Connect with us

लाइफस्टाइल

यात्रा करते समय इन बातों का रखें ध्यान!

Published

on

-traveller-

हर देश के अपने नियम-कायदे और रिवाज होते हैं, जिससे यात्री अनजान भी हो सकते हैं, हालांकि यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की यह जिम्मेदारी है कि वह उस देश के प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित करने में सहयोग दें।

‘फीमेलफर्स्ट डॉट को डॉट यूके’ ने जिम्मेदार यात्री बनने के संबंध में ये सुझाव दिए हैं :

* स्थानीय होटल में रहने से आप न सिर्फ वहां के पारंपरिक अनुभव से ज्यादा वाकिफ हो पाएंगे, बल्कि स्थानीय व्यवसायियों को भी लाभ पहुंचाएंगे, जो आगंतुकों को उस जगह की खूबसूरती का दीदार कराके अपनी जीविका चलाते हैं।

Image result for travel

* वाइल्डलाइफ कुछ खास देशों, जगहों को घूमने का एक बड़ा हिस्सा है। वाइल्ड सफारी का लुत्फ उटाने के दौरान इस बात का भी ध्यान रखें कि वन्यजीवों के साथ सेल्फी लेने से वे डर भी सकते हैं और ह्यूमन फूड खिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। स्थानीय वाइल्डलाइफ और इसके आसपास के परिवेश का सम्मान करें।

* किसी शहर को जानने और उसकी पारंपरिक चीजों से वाकिफ होने के लिए स्थानीय बाजारों से खरीदारी करना अच्छा होगा, इससे स्थानीय दुकानदारों को भी लाभ होगा और आपके पास कुछ प्यारी, अनोखी यादगार चीजें होंगी।

Image result for travel

* जब हम पानी के बिल का भुगतान नहीं करते हैं, तो इसकी अहमियत को नजरअंदाज कर बेहिसाब पानी गिराते हैं और स्थानीय पर्यावरण पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में नहीं सोचते हैं, इसलिए दांत ब्रश करने के दौरान टैप (टोंटी) बंद रखें और नहाने के समय भी ज्यादा पानी न गिराएं।

* स्थानीय गाइड के साथ दर्शनीय स्थलों की यात्रा करने से न सिर्फ आप उस जगह के बारे में ज्यादा जान पाएंगे बल्कि एक तरह से गाइड की वित्तीय मदद भी करेंगे, जो पर्यटकों को अपने क्षेत्र के दर्शनीय स्थलों, संस्कृति से परिचित करा कर अपनी जीविका चलाते हैं।

* स्थानीय भाषा की थोड़ी-बहुत जानकारी होना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। इससे आप स्थानीय लोगों से बात कर सकते हैं और आप वहां के लोगों का भरोसा जीत सकते हैं, और आपको कुछ खास इलाकों में जाकर वहां की संस्कृति को अच्छी तरह से समझने में भी मदद मिलेगी।

* पैकिंग जरूरी और उपयोग में आने वाली चीजों की ही करें। सूटकेस में ऐसे कपड़े पैक करें जो उस देश के माहौल, मौसम व संस्कृति के मद्देनजर उपयुक्त हों। डिस्पोजेबल वस्तुओं की पैकिंग करने से बचें, जिन्हें रिसाइकल नहीं किया जा सकता।

* सोच-समझकर तस्वीरें लें और स्थानीय समुदाय के प्रति सम्मान का भाव रखें। इस बात का ध्यान रखें कि आपने स्थानीय लोगों की जो तस्वीरें ली हैं, उससे वे खुश और संतुष्ट हों।

–आईएएनएस

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लाइफस्टाइल

सावधान! ज्यादा चावल खाने से आपको हो सकती है ये बीमारियां…

Published

on

Rise-
File Photo

ज्यादातर लोग चावल खाना पंसद करते है। साथ ही कुछ लोगों का तो चावल खाए बिना खाना पूरा नहीं होता।

अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं, जो चावल के बिना खाने की कल्पना ही नहीं कर सकते हैं, तो फिर आपको ये खबर परेशान करने वाली है। कई स्टडी में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि आप अगर रोजाना खाने में चावल खा रहे हैं, तो आप खतरनाक जहरीले रसायन भी शरीर में पहुंचा रहे हैं।

