दूर तक ले जाना चाहते हैं जहां सिर्फ और सिर्फ टीम इंडिया का राज हो…

धोनी का ड्राइविंग पैशन इतना ज़बरदस्त है कि श्रीलंका के खिलाफ सीरीज़ जीतने के बाद मैन ऑफ द मैच बुमराह को कार मिलते ही धोनी ने ड्राइवर सीट पर अपना कब्ज़ा जमा लिया… इसके बाद धोनी ने पूरी टीम को उस गाड़ी पर बिठाकर मैदान के चक्कर लगाए… पुरानी तस्वीरों में भी माही का ऐसा ही रूप देखने को मिल जाता है..

धोनी ऐसी कई सीरीज़ जीत में बाइक या फिर कार पर टीम को घुमाते दिखाई दे चुके हैं….कहानी का किरदार बिल्कुल साफ है… बाइक हो या फिर कार… विजेता कोई भी हो.. धोनी सबसे पहले ड्राइवर बन जाते हैं… और फिर मदमस्त होकर वो अपने साथियों संग मैदान के चक्कर लगाते हैं… उन्हें ड्राइवर बनने में ही मज़ा आता है.. फिर चाहे बाइक हो, कार हो या फिर हो टीम इंडिया..

wefornews bureau

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