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राष्ट्रीय

जानें गोवर्धऩ पूजा की कथा और शुभ मुहूर्त का समय

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Govardhan Pooja
गोवर्धन पूजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गोवर्धन पूजा बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है। प्रायः दीपावली पूजन के अगले दिन गोवर्धन पूजन का उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पूजा कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनायी जाती है। गोवर्धन को ‘अन्नकूट पूजा’ भी कहा जाता है। इस उत्सव का भारतीय लोकजीवन में बड़ा अहम महत्व है। दरअसल इस पर्व में प्रकृति के साथ मानव का सीधा सम्बन्ध दिखाई देता है। दिलचस्प बात यह है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी कनिष्ठा अंगुली से गोवर्धन पर्वत को उठाया था। इंद्र के प्रकोप और उनका अहंकार तोड़ने के लिए ही भगवान ने अपनी कनिष्ठा अंगुली का प्रयोग किया था।

जानकारी के मुताबिक, गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त श्रेष्ठ समय- प्रदोष काल है और वहीं पूजा का शुभ मुहूर्त- रात 9 बजकर 7 मिनट तक है। बता दें इस पावन दिवस पर घरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है यही नहीं इसे अन्नकूट पूजा के नाम से भी संबोधित किया जाता हैं। इस दिन भिन्न-भिन्न प्रकार के अनाज का इस्तेमाल करके स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं। भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाने के बाद सब लोग इस महा प्रसाद को ग्रहण करते हैं। इसे बलि प्रतिपदा भी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को प्रसन्न करने के लिए लोग प्रेम भाव से भजन कीर्तन भी करते हैं।

गौरतलब है कृष्ण ने देखा कि सभी बृजवासी इंद्र की पूजा कर रहे थे। जब उन्होंने अपनी मां को भी इंद्र की पूजा करते हुए देखा तो सवाल किया कि लोग इन्द्र की पूजा क्यों करते हैं? उन्हें बताया गया कि वह वर्षा करते हैं जिससे अन्न की पैदावार होती और हमारी गायों को चारा मिलता है। तब श्री कृष्ण ने कहा ऐसा है तो सबको गोर्वधन पर्वत की पूजा करनी चाहिए क्योंकि हमारी गायें तो वहीं चरती हैं।

उनकी बात मान कर सभी ब्रजवासी इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे। देवराज इन्द्र ने इसे अपना अपमान समझा और प्रलय के समान मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा कर ब्रजवासियों की भारी बारिश से रक्षा की थी। इसके बाद इंद्र को पता लगा कि श्री कृष्ण वास्तव में विष्णु के अवतार हैं और अपनी भूल का एहसास हुआ। बाद में इंद्र देवता को भी भगवान कृष्ण से क्षमा याचना करनी पड़ी। इन्द्रदेव की याचना पर भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को नीचे रखा और सभी ब्रजवासियों से कहा कि अब वे हर साल गोवर्धन की पूजा कर अन्नकूट पर्व मनाए। तब से ही यह पर्व गोवर्धन के रूप में मनाया जाता है।

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हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को शुरू होने के कुछ मिनटों के बाद ही हंगामे के कारण दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेता प्लाकार्ड थामे हुए सभापति के आसन के पास पहुंच गए। वे कावेरी नदी पर प्रस्तावित बांध बनाए जाने के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कुछ कहने की कोशिश की, लेकिन हंगामे व शोरशराबे के बीच सुनाई नहीं दिया।

सभापति एम. वेंकैया नायडू ने इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

–आईएएनएस

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राष्ट्रीय

सिख विरोधी दंगों में सज्जन कुमार को उम्रकैद

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1984 सिख विरोधी दंगे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दंगे के लिए दोषी माना और उम्रकैद की सजा दे दी। उन्हें आपराधिक षडयंत्र रचने, हिंसा कराने और दंगा भड़काने का दोषी पाया गया है।

हाई कोर्ट ने सज्जन के अलावा बलवान खोखर, कैप्टन भागमल और गिरधारी लाल की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है, जबकि पूर्व विधायक महेंद्र यादव और किशन खोखर की सजा बढ़ाते हुए 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई। इससे पहले निचली अदालत ने महेंद्र और किशन को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी। सज्जन कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा की 31 अक्टूबर 1984 के हुई हत्या के बाद दिल्ली के सैन्य छावनी क्षेत्र में पांच लोगों की हुई हत्या के मामले में सज्जन कुमार और पांच अन्य पर मुकदमा चल रहा था।

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चुनाव

छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज लेंगे शपथ

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छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस अध्‍यक्ष भूपेश बघेल (फाइल फोटो)

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हुआ है। भूपेश बघेल को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ‘राजीव भवन’ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह ऐलान किया गया।

बैठक के बाद कांग्रेस पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भूपेश बघेल को विधायक दल का नेता चुना गया है। सभी विधायकों ने एक स्वर में कहा है कि राहुल गांधी जिसे चुनेंगे, वही हमारा नेता होगा। सभी से चर्चा के बाद नाम पर सहमति बनी। हम सभी को विश्वास है भूपेश सबको साथ लेकर चलेंगे।

उन्होंने कहा कि कल यानी सोमवार 17 दिसंबर को भूपेश बघेल रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। खड़गे ने कहा कि कोई नेता बड़ा या छोटा नहीं होता, सभी बराबर होते हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि कल सिर्फ मुख्यमंत्री पद की शपथ ली जाएगी, बाकी के पदों के बारे में बैठक कर तय किए जाएगा।

–आईएएनएस

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