इस जहरीले रसायन का नाम है ‘आर्सेनिक’ (Arsenic)। चिंता करने वाली बात यह है कि चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन की मात्रा इतनी ज्यादा है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, आर्सेनिक के शरीर में पहुंचने के बाद ये जहरीला रसायन लोगों में कैंसर, दिल संबंधी बीमारी, डायबिटीज और कई दूसरी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक बढ़ा देता है।

बता दें, आमतौर पर आर्सेनिक रसायन मिट्टी में पाया जाता है, जिस कारण इसका थोड़ा असर मिट्टी से उगने वाली खाने की चीजों में भी आ जाता है। लेकिन उनमें इसका स्तर बहुत कम होता है, जिस कारण इससे सेहत को नुकसान नहीं पहुंचता है। लेकिन चावल की फसल बाकी फसल से अलग तरह उगती है।

चावल की फसल में अधिक पानी का इस्तेमाल किया जाता है और ज्यादा पानी में डूबी रहने की वजह से आर्सेनिक रसायन पानी में घुल जाता है और चावल की फसल इस जहरीले रसायन को भारी स्तर पर एब्सोर्ब कर लेती है। यही वजह है कि चावल में दूसरी चीजों के मुकाबले 10 से 20 फीसदी ज्यादा आर्सेनिक रसायान पाया जाता है।

बेलफास्ट की क्वीन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंडी मेहार्ग का मानना है कि चावल में मौजूद आर्सेनिक नाम के जहरीले रसायन से आपको कितना खतरा होगा। ये बात इस पर भी निर्भर करता है कि आप कितने चावल खाते हैं। प्रोफेसर एंडी मेहार्ग के मुताबिक, हफ्ते में एक या दो बार चावल खाने से सेहत को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचता है।

लेकिन छोटे बच्चों को चावल के सेवन से दूर रखना चाहिए ये उनकी सेहत के लिए बेहतर होगा। लेकिन आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप चावल में पाए जाने वाले आर्सेनिक रसायन के स्तर को कम कर सकते हैं और इससे होने वाले नुकसान से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

प्रोफेसर मेहार्ग के मुताबिक, चावल को अगर आप ज्यादा पानी यानी 1 कटोरी चावल में 5 कटोरी पानी का इस्तेमाल कर पकाते हैं, तो इससे चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन के स्तर को कम किया जा सकता है।

इसके अलावा अगर आप चावल को ज्यादा पानी में कुछ घंटों भिगोने के बाद बनाते हैं, तो इससे चावल में मौजूद आर्सेनिक रसायन का स्तर 80 फीसदी तक कम हो जाता है। इस तरह आप चावल बनाने की इन तरकीबों को अपनाकर चावल खाकर भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

WeForNews

Continue Reading

ओपिनियन

समाज में बदलाव के लिए अपने घर में झांकने की जरूरत : निकिता आनंद

साल 2003 की मिस इंडिया का कहना है कि महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न पर लगाम लगाने व समाज में सुधार और बदलाव लाने के लिए घर से शुरुआत करनी चाहिए और बाहर के बजाय सबसे पहले घर में झांककर देखना चाहिए कि घर में क्या हो रहा है।

Published

on

By

नई दिल्ली, 7 दिसंबर | साल 2003 की मिस इंडिया टाइटल विजेता व अभिनेत्री निकिता आनंद का मानना है कि समाज में कोई भी सुधार लाने के लिए हमें सबसे पहले अपने घर में झांककर देखना चाहिए और घर से सुधार व बदलाव लाने की कोशिश करनी चाहिए।

निकिता हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में ‘इंटरनेशनल वीमेन पॉलिटेक्निक’ द्वारा आयोजित ‘मिराकी 2018’ कार्यक्रम का हिस्सा बनीं, जहां उन्होंेने आईएएनएस से बात की।

