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सुबह जल्दी जगने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम कम

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अपने दिन की शुरुआत देर से करने वाली महिलाओं की तुलना में सुबह जल्दी उठने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम कम होता है।

एक नए शोध में पाया गया है कि सुबह जल्दी उठने वाली महिलाओं में देरी से उठने वाली महिलाओं की तुलना में स्तन कैंसर का खतरा 40 फीसदी कम होता है। शोध में यह भी पाया गया है कि जो महिलाएं सात-आठ घंटे से अधिक सोती हैं, उन्हें अतिरिक्त प्रति घंटे की नींद से 20 फीसदी बीमारी होने का जोखिम ज्यादा होता है।

ब्रिटेन के कैंसर शोध संस्थान की एक शोधकर्ता छात्र रेबेका रिचमॉड ने कहा, “इस अध्ययन में सुबह जल्द उठने का स्तन कैंसर के जोखिम पर होने वाले बचावकारी प्रभाव के निष्कर्ष पूर्व के एक शोध के अनुरूप हैं, जिसमें रात्रि पाली में काम करने और रात में रोशनी में रहने एक भूमिका को स्तन कैंसर के जोखिम कारक के रूप में रेखांकित किया गया था।”

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राष्ट्रीय

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने उत्कल दिवस पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दीं

उत्कल दिवस हर साल 1 अप्रैल, 1936 को भाषाई आधार पर राज्य के गठन की स्मृति में मनाया जाता है।

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भुवनेश्वर, 1 अप्रैल : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्कल दिवस के अवसर पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने ओडिशा के उज्‍जवल भविष्य और समृद्धि की कामना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “ओडिशा के मेरे भाइयों और बहनों को उत्कल दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। आने वाले समय में ओडिशा की निरंतर प्रगति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।”

इसके अलावा, ओडिशा के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने उन दिग्गज नेताओं को याद किया जिन्होंने अलग ओडिशा राज्य के गठन के सपने को पूरा किया।

पटनायक ने कहा, “मुझे विश्वास है कि आपके समर्थन से हम कोरोनोवायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई में विजयी होंगे।”

उत्कल दिवस हर साल 1 अप्रैल, 1936 को भाषाई आधार पर राज्य के गठन की स्मृति में मनाया जाता है।

राज्य सरकार ने कोरोनोवायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के कारण इस अवसर पर कोई आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया है।

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लाइफस्टाइल

इन बीमारी के मरीजों के लिए ज्यादा खतरनाक है कोरोना वायरस…

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कोरोना का कहर पुरी दुनिया में जारी हैं। वहीं, एक रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना वायरस से डाईबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को ज्यादा खतरा होता है।

‘द लैंसेट’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें कोरोना से थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। क्योंकि इस बीमारी में जो मरीज को ड्रग दिया जाता है उसे ACE (एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम) कहते है।

इसका असर इंसान की की कोशिकाओं पर पड़ता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ड्रग से कोशिकाओं में बदलाव आने के बाद कोरोना वायरस के लिए हमला करना आसान हो जाता है। पूरी दुनिया में हर साल करोड़ों लोग डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए इन दवाइयों का इस्तेमाल करते हैं।

अब जो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज है उनके मन में यह सवाल जरूर आएगा की वो इस ड्रग का सेवन बंद करे या नहीं। लेकिन इस विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है की बिना डॉक्टर्स की सलाह के दवाइयां बंद ना करें।

भारत में भी जिन लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस के चलते हुई है उनकी उम्र काफी ज्यादा थी। साथ ही, दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दम तोड़ने वाली महिला को तो डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का मरीज भी बताया जा रहा है। इसलिए ऐसे मरीजों को थोड़ा सवाधनी बरतनें की जरूरत हैं।

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‘कोरोना पर हर वक्त सोचने से पड़ सकते हैं बीमार’

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नई दिल्ली, चीन से विश्व भर में फैले तथा दुनिया में महामारी घोषित हुए कोविड-19 यानी कोरोना वायरस को मात देने के लिए सरकार और समाज के द्वारा अनेकों प्रयास जारी है। ऐसे में अपने दिलो-दिमाग पर कोरोना के भय को कतई प्रभावी ना होने दें।

हर वक्त कोरोना के बारे में सोचने से आप बेवजह मानसिक तनाव में आ सकते हैं। राज्य नोडल अधिकारी (मानसिक स्वास्थ्य) डॉ. सुनील पाण्डेय ने बताया कि हम जिस विषय में भी बहुत देर तक सोचते व मनन करते हैं वह हम पर हावी हो जाता है। ऐसे में उसका नफा-नुकसान नजर आने लगता है, जो कि किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की स्थिति में सभी चीजें ठहर सी गई हैं। इसके लिए जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं और यदि आवश्यक सेवाओं से नहीं जुड़ें हैं, तो घर से बाहर निकलने से परहेज करें।

टीवी, अखबार और सोशल मीडिया में सिर्फ कोरोना के बारे में देखने-समझने और अपनो से सिर्फ उसी बारे में बात करने से बचें। ऐसा करने से आप मानसिक तनाव में आकर अपने साथ ही घर के अन्य सदस्यों को बीमार बना सकते हैं।

उन्होंने इससे ध्यान हटाने के लिए टीवी सीरियल देखने, पुस्तकें पढ़ने आदि की सलाह देते हुए कहा, “खाना बनाने का शौक है तो किचेन में कुछ वक्त बिताएं, यदि आपको घर पर ही रहना है तो अपने शौक को जिंदा रखें। अगर खाना बनाने का शौक है तो अपने हाथों से कुछ नई डिश बनाएं और अपनों के साथ शेयर करें। “

–आईएएनएस

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