Connect with us

अंतरराष्ट्रीय

इस डर से किम जोंग ने नहीं छूआ अमेरिकी पेन

Published

on

kim jon un-

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग की मुलाकात को लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। इस मुलाकात में दोनों देशों ने अपने रिश्ते सुधारने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

हालांकि एक समय ऐसा भी था, जब दोनों नेता एक दूसरे को फूटीं आंख देखना भी पसंद नहीं करना चाहते थे। दोनों एक-दूसरे पर जुबानी हमले करने से पीछे नहीं हट रहे थे। ऐसा लग रहा था कि अमेरिका उत्तर कोरिया पर हमला ना कर दे। लेकिन अब दोनों नेताओं ने आपसी संबंध सुधारने के लिए कदम बढ़ाए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग के बीच मंगलवार को सिंगापुर में ऐतिहासिक बैठक हुई। इस मुलाकात में कई ऐसे पल आए, जिससे लग रहा था कि दोनों नेताओं को एक दूसरे पर भरोसा नहीं है। ऐसा लग रहा था कि किंम जोंग हर कदम पर बहुत सावधानी बरत रहे थे।

वह कोई भी कदम उठाने से पहले कई बार सोच रहे थे। इसका अंदाजा दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर साइन करने के दौरान घटी एक घटना से पता चलता है। जब समझौते पर साइन करने की बात आई तो अमेरिका की तरफ से दोनों नेताओं के सामने शार्पी पेन रखा गया।

किम के साइन करने से पहले इस पेन को उनके सिक्योरिटी गार्ड ने साफ किया। इसके बाद भी किम जोंग ने अमेरिकी पेन को छुआ तक नहीं। किम की बहन ने उनको दूसरा पेन दिया। जिससे उन्होंने समझौते पर हस्ताक्षर किए। किम के द्वारा अमेरिकी पेन को हाथ नहीं लगाने की खबर को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

खबरों के मुताबिक किम को अपने डीएनए के सार्वजनिक होने का डर सता रहा था। डेली मेल की खबर के मुताबिक, किम को डर था कि कहीं उसका डीएनए सार्वजनिक ना हो जाए या फिर उनको लग रहा था कि पेन में जहर हो सकता है।

इतना ही नहीं किम अपनी सिंगापुर की यात्रा के दौरान पोर्टेबल टॉयलेट भी लेकर आए थे। इसके पीछे भी किम की सुरक्षा को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि पोर्टेबल टॉयलेट लाने के पीछे उनका मकसद था कि कहीं कोई उनकी स्टूल यानि मल की जांच ना कर ले।

WeForNews

अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप के मीडिया पर हमलों के खिलाफ खड़े हुए अमेरिका के 350 अखबार

Published

on

donald-trump

वाशिंगटन, 16 अगस्त | अमेरिका में कम से कम 350 समाचार संस्थानों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मीडिया पर हमले का सामना करने और स्वतंत्र मीडिया के पक्ष में एक अभियान शुरू किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्थाज विनयार्ड टाइम्स से लेकर डलास मॉर्निग न्यूज, साउथ डकोटा के यांक्तन काउंटी ऑबजर्वर से मैने के बैंगोर डेली न्यूज समेत सैकड़ों अमेरिकी समाचार पत्रों ने गुरुवार को देश में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के एक संयुक्त प्रयास में अपने-अपने अखबारों में खाली जगह छोड़ी।

यह कदम मीडिया के खिलाफ राष्ट्रपति के ‘डर्टी वॉर’ की राष्ट्रव्यापी निंदा के लिए बॉस्टन ग्लोब द्वारा शुरू किया गया, जिसमें हैशटैग एनेमीऑफनन का प्रयोग किया गया। इसने ‘प्रशासन द्वारा प्रेस पर हमले के खतरों को लेकर’ एक संपादकीय लिखने का संकल्प लिया और दूसरों से भी ऐसा करने को कहा।

यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने ही वाशिंगटन और न्यूयॉर्क की सीमा से बाहर निकालकर देश भर के समुदायों को ट्रंप के हमलों को लेकर संवाद शुरू किया है।

ट्रंप अक्सर मीडिया खबरों को ‘झूठी खबरें’ (फेक न्यूज) बताते हैं और पत्रकारों को लोगों का दुशमन करार देते हैं।