निकिता से जब पूछा गया कि मॉडलिंग में उनका कैसे आना हुआ तो उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मैं आर्मी बैकग्राउंड से हूं मेरे पिता डॉक्टर हैं। 10वीं के बाद या 12 वीं के आसपास मेरी मॉडलिंग शुरू हो गई थी और मैंने काफी लोकल पेजेन्ट्स भी जीते हैं और साथ ही साथ प्रोफेशनल रैंप वॉक भी शुरू कर दिया था और मैं एनआईएफटी की स्टूडेंट थीं तो फैशन डिजाइनिंग भी हो रही थी और फैशन रैंप वॉक भी हो रहा था। मुझे मिस इंडिया के लिए पार्टिसिपेट करने का ख्याल आया और थोड़ा सोचने के बाद हिस्सा ले लिया और फिर मैंने मिस इंडिया का टाइटल जीत लिया।”

टीएलसी के शो ‘ओ माई गोल्ड’ की मेजबानी कर चुकीं निकिता को वास्तविक जीवन में गोल्ड के बजाय प्लेटिनम ज्यूलरी ज्यादा पसंद है। शो के बारे में उन्होंने कहा, “इस शो के लएि हमने पूरे देशभर में ट्रैवल किया जो दिलचस्प था। इसमें हमने गोल्ड के बारे में बात की थी, क्योंकि भारत में पारंपरिक आभूषण के तौर पर ज्यादातर पीले सोने का इस्तेमाल होता है। शो करके मुझे मुझे दक्षिण भारतीय और बंगाली ज्यूलरी के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला, लेकिन मुझे निजी तौर पर गोल्ड के बजाय प्लेटिनम और डायमंड ज्यूलरी ज्यादा पसंद है। मैं इनेक आभूषण ज्यादातर पहनती हूं।”

साल 2003 की मिस इंडिया का कहना है कि महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न पर लगाम लगाने व समाज में सुधार और बदलाव लाने के लिए घर से शुरुआत करनी चाहिए और बाहर के बजाय सबसे पहले घर में झांककर देखना चाहिए कि घर में क्या हो रहा है।

उन्होंेने कहा, “महिलाओं के साथ उत्पीड़न की बहुत सारी घटनाएं होती हैं। भारत में हर रोज हर क्षण कहीं न कहीं नाइंसाफी होती है। ऐसे लाखों केस होते होंगे जो कि रिपोर्ट नहीं होते हैं। किसी भी क्षेत्र में किसी भी किस्म के इंसान में बदलाव लाने का काम हमेशा शिक्षा से ही होता है। अपने बच्चों को क्या सिखाते हैं यह मायने रखता है। लोगों की मानसिकता होती है कि पहले बाहर देखो, वहां क्या खराब हो रहा है। लेकिन अपने घर में नहीं झांककर देखते कि उनके घर में क्या हो रहा है।”

निकिता ने कहा कि बच्चा स्कूल से ज्यादा वक्त घर में बिताता है, तो घर में अच्छे संस्कार व माहौल देने की कोशिश करनी चाहिए, तभी वह अच्छा नागरिक बन सकेगा। समाज में सुधार और बदलाव लाने की कोशिश घर से की जानी चाहिए। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने और समाज में बदलाव लाने के मानसिकता में बदलाव लाना बेहद जरूरी है।

उनका मानना है कि ‘हैशटैगमीटू’ मूवमेंट को आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे और महिलाओं को भी आगे आकर अपनी दास्तां बयां करने का प्रोत्साहन मिले।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि इस मूवमेंट को आगे बढ़ाना चाहिए, आवाज तो हर किसी की है तो क्यों एक हिस्से को बोलने दिया जाए और एक हिस्से को दबाया जाए वो नहीं होना चाहिए। जब हम समानता की और सशक्तिकरण की बात करते हैं तो इसका मतलब यही है न कि सबको समान अधिकार मिले। अगर किसी और के आगे आने से और उसकी कहानी आगे आने से किसी और को प्रोत्साहन मिलता है तो ये एक अच्छी बात है। किसी भी महिला के लिए अपने हुए दर्दनाक वाकये को याद करना मुश्किल होता है। उसकी भावना को समझने की कोशिश करनी चाहिए।”

