Connect with us

लाइफस्टाइल

सर्दियों में होंठ, हाथों की यूं करें देखभाल

Published

on

Lip-care-winte
File Photo

सर्दियों में होंठ व हाथ रूखे हो जाते हैं। ऐसे में इन्हें खास देखभाल की जरूरत होती है। नायका (एफएसएन) ब्रांड्स मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की सीईओ रीना छाबड़ा ने होंठ और हाथों की देखभाल के संबंध में ये सुझाव दिए हैं :

होंठ की देखभाल :

– होंठों को रूखेपन व फटने से बचाने के लिए आर्गन प्योर कोल्ड प्रेस्ड ऑयल की कुछ बूंदों में एक बड़ा चम्मच ब्राउन शुगर मिलाकर लगाएं।

– फटे होंठों के लिए शहद मॉइश्चराइजर का काम करता है। शहद को अपने होंठों पर लगा लें या फिर रात में सोने से पहले शहद और ग्लिसरीन के मिश्रण को लगा लें।

– आप चाहे तो ताजे दूध की क्रीम भी होंठों पर लगा सकते हैं और इसे 10 मिनट तक लगा रहने दें। फिर इसे गुनगुने पानी में भीगी रूई के फाहे से हल्के हाथों से साफ कर लें। कोमल व गुलाबी रंगत के होंठों के लिए ऐसा रोजाना करें।

– रात में सोने जाने से पहले होंठों को गुनगुने पानी से धोकर मुलायम कपड़े से पोंछे ले और फिर तुरंत लिप बाम लगा लें।

हाथों के लिए सुझाव

– हाथ धुलने के बाद मॉइश्चराइजर बरकरार रखने के लिए हमेशा अच्छा हैंड क्रीम लगाएं।

– रात में हाथों को अच्छे नरीशिंग क्रीम से मसाज करें और नाखूनों व नाखूनों के आसपास के हिस्से में भी मसाज करना नहीं भूलें।

– नहाने से पहले त्वचा पर तेल से मसाज करें। इससे आपके हाथ मुलायम बनेंगे।

– नहाने के तुरंत बाद लोशन या क्रीम लगाएं। इससे त्वचा में नमी बरकरार रहेगी।

– सर्दियों में शावर जेल या ग्लिसरीन युक्त साबुन का इस्तेमाल करें।

– एक बड़े चम्मच एवोकैडो ऑयल में एक बड़ा चम्मच शहद और एक बड़ा चम्मच दही मिला लें और इससे हाथों की मसाज करें। हाथों का रूखापन दूर करने के लिए 10 मिनट बाद धो लें।

‘सोलफ्री’ की सह-संस्थापक स्वाति कपूर ने भी इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं :

– होंठों की नमी बरकरार रखने के लिए पानी का सेवन खूब करें, इससे आपके होंठों की कोमलता बरकरार रखने में मदद मिलेगी।

– सर्दियों में होंठों को फटने से बचाने के लिए ऑर्गेनिक घी, बादाम तेल और नारियल तेल युक्त लिप बाम का इस्तेमाल करें।

– सर्दियों में लिपस्टिक आपके होंठों को सुरक्षा प्रदान करता है। पिंक या प्लम कलर के लिपस्टिक लगा सकती हैं, जो आपके होंठों की न सिर्फ खूबसरती बढ़ाएगा, बल्कि इसे कोमल भी रखेगा। ऑर्गेनिक घी, शहद, बादाम तेल, रोज ऑयल जैसे इंग्रेडिएंट्स सर्दियों में आपके होंठों को कोमल रखेंगे।

– रोजाना हैंडक्रीम लगाने से हाथ रूखे नहीं होंगे। कोकम बटर, ऑर्गेनिक हनी, एलो, हल्दी, सेसम ऑयल, एप्रिकोट ऑयल जैसे इंग्रेडिएट्स अल्ट्रा-मॉइश्चराइजिंग होते हैं, जो त्वचा को मुलायम रखते हैं।

– गर्मियों की तरह ही सर्दियों में भी त्वचा को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाना जरूरी है। तेज धूप में त्वचा को टैनिंग से बचाने के लिए धूप में निकलने से पहले सन प्रोटेक्शन क्रीम का इस्तेमाल करें।

–आईएएनएस

लाइफस्टाइल

चेहरे पर मुंहासे और बाल से महिलाओं में तनाव का खतरा

Published

on

महिलाओं के चेहरे पर मुंहासे और बाल वर्तमान में एक आम समस्या बन गए हैं इससे उनमें समाज में शर्म की स्थिति झेलने के साथ-साथ भावनात्मक तनाव और अवसाद की चपेट में आने का खतरा रहता है।

