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चारा घोटाले के चौथे मामले में लालू यादव दोषी करार

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Lalu Prasad Yadav
चारा घोटाले के चौथे मामले में लालू यादव दोषी करार

चारा घोटाले में दोषी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू यादव और अन्य दोषियों के खिलाफ चौथे मामले में रांची कोर्ट ने फैसला सुनाया। लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया गया है वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित कई आरोपी बरी किए गए हैं। सीबीआई के वकील ने बताया कि 12 लोगों को रिहा किया गया है, जबकि लालू समेत 19 आरोपियों को दोषी पाया गया है।

अभी सजा पर ऐलान नहीं हुआ है। कोर्ट ने कहा है कि 21, 22 और 23 मार्च को तीन सजा पर फैसला होगा। हर दिन 6-6 दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि 22 मार्च को लालू प्रसाद की सजा पर ऐलान हो सकता है।

दोषी- अजीत कुमार वर्मा, आनंद कुमार सिंह, नंद किशोर, महेंद्र सिंह वेदी, राज कुमार, राजा राम, रघुनंदन प्रसाद, राजेन्द्र कुमार और सरमेंद्र दास को दोषी पाया गया है।

बरी- पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के अलावा एमसी सुवर्णो, ध्रुव भगत और अधीप चंद को बरी कर दिया गया है।

बता दें कि यह मामला दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 के बीच दुमका कोषागार से 13.13 करोड़ रुपये फर्जी तरीके से निकालने का है। पैसे जानवरों के खाने के सामान, दवाओं और कृषि उपकरण के वितरण के नाम पर निकाले गए थे।

उस दौरान पैसे के आवंटन की सीमा अधिकतम एक लाख 50 हजार ही थी और लालू राज्य के मुख्यमंत्री थे। लालू प्रसाद के अलावा, इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा और 30 अन्य भी आरोपी हैं। लालू को चार घोटाले के पहले मामले में वर्ष 2013 में पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी।

इस घोटाले के दूसरे मामले में लालू को 23 दिसंबर 2017 को दोषी ठहराया गया था और 6 जनवरी को साढ़े तीन साल कैद की सजा सुनाई गई थी। तीसरे मामले में उन्हें चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी के लिए 24 जनवरी को दोषी ठहराया गया था और पांच साल की सजा दी गई।

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H-1B वीजाधारकों के जीवनसाथी को नहीं मिलेगा वर्क परमिट

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डोनाल्ड ट्रंप सरकार एच-1 बी वीजाधारकों के जीवनसाथियों के लिए कार्य परमिट को समाप्त करने की योजना बना रहा है। इससे यदि पति के पास एच1- बी वीजा है, तो पत्नी को भी कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह पत्नी के पास वीजा होने पर पति को कार्य परमिट नहीं मिलेगा। संघीय एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

माना जा रहा है कि इस कदम से हजारों भारतीयों पर काफी असर पड़ेगा। बराक ओबामा कार्यकाल के जीवनसाथी को कार्य परमिट देने के इस फैसले को खत्म करने से 70,000 से अधिक एच-4 वीजाधारक प्रभावित होंगे जिनके पास कार्य परमिट है। एच-4 वीजा एच1- बी वीजाधारक के जीवनसाथी को जारी किया जाता है। इनमें से बड़ी संख्या में भारतीय कुशल पेशेवर हैं। उन्हें यह वर्क या कार्य परमिट ओबामा प्रशासन के कार्यकाल में जारी विशेष आदेश के जरिए मिला था। इस प्रावधान का सबसे अधिक फायदा भारतीय- अमेरिकियों को मिला था।

एक लाख से अधिक एच-4 वीजा धारकों को इस नियम का लाभ मिल चुका है। ओबामा प्रशासन के 2015 के नियम के अनुसार एच1- बी वीजा धारकों के जीवनसाथियों को कार्य परमिट की अनुमति दी थी, अन्यथा वे कोई नौकरी नहीं कर सकते। वहीं इसका दूसरा रास्ता यह है कि एच1- बी वीजाधारक स्थानीय निवासी का दर्जा हासिल करें।

