Connect with us

लाइफस्टाइल

नारियल तेल, लिप बाम से होंठ की कोमलता रखें बरकरार

Published

on

Lip_Bal
File Photo

स्वस्थ व कोमल होंठ आपके व्यक्तित्व की खूबसरती उभारते हैं। कोमल होंठ पाने के लिए ब्लूबेरी, चकोतरा जैसे फलों के सत्वों से युक्त लिप बाम लगाए। फटे होंठ पर नारियल तेल या जोजोबा ऑयल या ब्राउन शुगर लगाएं।

‘स्किनेला’ की संस्थापक डॉली कुमार और ‘ऑर्गेनिक हार्वेस्ट’ की सौंदर्य विशेषज्ञ बिंदिया गुप्ता ने इस संबंध में ये सुझाव दिए हैं :

* सुपरफूड जैसे ब्लूबेरी युक्त लिप बाम इस्तेमाल करें। ब्लूबेरी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से समृद्ध होता है, जो समय पूर्व उम्रदराज दिखने से सुरक्षित रखता है।

Image result for सुपरफूड जैसे ब्लूबेरी

* चकोतरा और संतरा विटामिन ए, सी, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। चकोतरा में मौजूद पोटेशियम हानिकारक पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए चकोतरा और संतरा युक्त लिप बाम लगाएं, जिससे होंठों प्राकृतिक गुलाबी रंगत बरकरार रहेगी।

Image result for चकोतरा और संतरा विटामिन ए, सी,

* क्रैनबेरी या करौंदा विटामिन बी3, विटामिन बी5 और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो पर्यावरणीय कारकों के कारण होने वाले किसी भी नुकसान से बचाता है।

Image result for क्रैनबेरी या करौंदा

* होंठों से मृत त्वचा हटाने के लिए मल्टीपरपज ऑर्गेनिक बाम का एक पतला सा लेयर होंठ पर लगाएं और फिर मुलायम टूथब्रश से हल्के हाथों से स्क्रब करें, इसके लिए नए टूथब्रश का इस्तेमाल करें।

Image result for मल्टीपरपज ऑर्गेनिक बाम

* फटे होंठ की मृत त्वचा हटाने के लिए नारियल तेल और शुगर का इस्तेमाल आसान उपाय है। थोड़े से ऑर्गेनिक नारियल तेल में जरा सा पिसा चीनी मिला लें और फिर इस मिश्रण को हल्के हाथों से होंठ पर मलें। स्क्रब के बाद पानी से धोकर होंठ पर लिप बाम लगा लें।

Image result for नारियल तेल और शुगर का

* गुलाब जल और ग्लिसरीन दोनों लाभकारी होते हैं। जहां गुलाब जल का इस्तेमाल आपके होंठों को हल्का गुलाबी रंगत देता है, वहीं ग्लिसरीन मृत त्वचा हटाकर होंठ को कोमल बनाता है। होंठ के कालेपन व रुखेपन से छुटकारा पाने के लिए दोनों को मिलाकर होंठ पर लगाएं।

Image result for गुलाब जल और ग्लिसरीन

* जोजोबा ऑयल होंठ की त्वचा को पोषण प्रदान करता है और मुलायम बनाता है। इसमें ब्राउन शुगर मिलाकर होंठ पर हल्के हाथों से मलें। कम से कम तीन-चार मिनट मलें।

Image result for जोजोबा ऑयल होंठ

* ग्रीन टी ऑयल एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो होंठों को चमकदार बनाता है। फटे होंठों के लिए यह एक प्रभावी उपचार है।

Image result for ग्रीन टी ऑयल

–आईएएनएस

लाइफस्टाइल

गलत मुद्रा में बैठना शरीर के निचले हिस्से के लिए हानिकारक

“शरीर को सीधा रखने के लिए बहुत सारी मांसपेशियों की ताकत की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है। इससे थकान, पीठ और गर्दन की मांसपेशियों में दर्द की शुरुआत हो सकती है।”