इस समस्या को पॉलीसिस्टिक ओवरियन सिन्ड्रोम (पीसीओएस) कहा जाता है, जिसका जल्दी ही उचित उपचार मिलने से भावनात्मक तनाव कम हो सकता है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिन्ड्रोम वास्तव में एक मेटाबोलिक, हार्मोनल और साइकोसोशल बीमारी है, जिसका प्रबंधन किया जा सकता है, लेकिन ध्यान नहीं दिये जाने से रोगी के जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। एक अध्यनन के मुताबिक, भारत में पांच में से एक वयस्क महिला और पांच में से दो किशोरी पीसीओएस से पीड़ित है। मुंहासे और हिरसुटिज्म पीसीओएस के सबसे बुरे लक्षण हैं।

पीसीओएस का प्रमुख लक्षण है हाइपरएंड्रोजेनिज्म, जिसका मतलब है महिला शरीर में एंड्रोजन्स (पुरुष सेक्स हॉर्मोन, जैसे टेस्टोस्टेरोन) की उच्च मात्रा। इस स्थिति में महिला के चेहरे पर बाल आ जाते हैं।

दिल्ली में ऑब्स्टेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी की निदेशक व दिल्ली गायनेकोलॉजिस्ट फोरम (दक्षिण) की अध्यक्ष डॉ. मीनाक्षी आहूजा ने कहा, “त्वचा की स्थितियों, जैसे मुंहासे और चेहरे पर बाल को आम तौर पर कॉस्मेटिक समस्या समझा जाता है। महिलाओं को पता होना चाहिए कि यह पीसीओएस के लक्षण है और हॉर्मोनल असंतुलन तथा इंसुलिन प्रतिरोधकता जैसे कारणों के उपचार हेतु चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।”

मुंहासे और हिरसुटिज्म के उपचार के बारे में डॉ. मीनाक्षी आहूजा ने कहा, “पीसीओएस एक चुनौतीपूर्ण सिन्ड्रोम है, लेकिन जोखिमों का प्रबंधन करने के पर्याप्त अवसर हैं। पीसीओएस के बारे में बेहतर जागरूकता की आवश्यकता है, ताकि महिलाएं लक्षणों को पहचानें और सही समय पर सही मेडिकल सहायता लें।” 

उन्होंने कहा, “स्वस्थ जीवनशैली, पोषक आहार, पर्याप्त व्यायाम और उपयुक्त उपचार अपनाने से पीसीओएस के लक्षण नियंत्रित हो सकते हैं। पीसीओएस के कारण होने वाला हॉर्मोनल असंतुलन उपचार योग्य होता है, ताकि मुंहासे और हिरसुटिज्म को रोका जा सके। गायनेकोलॉजिस्ट से उपयुक्त मेडिकल मार्गदर्शन प्रभावी उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।” 

देश में पांच से आठ प्रतिशत महिलाएं हिरसुटिज्म से पीड़ित हैं। हार्मोन के असंतुलन के कारण मुंहासे भी होते हैं और यह पीसीओएस का लक्षण है। यह दोनों लक्षण महिला की शारीरिक दिखावट को प्रभावित करते हैं और इनका उपचार न होने से महिला का आत्मविश्वास टूट जाता है और उनका अपने प्रति आदर कम होता है। मुंहासे से पीड़ित 18 प्रतिशत रोगियों में गंभीर डिप्रेशन और 44 प्रतिशत में एन्ग्जाइटी देखी गई है।

डॉ. आहूजा ने कहा, “पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं की भलाई सुनिश्चित करने के लिए समाज और परिवारों को साइकोलॉजिकल तनाव को समझने और साथ ही पूरे आत्मविश्वास के साथ दुनिया का सामना करने के लिए उन्हें सहयोग देने के लिए प्रयास करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “अधिकांश महिलाओं को इन स्थितियों का बोध नहीं है और वे चिकित्सकीय मार्गदर्शन के बिना सामयिक उपचार लेती हैं, जिससे त्वचा खराब हो सकती है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि अगर आप लक्षणों का उपचार नहीं करेंगे, तो मुंहासे और चेहरे पर बाल दोबारा आ जाएंगे।” 

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

देश में 60 फीसदी लोगों को पसंद है शाकाहार : रिपोर्ट

Published

on

food

देश में मधुमेह जैसे रोगों से पीड़ित लोगों की तादाद बढ़ने के बीच एक अच्छी खबर है कि ज्यादातर लोग अब स्वास्थ्यवर्धक भोजन पसंद करने लगे हैं।

एक सर्वेक्षण के अनुसार, 63 फीसदी भारतीय गोश्त की जगह वनस्पति से प्राप्त भोजन पसंद करते हैं। मतलब मांसाहारी के बजाए शाकाहारी लोगों की तादाद ज्यादा हो गई है।

