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वजन घटाएं, दिल की धड़कन रहेगी सही

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मोटापे की समस्या वाले लोग अगर अपने वजन में कमी लाएं तो दिल की धड़कन के अनियमित होने और उससे उत्पन्न विकार में खुद कमी ला सकते हैं। यह बात एक शोध से पता चली है।

शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि 10 फीसदी वजन घटाने के साथ जोखिम कारकों से जुड़े प्रबंधन से एट्रियल फाइब्रिलेशन (एएफ) के प्रभाव में कमी आ सकती है। यह स्ट्रोक के प्रमुख कारक में से है, जिससे मोटापाग्रस्त लोगों में हर्ट फेल्योर हो सकता है।

वजन घटाने वाले लोगों में इसके कम लक्षण दिखाई दिए और उन्हें कम इलाज की जरूरत पड़ी और उन्हें बेहतर नतीजे हासिल हुए। ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड विश्वविद्यालय के मिलिसा मिडेलडोर्प ने कहा, यह पहली बार है कि ऐसे साक्ष्य पाए गए हैं कि मोटापाग्रस्त लोग जो एट्रियल फाइब्रिलेशन से पीड़ित हैं, वजन कम करके व जीवनशैली में सुधार लाकर इस बीमारी का इलाज खुद कर सकते हैं।”

एएफ एक क्रमिक बढ़ने वाली बीमारी है, जिसमें शुरुआती कमी, स्थितियों के साथ लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं। मोटापा व जीवनशैली से जुड़े कारक इसकी बढ़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

–आईएएनएस

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‘आयुष कवच’ एप से घर बैठे मिल रही डॉक्टरी सलाह

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लखनऊ। आयुष मिशन ने अपने एप ‘आयुष कवच’ के माध्यम से मरीजों को घर बैठे इलाज की सुविधा प्रदान करनी शुरू कर दी है। एप के माध्यम से फोन करके आयुर्वेद, यूनानी व होम्योपैथी विशेषज्ञों से बीमारियों से बचाव लिए सलाह ली जा सकती है।

आयुष मिशन निदेशक राजकमल ने बताया, इसमें तीनों विधाओं के करीब 230 डॉक्टर सुबह आठ बजे रात आठ बजे तक सलाह दे रहे हैं। तीन दिनों में 1000 से अधिक लोगों ने जानकारी ली है। इस एप पर एक बार में 100 से 150 कॉल रिसीव की जा सकती हैं।

मिशन निदेशक ने बताया, आयुष विधा में लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए दो जून को इसमें विशेष फीचर टेली परामर्श का जोड़ा गया है। इसे आयुष टेली कवच का नाम दिया गया है। उन्होंने बताया, एप के माध्यम से फोन कॉल पर डॉक्टर मरीज या उसके परिजन से बात कर बीमारी के लक्षण या अन्य जिज्ञासाओं के उत्तर देते हैं। इसके अलावा एप पर आयुष संवाद कार्यक्रम भी शुरू किया गया है। हर शाम पांच बजे से ऐप पर लाइव कार्यक्रम चलता है।

राजकमल ने बताया कि इस एप में तमाम ऐसी सुविधाएं हैं, जो लोगों के लिए काफी उपयोगी हैं। कोविड-19 से बचने के उपाय, लाइव योग, रोग प्रतिरोधक बढ़ाने की क्षमता के उपाय, मुख्यमंत्री राहत कोष कोविड केयर फंड में योगदान व राज्यस्तरीय कंट्रोल की जानकारी दी गई है।

आईएएनएस

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क्या ऊंचाई वाली जगहों पर कम फैल रहा है कोरोना, जानें आंकड़े…

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नई दिल्ली, पूरी दुनिया में कोरोना का कहर जारी है। लेकिन इस बीच एक ऐसी खबर आ रही है कि जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि क्या कोरोना वायरस ऊंचाई पर कम फैल रहा है। दुनियाभर से मिल रहे सुबूत इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

पूरी दुनिया में मैदानी या कम ऊंचाई के क्षेत्रों के मुकाबले ऊंचाई पर स्थित क्षेत्रों में कोरोना का असर कम दिखा रहा हैं।