मॉडलिंग में आने की ख्वाहिश रखने वाली लड़कियों के लिए दिए संदेश में उन्होंने कहा, “सबसे पहले आपको तय करना चाहिए कि आपको कहां जाना है, क्योंकि यह आसान लाइन नहीं है, आपके पास जरूरी क्राइटेरिया होनी चाहिए जैसे रैंप वॉक के लिए एक परफेक्ट बॉडी स्ट्रक्चर और हाइट होनी चाहिए। अगर, आपको प्रिंट मॉडलिंग के लिए जाना है तो फिर आपके पास वैसा चेहरा-मोहरा, भाव-भंगिमा होनी चाहिए, जिसे कैमरा अच्छे से कैप्चर कर सकें। आप किसी भी फील्ड को बस इसलिए नहीं चुने कि वो आपको आकर्षित कर रहा है, बल्कि अच्छे से आकलन कर लें कि आप उसके लायक है या नहीं।”

निकिता ने ‘लाइफ में कभी-कभी’ और ‘फोर टू का वन’ जैसी फिल्मों में भी काम किया है। लेकिन अब वह फिल्में नहीं कर रही हैं। फिल्मों से दूरी बनाने के बारे में उन्होंने कहा, “मैंने फिल्मों में काम किया है, लेकिन मुझे टेलीविजन प्रेजेंट करना या फिर लाइव शो करना ज्यादा पसंद है। आजकल मैं गायन का भी प्रशिक्षण ले रही हूं आगे जाकर मैं गायन में भी परफार्मेस दूंगी। अगर मैं टीवी की बात करूं तो मैंने लाइफस्टाइल के अलावा स्पोर्ट्स शो भी बहुत किया है, क्रिकेट पर भी बहुत शो किया है। मुझे टीवी बहुत पसंद आता है, क्योंकि निजी जिंदगी में मैं बहुत आर्गनाइज हूं और यही चीज टीवी में भी है।”

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

2019 में आर्थिक मामलों में खुद से करें ये 10 वादे

Published

on

New Year

नववर्ष दस्तक देने लगा है और इस वर्ष के समाप्त होने के साथ हम नए वर्ष की तैयारी में लग गए हैं। हम खुद से कई वादे करेंगे, मसलन लाइफ स्टाइल में सेहत पर ज्यादा ध्यान देना, आर्थिक मामलों में अनुशासन और आर्थिक रूप से सेहतमंद रहने के लिए सही निवेश करना।

दरअसल, हम हर वर्ष खुद से कई वादे करते हैं, पर अधिकांश लोग इन्हें निभाने में नाकाम रहते हैं। आज हमें यह समझना होगा कि सेहतमंद और सुखी रहना है तो निजी अर्थव्यवस्था का सही नियोजन अनिवार्य है।

इसके लिए आपको आर्थिक मामलों में कुछ ठोस निर्णय लेने होंगे जो आपको अपने आर्थिक लक्ष्यों के पास ले जाएंगे। यह रिटायरमेंट के बाद सुखी जीवन के लिए या घर खरीदने के लिए डाउनपेमेंट देने के लिए बचत या फिर आर्थिक रूप से सुरक्षित भविष्य के लिए बचत करना हो सकता है।

अवीवा लाइफ इंश्योरेंस की मुख्य ग्राहक, विपणन और डिजिटल अधिकारी अंजलि मल्होत्रा ने 6 सुझाव दिए हैं, जिस पर अमल कर आप आर्थिक रूप से खुशहाल हो सकते हैं।

1. अपने आर्थिक मामलों पर पुनर्विचार करें और निजी लक्ष्य तय करें : अपनी संपत्तियों (आमदनियों) और जिम्मेदारियों का लेखा-जोखा करें। आर्थिक मामलों की समीक्षा करें। यह जानने की कोशिश करें कि पैसा कैसे काम करता है। उदाहरण के लिए यदि आप क्रेडिट कार्ड का खर्च कम कर देते हैं तो आपकी देनदारी कम हो जाएगी। इसलिए कि कई लोग इससे आवेग में आकर अनावश्यक खरीदारी कर लेते हैं। ऐसी खरीदारी नहीं करने का अर्थ ज्यादा बचत होना है। यह सोचना जरूरी है कि आप किन उद्देश्यों से बचत करना चाहेंगे (बच्चों की शिक्षा, नया घर, कार, ड्रीम हॉलिडे, आदि) और यह भी विचार करें कि कितने समय तक बचत करने से आपके ऐसे लक्ष्य पूरे हो जाएंगे।