Published

on

Sitting Wrong Posture

नई दिल्ली, 15 सितम्बर | दफ्तर में कामकाज के दौरान गलत मुद्रा में लगातार चार-पांच घंटे तक बैठे रहने से कमर दर्द की शिकायत हो सकती है। बैठे रहना संभवत: नया धूम्रपान है और पीठ दर्द नवीनतम जीवनशैली का विकार है। बैठने की मुद्रा और शारीरिक गतिविधि पर पर्याप्त ध्यान देना आवश्यक है। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल का मानना है कि आज लगभग 20 प्रतिशत युवाओं को 16 से 34 साल आयु वर्ग में ही पीठ और रीढ़ की हड्डी की समस्याएं हो रही हैं।

डॉ. अग्रवाल ने यहां जारी एक बयान में कहा है, “एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठने से पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर भारी दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, टेढ़े होकर बैठने से रीढ़ की हड्डी के जोड़ खराब हो सकते हैं और रीढ़ की हड्डी की डिस्क पीठ और गर्दन में दर्द का कारण बन सकती है। लंबे समय तक खड़े रहने से भी स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है।”

उन्होंने कहा, “शरीर को सीधा रखने के लिए बहुत सारी मांसपेशियों की ताकत की आवश्यकता होती है। लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और रक्त के प्रवाह में रुकावट आती है। इससे थकान, पीठ और गर्दन की मांसपेशियों में दर्द की शुरुआत हो सकती है।”

पीठ और रीढ़ की हड्डी की समस्याओं के लक्षणों में वजन घटना, शरीर के तापमान में वृद्धि (बुखार), पीठ में सूजन, पैर के नीचे और घुटनों में दर्द, मूत्र असंतुलन, मूत्र त्यागने में कठिनाई और जननांगों की त्वचा का सुन्न पड़ जाना शामिल है।

डॉ. अग्रवाल ने बताया, “योग पुरानी पीठ दर्द के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय है, क्योंकि यह कार्यात्मक विकलांगता को कम करता है। यह इस स्थिति के साथ गंभीर दर्द को कम करने में भी प्रभावी है। यदि आप सुबह उठते हैं या कुछ घंटे के लिए अपनी डेस्क पर बैठे होने पर थकान या दर्द का अनुभव करते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी मुद्रा सही नहीं है।”

–आईएएनएस

Continue Reading

लाइफस्टाइल

ऑफिस को इस तरह बनाएं रचनात्मक…

Published

on

office-
प्रतीकात्मक तस्वीर

ऑफिस ऐसी जगह है जहां आप भले ही दिन का एक तिहाई वक्त बिताते हों, पर यह वह समय होता है, जब दिमाग ज्यादा सक्रिय रहता है और इसी वजह से यह दिनभर का सबसे प्रोडक्टिव समय भी माना जाता है।

ऐसे में ऑफिस का इंटीरियर ऐसा होना चाहिए कि कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करे।

लाइट का संतुलन : लाइट कर्मचारियों के मूड पर सबसे अधिक प्रभाव डालती है। इसलिए इसका खास ध्यान रखा जाना चाहिए। डेस्क के पास लाइट 300-400 लक्स की होनी चाहिए और अगर एलईडी लाइट लगी हो तो और भी बेहतर होता है।

Image result for office

लाइटिंग के दौरान अधिक फोकस चमक और विजन पर होना जरूरी है, इससे कर्मचारियों को आंखों में जलन भी नहीं होती और बिना आंखों पर जोर डाले वह ज्यादा काम कर पाते हैं। लाइट को इस तरह प्लान करके भी लगाना चाहिए कि वह बाहर से आने वाली गर्मी और रोशनी का भी संतुलन बनाने में सक्षम हों।

Image result for office

स्वच्छ फर्श : ऑफिस का फर्श साफ और सुरक्षित होना चाहिए। फर्श को ज्यादातर कड़क और नरम फर्श में बांटा जाता है। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि फर्श थर्मल प्रतिरोधी व ज्वलनशील हो, साथ ही फर्श ऑफिस में होने वाले शोर को भी सोख लेने में सक्षम हो ताकि काम ज्यादा बेहतर तरीके से हो सके। इसके अलावा इसे साफ करना आसान हो और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, फर्श में कम कार्बन फुटप्रिंट होना चाहिए।