शुरू में 100 समाचार संगठनों से मिली सकरात्मक प्रतिक्रिया 350 संगठनों तक पहुंच गई, जिसमें अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्रों से लेकर छोटे स्थानीय अखबारों ने ट्रंप के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इसमें उन्हें अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशक जैसे ब्रिटेन के समाचार पत्र द गार्डियन का भी समर्थन हासिल हुआ।

–आईएएनएस

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तान ने ट्विटर को दी बंद करने की धमकी

Published

on

twitter
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर से कहा है कि वह आपत्तिजनक सामग्री को हटाने व ब्लॉक करने के अनुरोध का पालन करे नहीं तो उसे देश में बंद किया जा सकता है।

डॉन ऑनलाइन की गुरुवार की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विटर पर पाकिस्तान में प्रतिबंध लगाए जाने का खतरा है। इसकी वजह यह है कि सरकार तकनीकी दिग्गज को सरकार सार्वजनिक प्रयोग के लिए क्या उपयुक्त है या वैध अभिव्यक्ति की आजादी के संवैधानिक दायरे के भीतर क्या आता है, इस बारे में अपने विचारों को मनवा पाने में सक्षम नहीं दिख रही है।

पीटीए ने बुधवार को कैबिनेट सचिवालय की सीनेट स्थायी समिति को सूचित किया कि जब फेसबुक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया मंच सरकार के आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने के अनुरोध का पालन कर रहे हैं तो फिर ट्विटर क्यों नहीं।

पीटीए की इंटरनेट नीति के महानिदेशक और वेब विश्लेषक निसार अहमद ने समिति को बताया, “आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगाने के पाकिस्तान के 100 अनुरोधों में से केवल पांच फीसदी पर ही कार्रवाई की गई। ट्विटर ने बाकी सभी अनुरोधों को नजरअंदाज कर दिया।”

समिति, सोशल मीडिया के माध्यम से देश, उसके नागरिक और उसके संस्थानों को निशाना बनाकर की जाने वाली अपमानजनक टिप्पणियों के खिलाफ पीटीए द्वारा निर्धारित जुर्माना पर एक ब्रीफिंग के लिए एकत्र हुई थी।

अहमद ने समिति को पिछले सप्ताह इस्लामाबाद उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देश के बारे में सूचित किया, जिसमें ट्विटर को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। इस निर्देश में माइक्रो ब्लॉगिंग साइट से पाकिस्तान के अनुरोधों पर प्रतिक्रिया देने को कहा गया था, ऐसा नहीं करने पर उसे देश में प्रतिबंधित किए जाने के खतरे में बारे में भी जानकारी दी गई थी।

–आईएएनएस

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

अफगान खुफिया एजेंसी के प्रशिक्षण केंद्र पर आतंकी हमला

Published

on

afghanistan
File Photo

सशस्त्र आतंकवादियों ने यहां नेशनल डॉयरेक्टरेट ऑफ सिक्योरिटी (एनडीएस) के एक प्रशिक्षण केंद्र पर हमला किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा, हमला पूर्वाह्न् 10 बजकर 15 मिनट पर तब शुरू हुआ,जब आतंकवादियों ने काला-ए-वजीर में अफगानिस्तान खुफिया एजेंसी के समीप एक इमारत से गोलीबारी शुरू कर दी।

समाचार एजेंसी एफे ने रहीमी के हवाले से कहा, हमलावरों ने प्रशिक्षण केंद्र को निशाना बनाने के लिए मशीनगन का इस्तेमाल किया। आतंकवादियों और हताहतों की संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है। काबुल पुलिस के प्रवक्ता हशमत स्टानेकजई ने टोलो न्यूज को बताया कि सुरक्षा बलों ने क्षेत्र को घेर लिया है और आस-पास के निवासियों को वहां से निकालने की कोशिश की जा रही है।

प्रशिक्षण केंद्र पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने भी दिसंबर 2017 में हमला किया था। पांच घंटे तक चली गोलीबारी में तीन आतंकवादी मारे गए थे और दो जवान घायल हो गए थे।

–आईएएनएस

Continue Reading

Most Popular