इस प्रक्रिया में एक दशक या अधिक का समय लगता है। ऐसे में ओबामा प्रशासन के इस नियम से उन एच1- बी वीजाधारकों को फायदा हुआ था, जिनके जीवनसाथी भी अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन इस प्रावधान को समाप्त करने की योजना बना रहा है। इन गर्मियों में इस बारे में औपचारिक घोषणा हो सकती है।

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाओं ( यूएससीआईएस) के निदेशक फ्रांसिस सिसना ने सीनेटर चक ग्रासले को पत्र लिखकर यह जानकारी दी है। आव्रजन नीति संस्थान के हालिया अध्ययन के अनुसार अमेरिका ने एच1- बी वीजा धारकों के 71,000 जीवनसाथियों को रोजगार की अनुमति दी है। इनमें से 90 प्रतिशत से अधिक भारतीय हैं।

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CBSE के 6 लाख विद्यार्थी बुधवार को फिर से देंगे परीक्षा

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फाइल फोटो

पाठ्यक्रम को दोबारा पढ़ने को लेकर परेशान और परीक्षा में पिछले प्रदर्शन जैसे या फिर उससे बेहतर करने को लेकर चिंतित देश भर में 12वीं कक्षा के करीब छह लाख विद्यार्थी बुधवार को फिर से होने वाली अर्थशास्त्र की परीक्षा में शामिल होंगे। प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद सीबीएसई ने परीक्षा को रद्द कर दिया था। देश भर के चार हजार केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।

बोर्ड ने विदेशी विद्यार्थियों को दोबारा से होने वाली परीक्षा में शामिल होने से छूट दी है। बोर्ड ने अपनी जांच में पाया कि पेपर लीक होने का प्रभाव उनके नतीजों पर नहीं पड़ेगा।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “बुधवार को चार हजार केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में करीब छह लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।” उन्होंने कहा कि बोर्ड ने परीक्षा कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिन्हें सुरक्षा कारणों से उजागर नहीं किया जा सकता।

दूसरी बार परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों ने आईएएनएस को बताया कि वे कम तैयारी को लेकर चिंतित नहीं है, बल्कि इस बार कठिन प्रश्न-पत्र की संभावना को लेकर चिंतित हैं।

मायापुरी स्थित टैगोर सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्रा सृष्टि ने कहा, “दोबारा से पेपर देना बड़ा तकलीफदेह है। मैंने उसी तरीके से तैयारी की, जैसे पिछली बार की थी। लेकिन कुछ कह नहीं सकते अगर उन्होंने कठिन पेपर तैयार किया हो।”

इससे पहले परीक्षा 26 मार्च को हुई थी, लेकिन पेपर लीक की खबरें मीडिया में आने के बाद उसे रद्द कर 25 अप्रैल को दोबारा निर्धारित किया गया।

–आईएएनएस

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दिल्ली में अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य पर लगी रोक

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सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी की 1,797 अवैध कॉलोनियों में निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह विशेष कार्य बल (एसटीएफ) गठित कर दिल्ली में सार्वजनिक जमीन और सड़कों से अतिक्रमण हटाए।

सर्वोच्च न्यायालय ने शहर के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों पर लगी रोक हटाने की दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की याचिका भी खारिज कर दी।

खंडपीठ ने कहा, “जहां अधिकृत कॉलोनियां हैं, जो नियम और कानून का पालन करती हैं, वहां अनधिकृत कालॉनियां भी हैं, जो नियम और कानूनों का पालन नहीं करती हैं.. अनधिकृत कॉलोनियां अधिकृत कॉलोनियों से बेहतर स्थिति में नहीं हो सकतीं।”

पीठ ने निर्णय दिया, “जब तक अनधिकृत कॉलोनियां नियम-कानून का पालन न करें, वहां निर्माण कार्य रोक दिया जाए।”

वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार द्वारा अपील दायर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय आया है। उन्होंने कहा था कि अनधिकृत कॉलोनियों पर कानून लागू नहीं होता, इसलिए वहां निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं।

–आईएएनएस

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