2. बजट बनाने की आदत डालें : अगले वर्ष के लिए बजट बनाने का इससे बेहतर समय नहीं मिलेगा। पर आम तौर पर होता यह है कि आपका बजट तो बिल्कुल तैयार होता है, पर आप इसके हिसाब से चलने में चूक कर देते हैं। बजट के हिसाब से चलेंगे तो न केवल आपके सभी खचरें को पूरा करने का भरोसा रहेगा, बल्कि आपके आर्थिक लक्ष्य भी पूरे हो जाएंगे। ध्यान रखें, यदि किसी चीज की इच्छा से आपका मन मचल जाता है तो आप कर्ज में पड़ सकते हैं और आमद में भी रुकावट आ सकती है।

3. परिवार से सलाह-मशविरे के बाद ही आर्थिक मामलों में कोई निर्णय लें : बच्चों को भी बचत के लाभ बताएं और फिजूलखर्ची से बचने की सलाह दें। उन्हें आर्थिक मामलों की बुनियादी बातें बता कर आप परिवार के आर्थिक लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर पाएंगे। घर का बजट आपस में मिल कर बनाएं ताकि सभी बचत और खर्च करने में भागीदारी करें और जिम्मेदारी बराबर बंट जाए।

4. सेहत के नाम पर बचत की शुरुआत करें : अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य योजना बनाने में तत्परता दिखाएं। संपूर्ण स्वास्थ्य बीमा जैसे अवीवा हेल्थ सिक्योर में निवेश इसका अच्छा उदाहरण है, क्योंकि आप जानते हैं कि इलाज कितना महंगा हो रहा है और कैसे चिकित्सा बीमा, खास कर मेडिकल इमरजेंसी में आपकी मदद करता है। इलाज के भारी खर्च से परिवार को आर्थिक संकट में जाने से बचाने के लिए बीमा में निवेश एक शानदार बचत है।

5. बच्चों के भविष्य की योजना बनाएं : अवीवा ने पूरे देश में किए एक सर्वे के माध्यम से जाना कि अधिकांश भारतीय माता-पिता के लिए उनके बच्चे की शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हालांकि इसके लिए अधिकांश लोगों में सही योजना का अभाव देखा गया है। इसलिए बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करते हुए वे कर्ज में डूब जाते हैं। हालांकि आज अवीवा किड-ओ-स्कोप जैसी विशेष सेवाओं का लाभ लेकर वे न केवल अपने बच्चे के अंदर छिपी प्रतिभा समझ जाएंगे बल्कि शिक्षा के कॉस्ट कैलकुलेटर की मदद से यह भी जान पाएंगे कि बच्चों के सपने पूरे करने में कितना खर्च होगा। इसके बाद उन्हें निवेश के सही रास्ते बताए जाएंगे ताकि जरूरत आने पर फंड तैयार रहे।

6. आप अपनों का भविष्य सुरक्षित कर दें : जीवन बीमा का आपके आर्थिक नियोजन में बुनियादी महत्व है। इसलिए यह ध्यान रखना होगा कि आपके पास पर्याप्त बीमा हो और आपके परिवार का आर्थिक भविष्य सुरक्षित हो। यह सोच कर योजना बनाएं कि जिसकी आमदनी से परिवार चलता है उसके गुजरने के बावजूद परिवार का वही जीवन स्तर बरकरार रखने के लिए कितनी रकम चाहिए। इसका एक अच्छा विकल्प अवीवा आई-टर्म स्मार्ट है जो सब के बजट में है और बीमित के साथ-साथ उसके ‘परिवार’ को संपूर्ण सुरक्षा देता है।

–आईएएनएस

Continue Reading
Advertisement
Mamata Banerjee
चुनाव1 min ago

विधानसभा चुनाव के नतीजे 2019 के संकेत : ममता

shashi tharoor
राजनीति1 min ago

चुनाव नतीजों पर थरूर का मोदी पर निशाना, कहा- ‘जुमलेबाजी से नहीं चलता काम’

