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माही ने अपने आलोचकों को कूल अंदाज़ में दिया जवाब, नतीजे से ज्यादा प्रोसेस को बताया अहम

M.S Dhoni, wefornews
महेंद्र सिंह धोनी, भारतीय क्रिकेटर (फाइल फोटो)

मौजूदा वक्त में भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े रोल मॉडल महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरकार अपने आलोचकों को जवाब दे ही दिया… माही ने कहा है कि हर शख्स को अपने विचार रखने का पूरा हक है… उनके लिए यही काफी है कि वो देश के लिए खेल सके… माही का ये जवाब उनके चिर-परिचित कूल अंदाज़ में सामने आया… लेकिन दिक्कत ये है कि अगरकर और आकाश चोपड़ा जैसे आलोचक सिर्फ रिज़ल्ट देखते हैं… जबकि धोनी प्रोसेस को रिज़ल्ट से ज़्यादा अहमियत देते हैं.

पहले कैप्टन कूल और अब मिस्टर कूल… ये दो नाम महेंद्र सिंह धोनी की असल पहचान है… भारतीय क्रिकेट को आकाश की बुलंदी पर पहुंचाने वाले टीम इंडिया के महानतम कप्तान रह चुके धोनी सबका ध्यान अपनी ओर खींचते हैं… वो आलोचकों को भी लुभाते हैं… लगभग डेढ़ दशक से भारतीय क्रिकेट की गौरवशाली सेवा कर रहे धोनी पिछले कुछ दिनों से आलोचकों को खूब लुभा रहे हैं…

माही न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान अपनी बैटिंग को लेकर कई पूर्व क्रिकेटर्स के निशाने पर हैं… भारतीय टीम को माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई दे चुके धोनी के मामले में बोलने की हर दिग्गज़ों को खुली छूट भी रहती है… माही के बारे में सब बोलते हैं… बस माही चुप रहते हैं… लेकिन इस दफा मामला हद से आगे गुजर गया… लिहाज़ा धोनी ने अपने आलोचकों को बड़े ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया…

में सबका अपना नजरिया होता है और उसका सम्मान होना चाहिए। टीम इंडिया का हिस्सा होना ही मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। आपने ऐसे कई क्रिकेटर्स देखें होंगे, जिनमें गॉड गिफ्टेड टैलेंट नहीं था, लेकिन फिर भी वे काफी आगे गए। सिर्फ जुनून की वजह से ऐसा हुआ। कोच को उन्हें ढूंढना पड़ता है, हर किसी को देश के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता।

माही उस टीम इंडिया के हिस्सा हैं जिसकी अगुवाई विराट कोहली जैसे सुपरमैन बैट्समैन करते हैं… इस टीम में दुनिया के सबसे बड़े बैटिंग जीनियस रोहित शर्मा हैं… साथ ही रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाने वाले स्पिनर नंबर वन आर अश्विन भी इसी टीम का हिस्सा हैं… और इन तमाम धुरंधरों के रोल मॉडल हैं महेंद्र सिंह धोनी… अजित अगरकर और आकाश चोपड़ा जैसे जुम्मा-जुम्मा आठ दिनों के दिग्गज़ धोनी को टीम में देखना नहीं चाहते… लेकिन माही टीम से अलग हों ये कोहली, रोहित और अश्विन जैसे टीम के तमाम दिग्गज़ों को मंज़ूर नहीं… ये आलम महेंद्र सिंह धोनी की शख्सियत को बयां करता है…

ये तमाम खिलाड़ी धोनी की देखरेख में ही महारथी बने हैं… आज भी धोनी ही कप्तान विराट कोहली और उनकी सेना का संकटमोचक हैं… बाहर बैठे आलोचक भले ही धोनी को मैदान में देखकर चिढ़ते हों… लेकिन भारतीय टीम को माही के उस प्रोसेस में पूरा यकीन है जिसने उसे इतिहास में पहली बार दुनिया की नंबर वन टीम बनाया था… यही वजह है कि धोनी रिजल्ट से ज़्यादा प्रोसेस को अहमियत देते हैं…

हमेशा से मेरा मानना रहा है कि रिजल्ट से ज्यादा प्रोसेस इंपोर्टेंट होती है। मैं कभी रिजल्ट के बारे में नहीं सोचता, मैं हमेशा ये सोचता हूं कि उस वक्त के हिसाब से क्या करना ज्यादा सही होगा, फिर चाहे टीम को जीत के लिए 10 रन चाहिए, 14 रन चाहिए या फिर 5 रन चाहिए होते हैं। धोनी के इसी प्रोसेस ने टीम इंडिया को इतिहास का पहला वर्ल्ड टी20 चैंपियन बनाया…

इसी प्रोसेस की बदौलत टीम इंडिया ने 28 साल बाद 2011 में वर्ल्ड कप जीता… और माही की इसी रणनीति और समझ ने उन्हें आईसीसी की हर ट्रॉफी को अपने नाम करने वाला इकलौता कप्तान बनाया… ऐसे में कोहली, शास्त्री और दूसरे तमाम माही के मुरीदों के लिए आलोचकों के आरोप कतई अहमियत नहीं रखते… और रही बात बीसीसीआई की… तो उसे इस कदर ताकतवर और दौलतमंद धोनी की इन तमाम सफलताओंन ने ही बनाया है… लिहाज़ा बोर्ड को तो माही का शुक्रगुजार होना चाहिए… और फख्र करना चाहिए कि उसके पास आज भी महेंद्र सिंह धोनी हैं.

WeForNews Bureau

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