ग्लोबल रिसर्च कंपनी इप्सोस की रिपोर्ट ‘फूड हैबिट्स ऑफ इंडियंस : इप्सोस अध्ययन’ में पाया गया कि भारतीय जानकारी के आधार पर पसंद करने लगे हैं। अब वे एक परंपरागत आदत में नहीं, बल्कि प्रयोग में विश्वास करने लगे हैं।

सर्वेक्षणकर्ताओं ने कहा, “हमें मालूम है कि भारत के लोगों को भोजन से लगाव होता है और तंदूरी चिकन, मटन, फिश और विविध प्रकार के मासांहारों को देखकर उनके लार टपकने लगता है। लेकिन रायशुमारी में 63 फीसदी भारतीयों का कहना है कि वे गोश्त के बदले वनस्पति से प्राप्त भोजन खाना पसंद करते हैं।”

रिपोर्ट के अनुसार, 57 फीसदी लोगों ने बताया कि वे जैविक खाद्य पदार्थ ग्रहण् करते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में 57 फीसदी लोगों का दावा है कि वे जैविक खाद्य पदार्थ ग्रहण करते हैं, जबकि विकसित देशों में जैविक खाद्य पदार्थ खाने वाले लोग कम हैं, जिनमें जापान में 13 फीसदी और 12 फीसदी ब्रिटिश हैं।

सर्वेक्षण पिछले साल 24 अगस्त से लेकर सात सितंबर तक 29 देशों में करवाया गया था। सर्वेक्षण में भारत में 1,000 नमूने लिए गए थे। 

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

सर्दियों में नहीं होगी स्किन ड्राई, करें इन चीजों का इस्तेमाल

Published

on

Shower gel-
File Photo

सर्दी का मौसम आते ही हम ज्यादातर गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं। गर्म पानी से नहाने में भले ही आपको अच्छा फील होता हो, लेकिन इसका बूरा प्रभाव आपकी स्किन पर पड़ता है। जिससे आपकी स्किन से मॉइश्चर कम होने लगता है।

नतीजा स्किन ड्राई और खिंची-खिंची होने लगती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप गर्म पानी की जगह ठंडे पानी से नहाना शुरू कर दें। ड्राई स्किन की समस्याओं से निपटने के लिए आपको नहाने के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत है…

शावर जेल यूज करें

साबुन से तुलना करें तो शावर जेल सॉफ्ट और माइल्ड होता है। बहुत से शावर जेल ऐसे होते हैं जिसमें मॉइश्चराइजिंग एजेंट्स भी होते हैं जो आपकी स्किन को ड्राई होने से बचाते हैं जबकि साबुन आपकी स्किन को सर्दियों में ड्राई बना देता है।

बेसन और दूध का उबटन

आप चाहें तो हफ्ते में 1 या 2 बार नहाते वक्त शरीर की सफाई के लिए साबुन की जगह उबटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए बेसन में थोड़ा सा दूध मिलाएं और स्मूथ कन्सिस्टेंसी वाला पेस्ट बना लें। इसे पूरे शरीर पर लगाएं और कुछ देर बाद रगड़कर धो लें।

नहाने से पहले तेल मालिश

सर्दी के मौसम में ड्राई स्किन से बचने के लिए तेल मालिश भी एक अच्छा ऑप्शन है। नहाने से 30 मिनट पहले नारियल तेल, जैतून का तेल या फिर बादाम के तेल से शरीर की मालिश करें। इससे आपकी स्किन ड्राई होने से बच जाएगी और आपको मॉइश्चराइज करने के लिए क्रीम लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दूध से नहाएं

दूध से नहाने का मतलब यह नहीं कि आप एक बाल्टी भरकर दूध अपने शरीर पर उड़ेल लें। दूध में न सिर्फ मॉइश्चराइजिंग प्रॉपर्टी होती है बल्कि इससे स्किन की रंगत भी हल्की होती है और निखरती है। लिहाजा रूई को दूध में भिगोकर शरीर पर हल्का सा रगड़ें और फिर गर्म पानी से धो दें।

Milk

मॉइश्चराइजर लगाएं

जहां तक संभव हो माइल्ड साबुन यूज करें और नहाने के तुरंत बाद शरीर को मॉइश्चराइज रखने के लिए मॉइश्चराइजिंग लोशन लगाएं ताकि शरीर लोशन को आसानी से अब्जॉर्ब कर ले और आपकी स्किन ड्राई होने से बच जाए। साथ ही साथ सर्दियों के मौसम में बहुत देर तक गर्म पानी से नहाने से बचें क्योंकि ऐसा करने से भी आपकी स्किन ड्राई हो जाती है।

WeForNews

Continue Reading

Most Popular