Image result for ऑफिस

रंगों का सही मिश्रण : रंग न केवल मूड पर प्रभाव डालते हैं, बल्कि ऑफिस के माहौल, मौसम के असर, प्रोडक्टिविटी और व्यवहार पर भी कारगर होता है। ऑफिस के लिए हमेशा हल्के रंग जैसे नीला, सफेद, हल्का हरा, हल्का पीला आदि इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

Image result for ऑफिस

आरामदायक फर्नीचर : एर्गोनोमिक फर्नीचर (कार्यस्थल के लिया बनाया गया खास फर्नीचर) को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए। काम करने वाली टेबल का साइज पर्याप्त होना चाहिए, कंप्यूटर, स्टेशनरी आदि आने के बाद भी कुछ जगह खाली होनी चाहिए। 4 फीट बाय 2 फीट की टेबल प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए सबसे उचित मानी जाती है।

Image result for ऑफिस में आरामदायक फर्नीचर

चलने की जगह : ऑफिस के अंदर चलने और खड़े होने के लिए खुली जगह होना बहुत जरूरी है। कोरिडोर, बालकनी, और बाकी खुली जगह का साइज पर्याप्त होना जरूरी है। कोरिडोर और खुली जगह इस तरह की हो कि वहां से वेंटिलेशन सही होने के साथ ज्यादा भीड़ या आपातकाल के समय में कोई दिक्कत न उत्पन्न हो। खुली जगह ऑफिस को सुंदर और मजेदार भी बनती है, जो प्रोडक्टिविटी पर सीधा असर डालती है।

WeForNews

Continue Reading

लाइफस्टाइल

घर के किचन में मौजूद ये चीज हमेशा रखेगी जवां

Published

on

face
प्रतीकात्मक फोटो

काम के प्रेशर के चलते और बदलते खानपान से आजकल इंसान समय से पहले बूढ़ा हो जाता है। इसलिए जवा दिखने के लिए लोग बॉडी मसाज से लेकर अलग-अलग थैरेपी लेते हैं। महिलाएं सुंदर दिखने के लिए हर महीने पार्लर पर जाकर पैसे खर्च करती है। बुढ़ापे में हमारे शरीर में शारीरिक कमजोरी आ जाती है, और चेहरे पर झुर्रियां पड़ जाती हैं।

लेकिन बहुत से ऐसे लोग होते हैं, जो बुढ़ापे में भी जवानों की तरह दिखते हैं। उनकी सेहत का कुछ राज होता है। दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसका रोज सेवन करने से आप बुढ़ापे तक जवान रह सकते हैं। बुढ़ापे तक जवान रहने के लिए पिस्ते का सेवन बहुत ही उपयोगी होता है, लेकिन यह थोड़ा महंगा होता है, इसलिए हर कोई इसका सेवन नहीं कर सकता है।

इसके अलावा अजवाइन भी शरीर को स्वस्थ और ताकतवर बनाए रखने के लिए काफी लाभदायक होती है। नियमित रूप से रोज शाम 10 ग्राम अजवाइन का सेवन करने से त्वचा ग्लोइंग बनी रहती है, तथा चेहरे पर झुर्रियां भी नहीं पड़ती। रोज अजवाइन खाने से शरीर में बीमारियां भी नहीं होती हैं। किडनी और पेट संबंधी बीमारियों में अजवाइन बहुत ही लाभदायक होती है।

यह शरीर के रक्त के प्रवाह को भी सुचारू तरीके से संचार करने में मददगार होती है। इसके लिए अजवाइन को पीसकर उसका पाउडर बना लें। रोज शाम सोने से पहले 10 ग्राम अजवाइन पाउडर में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर उसका पानी के साथ सेवन करें। ऐसा नियमित रूप से करने से आप बुढ़ापे तक जवा रह सकती हैं।

wefornews 

Continue Reading

Most Popular