Sachin Pilot
चुनाव16 mins ago

सचिन पायलट ने जीती टोंक विधानसभा सीट

Supreme_Court_of_India
राष्ट्रीय17 mins ago

दुष्कर्म पीड़िता की पहचान हर स्तर पर गुप्त रखी जाए : सुप्रीम कोर्ट

indian army
राष्ट्रीय29 mins ago

शोपियां में आतंकी हमला, तीन जवान शहीद

Supreme Court
राष्ट्रीय41 mins ago

कोर्ट ने CBI से पूछा- क्‍या कलबुर्गी हत्‍या के तार अन्‍य कार्यकर्ताओं की हत्‍या से जुड़े हैं?

Mizoram cm
चुनाव45 mins ago

मिजोरम के मुख्यमंत्री दोनों सीट पर हारे

congress logo
चुनाव57 mins ago

कांग्रेस ने तेलंगाना में ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई

Virushka
मनोरंजन2 hours ago

जानिए, विरुष्का की शादी की सालगिरह में अनुष्का को क्या मिला तोहफा…

atal bihari vajpayee-min (1)
राष्ट्रीय2 hours ago

वाजपेयी के निधन पर शोक जताने के बाद राज्यसभा स्थगित

jewlary-
लाइफस्टाइल3 weeks ago

सर्दियों में आभूषणों से ऐसे पाएं फैशनेबल लुक…

Congress-reuters
राजनीति2 weeks ago

संघ का सर्वे- ‘कांग्रेस सत्ता की तरफ बढ़ रही’

Phoolwaalon Ki Sair
ब्लॉग3 weeks ago

फूलवालों की सैर : सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक

Bindeshwar Pathak
ज़रा हटके3 weeks ago

‘होप’ दिलाएगा मैन्युअल सफाई की समस्या से छुटकारा : बिंदेश्वर पाठक

Sara Pilot
ओपिनियन2 weeks ago

महिलाओं का आत्मनिर्भर बनना बेहद जरूरी : सारा पायलट

Raisin-
लाइफस्टाइल4 weeks ago

किशमिश को पानी में भिगोकर खाने से होते हैं ये फायदे…

Cervical
लाइफस्टाइल3 weeks ago

ये उपाय सर्वाइकल को कर देगा छूमंतर

Tigress Avni
ब्लॉग3 weeks ago

अवनि मामले में महाराष्ट्र सरकार ने हर मानक का उल्लंघन किया : सरिता सुब्रमण्यम

demonetisation
ब्लॉग3 weeks ago

नये नोट ने निगले 16,000 करोड़ रुपये

SHIVRAJ
राजनीति4 weeks ago

वोट मांगने गई शिवराज की पत्नी को महिला ने सुनाई खरी खोटी…देखें वीडियो

Jammu And Kashmir
शहर1 day ago

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में बर्फबारी

Rajasthan
चुनाव3 days ago

राजस्थान में सड़क पर ईवीएम मिलने से मचा हड़कंप, दो अफसर सस्पेंड

ISRO
राष्ट्रीय6 days ago

भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह कक्षा में स्थापित

ShahRukh Khan-
मनोरंजन7 days ago

शाहरुख की फिल्म ‘जीरो’ का दूसरा गाना रिलीज

Simmba-
मनोरंजन1 week ago

रणवीर की फिल्म ‘सिम्बा’ का ट्रेलर रिलीज

Sabarimala
राष्ट्रीय1 week ago

सबरीमाला विवाद पर केरल विधानसभा में हंगामा, विपक्ष ने दिखाए काले झंडे

Amarinder Singh
राष्ट्रीय2 weeks ago

करतारपुर कॉरिडोर शिलान्‍यास के मौके पर बोले अमरिंदर- ‘बाजवा को यहां घुसने की इजाजत नहीं’

मनोरंजन2 weeks ago

रजनीकांत की फिल्म ‘2.0’ का पहला गाना ‘तू ही रे’ रिलीज

The Lion King
मनोरंजन2 weeks ago

‘द लॉयन किंग’ का टीजर ट्रेलर रिलीज

Zero Movie
मनोरंजन3 weeks ago

फिल्म ‘जीरो’ का पहला गाना रिलीज

Most Popular