भारत में लद्दाख क्षेत्र में ही गुरुवार शाम तक महज 90 मरीज कोरोना के मिले हैं, जिनमें से 48 स्वस्थ हो चुके हैं। ऐसे ही पेरू का शहर है कोस्को। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार 23 मार्च से तीन अप्रैल के बीच यहां कोरोना के तीन मरीजों की मौत हुई। ये सभी पर्यटक थे।

तिब्बत में बहुत कम संक्रमणशेष चीन के मुकाबले तिब्बत में संक्रमण की दर तीन गुना से भी कम है। इसका मतलब है कि शेष चीन में यदि चार केस मिलते हैं तो तिब्बत में एक केस। इसी तरह बोलिविया के एंडीज पर्वत श्रृंखला वाले क्षेत्रों में चार गुना कम संक्रमण की दर है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार इक्वाडोर में 38 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 3,300 से अधिक मौतें दर्ज की जा चुकी है। 

इसके बाद पेरू में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। लॉकडाउन के बाद इस शहर में कोरोना के कारण किसी मरीज की मौत नहीं हुई। हालांकि इसी दौरान पेरू के निचले इलाकों में चार हजार मरीजों की मौत हो गई।

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राष्ट्रीय

दिल्ली विश्वविद्यालय के एंट्रेंस टेस्ट के लिए क्रैश कोर्स की शुरुआत

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नई दिल्ली, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार 5 जून से दिल्ली विश्वविद्यालय के 14 पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के एंट्रेंस टेस्ट में छात्रों की मदद के लिए क्रैश कोर्स की शुरुआत की है।

अभाविप शोध छात्रों तथा विषय विशेषज्ञों के माध्यम से कॉमर्स, राजनीति विज्ञान, भूगोल, हिंदी, इतिहास, अर्थशास्त्र, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, समाज कार्य, रसायन विज्ञान, ऑपरेशनल रिसर्च, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, लॉ के परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए डिजिटल माध्यम से छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट के लिए मदद करेगी। क्रैश कोर्स के लिए रेगुलर ऑनलाइन क्लासेज चलाई जाएंगी।

अभाविप प्रत्येक वर्ष एंट्रेंस टेस्ट में छात्रों की मदद के लिए क्रैश कोर्स का आयोजन करती है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कोर्स की संख्या बढ़ाई गई है। क्रैश कोर्स पहले चरण में 15 जून तक चलाया जाएगा, जिसमें छात्रों को नोट्स, ऑनलाइन रेफरेंस मैटेरियल, बैक ईयर पेपर, रिकॉर्डेड वीडियो, टेस्ट सीरीज तथा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्रवेश परीक्षा के लिए गाइड किया जाएगा। अभी तक 700 से अधिक छात्रों ने पिछले दो दिनों में रजिस्ट्रेशन किया है।

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने कहा, “हम प्रत्येक वर्ष ऑफलाइन माध्यम से छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट के लिए मदद करते थे, लेकिन इस बार बदली हुई परिस्थितियों में हमने यह पूरा माध्यम ऑनलाइन किया है।

इससे देश के किसी भी क्षेत्र से डीयू में एडमिशन लेने की इच्छा रखने वाले छात्र ऑनलाइन माध्यम से एंट्रेंस टेस्ट के लिए मदद ले सकेंगे। हाल ही में हमने डिजिटल माध्यमों से जेएनयू एंट्रेंस टेस्ट के लिए लगभग 2000 छात्रों की मदद की है।”

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने की इच्छा रखने वाले हर छात्र के लिए यह क्रैश कोर्स मददगार साबित होगा। यह क्रैश कोर्स पूरी तरह से निशुल्क है। जिन छात्रों का नामांकन नहीं हुआ है, वह फोन कॉल या एबीवीपी को मेल करके अपना नामांकन कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा संबंधी अन्य जानकारियों के लिए भी ऑनलाइन माध्यमों से मदद पहुंचाई जा रही है।

आईएएनएस

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